CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु संरचना – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु संरचना are given below for hindi medium students.

CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 3 परमाणु संरचना


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Q.1. क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग स्वर्णपत्र के अतिरिक्त रजत पत्तर (चांदी) या ऐसे ही अन्य तत्वों के पत्तर से संभव होगा ? तर्क सहित उत्तर दीजिए |

उत्तर :- अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग स्वर्णपत्र के अतिरिक्त रजत पत्तर पर या ऐसे ही अन्य तत्वों के पत्तर से संभव नहीं होगा क्योंकि ई. रदरफोर्ड को इस प्रयोग के लिए एक भारी तथा अत्यंत तन्यता वाली धातु की आवश्यकता थी और वो दोनो की गुण गोल्ड में होने के कारण ई रदरफोर्ड ने गोल्ड को चुना। अगर इसके जगह पर कोई दूसरी धातु को लिया गया होता जैसे या तो परमाणु का आकार बढ़ा ना होने के कारण वह कण जो सोने की परत से टकराकर उसी दिशा में लौट रहे थे उनका अवलोकन नहीं हो पाता।

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Q.2. थॉमसन ने परमाणु के अविभाज्य होने की परिकल्पना को किन आधारों पर चुनौती दी ?

उत्तर :- ब्रिटिश भौतिक शास्त्री जे .जे थॉमसन ने यह देखा कि जब कम दाब पर गैस से भरी नली में उच्च विभवांतर पर विद्युत प्रवाहित की जाती है तो कैथोड (ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन) से एक चमकीला किरण निकलती है, जिसे गोल्डस्टीन ने कैथोड किरण कहा |

  आगे जाकर जे.जे थॉमसन ने इन ऋणावेशित कणों के द्रव्यमान और आवेश दोनों की गणना की और देखा कि कैथोड चाहे किसी भी पदार्थ का बना हो उससे निकलने वाली कैथोड किरण के कणों की प्रकृति एक जैसी ही रहती है | उन्होंने इस कण को इलेक्ट्रॉन कहा, जिस पर ऋणावेश होता है | इलेक्ट्रॉन प्रत्येक तत्व के परमाणु का एक  अवपरमाणुक कण है, इस तरह लंबे समय से चली आ रही मान्यता ‘परमाणु अविभाज्य’ है, को थॉमसन ने चुनौती दी  |

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Q.3. यदि किसी परमाणु की परमाणु संख्या 15 और द्रव्यमान संख्या 31 है तब उसमें उपस्थित अवपरमाणुक कणों की संख्या क्या होगी ?

उत्तर :- यदि किसी परमाणु की परमाणु संख्या 15 और द्रव्यमान संख्या 31 है तब उसमें उपस्थित अवपरमाणुक कणों की संख्या निम्न होगी : –

  1. इलेक्ट्रॉन – 15
  2. प्रोटॉन  –  15
  3. न्यूट्रॉन  –  16

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Q.4. यदि किसी परमाणु की K और L कक्षा भरी हुई है तथा M कक्षा में केवल 2 इलेक्ट्रॉन हैं तो उस परमाणु की परमाणु संख्या क्या होगी ?

उत्तर :-  यदि किसी परमाणु में K और L कक्षा भरी हुई है तथा M कक्षा में केवल 2 इलेक्ट्रॉन है तो उस परमाणु का परमाणु संख्या ‘12’ होगा।

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Q.5. बोर-बरी योजना के अनुसार निम्नलिखित परमाणुओं का इलेक्ट्रॉनिक वितरण लिखिए :  

     1123Na , 612C , 1735Cl

उत्तर :- बोर-बरी योजना के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वितरण :- 

                       K               L                 M

A) 1123Na        2               8                 1

B) 612C           2               4                  –

C) 1735Cl       2                8                  7

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अभ्यास-

Q.1. सही विकल्प चुनिए –

    i) एक तत्व के समस्थानिकों में अलग होता है –

      अ) इलेक्ट्रॉन                      ब) प्रोटॉन

      स) न्यूट्रॉन                         द) इलेक्ट्रॉन और न्यूट्रॉन दोनों 

    ii) नीचे दिए गए परमाणुवादों में से पहली बार किसने इलेक्ट्रॉन को शामिल किया ?

