CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 11 गुरूत्वाकर्षण are given below for hindi medium students.
CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 11 गुरूत्वाकर्षण
Page No. 171
Q.1.किसी भी ‘m’ द्रव्यमान की वस्तु को पृथ्वी की सतह पर ‘h’ ऊंचाई इसे स्थिर अवस्था से गिराते हैं तो सतह पर पहुंचने के ठीक पूर्व उसका वेग क्या होगा ?
उत्तर :- हमें ज्ञात है कि
वस्तु का द्रव्यमान = M Kg
प्रारंभिक वेग = U=0 मी./ सेकण्ड
गुरूत्वीय त्वरण g=10 मीटर / सेकण्ड
अंतिम वेग = ?
अतः न्युटन के गति का द्वितीय नियम
V2=U2+2as
या
V2=U2+2gh……………..(i)
(चुंकि a=g माना, एवं s=h)
समी. (i) में
मान रखने पर
V2=O2+210h
V2=20h
V= +20h
चूंकि वेग ऋणात्मक नहीं होगा इसलिए V= +20h
Q.2. 1 गेंद को चित्र- 4 में दिखाएं अनुसार ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 5 m/s चाल से फेंकिए| गेंद कितनी ऊंचाई तय करेगी और कितने समय बाद पुनः आपके हाथ में लौट कर आएगी? गीत की किस अवस्था में चाल सबसे कम होगी और उसका मान क्या होगा ?
उत्तर :- बिन्दु A पर गेंद का वेग =5 m/s
हमें ज्ञात करना है :-
i) गेंद कितनी ऊँचाई तय करेगी।
ii) वापस आने में लगा समय
iii) न्यूनतम चाल / किस अवस्था में चाल सबसे कम होगी
अतः न्युटन के गति के द्वितीय नियम से
v2= u2+2gh
यहाँ पर वेग में कमी हो रही है इसलिए g को -g लिखेंगे
v2= u2-2gh….(1)
हमें ज्ञात है कि :-
प्रारंभिक वेग =5 m/s या बिंदु A पर होगा (u )
अंतिम वेग (v) जहाँ से गेंद वापस आता है =0
समीं. (i) से
O2= 52-210h
(चूँकि g= 10 m/s2)
20h= 25
h=2520 मीटर
h= 54 मीटर
A से B तक जाने में लगा समय =
हमें ज्ञात है :- गति का पहला समी.
v= u- gt
प्रारंभिक वेग u=5 m/s
g= 10 m/s2
v= 0
अतः
0=5-10 t
10 t= 5
t=1/2 सेकण्ड
B से A तक आने के लिए ठीक उतना ही समय लगेगा जितना समय A से B तक जाने में लगता है |
अतः A से B तक जाकर वापस में आने में लगा समय = 2t
=212
= 1 सेकण्ड
बिन्दु B पर न्यूनतम चाल V=0 m/s होगा ।
Page No. 172
Q.3. चंद्रमा का द्रव्यमान Mmoon=71022Kg, एवं त्रिज्या Rmoon=1700 km है. समीकरण 7 की सहायता से चंद्रमा की सतह पर किसी ‘m’ द्रव्यमान की वस्तु पर त्वरण का मान ज्ञात करें | ( त्रिज्या को मीटर में लें )
उत्तर :- हमें ज्ञात है कि
न्युटन का सार्वगिक गुरूत्वाकर्षण नियम
F = GMmR2
mgm = GMmR2
gm = GMR2 …………….(i)
gm =चन्द्रमा पर गुरूत्वीय त्वरण
g =सार्वगिक नियतांक
=6.6710-11N m2/Kg2
Mm= चन्द्रमा का द्रव्यमान 71022 kg
Rm=चन्द्रमा की त्रिज्या = 1700 km. या = 17001000 मीटर
समी.(i) में मान रखने पर
gm=6.6710-1171022(17001000)2
gm= 1.622 m/s2= 1.6 m/s2
Q.4. पृथ्वी एवं चंद्रमा की सतह पर ‘m’ द्रव्यमान की वस्तु के भार की तुलना कीजिए ?
