CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 17 किशोरावस्था – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 17 किशोरावस्था is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 विज्ञान पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।

CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 17 किशोरावस्था

CGBSE समाधान कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 17 – किशोरावस्था हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 17 विज्ञान are given below for Hindi Medium students.


Page No 187 Chapter- 17 

इनके उत्तर दीजिए

1. किशोरावस्था के प्रमुख लक्षण कौन-कौन से हैं?

उत्तर: किशोरावस्था के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित है :- 

लड़कीयों में किशोरावस्था के लक्षण 

1) लम्बाई बढ़ जाती है। 

2) बगल एवं जनन अंगों में बाल का आना। 

3) जनन अंगों का विकसित हो जाना। 

4) स्तनों का विकसित होना। 

लड़को का किशोरावस्था के लक्षण 

1) लम्बाई बढ़ जाती है, आवाज भारी हो जाती है। 

2) लड़को में मूँछ-दाढ़ी आने लगती है। 

3) बगल तथा जनन अंगों में बाल आ जाते है। 

4) सीने पर बाल आ जाते है। 

Page No 187  Chapter – 17 

2. किशोरों के चेहरे पर फुंसियां और मुंहासे आदि हो जाने के क्या कारण हैं?

उत्तर:- किशोरावस्था के दौरान स्वेद ग्रंथि का तेल ग्रंथि में स्राव होता है, जिसके कारण कभी-कभी तनाव तथा  इसके बंद हो जाने  के कारण कील मुंहासे निकल जाते है। 

Page No 187  Chapter – 17 

3. किशोर स्वयं को असुरक्षित महसूस क्यों करते हैं?

उत्तर: किशोरावस्था के दौरान किशोर स्वतंत्र रहना चाहते है तथा इसका प्रमुख कारण अपने प्रति जागरूकता का उत्पन्न होना है, वे अपना अधिक समय सोचने में लगाते है तथा कभी-कभी इन विचारों में संतुलन नहीं बना पाते इस कारण उनमे शारीरिक एवं वैचारिक परिवर्तन आ जाते है ,इसलिए किशोर स्वयं को असुरक्षित महसूस करते है। 

Page No 187  Chapter – 17 

4. जरायुज एवं अंडज जंतुओं में प्रमुख अंतर क्या है ?

उत्तर:- जरायुज एवं अंडज जंतुओं में प्रमुख अंतर

 1) जरायुज जंतु:- ऐसे जंतु जो सीधे ही शिशुओं को जन्म देते है जरायुज या पिंडज जंतु कहलाते है। 

उदाहरण:- मनुष्य, गाय, बिल्ली इत्यादि। 

2) अंडज जंतु:- ऐसे जंतु अंडे देते है अंडज जंतु कहलाते है।  

उदाहरण: मुर्गी, अमीबा। 

Page No 187  Chapter – 17 

5. निषेचन किसे कहते हैं ? समझाइए ।

उत्तर: जब शुक्राणु तथा अंडाणु आपस में संपर्क में आते है, तो इनमे से एक शुक्राणु अंडाणु से संलयित होकर एक हो जाते है, यह क्रिया निषेचन कहलाती है।  

1) आंतरिक निषेचन:- जब शुक्राणु व अंडाणु मादा शरीर के अंदर संलयित होते है, तब वह आंतरिक निषेचन कहलाते है। जैसे:- मनुष्य, बिल्ली, गाय आदि। 

2) बाह्य  निषेचन:- जब शुक्राणु व अंडाणु का संलयन मादा शरीर के बाहर होता है, तब वह बाह्य  निषेचन कहलाता है। जैसे:- जलीय जंतुओं में – मेढ़क, मछली। 

Page No 189 Chapter – 17  

इनके उत्तर दीजिए

1. किशोरों में होने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी हार्मोन कौन-कौन से हैं? 

उत्तर:किशोरों में होने वाले परिवर्तनों के लिए उत्तरदायी हार्मोन:-लड़को में:-टेस्टोस्टेरोन, लड़कियों में:-एस्टोजन है।  

Page No 189 Chapter – 17  

2. स्त्रियों में जनन काल की अवधि कब से कब तक होती है?