        अ) डाल्टन                      ब) थॉमसन

        स) रदरफोर्ड                   द) बोर 

   iii) 1939K के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है –

        अ) इस परमाणु के पास 39 इलेक्ट्रॉन है

        ब) इस परमाणु के पास 39 प्रोटॉन है

        स) इस परमाणु के पास 19 इलेक्ट्रॉन है

        द) इनमें से कोई नहीं

उत्तर :- i) स) न्यूट्रॉन , ii) ब) थॉमसन , iii) स) इस परमाणु के पास 19 इलेक्ट्रॉन है |

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Q.2. सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए

 i) किसी तत्व के सारे परमाणु…………….. होते हैं | (सामान, अलग-अलग )

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ii) एक उदासीन परमाणु में……………… की संख्या प्रोटॉन की संख्या के बराबर होती है|  (इलेक्ट्रॉन ,  न्यूट्रॉन)

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iii) 614C    और 714N एक दूसरे के………………… हैं  | (समस्थानिक , समभारिक ) 

उत्तर :- i) सामान ,  ii) इलेक्ट्रॉन , iii) समभारिक

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Q.3. थॉमसन द्वारा प्रस्तावित परमाणु  , डाल्टन के परमाणु से अलग कैसे हैं ?

उत्तर :- डाल्टन और जे जे थॉमसन दोनो परमाणु मॉडलों के बीच मूल अंतर इस तथ्य में निहित है कि डाल्टन ने प्रस्तावित किया कि एक परमाणु अविभाज्य और अविनाशी है जबकि थॉमसन ने एक परमाणु के अन्दर उप-परमाणु कणों के अस्तित्व और उनकी व्यवस्था पर काम किया अर्थात् उन्होनें परमाणु को एक विभाज्य कण माना।

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Q.4.816Oऔर 716N एक दूसरे के समभारिक हैं | इस उदाहरण द्वारा समभारिक को समझाइए ?

उत्तर :- समभारिक का अर्थ होता है, अलग-अलग तत्वों के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या भिन्न भिन्न किंतु द्रव्यमान संख्या समान हो एक दूसरे के समभारिक कहलाते हैं, 

दिये गये तत्व 816O और 716N  एक दूसरे के समभारिक है क्योंकि दोनों तत्व के परमाणु क्रमांक भिन्न हैं पर परमाणु भार समान है, इस कारण ये दोनो तत्व एक दूसरे के समभारिक है।

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Q.5. ब्रोमीन-79 और ब्रोमीन-81 प्रकृति में क्रमशः 50.69% और 49.31% पाए जाते हैं| ब्रोमीन का औसत परमाणु भार क्या होगा ? 

उत्तर :- परमाणु क्रमांक               प्रकृति में उपस्थित प्रतिशत मात्रा

             Br  – 79                        50.69

            Br  – 81                         49.31

औसत परमाणु भार ब्रोमिन का

= 7950.69+ 8149.3150.69+49.31 

=4004.51+ 3994.11100

= 79.9862 or 80

ब्रोमिन का औसत परमाणु भार 79.98 और 80.00

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Q.6. 816O और 714N मैं संयोजी इलेक्ट्रॉन ज्ञात कीजिए ?

उत्तर :- निम्न तत्वों में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या :-

  816O      =        इलेक्ट्रॉन (संयोजी इलेक्ट्रॉन )

  714N      =       संयोजी इलेक्ट्रॉन

परमाणु की अंतिम कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों को संयोजी इलेक्ट्रॉन कहते हैं।

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Q.7. बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए ?