उत्तर :- किसी पिण्ड पर वस्तु का भार
w=mg= द्रव्यमान गुरूत्वीय बल
तथा गुरूत्वीय त्वरण
g=G mR2
माना पृथ्वी का द्रव्यमान = Me
पृथ्वी का गुरूत्वरण = Ge
पृथ्वी की त्रिज्या = Re
एवं चंद्रमा का द्रव्यमान = Mm
चंद्रमा का गुरूत्वरण = Gm
चंद्रमा की त्रिज्या = Rm
समी. (1) से
ge=G meR2e
gm=G mnR2m
तथा gegm=G meR2eR2mG mn=MeR2m Mm R2e
हमें ज्ञात है कि
पृथ्वी का द्रव्यमान
Me=61024kg
चंद्रमा का द्रव्यमान
Mm=71022kg
पृथ्वी की त्रिज्या Re=6.4106m
चंद्रमा की त्रिज्या Rm=1.7106m
समी.(2) से
gegm= 61024(1.7106)271022(6.4106)2
= 6100(1.7)27(6.4)2
ge=6.047=6.05
ge= 6.05gm
माना ge=6 gm
अतः
पृथ्वी पर गुरूत्वीय त्वरण = चंद्रमा पर गुरूत्वीय त्वरण का 6 गुना है |
या चंद्रमा का गुरूत्वीय त्वरण = पृथ्वी पर गुरूत्वीय त्वरण का 16 गुना है |
m द्रव्यमान की वस्तु का
पृथ्वी पर भार wc=m ge एवं चंद्रमा पर भार Wm=m gn
अतः पृथ्वी पर भार Wcचंद्रमा पर भार Wm = m gem gm=gegm=6gmgm = 6
चंद्रमा पर भार पृथ्वी पर भार
या wc=6wm अर्थात् पृथ्वी पर भार = चंद्रमा पर भार का 6 गुना ।
Q.5. पृथ्वी और चंद्रमा के केंद्रों के बीच की दूरी 3.84 105 Km है | पृथ्वी और चंद्रमा की एक दूसरे पर कितना बल लगाएंगे ?
उत्तर :- हमें ज्ञात है कि
न्युटन के सार्वजनिक गुरूत्वाकर्षण नियम से दो पिण्डों के मध्य लगने वाला बल
F = Gm1m2r2 ………………………(i)
( G =सार्वजनिक
गुरूत्वाकर्षण
नियतांक
=6.6710-11N m2 )
प्रथम पिण्ड का द्रव्यमान (पृथ्वी) m1=61024 kg
द्वितीय पिण्ड का द्रव्यमान (चंद्रमा) m2=71022 kg
दोनों पिण्डों के बीच की दूरी केन्द्र
R=3.84105 km
=3.84105 1000 m
अब समी. (1) से
F=6.6710-116102471022(3.84108)2
=6.6767(3.84)210241016
=6.67671019(3.84)2
= 1.991020 न्युटन
Page No. 175
Q.6. एक गोले और एक त्रिभुजाकार पटल का गुरूत्वीय केंद्र कहां होता है ?
उत्तर :- केन्द्र बिन्दु ही एक गोले का गुरूत्व केन्द्र होता है। तथा त्रिभुजाकार परत का गुरूत्व केन्द्र उसके मध्यिकाओं का उभयनिष्ठ बिन्दु होता है।
Q.7. क्या किसी वस्तु का एक से अधिक गुरूत्वीय केंद्र हो सकता है ?
उत्तर :- किसी भी वस्तु का केवल एक ही गुरूत्वीय केन्द्र होता है।
Q.8. पीसा की झुकी मीनार गिरती क्यों नहीं है ?
उत्तर :- क्योंकि उसके गुरूत्व केन्द्र से गुजरने वाली उर्ध्वाधर रेखा उसके आधार से मिलती है।
Q.9. अपनी पीठ पर भारी वजन उठाते समय आपको सामने क्यों झुकना पड़ता है ?
