CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 13 खाद्य उत्पादन एवं प्रबंधन is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 विज्ञान पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 13 खाद्य उत्पादन एवं प्रबंधन
CGBSE समाधान कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 13 – खाद्य उत्पादन एवं प्रबंधन हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 13 विज्ञान are given below for Hindi Medium students.
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इनके उत्तर दीजिए
1. क्या किसी स्थान पर उगी गाजरघास या बेशरम आदि अनुपयोगी पौधों को फसल कहेंगे ? कारण सहित समझाइये |
उत्तर: किसी निश्चित उद्देश्यों के लिए किसी स्थान पर उगाए गए उपयोगी पौधे को फसल कहते है, गाजरघास या बेशरम आदि अनुपयोगी पौधे है, ये स्वतः ही उग जाते है।
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2. ऋतुओं के आधार पर फसलों के प्रकार लिखिए।
उत्तर: ऋतुओं के आधार पर फसलों को तीन प्रकार में बाँटा गया है :-
खरीफ फसल – इन फसलों के लिए अधिक मात्रा में जल तथा ताप (गर्मी) की आवश्यकता होती है। इन फसलों को बोने का समय जून -जुलाई तथा कटाई का समय अक्टूबर – नवंबर होता है, इन्हे वर्षा ऋतु में उगाया जाता है, हमारे प्रदेश की मुख्य खरीफ फसले:- मक्का, मूंग, धान, उड़द, ज्वार, बाजरा, कपास तथा गन्ना है।
रबी फसल – इन फसलों को शीत ऋतु में उगाया जाता है, इन फसलों को कम तापमान तथा नमी की आवश्यकता होती है। इनको अक्टूबर-नवंबर में बोया जाता है तथा मार्च-अप्रैल में काट दिया जाता है। हमारे प्रदेश की मुख्य रबी फसल:- गेहूं, चना, तिवरा, सरसों, मसूर, अरहर,अलसी, कुसुम आदि है ।
जायद फसल – इन फसलो की पैदावार शुष्क जलवायु मे अच्छे से होता है। इनके बोने का समय दिसंबर- फरवरी तथा कटाई का समय मार्च-मई महिने में किया जाता है, उदहारण :- खरबूज ,तरबूज, ककड़ी मूँगफली, सूरजमूक अदि
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3. जुताई से लाभ है ?
उत्तर- जुताई के लाभ निम्नलिखित है:-
1) जुताई से मिट्टी भुरभरी हो जाती है ,जिससे उसकी वायु संचार एवं जल धारण क्षमता में वृद्धि होती है।
2) रोग उत्पन्न करने वाले कीड़े इल्लियां, अंडे इत्यादि दबकर नष्ट हो जाते है।
3) खाद व उर्वरक समान रूप से फ़ैल जाते है।
4) भूमि का उपजाऊपन बढ़ता है।
5) मिट्टी की घास-फूस तथा काटी गई फसलों के अवशेष मिट्टी में मिल कर खाद का निर्माण करते है।
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4. जुताई के पारम्परिक और आधुनिक उपकरण कौन -कौन से है ?
उत्तर- जुताई के पारम्परिक उपकरण – हल, मिट्टी पलट हल।
जुताई के आधुनिक उपकरण – कल्टीवेटर, हैता।
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इनके उत्तर दीजिए
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1. बीजोपचार किसे कहते है , यह क्यों आवश्यक है ?
उत्तर: बोवाई से पूर्व बीजो को रोगाणुओं से मुक्त करने एवं बीजों में शीघ्र अंकुरण के लिए तैयार की जाने वाली गतिविधियों को बीजोपचार कहते है।
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2. बीजो को उचित गहराई में बोना क्यों आवश्यक है ?
उत्तर: बीजों का उपचार अच्छी तरह से व अधिक मात्रा में हो इसलिए बीजों को उचित गहराई में बोना आवश्यक है।
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3. कम्पोस्ट किस तरह तैयार की जाती है ?
उत्तर: कम्पोस्ट खाद तैयार करने के लिए 1 मी. लम्बा x 1 मी. चौड़ा x 1 मी. गहरा गड्ढ़ा बनाकर उसमें पेड़-पौधे की टहनियाँ, कागज के टुकड़े, पशुओं के गोबर, फलो के छिलके जैसे पदार्थो से गड्ढ़े को भर देते है,जो कुछ दिनों बाद काले भुरभुरे पदार्थ में परिवर्तित हो जाते है। इसे ही कम्पोस्ट खाद कहते है।
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4. केंचुए को कृषि मित्र क्यों माना जाता है ?
