CG Board Class 7 Science Solutions Chapter 19 मिटटी – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 7 Science Solutions Chapter 19 मिटटी is specifically designed for Hindi medium students of Class 7 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 7 विज्ञान पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।

CG Board Class 7 Science Solutions Chapter 19 मिटटी

CGBSE समाधान कक्षा 7 विज्ञान अध्याय 19 – मिटटी हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 7 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

CG Board Class 7 Science Solutions Chapter 19 विज्ञान are given below for Hindi Medium students.


Page No.: 155, Chapter: 19  

प्रश्न 1- मिट्टी के मुख्य अवयवों के नाम लिखें।

उत्तर:- मिट्टी के मुख्य चार अवयव है –

(1) वायु (2) जल (3) खनिज पदार्थ (4) कार्बनिक पदार्थ 

प्रश्न 2- मिट्टी की परिच्छेदिका का चित्र बनाएं।

 उत्तर:- 

प्रश्न 3- मिट्टी की परिच्छेदिका का कौन सा संस्तर ह्रूमस को संरक्षित रखता है?

उत्तर:- A संस्तर:- यह A ० संस्तर के नीचे का संस्तर है यह केंचुए ,कवक जीवाणुओं जैसे कई जीवों का वास स्थान है। यह संस्तर ह्रूमस से भरपूर होता है। यह मुलायम छिद्रयुक्त और अधिक जल अवशोषण करने वाला होता है। मिट्टी की परिच्छेदिका का A संस्तर ह्रूमस को संरक्षित रखता है। 

प्रश्न 4- रन्ध्रावकाश युक्त मिट्टी पौधों की वृद्धि के लिए किस प्रकार सहायक है?

उत्तर:- रन्ध्रावकाश युक्त मिट्टी में पौधे जल और वायु का उपयोग कर पाते है, और पौधे वृद्धि करने में सक्षम है। 

Page no.160 , Chapter: 19

प्रश्न 1- चट्टानों का अपक्षय क्या है?

उत्तर- दो छोटे – छोटे पत्थरो के टुकड़े को आपस में रगड़े। हमको पत्थरों का बारीक़ चूर्ण प्राप्त होगा।  इसी तरह पृथ्वी पर चट्टानें अनेक भौतिक रासायनिक और जैविक कारणों के कारण छोटे – छोटे टुकड़ो में विभक्त हो जाते है। यही चट्टानें का अपक्षय है। 

प्रश्न 2- मिट्टी में पाए जाने वाले विभिन्न कणों के नाम लिखिए। 

उत्तर:- मिट्टी  में  मुख्यतः चार प्रकार के कण पाए जाते है-

(1)  बजरी कंकड़ (2) रेत (3) गाद (4) क्ले   

प्रश्न 3- किस प्रकार की मिट्टी में बारिश का अधिकांश पानी ऊपर ही ऊपर बह जाएगा? 

उत्तर:- चिकनी मिट्टी में बारिश का अधिकांश पानी ऊपर ही ऊपर  बह जाएगी। 

प्रश्न 4- मिटटी में संरन्ध्रता न हो तो फसल पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

उत्तर:- मिटटी में संरध्रता न हो, तो फसल पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। फसलों का उत्पादन तथा वृद्धि रुक जाती है। सरंध्रता में मिट्टी के कण आपस में सघन रूप से जुड़े होते है। इसमें जल और वायु भरा रहता है। इन्ही रन्ध्रावकाशों के कारण मिट्टी में सरंध्रता का गुण पाया जाता है। मिटटी सरंध्रता के कारण ही फसलों में वृद्धि तथा उत्पादन क्षमता बढ़ता है। यही कारण है ,कि मिट्टी में सरंध्रता न हो, तो फसल पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 

प्रश्न 5- गेहूँ जैसी फसलें चिकनी मिट्टी में क्यों उगाई जाती है?

उत्तर:- गेहूँ जैसे फसले ज्यादातर चिकनी मिट्टी में उगाई जाती है,क्योंकि वह ह्रूमस से भरपूर तथा अत्यधिक उर्वरा होती है। यही कारण है कि गेहूँ जैसी फैसले चिकनी मिट्टी में उगाई जाती है। 

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प्रश्न 1- मिट्टी का अपरदन किसे कहते है?

उत्तर:- मिट्टी की उपजाऊ परत का नुकसान मिट्टी का अपरदन कहलाता है। 

प्रश्न 2- मिट्टी के प्रदूषण के तीन कारण लिखिए?

