CG Board Class 8 History Solutions Chapter 6 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 इतिहास पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 8 History Solutions Chapter 6 भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
CGBSE समाधान कक्षा 8 इतिहास अध्याय 6 – भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 8 History Solutions Chapter 6 इतिहास are given below for Hindi Medium students.
Page No:58, Chapter:06
1. हां या नहीं में उत्तर दीजिए
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1. ‘हिन्दी केसरी के सम्पादक बाल गंगाधर तिलक थे।
उत्तर: हाँ हिन्दी केशरी के सम्पादक बाल गंगाधर तिलक थे।
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2. राष्ट्रीय एकता की भावना को राष्ट्रवाद कहते हैं।
उत्तर: हाँ राष्ट्रीय एकता की भावना को राष्ट्रवाद कहते हैं
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3. औद्योगिक क्रांति के कारण अधिकांश मिलें खुलीं।
उत्तर: हाँ औद्योगिक क्रांति के कारण अधिकांश मिलें खुलीं।
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4. भारत के पिछड़ेपन के लिए अंग्रेजों की आर्थिक नीति जिम्मेदार है।
उत्तर: हाँ भारत के पिछड़ेपन के लिए अंग्रेजों की आर्थिक नीति जिम्मेदार है।
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5. शिक्षित मध्यम वर्ग ने आधुनिक विचारों को अस्वीकार किया।
उत्तर: नहीं शिक्षित मध्यम वर्ग ने आधुनिक विचारों को स्वीकार किया।
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2. खाली स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. गाँधी जी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे।
2 चम्पारण बिहार अंचल में है।
3. कंडेल सत्याग्रह नहर कर के विरोध में था।
4.लगान बंदी के लिए गुजरात के खेड़ा जिले में आंदोलन हुआ।
5. जलियांवाला बाग की दीवारों पर गोलियों के निशान आज भी हैं।
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3. जोड़ी बनाइए
1.1916 मुस्लिम लीग की स्थापना
2.1911 बंगाल का विभाजन
3.1907 सर्वदलीय बैठक का आयोजन
4.1906 दिल्ली राजधानी बनी
5.1905 सूरत अधिवेशन
उत्तर:
1.1916 सर्वदलीय बैठक का आयोजन
2.1911 दिल्ली राजधानी बनी
3.1907 सूरत अधिवेशन
4.1906 मुस्लिम लीग की स्थापना
5.1905 बंगाल का विभाजन
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4. इन प्रश्नों के उत्तर में केवल नाम लिखिए
1.बंगाल विभाजन किया – लार्ड कर्जन।
2.नरम विचारधारा के प्रमुख नेता – सुरेंद्र नाथ बनर्जी, गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता।
3.छत्तीसगढ़ में खादी आश्रम बनाया – पं० सुन्दरलाल शर्मा, पं० नारायण राव मेघावाले।
4. कवि समाज संगठन कहां बना – राजिम।
5.गदर पार्टी के संस्थापक थे – लाला हरदयाल।
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5. नीचे कुछ घटनाएं लिखी गई है. आप उससे संबंधित तिथि सन् आदि उसके सामने अंकित कीजिए।
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क. ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो की हुंकार सुनाई पड़ी।
उत्तर: मुंबई अधिवेशन 8 अगस्त 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ो की हुंकार सुनाई दी।
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ख. अंततः पाकिस्तान को एक अलग राष्ट्र के रूप में स्वीकार कर लिया।
उत्तर: 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान को अलग राष्ट्र स्वीकार किया गया।
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ग. अंग्रेजों को किसी भी प्रकार से सहयोग नहीं करना चाहिए. यह संकल्प लिया।
उत्तर: 1 अगस्त 1920 को असहयोग आंदोलन का संकल्प लिया गया।
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घ. एक ऐसी हिंसक घटना हुई जिसके कारण गांधी जी को आंदोलन स्थगित करना पड़ा।
उत्तर: चौरा चौरी की घटना के बाद 12 फरवरी 1922 को गांधी जी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।
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ड. समुद्र तट पर पहुंचकर गांधी जी ने नमक कानून भंग किया।
उत्तर: 78 लोगों के साथ 6 अप्रैल 1930 को 385 किलोमीटर यात्रा के बाद दांडी नामक स्थान नमक कानून भंग किया।
Page No:59, Chapter:06, Chapter Name : (भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन)
6. प्रश्नों के उत्तर दीजिए
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1. इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति किस सदी में हुई ?