उत्तर:  स्त्रियों में जनन काल की अवधि की शुरुआत 10 से 12 वर्ष की आयु में हो जाती है तथा यह सामान्यतः 45 -50  वर्ष की आयु तक चलता रहता है। 

Page No 189 Chapter- 17  

3. गौण लैंगिक लक्षणों से क्या समझते हैं लिखिए? इस बात का निर्धारण कैसे होता है कि निषेचित अंडाणु लड़के अथवा लड़की के रूप में विकसित होगा आइए. इसे समझें। 

उत्तर: यौवनारंभ होने के दौरान जो लक्षण किशोरों में दिखाई देते है वे लक्षण गौण लैंगिक लक्षण कहलाते है, नर में वृषण नर युग्माणु तथा अंडाशय  मादा अंडाणु उत्पन्न करते है, लड़कियों में यौवनारंभ के दौरान कमर का निचला, पीछे का भाग चौड़ा होना स्तनों का विकसित होना ,लैंगिक अंगो पर बाल आना, शामिल है तथा लड़को (वर) में दाढ़ी, मूँछ आना ,आवाज भरी होना ,बगल व लैंगिक अंगो पर बाल का आना, आदि गौण लैंगिक लक्षण है। 

Page No 191  Chapter- 17   

इनके उत्तर दीजिए

1. मनुष्य में लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदायी गुण सूत्र कौन से हैं?

उत्तर: प्रत्येक मानव शरीर में 46 गुणसूत्र होते है, जो हमेशा जोड़ो में होते है ,मनुष्य में 23 जोड़े गुणसूत्र पाए जाते है।  जिनमे से  22 जोडे  गुणसूत्र लिंग निर्धारण में भाग नहीं लेते जबकि 23 वाँ जोड़ो लिंग निर्धारण करता है, यह लिंग गुणसूत्र स्त्रियों में एक जैसा (xx) तथा पुरुषों में (xy) लिंग गुणसूत्र होता है,जब स्त्री का (x) गुणसूत्र का संयोग पुरुष के (x) गुणसूत्र से होता है तो (xx) बनता है तथा स्त्रीलिंग निर्धारण करता है व उत्पन होने वाली संतान पुत्री होगी और यदि स्त्री x, का पुरुष के y गुणसूत्र से संयोग हो तो यह पुरुष लिंग नर्धारण करता है तथा उत्पन्न होने वाले संतान पुत्र होगा।  

Page No 191  Chapter – 17

2. किशोर के लिए आहार नियोजन क्यों आवश्यक है? 

उत्तर: किशोरावस्था के समय शरीर का विकास काफी तेजी से होता है अतः इस समय किशोरों को संतुलित आहार की आवश्यकता होती है ,इसलिए किशोरों के लिए आहार नियोजन आवश्यक है। 

Page No 191 Chapter – 17

3. किशोरों के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता क्यों आवश्यक है?

उत्तर: किशोरों के  लिए व्यक्तिगत स्वच्छता बहुत आवश्यक है, क्योंकि स्वेद ग्रंथियों की क्रियाशीलता बढ़ जाने के कारण  शरीर से पसीने की गंध आने लगती है ,यदि सफाई नहीं रखी गयी तो बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है अतः शरीर के सभी अंगो की नियमित सफाई आवश्यक है व लड़कियों को ऋतुस्राव के समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

Page No 192  Chapter – 17   

अभ्यास के प्रश्न  

1. निम्नलिखित कथनों में से सही / गलत को पहचान कर सही कर लिखिए-

(i) संतान के लिंग के लिए उसकी माँ उत्तरदायी है।                                                                    (गलत) 

उत्तर: जन्म के पूर्व शिशु के लिंग का निर्धारण उसके पिता की गुणसूत्रों द्वारा होता है। 

(ii) किशोरावस्था में लम्बाई में वृद्धि होती है।                                                                             (सही) 

(iii) ऋतुस्राव की अवस्था में लड़कियों को रसोई का काम नहीं करना चाहिए।                                 (गलत) 

उत्तर: ऋतुस्राव के समय (अवस्था) में लड़कियों को रसोई का काम नहीं करना चाहिए उन्हें आराम करना चाहिए। 

(iv) शिशुओं की ‘टीनएजर्स’ कहा जाता है।                                                                               (गलत) 

उत्तर: किशोरों को ‘टीनएजर्स’ कहा जाता है। 

(v) युग्मजन में XY गुणसूत्र होने पर उत्पन्न संतान लड़का होगा।                                                (सही)

(vi) ऋतुस्राव के समय किशोरियों का शरीर अपवित्र हो जाता हैं।                                                  (गलत) 

उत्तर: ऋतुस्राव के समय किशोरियों का शरीर अपवित्र नहीं होता है। 

Page No 192 Chapter – 17

2. सही विकल्प चुनिए 

(i) किशोरों को संतुलित भोजन लेना चाहिए क्योंकि – 

(क) उचित भोजन से उनके मस्तिष्क का विकास होता है।

(ख) शरीर में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता।

(ग) किशोर को भूख अधिक लगती है। 

(घ) किशोर में स्वाद कलिकाएं (ग्रंथियाँ) भलीभाँति विकसित होती हैं। 

उत्तर:(ख) शरीर में तीव्र गति से होने वाली वृद्धि के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता।