उत्तर :- क्योंकि नहीं झुकने पर बोझ का गुरूत्व केन्द्र व्यक्ति के शरीर से बाहर होने के कारण वह गिर सकता है इसलिए बोझ उठाते समय समाने की ओर झुकना पड़ता है।
Page No. 175
अभ्यास-
Q.1. बहुविकल्पीय प्रश्न :-
i) दो वस्तुओं के मध्य लग रहा गुरूत्वाकर्षण बल निर्भर नहीं करता –
अ) दोनों वस्तुओं के मध्य की दूरी पर
ब) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान के गुणनफल पर
स) वस्तुओं के द्रव्यमान के योग पर
द) गुरूत्वाकर्षण नियतांक पर
Page No. 176
ii) G का मान है –
अ) 7.67 x 1011Nm2 /Kg2 ब) 6.67 x 1011Nm2 /Kg
स) 6.67 x 10-11Nm2 /Kg2 द) 5.67 x 1011Nm2 /Kg2
iii) पृथ्वी की सतह पर गुरूत्वीय त्वरण का मान होता है –
अ) 9.8 m/s2 ब) 8.8 m/s2
स) 4.8 m/s2 द) 8.9 m/s2
iv) सार्वत्रिक गुरूत्वाकर्षण नियम से दो पिण्डों जिनका द्रव्यमान m1 और m2 है और जिनके बीच की दूरी R है के मध्य लगने वाला बल बराबर है –
अ) F = G m1m2R2 ब) F = G m1m2R4
स) F = Gm1 m2/ R द) F = GMR
v) गुरूत्वीय बल के विरूद्ध उपर की ओर गति कर रही वस्तु का उसकी अधिकतम उचाई पर अंतिम वेग क्या होगा ?
अ) 0 ब) u2/2g
स) h/t द) 2gh
उत्तर :- i) (स) , ii) (स) , iii) (अ) , iv) (अ), v) (अ) |
Page No. 176
Q.2. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए –
i) 10 kg द्रव्यमान की वस्तु का पृथ्वी पर भार ………………… होगा |
ii) विराम अवस्था से मुक्त रूप से पृथ्वी की ओर h उंचाई से गिरते हुई वस्तु का वेग…………. होगा |
iii) सार्वत्रिक गुरूत्वाकर्षण नियतांक का मान …………… होता है |
iv) गुरूत्वीय त्वरण ‘g’ का SI पद्धति में मात्रक……………….. है |
v) दो भिन्न-भिन्न द्रव्यमान की वस्तुएं यदि समान उंचाई से गिराई जाएं तो वे………… समय में पृथ्वी की सतह पर पहुंचेगी |
उत्तर :- i) 100 न्यूटन, ii) V2 = 2gh , iii) 6.67 x 10-11, iv) मीटर/ सेकण्ड2,
v) समान |
Page No. 176
Q.3. पृथ्वी तथा उसकी सतह पर रखी किसी 1kg की वस्तु की बीच गुरूत्वीय बल का परिणाम क्या होगा ? यहाँ पृथ्वी का द्रव्यमान = 6×1024kg और पृथ्वी के केंद्र से उसकी सतह की दूरी = 6400 km है |
उत्तर :- न्यूटन का सर्वाधिक गुरूत्वाकर्षण नियम :-
F = Gm1m2r2
यहाँ G = 6.67 10-11 Nm2/ s2
m1=1kg
m2=61024 kg
r =6400km
F = 6.6710-11161024 (6400 )2
F = 6.676102464641041011
F = 6.676102464641015
F=9.7106N उत्तर
Page No. 176
Q.4. दो वस्तुओं के बीच लगने वाले गुरूत्वाकर्षण बल का मान क्या होगा यदि –
i) एक वस्तु का द्रव्यमान दो गुना कर दिया जाए |
ii) वस्तुओं के बीच की दूरी तीन गुना कर दी जाए |
iii) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दो गुना कर दिया जाए |
उत्तर :- i) एक वस्तु का द्रव्यमान दो गुना कर दिया जाए :-
ज्ञात है –
F = Gm1m2r2
प्रश्नानुसार m1=2m1 करने पर
F = G2m1m2r2
F = 2Gm1m2r2
F=2F
(क्योंकि F = Gm1m2r2)
अर्थात् बल दुगुना हो जायेगा |
ii) वस्तुओं के बीच की दूरी तीन गुना कर दी जाए :-
ज्ञात है –
F = Gm1m2r2
प्रश्नानुसार r=3r करने पर
F = Gm1m2(3r)2
F = Gm1m23r2 19
F = 19Gm1m2r2
= 19 F
अर्थात् बल 9 गुना कम हो जाता है।
iii) दोनों वस्तुओं के द्रव्यमान दो गुना कर दिया जाए :-
ज्ञात है –
F = Gm1m2r2
प्रश्नानुसार m1=2m1 तथा
m2=2 m2 करने पर
F = Gm12m2r2
= 4Gm1m2r2
= 4F
अतः बल 4 गुना अधिक हो जाता है |
Page No. 177
Q.5. एक कागज शीट उसी प्रकार की शीट को मोड़कर बनाई गई गेंद से धीमी क्यों गिरती है?