उत्तर: इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति 18वीं सदी में हुई।
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2. 28 दिसम्बर 1885 को किस पाठशाला में सभा हुई
उत्तर: मुंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत पाठशाला में सभा हुई।
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3. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शाखा कब बनी ?
उत्तर: छत्तीसगढ़ में 1920 कांग्रेस की शाखा की स्थापना हुई।
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4. भारतीय राजनैतिक सभा प्रारंभ में कहाँ हुई थी
उत्तर: मुंबई में राजनैतिक सभा प्रारंभ हुई।
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5. राष्ट्रीय नेता प्रारंभ में किस विचारधारा के थे ?
उत्तर: प्रारंभ में राष्ट्रीय नेता नरम विचारधारा के थे।
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6. 1900 में छत्तीसगढ़ में प्रकाशित समाचार पत्र का क्या नाम था ?
उत्तर: 1900 में छत्तीसगढ़ में प्रकाशित समाचार पत्र स्वराज केसरी था।
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7 बंगाल प्रांत का विभाजन क्यों किया गया ? I
उत्तर: क्षेत्रफल में बंगाल बहुत बड़ा प्रांत था जिसके करण प्रशासनिक संचालन में असुविधा होती थी।
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8. राष्ट्रीय विद्यालय / महाविद्यालय क्यों खोले गए?
उत्तर: ताकि युवाओं में राष्ट्रीयता की भावना का संचार हो।
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9. ‘फूट डालो की नीति का क्या अर्थ है ?
उत्तर: जब तक भारतीय आपस में लड़ेंगे तब तक हम शासन करेंगे। यह अंग्रेजों की भारतीयों पर शासन करने का मूल मंत्र था।
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10. स्वदेशी का क्या अर्थ है ?
उत्तर: जो सामान अपने देश की कारीगरों द्वारा उत्पादित हो।
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7. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ?
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क. खेड़ा सत्याग्रह:- गांधी जी के नेतृत्व में गुजरात के खेड़ा जिले में अकाल के कारण तथा प्लेग फैलने की वजह से लगान चुकाने में असमर्थ किसान द्वारा आंदोलन किया गया, फल स्वरूप सरकार को लगान माफ करना पड़ा।
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ख. कंडेल सत्याग्रह:- यह आंदोलन पंडित सुंदरलाल शर्मा नारायण मेघवाल तथा बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुआ इस आंदोलन का कारण महानदी के तट पर रुद्री तथा माडम सिल्ली में नदी पर बांध बनाकर नहर निकाली गई है जो धमतरी के कंडेल गांव में पड़ता है नहर पर सरकार कर लेती थी। जिसका अनुबंध 10 साल के लिए होता था परन्तु यह सिंचाई किसानों को महंगी पड़ती थी इस लिए किसान पानी नहीं लेना चाहते परंतू सरकार ने जबरन नहर में पानी छोड़ दिया तथा अनुबंध कर देने को बाध्य किया फलसरूप आंदोलन शुरू हुआ।
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ग अहमदाबाद मिल:- अहमदाबाद के सूती कपड़ो की मिलो में मालिकों द्वारा वेतन बढ़ाए जाने तथा बोनस न मिलने के कारण हदताल की जिसमे बाल गंगाधर तिलक की गिरफ्तारी भी एक कारण बनी इस आंदोलन को गांधी जी का समर्थन प्राप्त था।
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घ. खिलाफत आंदोलन:- विश्व युद्ध के बाद तुर्की के सुल्तान खलीफा के पद को समाप्त किए जाने से नाराज भारतीय मुसलमानो ने आंदोलन किया इसे गांधी जी ने समर्थन किया ताकि हिंदू मुसलमान एकता सुदृढ़ प्रगाढ़ हो।
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ड. मोपला किसान आंदोलन:- मोपला के किसान आंदोलन रत किसानों को रेलवे वैगनों में ठूसकर ले जाने से 67 किसान मारे गए तथा 45 हजार किसान को जेल में डाला गया इसके विरुद्ध गांधी जी ने बारडोली (गुजरात) में यह आंदोलन चलाया।
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च. चौरा-चौरी कांड:- चोरी चोरा में 5 फरवरी 1922 को शांतिपूर्ण जुलूस पर अंग्रेज सिपाही द्वारा हमला करने पर भीड़ ने पुलिस चौकी में आग लगा दी। 22 सिपाही मारे गए क्रोधित में अंग्रेजों ने 19 लोगों को फांसी दे दी तथा 150 लोगों को काला पानी भेज दिया।
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छ. प्रतिज्ञा दिवस:- सन् 1929 ई० को लाहौर अधिवेशन में पंडित नेहरू द्वारा पूर्ण आज़ादी तक संघर्ष करने का आवाहन किया और राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रतिज्ञा ली।
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ज. जंगल सत्याग्रह:- जब अंग्रेज़ों द्वारा आदिवासियों को जंगल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया तो सभी ने ग्रामीणों व वनवासियों द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन के क्रम में जंगल आंदोलन चलाया इसका नेतृत्व दयवती देवी ने किया।
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झ. रायपुर षड्यंत्र केस:- सुभाष चंद्र बोस के आवाहन पर कुछ युवकों द्वारा बम बारूद बनाना शुरू किया गया किंतु अपने ही मुखबिर द्वारा शिकायत पर वह पकड़े गए जिसमें परसराम, सुधीर मुखर्जी, सुर वधू शामिल थे जिसमें 15 अभियुक्त और 71 गवाह थे मुकदमे के बाद इन्हे सजा दी गई ।
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ञ. धारा 144:- धारा 144 एक कानून धारा या कानून है जिसके अंतर्गत 5 या उससे अधिक लोग एक जगह पर इकट्ठा नहीं हो सकते हैं तथा कोई सभा य सत्याग्रह आंदोलन नहीं हो सकते।
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ट. 1947 का अधिनियम:- यह अधिनियम भारत की स्वतंत्रता के संदर्भ में था जिसमें ब्रिटिश संसद ने कहा कि अंग्रेज भारत से चले जाएंगे।
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ठ. 1919 का अधिनियम:- इस काले कानून को रोलेट एक्ट भी कहते हैं जिसमें सरकार किसी भी भारतीय को बिना कारण, बिना सुनवाई, बिना सजा के जेल में रखने का अधिकार था।
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8. इन घटनाओं का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए-
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(1) महात्मा गांधी का भारतीय राजनीति में प्रवेश
उत्तर: सन 1915 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत आने पर भारत की दयनीय दशा देखकर उन्होंने भारतीय राजनीति में हिस्सा लेना शुरू किया उन्होंने पूरे देश में यात्रा की और वहां की समस्याओं को जाना किसान, मजदूरों, बुनकरों, व्यापारियों तथा हर वर्ग के लोगों से मिले तथा उनकी समस्या तथा उनके साथ हो रहे अत्याचार व शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई उन्हें अहिंसा का रास्ता बताया जिसमें सत्याग्रह अवज्ञा तथा शांतिपूर्ण आंदोलन द्वारा अपनी समस्या सरकार तक पहुँचाना तथा उनके अन्य का विरोध करना था।
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(2) रोलेट एक्ट
उत्तर: रोलेट एक कानून था जिस में सरकार द्वारा किसी भारतीय को अकारण जेल में डालने का अधिकार प्राप्त था जिसका विरोध मोती लाल नेहरू आदि ने विधान मंडल में किया इसी के विरोध में जलियांवाला बाग भी हुआ।
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(3) मकई चौक धमतरी में गांधी जी
उत्तर: यहां पर गांधी जी ने अपना भाषण दिया, अपार जनसमूह एकत्रित था जिसके वजह से गांधीजी मंच तक नहीं पहुंच पाये तो लोगों द्वारा कांधे पर बिठाकर उनको मंच तक पहुंचाया गया जहां से उन्होंने सभा को सम्बोधित किया।
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(4) जलियाँवाला बाग हत्याकांड
उत्तर: पंजाब के जलियांवाला बाग में सैफुद्दीन किचलू व सत्यपाल नेता के गिरफ्तारी के विरोध में एक सभा का आयोजन होना था जिनकी गिरफ्तारी रोलेट एक्ट का विरोध करने के करण से की गई थी। जिसके लिए हजारों की संख्या में लोग जमा थे तथा बाग के चारो तरफ दीवार थी और एक गेट था. एका एक शांति से बैठे लोगों पर अंग्रेज जनरल डायर द्वारा गोलियां चलवा दी गई जिसमे सैकड़ो लोग मारे गए यह दिन वैसाखी त्यौहार का दिन था एक जघन्य कृत्य जिसके निशान आज भी उन दिवारो पर अंकित है।
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9. योग्यता विस्तार
(1) जलियाँवाला बाग के संबंध में सचित्र जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर: रोलेट एक्ट के विरुद्ध सत्याग्रह आंदोलन ने पंजाब में अधिक उग्र रूप धारण किया। सरकार का दमन चक्र और तेज हुआ। राष्ट्रवादी नेता सत्यपाल और डॉ. सैफुद्दीन किचलू के गिरफ्तारी के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया था। यह बाग तीन ओर से ऊँची दीवारों से घिरा था और एक मात्र छोटी गली से बाग में आने-जाने का रास्ता था।13 अप्रैल 1919 की इस सभा में काफी संख्या में लोग इकट्ठे हुए। इनमें युवा, वृद्ध, पुरुष, महिला तथा बच्चे भी थे। तभी अचानक ब्रिटिश जनरल डायर ने बिना चेतावनी दिए निहत्थी भीड़ पर गोली चलाने का आदेश दिया। इसमें कई सौ निर्दोष लोगों की मृत्यु हो गई और हजारों लोग घायल हुए। वह बैसाखी त्यौहार का दिन था। जलियांवाला बाग की दीवारों पर गोलियों के निशान आज भी देखे जा सकते हैं। जलियाँवाला बाग एक राष्ट्रीय स्मारक है।इस जघन्य हत्याकांड के कारण संपूर्ण भारत में आक्रोश एवं विरोध प्रगट करने के लिए सर्वत्र सभाएँ हुई। बिलासपुर एवं रायपुर में भी सभा हुई, जहां उस हत्याकांड की आलोचना कटु शब्दों में की गई। कविवर रवीन्द्रनाथ जलियाँवाला बाग हत्याकांड का एक चित्र टैगोर ने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदत्त सम्मान “सर” की उपाधि का परित्याग किया। इसने मध्यमवर्गी राष्ट्रवाद को जन-जन वर्गीय राष्ट्रवाद में परिवर्तित कर दिया।
(2) गांधी जी का छत्तीसगढ़ आगमन के संबंध में सचित्र विवरण संग्रह कीजिए।
उत्तर: प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन- वर्तमान धमतरी जिले में चलाये गये कंडेल ग्राम सत्याग्रह (1920) दौरान पं. सुंदरलाल शर्मा गांधीजी को लेने 2 दिसंबर को कलकत्ता गए। वे उन्हें लेकर 20 दिसंबर 1920 को रायपुर पहुंचे। प्लेटफार्म पर पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, सखाराम दुबे आदि ने उनका स्वागत किया। उसके साथ प्रख्यात अली बन्धु मौलाना शौकत अली भी थे।
रायपुर: प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर की जनता ने बड़े उत्साह से गांधी का स्वागत किया। गांधी जी ने रायपुर के वर्तमान गांधी चौक पर एक विशाल सार्वजनिक सभा में गांधी जी का भाषण हुआ। गांधी जी द्वारा सम्बोधित इस सार्वजनिक सभा के बाद ही इस स्थान का नाम गांधी चौक पड़ गया। इस सभा के बाद से यह स्थान समूचे छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक गतिधियों का केन्द्र बन गया।