उत्तर :- बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्यान

i) परमाणु के केन्द्र में एक धनावेशित नाभिक होता है। प्रोट्रॉन और न्यूट्रॉन नाभिक में होते है।

ii) Bohr – Bury scheme के अनुसार इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर उपस्थित कक्षा में चक्कर लगाते हैं और इन कक्षाओं को K,L,M,N….. इत्यादि के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

iii) नाभिक के सबसे समीप कक्षा या कक्ष या कोश K कहते हैं दूसरी कक्षा को L कहते हैं और इसी तरह अगली कक्षाओं को क्रमशः M,N से प्रदर्शित किया जाता है।

iv) किसी कक्षा में उपस्थित अधिकतम इलेक्ट्रॉन की संख्या  का सूत्र 2n2 होता है | जहां n कक्षा की संख्या है।

                 n        2n2      

K              1          2

L              2           8

M             3          18    etc.

v) इस मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रॉन की उर्जा उनके चक्कर लगाने वाले कक्षों के अनुसार निश्चित होती है।

vi) इलेक्ट्रॉन कक्षों में निश्चित संख्या में चक्कर लगाते है और प्रत्येक कक्ष की उर्जा निश्चित होती है।

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Q.8. प्रकृति में ऑक्सीजन-16 के अतिरिक्त ऑक्सीजन-17 व ऑक्सीजन-18 भी पाए जाते हैं| यह परमाणु एक दूसरे के समस्थानिक हैं या समभारिक? समझाइए |

उत्तर :- प्रकृति में ऑक्सीजन – 16 के अतिरिक्त ऑक्सीजन -17 व ऑक्सीजन -18 भी  पाए जाते हैं, जो कि एक दूसरे के समस्थानिक हैं, क्योंकि समस्थानिक का अर्थ होता है कि ऐसे तत्व जिनकी परमाणु संख्या समान किन्तु द्रव्यमान संख्या भिन्न हो | एक दूसरे के समस्थानिक कहलाते हैं | यहां पर  O816 , O817 , O818 में परमाणु क्रमांक समान है, और द्रव्यमान भिन्न है , इस कारण यह सभी एक दूसरे के समस्थानिक है |

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Q.9.डाल्टन के परमाणुवाद की विवेचना कीजिए | इस सिद्धांत की सीमाएं क्या हैं? 

उत्तर :- जॉन डाल्टन का परमाणु सिद्धांत निम्न है :- 

i) सभी पदार्थ परमाणु से बने होते हैं

ii) परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं, जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो बनते हैं और न ही उनका विनाश होता है |

iii) किसी एक तत्व के परमाणु का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुण धर्म समान होते हैं

 अलग-अलग तत्वों के परमाणु का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुण धर्म अलग-अलग होते हैं

iv) अलग-अलग तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में सहयोग करके यौगिक बनाते हैं |

v) किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं |

इस सिद्धांत की सीमाएं :- 

i) इस सिद्धांत के अनुसार परमाणु अविभाज्य है, लेकिन यह सामान्यतः 3 कणों (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन ,न्यूट्रॉन ) से मिलकर बना होता है | जिनको विभाजित किया जा सकता है |

ii) इस सिद्धांत के अनुसार एक तत्व के सभी परमाणु ,द्रव्यमान और आकार आदि गुणों में समान होते हैं | किंतु समस्थानिकों की उपस्थिति के कारण एक ही तत्व के सभी परमाणु, द्रव्यमान, और आकार में भिन्न-भिन्न भी हो सकते हैं |

iii) इस सिद्धांत के अनुसार दो तत्वों के परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमान भिन्न-भिन्न होते हैं। परन्तु समभारिक कि खोज के पश्चात् यह निष्कर्ष निकाला गया कि भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु द्रव्यमान समान भी हो सकते हैं।

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Q.10.रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग क्या था? इस आधार पर उन्होंने परमाणु संरचना के संबंध में क्या निष्कर्ष निकाले ?

उत्तर :- ई. रदरफोर्ड और उनके विद्यार्थियों गीगर और मार्सडेन  ने परमाणु को समझने के लिए एक प्रयोग किया, जिसमें उन्होंने सोने के अत्यंत महीन पन्नी पर उच्च ऊर्जा वाले अल्फा कणों की तेज बौछार की, अल्फा कणों का द्रव्यमान हीलियम परमाणु के बराबर होता है और वह धनावेशित  होते हैं |

थॉमसन ने परमाणु मॉडल के अनुसार सोने (स्वर्ण) के प्रत्येक परमाणु का द्रव्यमान समान रूप वितरित होता है , इसलिए उन्हें अपेक्षा थी कि अल्फा कण थोड़े विचलित होकर निकल जाएंगे पर ऐसा नहीं हुआ|

प्रयोग का अवलोकन :- 

i) अधिकांश अल्फा कण स्वर्णपन्तर के आर-पार सीधे निकल जाते हैं, जिससे पता चलता है कि परमाणु में अधिकांश स्थान खाली है |

ii) बहुत कम कण अपने मार्ग से विक्षेपित होते हैं | जिससे यह ज्ञात होता है कि परमाणु में धनावेशित भाग बहुत कम जगह घेरता है |

iii) लगभग 20,000 कणों में से एक कण सोने के अत्यंत महीन पत्थर से टकराकर उसी दिशा में लौट गया जिस दिशा में वह निकला था |

 यदि अल्फा कण टकराकर वापस आ रहा है तो इसका तात्पर्य है कि वहां पर द्रव्यमान वाला भाग काफी संकुचित है, ना कि फैला हुआ | अर्थात परमाणु का द्रव्यमान वाला भाग परमाणु के बहुत ही कम आयतन में सीमित है |

इस तरह रदरफोर्ड ने यह विचार रखा की परमाणु में धनावेश तथा द्रव्यमान एक बहुत ही छोटे आयतन में होता है, जिसे उन्होंने नाभिक कहा और उनके चारों तरफ इलेक्ट्रॉन का परिक्रमा करते हैं, तथा प्रत्येक इलेक्ट्रॉन का परिक्रमा पथ अलग होता है | इस तरह रदरफोर्ड ने अपना नया परमाणु सिद्धांत दिया  |

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Q.11.बोर-बरी योजना के अनुसार इलेक्ट्रॉन के वितरण के लिए प्रस्तावित नियम लिखते हुए निम्नलिखित परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और न्यूट्रॉनों की संख्या लिखिए: 

 919F, 1224Mg, 1428Si , 1531P , 1735Cl

उत्तर :- बोर-बरी योजना के अनुसार इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम निम्नलिखित है :- 

i) इस नियम के अनुसार किसी कक्षा में उपस्थित अधिकतम इलेक्ट्रॉन की संख्या का सूत्र  2n2 होता है | जहां  n कक्षा की संख्या है | K कक्षा के लिए ‘n’  का मान 1 तथा L,M,N के लिए क्रमशः – 2,3,4  होता है |

ii) सबसे बाहरी कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या अधिकतम 8 हो सकती है (अपवाद  K कक्ष  जब बाह्रातम कक्ष हो तब भी इसमें 2 ही इलेक्ट्रॉन होते हैं )

iii) किसी परमाणु की दी गई कक्षा में इलेक्ट्रॉन तब तक स्थान नहीं लेते हैं जबकि उससे पहले वाली भीतरी कक्षा पूर्ण रूप से भर नहीं जाती, इससे स्पष्ट होता है कि कक्षाएं क्रमानुसार भरती हैं |

iv) अंतिम से पहले  कक्ष में कक्ष की क्षमता 3 से अधिक होने पर भी उसमें नौवा इलेक्ट्रॉन तब तक प्रवेश नहीं कर सकता जब तक कि अंतिम कक्ष में दो इलेक्ट्रॉन ना भर जाए, उदाहरण – कैल्शियम का परमाणु क्रमांक 20 है | इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 2,8,8,2 है, ना कि 2,8,9,1 |

निम्नलिखित परमाणु के इलेक्ट्रॉन विन्यास और न्यूट्रॉनो की संख्या |

                                       K L M N                न्यूट्रॉन की संख्या 

i) 919F                            2 , 7                         10

ii) 1224Mg                        2 , 8 , 2                     12

iii)  1428Si                        2, 8, 4                        14

iv) 1531P                         2, 8, 5                         16

v)  1735Cl                       2 , 8 , 7                       18

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