CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 5 इब्राहीम गार्दी is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 हिंदी पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 5 इब्राहीम गार्दी
CGBSE समाधान कक्षा 8 हिंदी अध्याय 5 – इब्राहीम गार्दी हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 5 हिंदी are given below for Hindi Medium students.
Page no : 25 (इब्राहीम गार्दी )
अभ्यास :
पाठ से :
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प्रश्न 01 : इब्राहीम गार्दी कौन था? उसने किस युद्ध में भाग लिया था?
उत्तर :- इब्राहीम गार्दी मराठों का सेनापति था। उसने पानीपत के युद्ध में भाग लिया था।
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प्रश्न 02 : अहमदशाह अब्दाली इब्राहिम से घृणा क्यों करता था?
उत्तर :- वह मुसलमान होकर मराठो का सेनापति बना और मुसलमानो के विरुद्ध लड़ा।इसलिए अहमदशाह अब्दाली इब्राहीम से घृणा करता था।
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प्रश्न 03 : पानीपत का युद्ध कब हुआ था और किस – किस के बीच हुआ था?
उत्तर :- पानीपत का युद्ध सन् 1761 में हुआ। यह युद्ध अहमदशाह अब्दाली और मराठो के बीच हुआ।
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प्रश्न 04 : शुजाउद्दौला इब्राहिम को अब्दाली के समक्ष उसी समय क्यों नहीं पेश करना चाहता था?
उत्तर :- शुजाउद्दौला इब्राहीम को अब्दाली के समक्ष इसलिए पेश नहीं करना चाहते थे,क्योंकि इब्राहीम गार्दी घायल हो गया था। उन्होंने कहा कि जब वह अच्छा हो जायेगा तब उसे पेश किया जायेगा।
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प्राशन 05 : किसके मारे जाने पर इब्राहिम गार्दी दुखी हुआ?
उत्तर :- सदाशिव राव और विश्वास राव के मारे जाने पर इब्राहीम गार्दी दुखी हुआ।
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प्रश्न 06 : इब्राहीम गार्दी के नजरिए में मुसलमान कौन था?
उत्तर :-इब्राहीम गार्दी के नजरिए में मुसलमान वह है जो अपने मुल्क के साथ गद्दारी न करे, जो ईमान का पक्का एवं सच्चा हो।
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प्रश्न 07 : अपने जख्मों की पीड़ा को दबाते हुए इब्राहीम ने अब्दाली को क्या उत्तर दिया ?
उत्तर :- इब्राहीम ने घावों की पीड़ा दबाते हुए कहा “खुदा अरबी ,फ़ारसी या पश्तो जबान को ही समझता है क्या ?वह मराठी या फ्रांसीसी नहीं जानता ?क्या खुदा राम नहीं है और क्या राम और रहीम अलग -अलग है ?”
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प्रश्न 08 : अब्दाली ने इब्राहिम गार्दी को क्या सजा दी?
उत्तर :- अब्दाली ने इब्राहीम गार्दी के टुकड़े -टुकड़े कर वध करने की सजा दी।
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प्रश्न 09 : कहानी से वाक्य चुनकर लिखिए जिनसे इस्लाम धर्म की विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर :- (i) तब आप यह जानते ही नहीं कि मुसलमान कहते किसको है। जो अपने मुल्क के साथ गद्दारी करे ,जो अपने मुल्क को बरबाद करने वाले परदेशियों का साथ दे ,वह मुसलमान नहीं।
(ii) खुदा अरबी ,फ़ारसी या पश्तो जबान को ही समझता है क्या ?
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प्रश्न 10 : यदि अपनी जान बचाने के लिए इब्राहीम तौबा कर लेता तो आप उसके संबंध में क्या राय बनाते?