उत्तर: केंचुए मिट्टी में उपस्थित सड़े अपशिष्टों को खाते है तथा मल के द्वारा इन्हे जैविक खाद के रूप में निकालते है इन्हे वर्मी कम्पोस्टिंग कहते है ,जिसमे N2 , P, K इत्यादि पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होता है। इस प्रकार केंचुए गंदगी का निवारण कर पर्यावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ जैविक खाद भी उपलब्ध कराता है, इसलिए केंचुए को कृषि मित्र माना जाता है।
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5. उर्वरक किसे कहते है ?
उत्तर- भूमि में कुछ विशेष प्रकार के पोषक तत्वों जैसे:-
(P) फास्फोरस, (N2 ) नाइट्रोजन तथा (K) पोटेशियम की पूर्ति के लिए किसान जिन रासायनिक पदार्थो का उपयोग करते है उन्हें उर्वरक कहते है।
जैसे:- नाइट्रोजन उर्वरक, फॉस्फेटी उर्वरक, पोटेंशियमी उर्वरक इत्यादि।
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6. फसल के लिए सिंचाई क्यों आवश्यक है ?
उत्तर: फसलों के लिए निश्चित अंतराल में जल की आपूर्ति की आवश्यकता होती है, इसलिए पौधे ( फसल ) को कृत्रिम रूप से पानी की आपूर्ति आवश्यक है ,फसलों को सही समय पर उचित मात्रा में जल मिलने से उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है ,जिसके कारण उत्पादन प्रभावित होता है अतः फसल के लिए सिंचाई आवश्यक है।
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7. आधुनिक सिंचाई पद्धतियां कौन-कौन सी है ?
उत्तर- आधुनिक सिंचाई पद्धतियाँ है :-
- ड्रिप अथवा टपक सिंचाई
- स्प्रिंकलर अथवा बौछारी फौव्वारा सिंचाई।
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8. क्या एक ही खेत में धान तथा परवल की खेती की जा सकती है ? कारण सहित लिखे |
उत्तर: धान के फसल को अत्यधिक मात्रा में जल की आवश्यकता होती है, जबकि परवल की फसल को कम पानी की आवश्यकता होती है। अत्यधिक मात्रा में खेतों में पानी होने पर परवल की फसल सड़ जाएगी। इसलिए एक ही खेत में धान तथा परवल की खेती नहीं की जा सकती है।
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इनके उत्तर दीजिए
1. गर्मियों में फल तथा सब्जियां जल्दी सड़ने लग जाती है और ठण्ड में अधिक समय तक ताजी रहती है | क्यों ?
उत्तर- गर्मियों में फल तथा सब्जियां जल्दी सड़ने लग जाती है, क्योंकि गर्मी सूक्ष्म जीवो की जैविक क्रियाओ को तेजी कर देती है। लेकिन ठंड में अधिक समय तक ताजी रहती है, क्योंकि ठण्ड सूक्ष्म जीवों की जैविक क्रियाओं को मंद कर उत्पाद को सड़ने से बचाता है।
Page No 142 Chapter – 13
2. खरपतवार किसे कहते है ? खरपतवार नियंत्रण क्यों आवश्यक है ?
उत्तर- खेतों में फसलों के साथ उग आए अनावश्यक पौधे को खरपतवार कहते है। खरपतवार फसल के साथ पोषक तत्वों, जल, स्थान तथा प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करते है, जिसमें पौधों की वृद्धि रुक जाती है ,फलस्वरूप पौधो की गुणवत्ता एवं उत्पादन में कमी आ जाती है। इसलिए खरपतवार नियंत्रण करना आवश्यक है।
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3. पीड़कों से फसल की सुरक्षा कैसे की जा सकती है ?
उत्तर- पीड़कों का विनाश कुछ परजीवों कवको तथा जीवाणुओं के द्वारा किया जाता है। साथ ही परभक्षी पक्षियों जैसे बतख तथा सारस का जैविक कीट नियंत्रण में बहुत महत्व है। ये फसलों के कीटो को खाकर उन्हें समाप्त करते है, इनके अलावा कुछ रसायनो का छिड़काव कर पीड़कों से फसल की सुरक्षा की जा सकती है।
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4. कंबाइन यंत्र के क्या कार्य है ?
उत्तर: कंबाइन यंत्र द्वारा कटाई एवं गहाई दोनों कार्य किये जाते है।
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5. फसल उत्पाद का भंडारण किस प्रकार किया जाता है ?
उत्तर- फसल उत्पादन का भण्डारण (बीज, अनाज, दाल इत्यादि ) गृह गोदाम बिन (धातु की बनी कोठी) अथवा साइको में भण्डारित किया जाता है।
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अभ्यास के प्रश्न
1 सही विकल्प चुनिए
1. ऊष्मायित्र यंत्र का उपयोग किया जाता है
(क) दुधारू पशु पालन में
(ख) मत्स्य पालन में
(ग) कुक्कुट पालन में
(घ) मधुमक्खी पालन में
उत्तर: (ग) कुक्कुट पालन में
2. संकरण तकनीक है
(क) फसलों को कीटनाशक से सुरक्षित रखना
(ख) कृत्रिम निषेचन द्वारा वांछित गुणों वाले बीज प्राप्त करना
(ग) सिंचाई की नवीनतम तकनीक
(घ) ज्यादा संख्या में अंडे प्राप्त करना
उत्तर: (ख) कृत्रिम निषेचन द्वारा वांछित गुणों वाले बीज प्राप्त करना
3. पशुओं के मलमूत्र तथा पेड़-पौधों के अपघटन से प्राप्त कार्बनिक पदार्थ कहलाते है |
(क) उर्वरक
(ख) खाद
(ग) हरी खाद
(घ) जैव उर्वरक
उत्तर: (घ) जैव उर्वरक
4. निम्नलिखित में से कौन सी विधि भूमि की उर्वरता बनाए रखने की विधि नहीं है |
(क) फसल चक्रण
(ख) मिश्रित फसल प्रणाली
(ग) निंदाई
(घ) भूमि को कुछ समय के लिए परती छोड़ देना
उत्तर: (घ) भूमि को कुछ समय के लिए परती छोड़ देना
5. निम्नलिखित में से किस मशीन का उपयोग फसल कटाई एवं गहाई दोनों कार्यो के लिए किया जाता है
(क) थ्रेसर
(ख) ट्रेक्टर
(ग) कम्बाइन
(घ) हैरो
उत्तर: (ग) कम्बाइन
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये।
1. कृत्रिम रूप से तैयार की जाने वाली खाद को ______ कहते है ।
उत्तर :-उर्वरक
2. भूमि को समतल बनाने का कार्य ______ यंत्र से किया जाता है।
उत्तर :- पतला या सुहाग
3. अनाज के दानों को भूसे से अलग करने की क्रिया को _____ कहते है।
उत्तर :- उड़ावनी (विनोविग)
4. दुधारू पशुओं के आहार को अधिक पौष्टिक बनाने के लिए उसमें _____ तथा _____ की खली मिलायी जाती है।
उत्तर :- सरसों, कपास
5. शहद प्राप्त करने के लिए _____ का पालन किया जाता है।
उत्तर :- मधुमक्खी
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3. निम्नलिखित कथन सही है या गलत पहचानकर सही कर लिखें
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1. रबी फसलों की तुलना में खरीफ फसलों को ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है | (सही)
2. पीड़कनाशी एवं खरपतवारनाशी मनुष्यों के लिए नुकसानदेय नहीं है | (गलत)
उत्तर: पीड़कनाशी एवं खरपतवारनाशी मनुष्यों के लिए नुकसान देय है।
3. केचुओं से फसलों को नुकसान होता है | (गलत)
उत्तर:- केचुओं से फसलों को लाभ होता है।
4. गेहूं हमारे प्रदेश की प्रमुख खरीफ फसल है | (गलत)
उत्तर: धान हमारे प्रदेश की प्रमुख खरीफ फसल है।
5. मशरूम में कार्बोहाइड्रेट एवं वसा की अधिकता होती है | (गलत)
उत्तर: मशरूम में प्रोटीन, विटामिन – बी कॉम्प्लेक्स विटामिन सी, खनिज लवण तथा रेशे प्रचुर मात्रा में होती है।
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4. निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
