CG Board Class 8 Sahayak Vachan Solutions Chapter 10 भारत में महात्मा गांधी और स्वातंत्रय आंदोलन – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 8 Sahayak Vachan Solutions Chapter 10 भारत में महात्मा गांधी और स्वातंत्रय आंदोलन is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 सहायक वचन पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।

CG Board Class 8 Sahayak Vachan Solutions Chapter 10 भारत में महात्मा गांधी और स्वातंत्रय आंदोलन

CGBSE समाधान कक्षा 8 सहायक वचन अध्याय 10 – भारत में महात्मा गांधी और स्वातंत्रय आंदोलन हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

CG Board Class 8 Sahayak Vachan Solutions Chapter 10 सहायक वचन are given below for Hindi Medium students.


Page No.68,Chapter :-10(दसवीं झलक),Chapter Name-भारत में महात्मा गाँधी और स्वातंत्र्य 

अभ्यास

प्रश्न 1 – गोखले जी ने गाँधी जी को देश भ्रमण की सलाह क्यों दी ?

उत्तर :- गोखले जी ने गांधी जी को देश भ्रमण को सलाह इसलिए दिया कि वह पूरे देश में भ्रमण करके देश के लोगो की स्थिति परिस्थिति ,दशा ,दुर्दशा और कठिनाइयों का अध्ययन करें और उसके समाधान का मार्ग प्रशस्त करें। 

प्रश्न 2 – सत्याग्रह आश्रमवासियों को किन नियमों का पालन करना पड़ता था ?

उत्तर :- सत्याग्रह आश्रम वासियों को सत्य ,अहिंसा ,अस्तेय ,ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह सहित स्वदेशी व्रत का जीवन अपनाना ही आश्रम का नियम था। 

प्रश्न 3 – सत्याग्रह आश्रम में हरिजन परिवार के आ जाने पर गाँधी जी के सामने कौन सी समस्याएं आई ?

उत्तर :- आश्रम  में हरिजन परिवार के आने से सर्वप्रथम गाँधी जी को अपने ही घर में विरोध का सामना करना  पड़ा उनकी  पत्नी कस्तूरबा गाँधी जी ने विरोध किया जिस पर गाँधी कहा कि हरिजन परिवार तो यही रहेगा तुम्हे जाना हो तो चली जावो। हरिजन परिवार के आने से आश्रम में सहायता और दान देने वाले लोग भड़क गए और उन्होंने ने सहायता करना बंद कर दिया। आश्रम की अर्थ व्यवस्था ख़राब हो गयी थी। 

प्रश्न 4 – महात्मा गाँधी का वाराणसी (बनारस )विश्व विद्यालय में दिया गया भाषण क्रांति कारी में क्यों कहा गया ?

उत्तर :- भारतीय इतिहास में महात्मा गाँधी द्वारा 4 फ़रवरी सन 1916 को दिया गया भाषण मील का पत्थर साबित हुआ। क्योंकि इसने भारतीय राजनीति की दिशा ही बदल दी। गांधी जी ने इसमें भारत के धनी और संभ्रांत लोगो को इस बात का अनुभव कराया कि समाज में गरीब और असहाय लोगों के प्रति उसका क्या दायित्व होता है। इस सभा में उन्होंने अंग्रेजो के भेदभाव व अत्याचार की तीखी आलोचना किया। महात्मा गांधी के भाषण ने उस समय के वर्तमान भारत का चित्रण किया और राजा महाराजाओं के विलासिता पर सीधा प्रहार किया। उनके भाषाण में ब्रिटिश अफसरों की मौजूदगी में जिस प्रकार उनकी आलोचना किया उससे वे तिलमिला गए और उन्हें तुरंत काशी छोड़ने का आदेश दिया गया। 

प्रश्न 5 गाँधी जी ने असहयोग आंदोलन क्यों चलाया?उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौन -कौन  सा तरीके अपनाए गए ? 