(ii) स्त्रियों में जनन आयु (काल) का प्रारंभ उस समय होता है जब –

(क) ऋतुस्राव प्रारंभ होता है। 

(ख) स्तन विकसित होना प्रारंभ करते हैं।

(ग) शारीरिक भार में वृद्धि होने लगती है।

(घ) शरीर की लम्बाई बढ़ती है। 

उत्तर: (क) ऋतुस्राव प्रारंभ होता है। 

(iii) निम्नलिखित में से कौन सा आहार किशोर के लिए उचित है –

(क) रोटी. नूडल्स चॉकलेट 

(ख) रोटी दाल सब्जियां 

(ग) चावल. नूडल्स, चिप्स 

उत्तर: (ग) चावल. नूडल्स, चिप्स।  

(iv) निम्नलिखित में से नर हार्मोन है –

(क) टेस्टोस्टेरॉन

(ख) एस्ट्रोजन 

(ग) इन्सुलिन

(घ) थायरॉक्सिन

उत्तर:(क) टेस्टोस्टेरॉन

Page No 193  Chapter – 17

3. निम्नलिखित को समझाइए 

क. गौण लैंगिक लक्षण 

उत्तर:गौण लैंगिक लक्षण से तात्पर्य उन सभी लक्षणों से जो बाल्यावस्था से किशोरावस्था की शुरुआत  होता है उदाहरणतः  युवावस्था में लड़कियों में स्तनों का विकास होने लगता है तथा लड़कों के चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आने लगती हैं। ये लक्षण लड़कियों को लड़कों से पहचानने में सहायता करते हैं। अतः इन्हें गौण लैंगिक लक्षण कहते है | 

ख. गर्भस्थ शिशु में लिंग का निर्धारण  

उत्तर: गर्भस्थ शिशु में लिंग का निर्धारण युग्मनज में जन्म लेने वाले शिशु के लिंग का संदेश होता है। इस  युग्मक में गुणसूत्रों का एक जोड़ा होता है। शुक्राणु में दो प्रकार के गुणसूत्र X और Y होते हैं जबकि अंडाणु में सदा X गुणसूत्र होते है। जब X गुणसूत्र वाला शुक्राणु अंडाणु को निषेचित करता है तो मादा शिशु विकसित होता है और जब Y गुणसूत्र वाला शुक्राणु अंडाणु को निषेचित करता है तो नर शिशु विकसित होता है।  XY मिलके लड़के का विकास करते है और XX मिलकर लड़की का विकास करते है| 

ग. अण्डज एवं पिंडज जंतु 

उत्तर: मनुष्य एवं अन्य स्तनधारियों जैसे गाय, बिल्ली आदि में भ्रूण का विकास गर्भाशय में होता है तथा ये पूर्ण विकसित शिशु को जन्म देते हैं। कुछ जंतु अंडे देते हैं जो बाद में शिशु में विकसित होते हैं। ऐसे जन्तु जो सीधे ही शिशुओं को जन्म देते हैं जरायुज या पिंडज कहते हैं। वे जंतु जो अंडे देते हैं,अंडज जंतु कहलाते हैं।

घ. नीचे दी गई सारणी में आयु वृद्धि के अनुपात में लड़कों एवं लड़कियों की अनुमानित लंबाई के आंकड़े तथा ग्राफ दर्शाया गया है। ऐसा ही ग्राफ अपनी कॉपी में बनाइए तथा इस ग्राफ से क्या निष्कर्ष निकलता है लिखिए।

उत्तर : इस ग्राफ का अध्ययन करने से यह निष्कर्ष निकलता है ,कि जन्म के समय दोनों की लंबाई बराबर है। पर 4-8 वर्ष के अंतराल में लड़कों की लंबाई लड़कियों से ज्यादा तेजी से बढ़ती है। और 8-12 वर्ष के अंतराल में लड़कियां लड़कों से ज्यादा लंबी होती हैं और 16 वर्ष तक पहुँचते-पहुँचते दोनों की लंबाई समान हो जाती है। परंतु 16-20 वर्ष की आयु में लड़कों की लंबाई लड़कियों की लंबाई से अधिक हो जाती है।


You can also download CGBSE Solutions Class 8 PDF file for further studies.

Download CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 17 किशोरावस्था – Link to download PDF

This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.

Leave a Reply

Discover more from CGBSE Solutions

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading