CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 12 लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताएँ are given below for Hindi Medium Students.
CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 12 लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताएँ
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प्रश्न 01 : कौन – कौन से देश में उपयुक्त लक्षण कब – कब थे?
उत्तर : अधिनायक तंत्र के लक्षणों के कुछ देश और समय निम्न है।
i) लीबिया में 2012 के पूर्व तक |
ii) म्यांमार में 2011 के पूर्व तक |
iii) भारत में 1947 के पूर्व तक |
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प्रश्न 02 : कौन – कौन से देश में निरंकुश तंत्र के लक्षण कब – कब अंत हो गए?
उत्तर : लीबिया 2012, म्यांमार 2011, ट्यूनीशिया 2010, आदि देशों निरंकुश तंत्र का अंत हो गया।
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प्रश्न 03 : सन् 1900 तक के लोकतांत्रिक सरकार वाले देश का नाम व संख्या पता करें |
उत्तर : संयुक्त राज्य अमेरिका इटली कनाडा और इंग्लैंड आदि प्रमुख देश थे जहां पर सन् 1900 से पहले ही लोकतान्त्रिक देश बन चुके थे।
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प्रश्न 04 : सन् 1900 से 1950 के मध्य बने लोकतांत्रिक देशों की पहचान कीजिए |
उत्तर : सन् 1900 से 1950 के बीच प्रमुख रूप से भारत, पाकिस्तान, म्यांमार, आदि देश है।
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प्रश्न 05 : ऐसे देशों की पहचान कीजिए जहाँ सन् 1950 से 1975 के बीच लोकतंत्र आया?
उत्तर : इसमें प्रमुख देश द. अफ्रीका, सूडान, नामीबिया, आदि है | जिन्हें 1950 से 1975 के बीच लोकतंत्र स्थापित हुआ।
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प्रश्न 06 : सन् 2011 तक कुल लोकतांत्रिक देशों की संख्या ज्ञात कीजिए?
उत्तर : 2011 तक विश्व में लगभग 176 देश लोकतांत्रिक है।
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प्रश्न 07 : ऐसे देश की पहचान कीजिए जिन्होंने सन 1975 के बाद लोकतंत्र अपनाया|
उत्तर : ब्राजील, नामीबिया, द. अफ्रीका |
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प्रश्न 8 : किन परिस्थितियों में जनता सरकार को बदल सकती है? चर्चा करें |
उत्तर : लोकतांत्रिक देशों में जनता द्वारा एक निश्चित समय अवधि के लिए सरकार को चुनाव किया जाता है | परंतु यदि कोई सरकार अपना बहुमत खो दे या किसी प्रकार के गंभीर आरोप लगे हो तो ऐसी परिस्थितियों में जनता चुनाव करके सरकार बदल सकती है|
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प्रश्न 9 : चुनाव के लिए निश्चित समय अवधि क्यों होती है?
उत्तर : सभी सरकारों के चुनाव एक निश्चित समय के लिए किया जाता है | यह अवधि अलग-अलग क्षेत्रों व पदों के लिए अलग-अलग हो सकती है | लोकतंत्र में सरकार सत्ता में पुनः तभी आ सकती है, जब जनता उसका पुनः चुनाव करें | चुनाव का समय वह समय होता है जब देश का हर व्यक्ति शक्ति का अनुभव करता है और सरकार पर अपना नियंत्रण समझता है | यही कारण है कि एक निश्चित अवधि पर चुनाव होने से जनता का नियंत्रण सरकार पर बना रहता है |
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प्रश्न 10 : लोकतंत्र में एक से अधिक दलों का होना क्यों आवश्यक है?
उत्तर : लोकतंत्र में बहुदलीय व्यवस्था होने से लोकतंत्र की नींव मजबूत होती है, क्योंकि मतदाताओं के समक्ष कई विकल्प होते हैं, सभी दलों का अपना अलग सिद्धांत और विचार होता है, जिसे वह लेकर चुनाव में आते हैं | मतदाताओं को इनमें से अपने हितों तथा राष्ट्र और समाज का कल्याण करने वाले दल का चुनाव कर लोकतंत्र को और भी सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं |
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प्रश्न 11 : क्या सार्वभौमिक मताधिकार देने के लिए कुछ शर्ते होनी चाहिए? चर्चा करें
उत्तर : सार्वभौमिक मताधिकार के लिए किसी भी प्रकार की शर्ते नहीं होनी चाहिए | क्योंकि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है| लोकतंत्र का मतलब यही होता है कि संपूर्ण जन भागीदारी सुनिश्चित किया जाए, यदि हम इसमें किसी प्रकार की शर्त लिंग, जाति पात, समुदाय, अमीरी गरीबी या किसी भी आधार पर मताधिकार करवाते हैं तो यह लोकतंत्र की मूल भावना की हत्या होगी | इसलिए देश के प्रत्येक मतदाता को जो कि मतदाता होने की योग्यता रखता हो, उसका एक मत भी लोकतंत्र में अमूल्य है |
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प्रश्न 12 : राजनैतिक समानता पर अपने विचार व्यक्त कीजिए?