उत्तर :- दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान एवं गुरुत्वीय त्वरण समान है इसलिए मुकल पतन के सिद्धांत के कारण दोनों का भार भी समान होगा | परंतु इस परिस्थिति में एक कागज की शीट तथा दूसरी कागज की बनी गेंद है | अर्थात कागज की शीट पर वायु द्वारा भारो आरोपित घर्षण बल अधिक होता है, जिसके कारण वह धीमा गिरता है | जबकि मुकल पतन की प्रक्रिया में बाह्य दल नगण्य होता है |
Page No. 177
Q.6. गुरूत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम का क्या महत्व है ?
उत्तर :- पृथ्वी पर प्रत्येक पिंड हर दूसरे पिंड को एक बल के साथ आकर्षित करता है, जो उनके द्रव्यमान के उत्पाद के सीधे आनुपातिक होता है , और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है |
महत्व :- i) चंद्रमा एवं सूर्य के कारण समुद्र में ज्वार भाटा गुरुत्वाकर्षण के कारण ही आता है |
ii) गुरुत्वाकर्षण बल हमें पृथ्वी से बांधे रखता है |
iii) विभिन्न पिंडो के सतहों पर किसी वस्तु की भार एवं त्वरण की जानकारी प्राप्त होती है |
Page No. 177
Q.7. यदि चंद्रमा पृथ्वी को आकर्षित करता है तो पृथ्वी चंद्रमा की ओर गति क्यों नहीं करती ?
उत्तर :- न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार चंद्रमा पृथ्वी को अपनी ओर आकर्षित करता है | परंतु न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार त्वरण वस्तु के द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है | चंद्रमा की द्रव्यमान पृथ्वी से बहुत कम है | इसलिए पृथ्वी को चंद्रमा की ओर गति करते नहीं देखते |
Page No. 177
Q.8. एक गेंद उर्ध्वाधर दिशा की ओर 49 m/s के वेग से फेंकी जाती है परिकलन कीजिए –
i) गेंद की अधिकतम उंचाई
ii) पृथ्वी की सतह तक वापस लौटने में गेंद को लगा कुल समय |
उत्तर :- गेंद की अधिकतम उंचाई
ज्ञात है
मान रखने पर
v=m/s
u= 49 m/s
g= 9.8 m/s2
s= ?
v2-u2=2as (न्यूटन का तृतीय नियम)
0-492= -29.8s
s= 4929.82
= 49219.6
= 240119.6
S = 122.50 मीटर
2. पृथ्वी की सतह तक वापस आने में गेंद को लगा कुल समय
ज्ञात है
v= u+gt……………….(i)
प्रश्नानुसार वेग ऋणात्मक है अतः g= g
अतः समी. (i) से
v= u-gt …………..(ii)
गेंद की अधिकतम उंचाई पर v= 0 होगा तथा g= 9.8 m/s2
समी. (ii) से
0=u-9.8t
0=49-9.8t
9.8 t = 49
t= 499.8
t= 5 sec.
आने व जाने में लगा समय
=25
= 10 sec.
Page No. 177
Q.9. किसी वस्तु को यदि 10 m/s की वेग से उर्ध्वाधर फेंका जाए तो वह कितने समय पश्चात और कितने वेग से वापस आयेगी ? (2 s, 10 m/s )
उत्तर :- ज्ञात है
v= u+gt
वेग में कमी है इसलिए g= g लेने पर
v= u-gt
प्रारंभिक वेग u= 10m/s (प्रश्नानुसार) v= 0
v= u-gt में u , v g का मान रखने पर
0=10-10t
( g= 9.8 m/s2 को लेने पर )
10t= 10
t= 1 sec.
t=1 sec. यह जाने का समय है
अतः जाने एवं आने में लगा समय
t= t
= 2t
= 21
= 2sec.