उत्तर:- मिट्टी के प्रदूषण के तीन कारण निम्नलिखित है:- 

1. धातु की वस्तुएं ,काँच के टुकड़े पॉलीथिन की थैलिया तथा प्लास्टिक से बनी वस्तुए जैसे बाल्टियां, बोतल, डिब्बे आदि जिनका अपघटन सूक्ष्म जीवों द्वारा नहीं किया जाता है। यह मृदा प्रदूषण कारक कारण है। 

2. जब वहित मल लगातार मिट्टी में मिलता है तब मिट्टी के सारे रंध्र बंद हो जाते है। जिससे मिट्टी के भीतर वायु और जल का संचरण ठीक से नहीं हो पाता है यह एक कारण है मिट्टी का प्रदूषण है। 

3. कृषि जीवन का आधार है ,परन्तु फसलों पर छिड़के जाने वाले कीटनाशक ,कवकनाशी अधिक मात्रा भी मिट्टी के प्रदूषण का प्रमुख कारण है। रासायनिक उर्वरकों का अधिक मात्रा में लगातार उपयोग तथा खारे जल से निरंतर सिंचाई करना भी मिट्टी प्रदूषण के प्रमूख कारण है। 

प्रश्न 3- आप अपने आस – पास की मिट्टी का संरक्षण किस प्रकार करेंगे ?

उत्तर:- हम मिट्टी का संरक्षण निम्न प्रकार से करेंगे। 

(i) पेड़ -पौधो मिटटी के सबसे अच्छे संरक्षक है। भूमि का वह भाग जो पेड़ पौधे से घिरा रहता है अपरदन से बचा रहता है। अतः खाली पड़े जमीन पर अधिक से अधिक पेड़  पौधे लगाकर मिटटी संरक्षण कर सकते है। 

(ii) ढालू पहाड़ी भूमि क्षेत्र पर्वतीय क्षेत्रों में सीढ़ीनुमा खेत बनाकर या ढलान पर मेड बनाकर वहाँ पौधे या फैसले ऊगा कर मिट्टी का संरक्षण किया जा सकता है। 

(3) कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट आदि को बहुत ही सुरक्षित तरीके से निष्कासित किया जाना चाहिए ,जिससे इन पदार्थों से होने वाले  प्रदूषण से मिट्टी को बचाया जा सकें 

प्रश्न 4- वृक्षों को काटने से मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर:- वृक्षों को काटने से मिट्टी का अपरदन बढ़ जायेगा, जिससे पर्यावरण का संतुलन प्रभावित होगा। सीधा असर जीव – जंतुओं पर पड़ेगा। वृक्ष अपनी जड़ों से मिट्टी को बांधकर रखता है इससे मिट्टी का कटाव नहीं होता है। वृक्ष मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। पेड़ -पौधों के पत्तियाँ सड़ -गलकर जैविक खाद का काम करता है। इससे मिट्टी का उर्वरा शक्ति बढ़ती है। वृक्षों को काटने से मिट्टी का कटाव बढ़ जायेगा। कटाव बढ़ने से अपरदन होगा। इससे हमारे जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 

प्रश्न 5- मिट्टी की जाँच करने का क्या कारण है? समझाइये। 

उत्तर:- मिट्टी की जाँच से भूमि में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा की जानकारी मिलती है, जिसके आधार पर उपचार करके भूमि को फिर से कृषि योग्य बनाया जा सकता है। जैसे मिट्टी से लवणता ,क्षारीयता ,अम्लीयता की समस्या की पहचान जाँच कर आवश्यक तत्वों को मिट्टी में डालकर फिर से कृषि योग्य बनाया जा सके इस कारण मिट्टी की जाँच की जाती है। 

Page no.163 , Chapter: 19    

प्रश्न 1 – रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए 

1. ______ कण आकार में मिट्टी के सबसे बड़े कण है। 

उत्तर:-  कंकड़ 

2. ______ मिट्टी की जलधारण क्षमता सबसे अधिक है। 

उत्तर:- काली 

3. चट्टानों का छोटे कणों में टूटना _____ कहलाता है। 

उत्तर:- अपक्षय 

4. मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत का नष्ट होना _______ कहलाता है।