उत्तर :- महात्मा गांधी ने 1 अगस्त सन 1920 में अंग्रेज सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन की घोषणा कर दिया और अंग्रेज सरकार को “कैसरे हिंदी पदक “लौटते हुए लिखा कि ब्रिटिश सरकार लगातार अन्याय कर रही है। और अन्याय कर्ता अधिकारियों को सजा देने के स्थान पर उनकी पीठ थपथपा रही है। ऐसी स्थिति में मेरा ब्रिटिश सरकार के न्याय में विश्वास नहीं रहा। इसलिए मै इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ की मुझे ब्रिटिश सरकार का सहयोग नहीं करना चाहिए। और मै ऐसा ही असहयोग पूरे देशवासियों से ब्रिटिश सरकार के लिए चाहता हूँ। 

असहयोग आंदोलन को सफल बनाने हेतु गांधी जी के नेतृत्व में लोगों में विदेशी वस्तुओं ,अंग्रेजी स्कूल ,ब्रिटिश न्यायालय ,नशीली वस्तुओं ,सरकारी नौकरी आदि का पूर्णतह त्याग किया। अर्थात अंग्रेज सरकार से सभी तरह के सम्बन्धो का विच्छेद कर लिया। असहयोग आंदोलन का यही उद्देश्य था।  

प्रश्न 6 – बारडोली सत्याग्रह क्या था ?इसका क्या परिणाम निकला ?

उत्तर :- बारडोली में सरकार किसानों के कर में 22 % की बढ़ोत्तरी करना चाहती थी। किसानो के मना करने पर भी इसे लागू कर दिया गया। तब सरदार वल्लभ भाई पटेल ने गांधी जी की आज्ञा से बारडोली सत्याग्रह का आरम्भ किया। अंग्रेजो ने तरह तरह से वहां के किसानो को पताड़ित तथा उन पर अत्याचार किये यह आंदोलन लगभग तीन माह चला। इस आंदोलन की विशेषता वापस लेनी पड़ी और किसानो तथा सत्यग्रहियो की विजय हुई। 

प्रश्न 7 -नमक कर तोड़ने के लिए गाँधी जी ने क्या किया ?

उत्तर –नमक कर तोड़ने के लिए गाँधी जी ने एक यात्रा की शुरुआत किया जो कि समुद्र के किनारे दांडी नामक स्थान की ओर जाना था जिसे दांडी यात्रा के नाम से जाना जाता है। गांधी जी की दांडी यात्रा पूर्ण हुयी और 6 अगस्त 1930 को गाँधी जी ने समुद्र के किनारे से नमक को उठाकर कानून को भंग किया गया। इसकी खबर जब फैली तो देश भर में इसी प्रकार से नमक कानून को भंग किया गया। धरासणा नमक भंडार पर धरने की तैयारी की गयी तो गांधी जी को वहां नहीं जाने दिया गया और उन्हें इसके पूर्व ही गिरफ्तार कर  यरवदा जेल में रखा गया। सत्याग्रह और तेज हो गया जिसके परिणाम स्वरूप ब्रिटिश सरकार का कामकाज प्रभावित होने लगा तब ब्रिटिश सरकार झुक गई और उसे कानून वापस लेना पड़ा तथा सभी गिरफ्तार सत्यग्रहियो को मुक्त करना पड़ा। 

प्रश्न 8 – गाँधी जी बुनियादी शिक्षा के पक्षपाती क्यों थे ?

उत्तर :- गांधी जी बुनियादी शिक्षा को महत्व देते थे क्योंकि किसी भी विद्यार्थी के लिए नितांत आवश्यक थी। इसी के आधार पर वह अपनी रूचि के आधार आगे बढ़ सकता था। बुनियादी शिक्षा में बालक को उसकी रूचि के आधार पर शिक्षा का चुनाव करने की स्वतला होती है। विद्यार्थी को अपने मूल भाषा या राष्ट्र भाषा का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। धार्मिक शिक्षा भी आवश्यक होती है इसका भी ज्ञान होना चाहिए। शिक्षा सदैव रोजगार परढा और उद्योग पर आधारित हो जिससे की छात्र भविष्य में आत्मनिर्भर बन सके। 

प्रश्न 9 – गाँधी  जी की आदर्श ग्राम की कल्पना क्या थी ?