उत्तर :- यदि इब्राहीम तौबा कर लेता तो निश्चित रूप से वह देशद्रोही और बुजदिल कहलाता।
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प्रश्न 11 : इब्राहीम गार्दी के गुणों को शीर्षक के रूप में लिखिए |
उत्तर :- कर्तव्यनिष्ठ – इब्राहीम गार्दी कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। उनके सामने जाति एवं धर्म से बढ़कर देश के प्रति कर्तव्य सर्वोपरि था। इसलिए वे अहमदशाह के कठोर दंड को सहने को तैयार हो गए।
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प्रश्न 12 : किसने कहा? किससे कहा?
क ) “इस समय वह घायल पड़ा है?”
उत्तर :-सिराजुद्दौला ने अहमदशाह अब्दाली के दूत से कहा।
ख ) “मुसलमान होकर फिरंगी जबान पड़ी? फिर मराठो की नौकरी की |”
उत्तर :- अहमदशाह अब्दाली ने इब्राहीम गार्दी से कहा।
ग ) “जो अपने मुल्क को बरबाद करने वाले परदेशियों का साथ वह मुसलमान नहीं |”
उत्तर :-इब्राहीम गार्दी ने अहमदशाह अब्दाली से कहा।
घ ) “मेरे इस तन के टुकडे हो जाने से रूह के टुकडे तो होंगे नहीं |”
उत्तर :- इब्राहीम गार्दी ने अहमदशाह से कहा।
ड ) “ हम हिन्दू मुसलमानों की मिटटी से ऐसे सूरमा पैदा होंगे | जो वहशियों और जालिमों का नामोनिशान मिटा देंगे |”
उत्तर :- इब्राहीम ने अहमदशाह से कहा।
पाठ से आगे :
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प्रश्न 01 : इस पाठ में इस्लाम धर्म का उल्लेख है | आप , सभी धर्मों के उन पहलुओं को आपस में चर्चा कर लिखिए जो सभी में समान रूप से पाए जाते है |
उत्तर :-सभी धर्मो के बारे में पढ़कर और विद्वानों से चर्चा के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि दुनिया के सभी धर्म हमे शांति का पाठ ही पढ़ाते है न कि नफरत और दुश्मनी का आज के इस परिवेश में हमें धर्म और सम्प्रदायों से ऊपर उढ़कर अपने मानवीय रिश्तो व गुणों को मजबूत करने की आवश्यकता है। सभी धर्म हमें मोहब्बत का पैगाम देते है। हमें सभी धर्मों का एक समान रूप से सम्मान करना चाहिए। हमें हमेशा अतीत के पन्नों में झांकने की अपेक्षा वर्तमान की परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए। यदि हमें जीवन में अमन और चैन चाहिए तो अपने चारो और शांति स्थापित करना होगा और आपस में भाई चारा को अपना कर आगे बढ़ना होगा। गरीबों व असहाय लोगो की मदद करना ही एक सच्चा धर्म माना जाता है। दुनिया के सभी धर्म हमें यही शिक्षा देते है।
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प्रश्न 02 : मराठो के सेनापति इब्राहिम के जीवन के वे कौन – कौन से पहलू है जो उन्हें धर्म की सभी सीमाओं से ऊपर उठाकर एक नेक इंसान के रूप में प्रतिष्ठित करते है? चर्चा कर लिखिए |
उत्तर :-मराठो के सेनापति इब्राहीम के जीवन के वे निम्न पहलू है ,जो उन्हें धर्म की सभी सीमाओं से ऊपर उठकर एक नेक इंसान के रूप में प्रतिष्ठित करते है। जैसे धर्म की कट्टरता से दूर ,कर्तव्यनिष्ठ सच्चा मुसलमान महान सेनापति ,महान देशभक्त वीरतापूर्ण व्यक्ति ,दृढ निश्चयी आदि ।