(1) दुग्ध उत्पादन – कृषि से प्राप्त पदार्थों में चावल के बाद दूध उत्पादन का दूसरा स्थान है, उच्च स्तर पर दुग्ध उत्पादन के लिए दुधारू पशुओं के पालन के लिए उनके उचित देखभाल, पोषण आहार में घास, सूखा चारा (पैरो, गेहूं का भूसा) व हरा चारा शामिल होता है । पशुओं के अच्छे स्वास्थ्य संरक्षण एवं प्रजनन को ध्यान में रखते हुए उनका समय-समय पर सफाई एवं चिकित्सकीय परीक्षण भी अनिवार्य है। संकरण से प्राप्त अधिक दूध देने वाली उन्नत गायों की नस्लें, फ्रेजियन-साहीवाल, होल्सस्टीन – फ्रेजियन तथा भैंस की नस्ल मुर्रा है।
(2) मत्स्य पालन – उच्च स्तर पर मछली पालन मत्स्य पालन कहलाता है मछली फार्म को नर्सरी कहा जाता है, जिसमे तालाबों में स्फुटन के पश्चात् छोटी मछलियां विकसित की जाती है, इन विकसित छोटी मछलियों को संवर्धन के लिए बड़े तालाबों में डाल दिया जाता है, जहां मछलियों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन तथा प्रकाश की व्यवस्था होती है तथा समय-समय पर मछलियों को इनसे बाहर निकाला जाता है।
(3) मधुमक्खी पालन – कृत्रिम रूप से मधुमक्खियों का पालन मधुमक्खी पालन कहलाता है,अधिक मात्रा में शहद प्राप्त करने के लिए मधुमक्खियों को विशेष बक्सों में पाला जाता है। इन बक्सों में मधु शहद एकत्र होने की सारी गतिविधियां सम्पन्न के बाद मशीनों या हाथों से शहद निकालते है तथा साफ़ वायुरोधी बोतलों में संग्रहित करते है।
(4) कुक्कुट पालन – अंडे एवं मांस प्राप्ति के लिए मुर्गी, बत्तख आदि पक्षियों को पालना कुक्कुट पालन कहलाता है। मुर्गियों को घरों तथा कुक्कुट फार्म दोनों जगहों में पाला जाता है।
(5) केंचुआ खाद – केंचुआ मिट्टी में उपस्थित सड़े-गले अपशिष्टो को खाते है और मल के द्वारा इन्हे जैविक खाद के रूप में निकालते है। जैव अपशिष्टों को शीध्रता से अपघटित करने के लिए आजकल केचुएं का उपयोग किया जाता है।
(6) मशरूम कल्चर- मशरूम एक कवक है जिसमें प्रोटीन, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन (C), खनिज लवण तथा रेशे प्रचुर मात्रा में उपस्थित होता है, इसलिए इन्हे विश्व में खाद्य पदार्थों की श्रेणी में विशेष स्थान प्राप्त है इसलिए इनकी खेती की जाती है जिसे मशरूम कल्चर कहते है ,इसमें गेहूं का भूसा, पैरा, कुट्टी या अन्य माध्यम में मशरूम के बीज (स्पॉन) मिलाकर बनाया जाता है। व्यावसायिक रूप में हमारे देश में मशरूम के दो मुख्य किस्मों की खेती की जाती है, सफेद मटर या ओएस्टर मशरूम तथा ढिंगरी मशरूम।
(7) उर्वरक – मृदा की उर्वरता कायम रखने के लिए उसमें बाहर से खाद (Manures) और रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं। मृदा में बाहर से मिलाए जाने वाले वे रासायनिक पदार्थ जो मृदा को उपजाऊ बनाने में सहायक होते हैं, ‘उर्वरक’ कहलाते हैं।
(8) शीत भंडार गृह – फलों, सब्जियों तथा आलू, प्याज, अदरक, लहसुन, शीघ्र गलने वाले तथा मांसल उत्पादों को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए शीत भंडार गृह या कोल्ड स्टोरेज में स्टोर किया जाता है।
5. निम्नलिखित कृषि यंत्रों के चित्र बनाइए
(1) पारंपरिक हल
(2) सरल बीज बेधक
(3) हैरो
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6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
1. कृषि विज्ञान से आप क्या समझते हैं?
उत्तर – मानव उपयोगी विभिन्न फसलों तथा जंतुओं के अधिक मात्रा में उत्पादन एवं प्रबंधन के तकनीकी ज्ञान को कृषि विज्ञान कहते है।
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2. आपको अपनी शाला की बागवानी में चने की फसल प्राप्त करनी है। इसके लिए आप कौन-कौन सी कृषि क्रियाएं करेंगे? उन क्रियाओं के नामों को क्रमशः लिखिए।
उत्तर – अपनी शाला में चने की फसल प्राप्त करने के लिए बागवानी की सर्वप्रथम जुताई करेंगे फिर पटला के द्वारा वहां की जमीन को समतल करते है तथा चने की उचित बीज का चयन कर बीज बेधक द्वारा बीज रोपित करेंगे कपोस्ट खाद डालकर; भूमि की उर्वरता शक्ति बढ़ाएंगे तत्पश्चात पानी की सिचाई डालेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर रासायनिक उर्वरक डालेंगे।
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3.बोवाई की छरहटा विधि एवं बीज बेधन विधि में से आप किसे अच्छा मानते है और क्यों ?
उत्तर – बीज बेधन विधि छरहटा विधि की अपेक्षा ज्यादा अच्छी है ,क्योंकि इसमें बीज एक निश्चित कतार में व गहराई में समान रूप से बोवाई होती है।
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4. सामान्य बीजों की तुलना में संकरित बीज क्यों उत्तम माने जाते हैं ?
उत्तर: संकरित बीज सामान्य बीजों की तुलना में उत्तम इसलिए माना जाता है ,क्योकि इनसे अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है।
Page No 147 Chapter- 13
5. रोपण विधि से बोई जाने वाली फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर – रोपण विधि से बोई जाने वाली फसले है :-
टमाटर, मिर्च, प्याज, भाटा, गोभी आदि।
Page No 147 Chapter – 13
6. सिंचाई की किन्हीं दो नवीन तकनीकों के संबंध में संक्षिप्त जानकारी लिखिए।
उत्तर: सिंचाई की दो नवीन तकनीक निम्न है:-
1. ड्रिप अथवा टपक सिंचाई:- पानी सूक्ष्म छिद्र तथा ड्रिपर युक्त बंद पाइपों में दाब पंप द्वारा पौधे तक सीधे पहुंचाया जाता है इस पद्धति द्वारा विभिन्न रासायनिक पदार्थों तथा उर्वरको की उचित मात्रा भी सीधे पौधों तक पहुंचाई जा सकती है।
2. स्प्रिंकलर अथवा बौछारी फौव्वारा सिंचाई – इस पद्धति में कृत्रिम रूप से खड़ी फसल पर पाइपों के द्वारा पानी की बरसात की जाती है एक धुरी पर घूमने वाले बहुत से छिद्रो युक्त टोंटी से अधिक दबाव से पाइपों से प्रभावित करने पर फौव्वारो के रूप में बाहर निकलता है।
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7. मशरूम को किन कारणों से खाद्य पदार्थों की श्रेणी में रखा जाता है ?
उत्तर: मशरूम में प्रोटीन, विटामिन बी – कॉम्प्लेक्स विटामिन (C) खनिज लवण तथा रेशे प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। इसी कारण से इसे खाद्य पदार्थ की श्रेणी में रखा जाता है।
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8. फसल समुन्नति से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर: सिंचाई खाद्य उर्वरक तथा उन्नत कृषि पद्धतियाँ अपनाकर एवं उन्नत किस्मों का विकास व उपयोग करना ही फसल समुन्नति कहलाता है।
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9. फसल चक्र से भूमि की उदारता को किस प्रकार बनाए रखा जा सकता है ?उत्तर: एक ही फसल को बार-बार धोने से भूमि की उर्वरता शक्ति कम हो जाती है। भूमि की उर्वरता शक्ति को बनाए रखने के लिए फसलों को अदल-बदल कर बोतें है , जिसे फसल चक्रण कहते है,अनाज की फसलों के बाद दलहन की फसलें बोने से मिट्टी में नाइट्रोजन तत्व की उपलब्धता बनी रहती है। इस प्रकार फसल चक्रण से भूमि की उर्वरता शक्ति बनी रहती है।
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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.