उत्तर : सभी वयस्क व्यक्ति चाहे वह महिला हो या पुरुष अमीर हो या गरीब किसी भी धर्म जाति का हो उसे मत देने का अधिकार है, यह राजनीतिक समानता है | चुनाव में प्रत्येक व्यक्ति को चुनाव लड़ने और किसी भी निकाय में भाग लेने का अधिकार है|
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प्रश्न 13 : भारत के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से मतदान किस वर्ष प्रारंभ हुआ?
उत्तर : भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल सन 1999 के जनरल और राज्य चुनाव में इस्तेमाल हो रही है |
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प्रश्न 14 : आप लोकतंत्र से अपनी भागीदारी किस – किस तरह से निभा सकते है? आपस में चर्चा कीजिए |
उत्तर : हम आज विकासशील आधुनिक युग में जी रहे हैं | आज हमें जितने भी अधिकार और स्वतंत्रता मिली हुई है, उसका श्रेय हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को जाता है | इसलिए हमारी और सभी नागरिकों की यह जिम्मेदारी होती है कि वह लोकतंत्र के नींव को और मजबूत और सुदृढ़ करें | आज हमारे समाज में बहुत सी कुप्रथायें हैं | जैसे जातिवाद, क्षेत्रवाद, वंशवाद, और कुछ गरीब और पिछड़े क्षेत्र के लोग हैं, जिन्हें हमें जागरूक करना होगा, और उन्हें अपनी शक्ति को पहचानने में मदद करनी होगी, और यह तभी संभव है जब हम उन्हें मतदान से होने वाले व्यवस्था परिवर्तन की शक्ति का बोध करवाएंगे | अतः लोकतंत्र का महापर्व चुनाव कहलाता है, जिसमें हम सभी नागरिकों की जन भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना चाहिए |
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प्रश्न 15 : आपके विचार में जनभागीदारी के बिना लोकतंत्र सफल होगा या नहीं कारण दीजिए?
उत्तर : किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार जनभागीदारी ही होता है | लोकतंत्र तभी सफल माना जाता है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी भूमिका का निर्वहन करता है | लोकतंत्र में कानून बनाने और उसे लागू करने में भी नागरिकों की सक्रिय भूमिका होती है | सरकार को जनता से ही उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी मिलती है, और सरकार को जन चर्चा करके ही उसका निदान जनभावनाओं के अनुरूप में निकालना होता है. किसी भी योजना, कानूनी या नीति निर्माण के पूर्व जनता में कई माध्यम से उस पर चर्चा की जाती है | जैसे टी.वी. सोशल मीडिया, पत्र पत्रिकाएं, समाचार पत्र, आदि सरकार इन चर्चा पर अपनी विशेष नजर रखती है | और फिर संसद में उस पर चर्चा करके उसके हानि लाभ तथा परिणामों का आकलन किया जाता है | इसी के आधार पर सरकारी योजनाएं, नीति निर्धारण किया जाता है | यदि ऐसे विषयों पर जनभागीदारी न हो या जनता उदासीन हो जाए तो व्यापक चर्चा नहीं की जा सकती है, और ऐसी स्थिति में किसी भी योजना या कानून का जनहित में होना संदेहस्पद हो जाएगा | क्योंकि कोई भी व्यवस्था पूरे देश के लिए होगी और देश में भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कई तरह के लोग रहते हैं | इसलिए जनता की सक्रियता ही लोकतंत्र की प्राणवायु है | यदि जनता उदासीन या निष्किृय हो जाएगी तो यह लोकतंत्र के लिए घातक सिद्ध होगा |
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प्रश्न 16 : आपके आसपास की उन घटनाओं की सूची बनाएं जिसमें कानून का सम्मान नहीं किया गया, शिक्षक की सहायता से इस सूची पर चर्चा कीजिये |
उत्तर : कानून और संविधान के उल्लंघन की सबसे बड़ी घटना सन 1975 में देखने को मिलती है जब सभी लोकतांत्रिक शक्तियों का दमन करके आपातकाल लगाया गया था. हमारे आसपास निम्न घटनाएं होती रहती हैं :-
1. नेताओं की खरीद-फरोख्त
2. राजनीति में बढ़ता हुआ अपराधीकरण
3. जाति और क्षेत्रवाद के आधार पर मत विभाजन
4. लिंग के आधार पर भेदभाव पूर्ण आचरण
5. असंसदीय भाषाओं का प्रयोग आदि |
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प्रश्न 17 : मानव अधिकार के न होने पर लोगों की लोकतंत्र में भागीदारी कैसे प्रभावित होगी?
