CG Board Class 7 History Solutions Chapter 7 विरोध और विद्रोह का समय is specifically designed for Hindi medium students of Class 7 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 7 इतिहास पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 7 History Solutions Chapter 7 विरोध और विद्रोह का समय
CGBSE समाधान कक्षा 7 इतिहास अध्याय 7 – विरोध और विद्रोह का समय हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 7 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 7 History Solutions Chapter 7 इतिहास are given below for Hindi Medium students.
Page No.- 40, Block- 1, Chapter- 7
प्रश्न 1- कौन – कौन लोग किसानों के उत्पादन का हिस्सा लेते थे ?
उत्तर:- मुगलकाल में किसानों के उत्पादन में से पटवारी जमींदार, मुखिया व मुग़ल अधिकारी किसानों से हिस्सा लेते थे।
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प्रश्न 2- अगर किसान गांव छोड़कर चले जाते तो जागीरदारों पर क्या असर पड़ता ?
उत्तर:- जागीरों की कमी का अमीरो पर अत्यधिक असर पड़ा। मुग़ल शासन में अधिकारियो की संख्या बढ़ती जा रही थी। लेकिन सभी अमीरो के लिए पर्याप्त जागीर नहीं थी। जागीरों की कमी के कारण जागीरदारों में असंतोष और अनुशासन हीनता बढ़ने लगी। जागीदारों के समस्या से बचने के लिए जगीरो के अंदर ही खेती को बढ़ावा दिया जा सकता था, ताकि जागीरदारों की आप बढ़ सकें । परन्तु जागीरदारों की इस काम में रूचि ही नहीं थी, क्योंकि जागीरदारों का तबादला होता रहता था एवं उन्हें हमेशा जागीर के छीन जाने का डर भी रहता था।
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प्रश्न 1 – औरंगजेब के समय में जांगीरो की कमी क्यों पड़ी?
उत्तर:- अमीरों की संख्या बढ़ती जा रही थी और अमीर ही जागीरों द्वारा बनते थे और सभी को जगिरे दे पाना मुश्किल हो रहा था।
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प्रश्न 2- जागीरों की कमी का अमीरों पर क्या असर पड़ा?
उत्तर:- जागीरों की कमी का अमीरो पर अत्यधिक प्रभाव पड़ा। मुग़ल शासन में अधिकारियो की संख्या बढ़ती जा रही थी। लेकिन सभी अमीरों के लिए पर्याप्त जागीरें नहीं थी। जागीरों की कमी के कारण जागीरदारों में असंतोष और अनुशासन हीनता बढ़ने लगी। जागीरदारों के सामने आये संकट का भी दबाव था। इस समस्या से बचने के लिए जागीरों के अंदर ही खेती को बढ़ावा दिया जा सकता था ताकि जागीरदारों की आय बढ़ सके। परन्तु जागीरदारों की इस काम में रूचि ही नहीं थी, क्योंकि जागीरदारों का तबादला होता रहता था एवं उन्हें हमेशा जागीर के छीन जाने का डर भी सताता रहता था।
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प्रश्न 3- जागीरदार अपनी जागीर में खेती को क्यों नहीं बढ़ावा देना चाहते थे?
उत्तर:- जागीरदारों की खेती को बढ़ावा देने में रूचि न होने का मुख्य कारण उनका तबादला हो जाना था तथा उन्हेंभय रहता था कि कब सम्राट उन्हें हटा कर दूसरा जागिरदार नियुक्त कर देगा।अतः इसी कारण वे खेती को बढ़ावा नहीं देते थे।
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प्रश्न 1- औरंगजेब को अपने साम्राज्य के विस्तार करने की आवश्यकता क्यों हुई ?
उत्तर:- औरंगजेब के समय में अमीर बढ़ते जा रहे थे और जागीर न मिलने से वे जगह – जगह विद्रोह करने में लगे थे। इसके लिए औरंगजेब ने अपने राज्य को बढ़ाना तथा दूसरे राज्य को अपने राज्य में मिलाने की आवश्यकता समझने लगा।
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प्रश्न 1- औरंगजेब की कट्टर धार्मिक नीतियों के बावजूद इतने सारे राजपूत व मराठा अमीरों ने उसका साथ क्यों दिया होगा ?