उत्तर:- अपरदन 

5. कपास की  फसल के लिए ______ मिट्टी उपयुक्त होती है।  

उत्तर:- काली  

Page no.163 , Chapter: 19   

प्रश्न 2 – नीचे दिए गए कथनों में से सही या गलत की पहचान करे तथा गलत कथन को सही कर लिखे –

1. जिस मिट्टी में ह्रूमस हो वह मिट्टी उपजाऊ नहीं होती। 

उत्तर:- गलत कथन 

सही कथन:- जिस मिट्टी में ह्रूमस हो वह उपजाऊ होता है। 

2. दोमट मिट्टी में बजरी और चिकनी दोनों मिट्टियां पाई जाती है। 

उत्तर:- सही कथन 

3. सभी प्रकार की मिट्टीयों  समान मात्रा में जलधारण करती है। 

उत्तर:- गलत कथन 

सही कथन:- सभी प्रकार की मिट्टियों अलग-अलग मात्रा में जल धारण करती है। 

4. अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए मिट्टी का सरंध्र होना आवश्यक है। 

उत्तर:- सही कथन 

5. पेड़ पौधे मिटटी के अपरदन को बढ़ावा देते है। 

उत्तर:- गलत कथन 

सही कथन:- पेड़ पौधे मिटटी के अपरदन को कम करती है। 

Page no.163 , Chapter: 19   

प्रश्न 3 – निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखें 

1. आप कैसे सिद्ध करेंगे कि मिट्टी में सूक्ष्मजीव उपस्थित होते है ?

उत्तर:- आवश्यक सामाग्री :- 2 बोतले ढक्कन सहित ,रुई धागा ,दो विभिन्न स्थानों से एकत्रित किये गए नमुने फिनॉफ्थलीन , प्लास्टिक सोडा,पानी।  

प्रयोग विधि:- ढक्कन सहित 2 बोतले लेकर इन्हे अ ,ब नामांकित करें। बोतल अ में थोड़ी नम मिटटी एवं बोतल ब में थोड़ी रेत लें। 

लगभग 20 – 30 सेमी लम्बाई वाले धागे के दो टुकड़े ले। क्षारीय फिनॉफ्थलीन  के घोल से भीगी रुई को धागे के दोनों सिरों पर बाँध कर दोनों बोतलों में इस प्रकार लटकाए की धागे का एक सिरा बोतल के अंदर एवं दूसरा सिरा बाहर रहे। दोनों बोतलों के ढक्कन कस  कर बंद कर दे। 4-5 घंटे बाद देखते है, तो रुई का रंग परिवर्तित हो जाता है। 

इस क्रिया कलाप के आधार पर यह कहा जा सकता है,कि मिटटी में सूक्ष्म जीव उपस्थित है जो श्वसन क्रिया द्वारा कार्बन डाईऑक्साईड छोड़ते है। 

2. मिट्टी को प्रदूषित होने से किस प्रकार रोका जा सकता है ?

उत्तर:- अपने घर के कमरे में से जल, सब्जियों के छिलके ,और बचें खाद्य पदार्थो को एक थैली में एकत्र कर ले ,कुछ रद्दी कागजों को दूसरी थैली में, तथा तीसरी में प्लास्टिक की थैलियाँ टूटे कांच तथा धातु के टुकड़ो को एकत्र कर ले फिर उन्हें थैलियों से निकाल कर अलग अलग स्थानों पर जमीन में गड्ढा बनाकर गाड़ दे ,जगह – जगह कूड़े करकट के ढेर देखे होंगे इनमें रद्दी कागज चीथड़े चमड़े, पुराने जूते, बैग आदि होते है। जो सूक्ष्म जीवों द्वारा अपघटित हो जाते है, जो मिटटी की गुणवत्ता को बढ़ाते है। इससे मिट्टी के प्रदूषण को रोका जा सकता है। 

3. आपके क्षेत्र की  मिट्टी की परिच्छेदिका का नामांकित चित्र बनाकर समझाइये। 

उत्तर:- यदि हमें मिटटी की परिच्छेदिका की जानकारी प्राप्त करनी हो , तो हमें ऐसी जगह जाना होगा जहां सड़क,पुल ,कुआँ मकान की नीव या अन्य किसी उद्देश्य से भूमि को खोदा गया हो। वहां गहराई पर मिट्टी की अलग – अलग परतें दिखाई देती है, प्रत्येक परत गठन ,रंग ,गहराई  और रासायनिक संरचना में भिन्न – भिन्न होती है। इन्हीं परतों को संस्तर कहा जाता है। 

1. A o संस्तर :- सबसे ऊपर का यह संस्तर कार्बनिक संस्तर कहलाता है। यह जमीन पर पाए जाने वाली पत्तियों और दूसरे कार्बनिक पदार्थों से बनता है। इस परत में कार्बनिक पदार्थ के विघटन की क्रिया चलती रहती है। 

2. A संस्तर:- यह A o संस्तर के नीचे का संस्तर है। यह केंचुए ,कवक ,जीवाणुओं जैसे कई जीवों का वास स्थान है। यह संस्तर ह्यूमस से भरपूर होता है। यह मुलायम छिद्रयुक्त और अधिक जल अवशोषण करने वाला होता है। 

3. B संस्तर:- यह कठोर होता है। यह रंग में हल्का और कम कार्बनिक पदार्थों वाला होता है। इसमें खनिज पदार्थ अधिक मात्रा में होते है। 

4. C संस्तर:- इस संस्तर में चट्टानों के छोटे -छोटे कण होते है। इसमें ह्यूमस नहीं पाया जाता ,परन्तु खनिज पदार्थ पाए जाते है। इसके नीचे चट्टानें पायी जाती है। 

4. लाल रेतीली मिट्टी ,लाल दोमट मिट्टी तथा काली मिट्टी की जलधारण क्षमता की जाँच प्रयोग द्वारा आप कैसे करेंगे ?

उत्तर:- 

आवश्यक सामाग्री:- 3 कीप ,3 मापक सिलेंडर ,काँच के ग्लास ,चिकनी मिट्टी, रेतीली मिटटी ,दोमट मिटटी, छन्ना, पत्रक और कपास।

प्रत्येक कीप में छन्ना पत्रक मोड़ कर लगाए तथा थोड़ी सी रुई रख दे। पहली कीप में 50 ग्राम रेतीली मिट्टी दूसरी तथा तीसरी कीप में उतनी ही मात्रा में क्रमशः चिकनी व दोमट मिट्टी ले और प्रत्येक कीप को चित्र के अनुसार गिलास या मापक सिलेंडर पर रखे। तीनों कीपो को 50 -50 मिली पानी धीरे -धीरे मिट्टी की पूरी सतह पर डाले। पूरा पानी एक ही जगह पर ना डाले। कुछ समय बाद जब कीप से पानी की बुंदो का गिरना बंद हो जाये ,तब प्रत्येक मापक सिलेंडर में एकत्र पानी की मात्रा माप ले। यदि आपने क्रियाकलाप में गिलास लिए है तब गिलास में एकत्र पानी को मापक सिलेंडर में माप ले यह क्रियाकलाप बारिश या सिंचाई के तुरंत बाद न करें ,इसे बारिश होने के लगभग 48 घंटों के बाद ही करें अन्यथा उपयुक्त परिणाम नहीं होंगे।  

5. यदि पृथ्वी से मिट्टी समाप्त हो जाए तो क्या होगा ?

उत्तर:- यदि पृथ्वी से मिट्टी समाप्त हो जाये तो जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, क्योंकि यदि मिटटी ही नहीं होगी तो पेड़ पौधे नहीं होंगे और पेड़ पौधे नहीं उगेंगे तो हमारा जीवन भी समाप्त हो जायेगा। पृथ्वी से मिटटी समाप्त हो जाने से पर्यावरण संतुलन बिगड़ जायेगा और पूरा पर्यावरण अस्त – व्यस्त हो जायेगा। यदि मिटटी ही नहीं होगी तो अन्न नहीं होगा, पानी की कमी होगी ,पेड़ नहीं होंगे ,जीवन जीने के लिए यह अत्यंत आवश्यक हो भोजन -पानी और श्वास  इसलिए बिना मिट्टी के मानव और पर्यावरण का अस्तित्व ही नहीं है। 

6. खारा जल किस प्रकार मिट्टी को प्रदूषित करता है ?

उत्तर:-  खारा पानी मिट्टी की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर देता है,खारा जल मिट्टी की ऊपरी परत को जला देता है, जिससे किसी भी प्रकार के पौधे का उगना संभव नहीं है। खारा जल को हम सिंचाई में उपयोग नहीं कर सकते ,इससे सिंचाई करने से उर्वरा शक्ति नष्ट हो जाती है। और खारा जल मिट्टी को प्रदूषित करते है।   


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This CG Board Solutions for Class 7th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.

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