उत्तर :- गांधी जी ने ऐसे आदर्श गांव की कल्पना की थी जिसमें सभी लोग स्वयं पैदा किये गए अनाज और कपास से वस्त्र और भोजन की व्यवस्था करें। गांव में स्वास्थ्य ,खेल ,मनोरंजन की समुचित व्यवस्था हो। गांव का प्रत्येक व्यक्ति किसी भी व्यसन (गन्दी आदत )का शिकार न हो। गांव का हर कार्य सहकारिता के सिद्धांत पर आधारित हो। अर्थात गांव के विकास ,निर्माण आदि में स्वम् गांव के प्रत्येक व्यक्ति की हिस्सेदारी होना सुनिश्चित हो। आदर्श ग्राम में अराजकता न हो। अर्थात सादा जीवन उच्च  विचार का सिद्धांत प्रत्येक ग्राम वासियों का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। 

प्रश्न 10 – किन परिस्थितियों के कारण गाँधी जी को भारत छोड़ो आंदोलन  प्रारम्भ करना पड़ा ?उसका क्या परिणाम हुआ ?

उत्तर :- उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही तेजी के साथ घटना क्रम बदल रहे थे। ब्रिटिश सरकार पर हर तरफ से भारत को स्वतंत्रा देने का दबाव पड़ रहा था। किन्तु भारत पराधीन होने के कारण अपनी बात और इच्छाएं विश्व पटल पर नहीं रख पा रहा था तब गांधी जी ने 7 -8 अगस्त 1942  में कांग्रेस अधिवेशन में स्वाधीनता प्राप्ति के लिए सत्याग्रह आंदोलन करने का प्रस्ताव दिया और कहा कि  करने या मरने का समय आ गया है। हमें अंग्रेजो को भारत छोड़ने के लिए कहने का यही उचित समय है। और यही एकमात्र विकल्प बचा हुआ है। 

गांधी जी को 9 अगस्त 1942 को गिरफ्तार कर किया गया इसके पूर्व वह वायसराय से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करना चाहते थे जो कि उनकी गिरफ्तार से संभव न हो सकी। उन्हें यरवदा जेल में रखा गया उसके बाद उन्हें आगा खाँ महक  में रखा गया। इधर अनेक नेताओं की गिरफ्तारी हो रही थी और कहीं आंदोलन हिंसात्मक हो चुका था। इसके लिए गांधी जी ने अंग्रेज सरकार को ही जिम्मेदार माना। इसी बीच गाँधी जी के सहयोगी महादेव आयी और उनकी पत्नी कस्तूरबा की मृत्यु हो गयी। गाँधी जी ने हिंसा का विरोध करने के लिए उपवास रखा उनकी तबियत ख़राब होने पर सरकार को उन्हें 6 मई 1944 को रिहा करना पड़ा। 

प्रश्न 11 – गाँधी जी ने भ्रमण करते हुए क्या क्या अनुभव किए ?

उत्तर :- गाँधी जी ने देश का भ्रमण करते हुए अनुभव किया कि देश में अशिक्षा ,गरीबी ,गंदगी ,जाती पति के रोगो से जकड़ा हुआ है। उन्होंने अनुभव किया कि देश में निम्न जाति के लोग जैसे हरिजन आदि समुदाय के लोगों का जीवन बहुत ही नरकीय है। उन्हें मूलभूत  मौलिक अधिकार जैसे खाने और जीने का भी अधिकार नहीं है। समाज में शिक्षा स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। भारतीय उस समय पशुतुल्य जीवन यापन करने को मजबूर थे। समाज में स्त्रियों की दशा बहुत ही दयनीय था । उन्हें किसी प्रकार का कोई अधिकार नहीं था। 