धमतरी एवं कुरूद : 21 दिसंबर 1920 को गांधी जी का धमतरी आगमन हुआ, पहुंचने पर नगर के मकई बन्ध चौक पर गांधी जी का वहां के जनता ने बड़े उत्साह से स्वागत किया। धमतरी में गांधी जी ने जामू/जानी हुसैन के बाड़े में भाषण दिया। यहाँ उमर सेठ नामक व्यापारी ने गांधी जी को अपने कंधों पर बिठा कर मंच तक पहुँचाया। नगर के जमींदार बाजीराव कृदत्त ने नगर तथा ग्राम वासियों की ओर से स्वागत करते हुए गांधी जी को 501/- रुपये की थैली भेंट की। तत्पश्चात गांधी जी ने जनता को लगभग 1 घंटे तक संबोधित किया, गांधी जी ने लोगों को कंडेल आंदोलन की सफलता के लिए बधाई दी। लगभग 1 बजे तक यह कार्यक्रम चला। दोपहर का भोजन नत्थुजी जगताप के यहाँ कर रायपुर के लिए रवाना हो गए।
(3) अपने क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए।
उत्तर: छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों का वर्णन इस प्रकार है |
- वीर नारायण सिंह :- वर्ष 1856 में छत्तीसगढ़ में भीषण अकाल पड़ा था। जमींदार नारायण सिंह की प्रजा के समक्ष भूखों मरने की स्थिति थी। उन्होंने अपने गोदाम से अनाज लोगों को बांट दिया, लेकिन वह मदद पर्याप्त नहीं थी। अतः जमींदार नारायण सिंह ने शिवरीनारायण के माखन नामक व्यापारी से अनाज की मांग की। माखन सिंह ने नारायण सिंह का आग्रह अस्वीकार कर दिया अतः नारायण सिंह ने कुछ किसानो की मदद से माखन के अनाज भंडार पर कब्ज़ा कर अनाज को ग्रामीणों में बटवां दिया।जब अंग्रेजों को इस बात की सूचना मिली तो उन्होंने नारायण सिंह की विरुद्ध गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया गया। नारायण सिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें रायपुर जेल में डाल दिया गया। मुकदमे की कार्यवाही चली और 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी गई।
- हनुमान सिंह :- हनुमान सिंह ने 18 जनवरी 1858 को सार्जेन्ट मेजर सिडवेल की हत्या की थी। एवं अपने साथियों के साथ तोपखाने पर कब्जा कर लिया। सिडवेल की हत्या तथा छावनी में सैन्य विद्रोह की सूचना अंग्रेज अधिकारियों को मिल गई। लेफ्टिनेंट स्मिथ और लेफ्टिनेंट रॉट ने किसी तरह विद्रोह को काबू किया परन्तु हनुमान सिंह लगातार छः घंटो तक 17 सैनिको की सहायता से लड़ते रहे| अंग्रेजी सैनिको की सामने हनुमान सिंह ज्यादा समय टिक नहीं सके अतः उन्होंने पलायन करना उचित समझा। कुछ समय के बाद उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया पर हनुमान सिंह कभी भी अंग्रेजों के हाथ नहीं आये।
- गुण्डाधुर:- वर्ष 1910 में गुण्डाधुर ने बस्तर में आदिवासियों के साथ भूमकाल विद्रोह का नेतृत्व किया था तथा सबसे पहले बस्तर का पशु बाजार लुटा।गुण्डाधुर का अभियान तांत्याटोपे की तरह होता था। वे तीव्र गति से एक स्थान से दूसरे स्थान में पहुंच कर लोगो को प्रेरित करते थे।इनके नाम से राज्य के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए पुरस्कार दिया जाता है।
- प. सुंदरलाल शर्मा :- पं. सुंदरलाल शर्मा का जन्म सन् 1881 में राजिम के पास चमसूर नामक गांव में हुआ था। 28 दिसंबर 1940 को उनका स्वर्गवास हुआ। नाट्य कला,मूर्तिकला व चित्रकला में पारंगत विद्वान श्री शर्मा प्रहलाद चरित्र, करुणा पचीसी व सतनामी भजन माला जैसे ग्रंथों के रचयिता है। इनकी छत्तीसगढ़ी दीन लीला छत्तीसगढ़ का प्रथम लोकप्रिय प्रबंध काव्य ग्रंथ है।
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