CG Board Class 9 Sanskrit Solutions Chapter 10 विश्वबन्धुत्वम् – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 9 Sanskrit Solutions Chapter 10 विश्वबन्धुत्वम् are given below for Hindi Medium students.

CG Board Class 9 Sanskrit Solutions Chapter 10 विश्वबन्धुत्वम्


अभ्यासः

Page No. 47

Q.1. निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत –

(क) साम्प्रतं संसारे किं व्याप्तम् अस्ति ?

उत्तर :- साम्प्रतं संसारे अशान्ते हिंसायाः च साम्राज्यम् व्याप्तः अस्ति |

Page No. 47

(ख) आयुधानां संग्रहः विश्वं कुत्र नयति ?

उत्तर :- आयुधानां संग्रहः विश्वं नाशं प्रति नयति |

Page No. 47

(ग) विद्वेषस्य कारणानि कानि कानि सन्ति ?

उत्तर :- धर्मभेदः, वर्गभेदः, लिंगभेदः, जातिभेदः, वः विद्वेषस्य कारणानि सन्ति |

Page No. 47

(घ) संसारे किमर्थं विश्वबन्धुत्वस्य आवश्यकता अस्ति ?

उत्तर :- संसारे सार्वजनहिताय सर्वजनसुखायः सर्वथा शान्तिमय जीवनाय च विश्वबन्धुत्वस्य आवश्यकता आस्ति |

Page No. 47

(ड.) शान्तये के प्रयत्नशीलाः सन्ति ?

उत्तर :- शान्तये अनेके देशाः अनेका संस्थाः च प्रयत्नशीला सन्ति |

Page No. 47

Q.2. निम्नलिखितानां पदानां लिङ्गं विभक्तिं वचनं च लिखत ।

       शब्द                     लिंग               विभक्ति                   वचन

(क) शान्तिमयाय          नपुंसकलिंग       चतुर्थी                    एकवचन

(ख) सम्बन्धानाम्       पुल्लिंग              षष्ठी                      बहुवचन

(ग) समस्याभिः     स्त्रीलिंग              तृतीया                   बहुवचन

(घ) कुटुम्बकम्            नपुंसकलिंग         प्रथमा / द्वितीया       एकवचन

(ड.) सुखिनः                पुल्लिंग               प्रथमा                   बहुवचन

Page No. 47

Q.3. निम्नलिखितानां पदानां धातुं लकारं पुरुषं वचनं च लिखत ।

   शब्द                    धातु             लकार            पुरूषं                   वचनम्
क) सम्भवति           सम +भू         लट्कार          प्रथम पुरूष             एकवचनं   

(ख) दृश्यते   दृश्              लट्कार          प्रथम पुरूष             एकवचन

(ग) वर्तते   वृत              लट्कार           प्रथम पुरूष             एकवचन

(घ) कुर्यात्   कृ               विधिलिंग          प्रथम पुरूष             एकवचन

(ड.) प्रवहति             प्र+वह्           लट्कार           प्रथम पुरूष             एकवचन

Page No. 48

Q.4. वर्गेषु भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत ।                       उत्तराणि 

(क) भावः, भवति, लाभः, संघः, उद्योगः ।             =          भवति

(ख) प्रति, विश्वस्मिन्, देशे, अखिले, संसारे ।                     =           प्रति

(ग) रक्तम्, रुधिरम्, जलम्, शोणितम्, लोहितम्।                 =          जलम्

(घ) वसुधा, वसुन्धरा, धरा, जरा, पृथ्वी।                     =          जरा

(ड.) स्मरणीयम्, पठनीयम्, करणीयम्, आदरणीयम्, जयम्। =         जयम्

Page No. 48

Q.5. कोष्ठान्तर्गतानां पदानाम् उपयुक्तविभक्तिप्रयोगेन अनुच्छेदं पूरयत ।

समाज………………(अनुशासन) उल्लंघनं विकासस्य प्रक्रियां बाधते। न केवलं समाजस्य ……………..(कल्याण), अपितु निजहिताय अपि अस्य आवश्यकता अस्ति। यदा कोऽपि ………..(देश) अनुशासनस्य अवमाननां करोति तदा व्यवस्थायां …………(दुष्प्रभाव) परिलक्ष्यते। परिणामस्वरूपं सर्वत्र अराजकतायाः अव्यवस्थायाश्च…………(राज्य) भवति। कुत्रापि न शान्तिः भवति न च ………(प्रगति) अनुशासनं विना। इदमेव अस्माकं……….(जीवन) केन्द्रस्थमस्ति। इदं सहयोगस्य ……….. (भावना) जनयति। …………(एकता) स्थापयति। निस्संदेहम्……….(इदम्) सर्वत्र पालयितव्यम्।

उत्तर :- 1)अनुशासनस्य, 2)कल्याणाय, 3)देशः, 4)दुष्प्रभावः, 5)राज्यं, 6)प्रगतिः, 7)जीवनस्य, 8)भावनाम्, 9) एकता, 10)अस्य,|

Page No. 48

Q.6. संस्कृतभाषया अनुवादं कुरुत –

(क) अहिंसा परम धर्म है ?

उत्तर :- अहिंसा परमो धर्मः अस्ति |

Page No. 48

(ख) सब लोग समान हैं ?

उत्तर :- सर्वे जनाः समानाः सन्ति |

Page No. 48

(ग) भेदभाव करना गलत है ?

उत्तर :- भेदभावकरणं अनुचितमस्ति |

Page No. 48

(घ) बन्धुत्व सुख का कारण है ?

उत्तर :- बन्धुत्वं सुखस्य कारणम् अस्ति |

Page No. 48

(ड.) हम सबको शान्ति के लिए प्रयास करना चाहिए ?

उत्तर :- अस्मान् शान्तेय प्रयासः करणीयम् |

Leave a Reply

Discover more from CGBSE Solutions

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading