CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 18 कचरा और उसका प्रबंधन

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CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 18 कचरा और उसका प्रबंधन


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अभ्यास प्रश्न-

Q.1.सही विकल्प चुनें  :-  

i) निम्न लिखित में से कचरा पृथक्करण का सबसे अच्छा स्तर कौन सा है ?

   अ) स्त्रोत पर                           ब) सामुदायिक भंडारण स्थल पर 

   स) लैंडफिल्स पर                     द) पृथक्करण की आवश्यकता नहीं है

ii) सूक्ष्मजीवों के प्रयोग से किन पदार्थों का अपघटन किया जा सकता है ?

   अ) धातु से बने पदार्थ                ब) जैव निम्नीकृत पदार्थ  

   स) इलेक्ट्रानिक पदार्थ               द) जैव भार

iii) कंपोस्ट खाद बनाने में भूमिका निभाने वाला जीव है –

     अ) केंचुआ                          ब) मेंढ़क 

     स)  छिपकली                      द) मुर्गे 

उत्तर :-  i) (अ) , ii) (ब) , iii) (अ) |

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Q.2.कचरा किसे कहते है?

उत्तर :- वह पदार्थ जो अनुपयोगी हो अर्थात पदार्थ के उपयोग के बाद जो शेष बच जाता है उसे कचरा कहते हैं | 

उदाहरण :-  घरेलू कचरा, जल अपशिष्ट  (मल-मूत्र) आदि |

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Q.3. अपघटन की प्रक्रिया के बारे में बताएँ ?

उत्तर :- अपघटन वह प्रक्रिया है जिसमें अपशिष्ट पदार्थ कुछ समय बाद सड़-गल जाता है सड़ने-गलने की प्रक्रिया सूक्ष्मजीवों के कारण संपन्न होती है| इस प्रक्रिया में सूक्ष्म जीव इस कचरे में उपस्थित जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में बदल देते हैं | यह प्रक्रिया अपघटन कहलाती है | यह प्रक्रिया अपघटकों के कारण होती है |

उदाहरण :-  जीवाणु , कवक | 

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Q.4. कचरे का पृथक्करण स्त्रोत पर ही करना चाहिए | क्यों ?

उत्तर :- कचरे का पृथक्करण स्रोत पर ही करना चाहिए ताकि इससे गंदगी, समस्या, बीमारी न फैले | हमें कचरे को प्रथम स्रोत पर ही कम करना चाहिए अर्थात किसी वस्तु को पूरा उपयोग करें उसके बाद ही अगर कुछ अपशिष्ट बचता है तो उसे सबसे पहले गीले और सूखे में पृथक्करण करके अलग-अलग कूड़ा दान में डालना चाहिए | ऐसा करने से कचरा कम मात्रा में निकलेंगे |

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Q.5. कचरे के जमाव से होने वाली किन्हीं तीन समस्याओं के बारें में लिखें ?

उत्तर :- कचर जमाव से होने वाली समस्या :-

         i) पर्यावरण प्रदूषण होता है |

        ii) आसपास गंदगी फैलती है जिससे बीमारी होती है |

        iii) दुर्गंध आती है  |

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Q.6. पुनः चक्रण को परिभाषित करें। इससे होने वाले लाभों को समझाएँ ?

उत्तर :- पुनः चक्रण से तात्पर्य है पुराने अपशिष्ट उत्पादों से नए उत्पाद बनाना होता है| अर्थात पुनः चक्रण वह प्रक्रिया है जिसमें पुराने अखबारों, कॉपी, किताबें, धातु से बनी पुरानी बेकार वस्तुओं, प्लास्टिक से बनी वस्तुएं, आदि को कुछ प्रक्रियाओं के द्वारा नए रूप में परिवर्तित किया जाता है, इसे ही पुनः चक्रण कहते हैं |

पुनः चक्रण के तीन चरण होते हैं :-

 i) वस्तुओं का उपयोग कम करें |

 ii) दोबारा उपयोग करें |

 iii) रिसाइकल करें |

पुनः चक्रण से होने वाले लाभ :-

i) हमारे पर्यावरण को बचाने का सबसे अच्छा तरीका पुनः चक्रण है |

ii) मृदा प्रदूषण और जल प्रदूषण कम होता है |

iii) पृथ्वी पर कचरा कम होगा |

iv) गंदगी कम होगी जिससे बीमारी नहीं होगी |

v) सभी प्राकृतिक संपदा संरक्षित रहते हैं |

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Q.7. कंपोस्ट बनाने के लिए किन-किन पदार्थों की आवश्यकता होती है ?

उत्तर :- कंपोस्ट बनाने के लिए एक गड्ढे, रसोई से निकलने वाले सड़े-गले फल और सब्जियां, मिट्टी, पानी आदि की आवश्यकता होती है |

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Q.8. श्रीनिवास के वेल्लूर शहर की गंदगी को साफ करने वाले उदाहरण से कचरे के प्रबंधन की दिशा में आपने क्या-क्या सीखा ?

उत्तर :- श्रीनिवास के गंदगी साफ करने के उदाहरण से हमने कचरे प्रबंधन की दिशा में निम्न बातें सीखी :-

i) कचरे का उपयोग दोबारा किस तरह से किया जा सकता है |

ii) घरों से निकलने वाले कचरे को कैसे अलग-अलग भागों में बांटा जा सकता है और इन  कचरो का प्रबंधन कैसे कर सकते हैं |

iii) घरों से निकलने वाले कचरे से कैसे खाद बनाया जा सकता है |

iv) कैसे छोटे-छोटे चीजों से पैसा प्राप्त कर सकते हैं |

v) अपने आसपास के वातावरण को कैसे शुद्ध, साफ-सुथरा रखा जाया जाए |

vi) कचरा प्रबंधन करके इससे कैसे मछली पालन, पशुपालन किया जाए आदि |

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