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प्रश्न 03 : धर्म /मजहब /पंथ का वास्तविक स्वरूप कभी भी हमारी राष्ट्रीयता में बाधक नहीं है इस विषय पर आपस में विचार कर इसके पक्ष और विपक्ष में तर्कों को लिखिए |
उत्तर :-यह कथन सर्वथा सत्य है कि धर्म ,,मजहब या पंथ किसी भी व्यक्ति की राष्ट्रीय प्रेम में बाधक नहीं हो सकता है क्योंकि प्रत्येक राष्ट्र की आत्मा उसके नागरिकों में वास करती है उसी प्रकार राष्ट्र का प्रत्येक नागरिक अपने राष्ट्र के लिए सर्वोत्तम बलिदान करने को सदैव तैयार रहता है। चाहे वह किसी भी धर्म ,मजहब या पंथ का हो क्योंकि यदि राष्ट्र ही नहीं सुरक्षित रहेगा तो न धर्म की सुरक्षा संभव है न ही मानवता की सुरक्षा हो सकती है। इसलिए प्रत्येक राष्ट्र के प्रत्येक नागरिको की यह नैतिक सामाजिक जिम्मेदारी होती है कि राष्ट्र हित के सन्दर्भ में कभी भी अपने धर्म को आड़े न आने दे। इसी में राष्ट्र का और हम सभी का हित निहित है।
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प्रश्न 04 : इस पाठ में इस्लाम धर्म के दो नजरिये आपको पढ़ने और समझने को मिलते है, वे क्या है? दोनों में से कौन सा नजरिया महत्वपूर्ण जान पड़ता है और क्यों? मित्रों से चर्चा कर लिखिए |
उत्तर : इस पाठ में हमें इस्लाम धर्म के दो पहलु देखने को मिलते है। जिसमे प्रथम एक ऐसे मुसलमान का है ,जो अपने राष्ट्र के प्रसार के लिए दूसरे राष्ट्र पर आक्रमण करता है और दूसरा इब्राहीम गार्दी का जो मुसलमान होते हुए भी आक्रान्ताओ से मुकाबला करता है और अपने राष्ट्र की रक्षा करने का प्रयत्न करता है और सभी प्रलोभनों को इंकार करते हुए अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम और ईमनदारी का प्रमाण देता है जिसकी कीमत उसे अपने प्राण देखर चुकानी पड़ती है।
इसलिए हम कह सकते है कि इब्राहिम गार्दी का नजरिया ही श्रेष्ठ है क्योंकि किसी भी अवस्था में राष्ट्र हित से ऊपर कोई भी प्रभोलन ,पद या अधिकार महत्व नहीं रखता है।
भाषा से :
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प्रश्न 01 : पाठ से लिए गए निम्नलिखित समानार्थी शब्दों के परस्पर जोड़े बनाइए –
| विदेशी या गोरा | पेश | फौजी | पड़ाव | नफ़रत |
| हाज़िर करना | पलटन | छावनी | घृणा | कमज़ोर |
| शरीर | मूर्ति | फिरंगी | क्षीण | हत्या |
| बुत | आज्ञा | जश्न | अरमान | कत्ल |
| आदेश | तन | इच्छा | उत्सव |
उत्तर :-
| (i)विदेशी या गोरा | फिरंगी |
| (ii) हाजिर करना | पेश करना |
| (iii)शरीर | तन |
| (iv) बुत | मूर्ति |
| (v) आदेश | आज्ञा |
| (vi) फौजी | पलटन |
| (vi) छावनी | पड़ाव |
| (vii) जश्न | उत्सव |
| (viii) इच्छा | अरमान |
| (x) घृणा | नफरत |
| (xi) क्षीण | कमजोर |
| (xii) हत्या | कत्ल |
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प्रश्न 02 : पाठ में बहुत से विदेशी शब्दों के प्रयोग हुए हैं। इनका हिंदी में समान अर्थ देने वाले शब्दों को लिखिए-तौबा, मुल्क, फ़तह, यकीन, ज़बान, शागिर्दी, शर्म, वक्त, अरमान, बुतपरस्त, बदज़बान, वहशी, ज़ालिम।
उत्तर :-
| विदेशज शब्द | हिंदी शब्द |
| तौबा | माफ़ |
| मुल्क | देश |
| फतह | विजय |
| यकीन | विश्वास |