वापस आने पर अंतिम वेग की गणना
B B
उपर जाना वापस नीचे
u= 10 m/s
A A v= ?
चित्र से स्पष्ट है कि वापस आते समय u=0
अतः
v= u+gt (क्योंकि वेग अधिकतम है धनात्मक होना)
v= 0+10t
v= 10+1
v= 10 m/s
Page No. 177
Q.10. दो वस्तुओं के बीच लगने वाला गुरूत्वाकर्षण बल F है। किन-किन परिस्थितियों में दोनों वस्तुओं के बीच लगने वाला गुरूत्वाकर्षण बल 4F होगा ?
उत्तर :- हमें ज्ञात है कि
F = Gm1m2r2 ………….(i)
ऐसी बहुत सी परिस्थितियां संभावित है जिससे m1, m2 एवं r के मान को बदलने से F,4F हो सकता है |
जैसे :-
i) m1=2m1
m2=2 m2 करने पर
समी. (i) से
F = G2m1 2 m2r2
= 4Gm1m2r2
F =4F (चूंकि F = Gm1m2r2)
ii) m1=4 m1 करने पर
F = G4m1m2r2
F = 4Gm1m2r2
F =4F
iii) m2=2 m2 करने पर
F = Gm14m2r2
= 4Gm1m2r2
F =4F
iv) r =r2 करने पर
F = Gm1m2(r2)2
F = Gm1m2r42
= 4Gm1m2r2
F =4F
Page No. 177
Q.11. दो विभिन्न द्रव्यमान वाली वस्तुएं एक साथ पृथ्वी पर क्यों पहुंचती हैं ? क्या दोनों वस्तुओं पर लगने वाला गुरूत्वाकर्षण बल बराबर है ?
उत्तर :- पृथ्वी गुरूत्वीय त्वरण के कारण मुकल पतन की घटना होती है | इसी मुकल पतन के कारण ही कोई वस्तु पृथ्वी पर गिरती है | यदि समान ऊंचाई से गिरने वाली दो वस्तुओं का वेग समान हो या शुन्य हो तो वह दोनों वस्तु पृथ्वी पर एक साथ पहुचेंगे गुरूत्वीय त्वरण एवं वेग वृद्धि प्रत्येक वस्तु के लिए समान होता है | ऐसी घटना के दौरान बाह्रय बल नगण्य माना जाता है |
हमें ज्ञात है कि
F = GMmR2……………(i)
समी. (i) से स्पष्ट है कि दोनों वस्तुओं पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल अलग-अलग होता है या वस्तु का द्रव्यमान से अधिक होने पर गुरुत्वाकर्षण बल अधिक होगा |
Page No. 177
Q.12. m द्रव्यमान की वस्तु में पृथ्वी द्वारा उत्पन्न त्वरण का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए तथा इसके मान की गणना करें ?
उत्तर :- न्यूटन के सार्वधिक गुरू के नियमानुसार दो पिण्डों के मध्य आकर्षण बल
F = Gm1m2r2 ………….(i)
माना पहला पिण्ड पृथ्वी एवं दूसरा पिण्ड पृथ्वी में स्थित एक वस्तु है
पृथ्वी का द्रव्यमान M , वस्तु का द्रव्यमान m
तथा दोनों के मध्य की दूरी R हो तो
समी. (i) से
F = GMmR2 …………(ii)
अब न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार यदि त्वरण ‘g’ हो तो
F = mg…………(iii)
समी. (i) व समी. (ii) से
mg = GMmR2
g = GMR2 …………..(iv)
गुरूत्वीय त्वरण g के मान की गणना
पृथ्वी का द्रव्यमान M = 6 1024 KG
त्रिज्या R = 6.4 106 m.
एवं G = 6.67 10-11 Nm2/ s2
समी. (iv) में मान रखने पर :-
g = GMR2
g = 6.6710-1161024 (6.4106 )2
g =9.8 m/ s2 ………उत्तर