प्रश्न 12 -संक्षिप्त टिप्पणी लिखो –

साबरमती आश्रम ,जलियाँवाला बाग का हत्याकांड ,गोलमेज परिषद ,क्रिप्स मिशन ,रोलेट एक्ट। 

उत्तर :- साबरमती आश्रम- 15 जून 1915 में गांधी जी ने साबरमती नदी के तट पर एक आश्रम की स्थापना किया जिसे उन्होंने सत्याग्रह आश्रम का नाम दिया जो बाद में साबरमती आश्रम के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस आश्रम में गांधी जी मनुष्य को आत्मनिर्भर ,स्वस्थ ,शिक्षित तथा जाति -पाति के भेदभाव से दूर रहने की शिक्षा देते थे। यह आश्रम विदेश के सभी नागरिक के लिए सदैव खुला रहता था। 

जलियाँवाला बाग का हत्याकांड- गाँधी जी ने रोलेट एक्ट का विरोध करने के लिए विरोह हड़ताल के रूप में आंदोलन किया। फल स्वरूप देश भर में हड़ताल शुरू हो गयी। उसी के समर्थन में अमृतसर के जलियावाला  बाग में हड़ताल सभा का आयोजन रखा गया। पंजाब सरकार ने जनरल ओ डामर को वहां की स्थित संभालने की जिम्मेदारी दी।.जनरल डामर ने सभा करने से मना किया परन्तु आंदोलनकारी नहीं माने वह शांतिपूर्वक अहिंसक आंदोलन सभा कर रहे थे। उसी समय जिसमे जनरल ओ डामर ने सैनिको को गोली चलाने का आदेश दिया जिसमें सरकारी आकड़े के हिसाब से उन लोग मरे गए और 1137 लोग घायल हुए।  

गोलमेज परिषद्- नमक आंदोलनों के कारण ही अंग्रेजो को यह मालूम हो चूका था कि  अब उनका राज बहुत दिन नहीं टिक सकेगा और उन लोगो को भारत की सत्ता भारतीयों को ही सौपनी पड़ेगी। अंग्रेजो ने तीन गोलमेज सम्मेलन का आयोजन (1930 -32 )के बीच किया। ये सम्मेलन मई 1930 में साइमन आयोग द्वारा प्रस्तुत की गयी रिपोर्ट के आधार पर संचालित किये गए। 

क्रिप्स मिसन-क्रिप्स मिशन 22 मार्च 1942 में अंग्रेज सरकार के माध्यम से भारत भेजा गया था। जिसका एकमात्र उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के समय अपने लिए भारत का पूर्ण रूप से सहयोग प्राप्त करना था। इसमें अध्यक्ष के रूप में सर स्टैफोर्ड क्रिप्स मनोनित थे।

रोलेट एक्ट –रोलेट एक्ट को काले कानून के रूप में भी जाना जाता है इस कानून के अंतर्गत अंग्रेजों ने बिना किसी कारण के किसी को भी गिरफ्तार करने की शक्ति प्रदान कर दी थी। इस एक्ट का एक मात्र उद्देश्य देश में बढ़ते राष्ट्रवादी उभार को रोकना था 

प्रश्न 13 –  रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

(क) स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और उसे मै प्राप्त करके ही रहूँगा यह कथन _____का था। 

उत्तर :- लोकमान्य तिलक 

(ख)शांति निकेतन की स्थापना ____ ने की थी।

उत्तर :- गांधी जी ने 

(ग) महात्मा गाँधी के निजी सचिव श्री _____ थे। 

उत्तर :- महादेव भाई 

(घ) भारत छोड़ो आंदोलन सन ________में प्रारम्भ हुआ था। 

उत्तर :- अगस्त 1942 

(ड़) जब देश स्वतंत्रता का उत्सव मना रहा था तब _____ हिन्दुओ और मुस्लमान को प्रेम का सन्देश देते घूम रहे थे। 

उत्तर :- गांधी जी


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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.

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