| जबान | जीभ ,भाषा |
| शागिर्दी | शिष्यत्व ,चेला |
| शर्म | लज्जा |
| वक्त | समय |
| अरमान | इच्छा |
| बुतपरस्त | मूर्तिपूजा |
| बदजबान | मुंहफट ,कटुभाषी |
| वहशी | हिंसक ,परिंदा |
| जालिम | क्रूर या अत्याचारी |
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प्रश्न 03 : एक विचार को पूर्ण रूप से प्रकट करने वाला सार्थक शब्द-समूह वाक्य कहलाता है। इसके तीन पद हैं। उद्देश्य, विधेय और क्रिया। जैसे – अहमदशाह के सामने इब्राहीम गार्दी लाया गया। पूर्व के पाठों में भी वाक्य के बारे में चर्चा हुई है, जहाँ वाक्यों की संरचना के आधार पर वाक्यों के भेद बताए गए हैं –
सरल वाक्य – जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य (कर्ता) और एक ही सहायक क्रिया हो, वह साधारण वाक्य है जैसे -इब्राहीम गार्दी मराठों का सेनापति था।
मिश्र वाक्य किसी विषय पर पूर्ण विचार प्रकट करने के लिए कई साधारण वाक्यों को मिलाकर एक वाक्य की रचना करनी पड़ती है। इन वाक्यों में एक मुख्य या प्रधान उपवाक्य और एक अथवा अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं, जो मुख्य उपवाक्य की पुष्टि, समर्थन, स्पष्टता या विस्तार के लिए आते हैं। जैसे ‘तब आप जानते ही नहीं हैं, कि मुसलमान कहते किसको हैं। जो अपने मुल्क के साथ गद्दारी करे जो अपने मुल्क को बर्बाद करने वाले परदेशियों का साथ दे, वह मुसलमान नहीं।‘संयुक्त वाक्य में दो से अधिक साधारण वाक्य ‘पर, किन्तु, और, या’ इत्यादि से जुड़े होते हैं। जैसे-अहमदशाह के चेहरे पर व्यंग्य भरी मुस्कुराहट आई और आँखों में क्रूरता। पाठ में आए इसी तरह के सरल, मिश्र व संयुक्त वाक्यों की पहचान कीजिए।
उत्तर :– सरल वाक्य –
(i) अहमदशाह उसके तड़पने पर प्रसन्न था।
(ii) दूत नहीं माना।
(iii) शुजाउद्दौला का प्रतिवाद क्षीण पड़ गया।
संयुक्त वाक्य –
(i)इब्राहिम के पकड़े जाने और शुजाउद्दौला के टीले में होने का समाचार उसको मिल चुका था।
(ii)अमृमदशाह के चेहरे पर व्यंग भरी मुस्कुराहट आई और आँखों में क्रूरता।
मिश्र वाक्य –
(i) मुझको मालूम हुआ कि तुम फिरंगियों के कायल रहे हो।
(ii)अब समझ में आ गया कि तुम बुतपरस्त हो।
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प्रश्न 04 : पाठ में हम देखते हैं कि अब्दाली और इब्राहीम के बीच के बातचीत में काफ़ी सवाल हैं –
- तुमने निज़ाम की नौकरी क्यों छोड़ दी ?
- जानते हो इस वक्त तुम किसके सामने हो और किससे बात कर रहे हो ?
- तुमने फ़िरंगी ज़बान भी पढ़ी है ?
- क्या खुदा राम नहीं है और क्या राम और रहीम अलग-अलग हैं ?
उपर्युक्त वाक्यों को पढ़ने से स्पष्ट होता है कि प्रश्न वाचक वाक्य हम कैसे बनाते हैं। (जिस वाक्य में कोई प्रश्न पूछा गया हो अथवा प्रश्न पूछने का भाव हो तथा अंत में प्रश्न वाचक चिह्न (?) का प्रयोग हो।) इन वाक्यों में क्या, कब, क्यों कहाँ, कब आदि शब्दों का प्रयोग होता है। पाठ से प्रश्न वाचक वाक्यों को खोज कर लिखिए साथ ही कुछ साधारण वाक्यों का चुनाव कर प्रश्नवाचक वाक्यों का निर्माण कीजिए।
उत्तर :-
(i) पहले तुम फ्रांसीसियों के नौकर थे?