उत्तर:- औरंगजेब कट्टर धार्मिक मुसलमान था। जिसे इस्लामी कानून के द्वारा शासन करने के इच्छा थी जिसके कारण वह हिन्दुओ पर बहुत अत्याचार किए परन्तु जब विद्रोह और नुकसान उठाना पड़ा तो उसने कुछ हिन्दू और अमीरो को जागीरे दी तथा मराठ व राजपूतो को अपने पक्ष में करने की कोशिश की ताकि विद्रोह को शांत किया जा सकें तथा हिन्दू आवाम को खुश कर सके जो की उसकी मज़बूरी थी परन्तु उन्ही राजपूतो व मराठाओं ने उसका साथ दिया।
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अभ्यास के प्रश्न –
सही /गलत बताए –
1. औरंगजेब के उत्तराधिकारी शक्तिशाली शासक थे।
उत्तर:- गलत
2. बीजापुर और गोलकुंडा राज्य में मराठा सरदारों को ऊंचे पद मिले हुए थे।
उत्तर:- सही
3. शाहजहां के बीमार होते ही उनके पुत्रो में आपस में युद्ध होने लगा।
उत्तर:- सही
4. औरंगजेब के शासनकाल में मुग़ल साम्राज्य का अधिक विस्तार नहीं हुआ।
उत्तर:- सही
5. मथुरा के पास बुंदेलों का विद्रोह हुआ।
उत्तर:- गलत
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प्रश्न 2 – प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
1. औरंगजेब की दो बड़ी समस्याओं को अपने शब्दों में समझाइये।
उत्तर:- औरगजेब की दो बड़ी समस्याएं थी पहला उसकी धार्मिक निति व दूसरा उसके राज्य में विद्रोह।
धार्मिक समस्या उसके कट्टर होना था जिसके कारण हिन्दू पर जजिया लगाना और मंदिरों को तोड़ना था। अन्य प्रकार के अत्याचार द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करना था। जिससे अधिसंख्य हिन्दू आबादी में असंतोष फैला।
दूसरा विद्रोह हिन्दू जागीरदार व अमीरो को हटाने व धार्मिक कट्टरता के कारण विद्रोह की स्थितियां उत्पन्न होना तथा जगीरो की कमी भी इसका कारण रहा। जिसको जमीन मिली वह विद्रोह कर दिया तथा अधिक कर के कारण जनता में भी विद्रोह हुआ तथा शाहजहां को जबरन कैद कर दिया गया । औरंगजेब खुद सम्राट बनने के कारण उसके भाइयों में भी विद्रोह हुआ।
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2.औरंगजेब ने जागीर की समस्या को दूर करने के लिए कौन -कौन से उपाय किये ?
उत्तर:- औरंगजेब की नीतियों की वजह से नए अमीरो के जागीर की कमी को दूर करने के लिए उसने दूसरे राज्यों पर आक्रमण कर उनको अपने राज्य में मिलाना शुरू किया।
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3. मराठो की सेना मुगलों की सेना को किस प्रकार हरा पाती थी ?
उत्तर:- मराठो की सेना के प्रमुख सेना नायक छत्रपति शिवा जी थे। जिन्होंने औरंगजेब की नाक में दम कर दिया था। एक मराठा थे तथा उन्होंने छापामार युद्ध शैली में युद्ध शुरू किया था। जिसमें वह अचानक मुगलो की सेना पर हमला करते और उनको भारी नुकसान कर भाग जाते थे। इस प्रकार के युद्ध में कोई स्थान निर्धारित नहीं होता था। वह कहीं भी आक्रमण कर सकते थे।चुकी मुगलो की सेना बहुत बड़ी थी , इसलिए उन्होंने इस प्रकार की शैली को अपनाया ताकि उन्हें अधिक नुकसान कर के हराया जा सके।
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4. मुग़ल साम्राज्य के पतन के लिए आप औरंगजेब को कहाँ तक उत्तरदायी मानते है ?
उत्तर:- औरंगजेब की नीतियों के कारण धीरे -धीरे सभी उसके विरोधी हो गए। चाहे वह किसान हो या व्यापारी हो या कारीगर या सामंत ,जागीरदार ,जमींदार सब उसके खिलाफ हो गए तथा मुस्लिम और जमींदारों ने उसका अनुचित लाभ उठाया। जिसका फायदा अन्य राज्यों व क्षेत्रीय सरदारों व जमींदारों ने उठाया और जनता में विद्रोह करा कर धीरे -धीरे ,छोटे -छोटे रियायते स्वतंत्र हो गयी तथा धीरे -धीरे अंग्रेज भी अपना प्रभाव बढ़ा कर मुग़ल साम्राज्य जो समाप्त करने लगे ।
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5. औरंगजेब ने हिन्दुओ के विरुद्ध एवं पक्ष में जो कदम उठाए ,इन दोनों बातों के दो – दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:- विरुद्ध – उसने हिन्दुओं पर जजिया कर लगाया तथा मंदिरो को तोड़ने के आदेश दिया जैसे राम मंदिर, कृष्ण मंदिर।
पक्ष – सूरत के व्यापारियों को उनकी धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का आश्वासन दिया तथा उच्च पदों पर हिन्दू राजपूतों को अधिकार दिया।
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योग्यता विस्तार –
अकबर और औरंगजेब की नीतियों की तुलना करते हुए परस्पर चर्चा कीजिए।
| अकबर एक सहिष्णु शासक था। अकबर का शासन न्याय के आधार पर था। उसने संगीत तथा हिन्दू त्योहारों को बढ़ावा दिया तथा संतो से परामर्श करता था। धार्मिक स्वतंत्रता तथा पड़ोसी राज्यों से सम्बन्ध सुधारने के लिए वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किया जाना किसानों व व्यापारियों पर कर की सीमा निर्धारित की गयी तथा हिंदुओं पर से जजिया कर समाप्त किया गया। | औरंगजेब एक कट्टर शासक था। वह इस्लामी कानून पर शासक करना चाहता था। उसने संगीत तथा हिन्दू त्योहारों पर रोक लगायी। वह धर्म परिवर्तन के लिए करता था। हिंदुओं पर अत्याचार किया उसने अपने पड़ोसी राजाओं पर हमला किया किसानों व व्यापारियों पर बहुत अधिक कर लगाया भाई की हत्या की पिता को बंदी बनाया। |
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This CG Board Solutions for Class 7th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.