(ii) तुमने निजाम की नौकरी क्यों छोड़ दी ?
(iii) मुसलमान होकर फिरंगी जबान पढ़ी ?
(iv) बोला क्या कुफ्र बकता है ?
(v) इस समय कौन आया है ?
(vi) अवध का नवाब कौन था ?
(vii) मुसलमान किसको कहते है?
(viii) मराठो की नौकरी किसने को?
(x) सभी धर्म हमें क्या सीख देते है?
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प्रश्न 05 : ‘धर्म की कट्टरता हानिकारक है’- इस विषय पर बीस वाक्यों का एक निबंध लिखिए।
उत्तर :-
(1)किसी धर्म की कट्टरता मनुष्य के विचार और व्यवहार को संकीर्ण कर देती है।
(2) धर्म की कट्टरता के कारण मनुष्य प्रगतिशील विचारों से सामंजस्य नहीं बैठ पाता है।
(3)धर्म की कट्टरता से हमारी सामाजिक शांति भंग होने की संभावनाएं बलवती होती है।
(4)धर्म की कट्टरता से राष्ट्रीय एकता को सर्वदा खतरा बना रहता है।
(5)इस ज्वलंटा समस्या का सबसे ज्यादा असर हमारी युवा पीढ़ी और स्त्रियों पर पड़ता है।
(6) समस्त संसार में धार्मिक कट्टरता से प्रेरित कई हिंसक घटनाएं होती जा रही है।
(7)इसका सबसे ताजा उदाहरण है तौहीन -ए -रिसालत कानून की खिलाफत करने वाले पंजाब के गर्वनर सलमान तासीर की हत्या।
(8)इसमें कोई दो मत नहीं है कि तासीर का हत्यारा धार्मिक व्यक्ति नहीं था।
(9)वह तो एक कट्टर व्यक्ति था।
(10)राजस्थान में भी धर्म के नाम पर एक व्यक्ति जो कि पेशे से दर्जी या उसकी गर्दन काट दी गयी।
(11)पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान जैसे देश इस कट्टरता से बुरी तरह प्रभावित है।
(12)यह समस्या हमेशा ही मानवता को नुकसान पहुँचाती है।
(13)हमारे कुछ अनपढ़ भी इस कट्टरता का पोषण करते रहते है।
(14)कुछ देश को छोड़कर बाकी सभी देश अपनी प्रगति में लगे है।
(15)परन्तु कट्टर पंथी राष्ट्र कभी आगे ही नहीं बढ़ पाता है।
(16)यह समस्या हमारे समाज के लिए कैंसर के रूप में उभर रही है।
(17)हम सब इस समस्या से कभी न कभी बुरी तरह प्रभावित होते है।
(18)धार्मिक कट्टरता हर हाल में हमे गर्त की ओर ले जा रही है।
(19)इस कट्टरता के जीते -जागते उदाहरण परवेज मुशर्रफ थे जिन्होंने कश्मीर तथा कारगिल क्षेत्र को अपना निशाना बनाया।
(20)मेरा मानना है कि किसी संप्रदाय या विचार को आँख बंद करके मान लेना और उसके लिए उत्साह से काम में लग जाना ही कट्टरता को जन्म देता है।
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प्रश्न 06 : इस पाठ में लगे उद्धरण चिह्नों-वाले (‘‘ ’’) चार वाक्यों को लिखिए। यह भी लिखिए कि उक्त चिन्ह कब और कहाँ लगाए जाते हैं?
उत्तर :- उदाहरण चिन्ह -(“ “)जब किसी व्यक्ति की बात की तो ज्यो की त्यों कहा जाता है, तो उद्धरण चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।
(i)”तुमने फिरंगी जबान भी पढ़ी है।”
(ii)”तुम मराठो की दस हजार पलटनों के जनरल थे।”
(iii)”तुमने निजाम की नौकरी क्यों छोड़ दी ?“
(iv)”पहले तुम फ्रांसीसियों के नौकर थे। “
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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.