उत्तर : किसी भी व्यक्ति के लिए गरिमा पूर्ण जीवन और विकास के लिए उसका स्वतंत्र और मूलभूत अधिकारों का प्राप्त होना अति आवश्यक है | व्यक्ति मौलिक अधिकारों के बिना जीवन यापन और विकास नहीं कर सकता | मौलिक अधिकार ही व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हैं | जिसके माध्यम से नागरिक किसी भी विषय पर चर्चा और बातचीत करके उसके गुण दोष का आकलन करते हैं | मानव अधिकार लोकतंत्र का आधार स्तंभ है |
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प्रश्न 18 : किसी भी क्षेत्र में अल्पसंख्यक किन्हें कहा जाता है? एक उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए |
उत्तर : किसी भी देश में ऐसे समुदाय या वर्ग जिनका आधार धर्म, संप्रदाय, भाषा, रंग, क्षेत्र, लिंग या राजनीतिक विचार से इनकी जनसंख्या अन्य वर्गों की तुलना में कम होती है , उन्हें अल्पसंख्यक कहा जाता है | जैसे भारतीय लोकतंत्र में ईसाई, मुस्लिम, जैन, पारसी आदि समुदाय के लोग जनसंख्या में कम है. अतः इन्हें अल्पसंख्यक वर्ग का दर्जा प्राप्त है|
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प्रश्न 19 : यदि अल्प संख्याओं को बहुसंख्यकों के बराबर अधिकार न दिए जाएँ तो इन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर : यदि अल्पसंख्यक समुदाय को बहुत बहुसंख्यकों के बराबर अधिकार न दिए जाएं तो उनका शोषण होगा और वह गरिमामई तथा विकासशील जीवन यापन नहीं कर सकेंगे, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा |
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प्रश्न 20 : लोकतंत्र में विविधता को स्वीकार करना क्यों जरूरी है?
उत्तर : किसी भी लोकतांत्रिक देश में विभिन्न समुदाय, धर्म, भाषा, रंग रुप के लोग ही रहते हैं | कोई भी लोकतंत्र तभी सफल और मजबूत माना जाता है, जहां पर अल्पसंख्यक समुदाय को समानता का अधिकार और अवसर प्राप्त होता है | अनेकता में एकता ही लोकतांत्रिक देश का मूल मंत्र होता है |
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प्रश्न 21 : समावेशीकरण का क्या आशय है? एक उदाहरण देकर समझाइए |
उत्तर : लोकतंत्र में समावेशी का मतलब होता है, एक संतुलन स्थापित करना | जिस प्रकार बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच एक ऐसे मार्ग का चुनाव करना जिससे दोनों के ही अधिकार सुरक्षित रहें और दोनों ही समुदाय के विकास, स्वतंत्र, सुरक्षा के समान अवसर, उपलब्ध हो सके |
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प्रश्न 22 : विभिन्न समाजों के बीच समावेशीकरण क्यों जरूरी है?
उत्तर : जब किसी क्षेत्र में किसी समुदाय या वर्ग अल्पसंख्यक होता है तो, वहां पर समावेशी करण की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, इस कारण अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा और अपनापन का भाव जागरूक रहें | उन्हें ऐसा न लगे कि वह अल्पसंख्यक होने के कारण उनका शोषण और अधिकारों का हनन हो रहा है | इसलिए समावेशीकरण से ऐसे मामलों में समाज में संतुलन बनाया जा सकता है |
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प्रश्न 23 : लोकतंत्र को बेहतर बनाने के लिए क्या – क्या किया जाना चाहिए? आपस में चर्चा कीजिए|
उत्तर : लोकतंत्र को और प्रभावी और बेहतर बनाने के लिए सतत प्रयास तो जारी है, किंतु कुछ क्षेत्र जैसे महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण, महिलाओं के रोजगार, शिक्षा के क्षेत्र में और ध्यान देने की आवश्यकता है | क्योंकि यह आधी आबादी अब तक केवल घरों में तक ही सीमित रही है, और साथ ही बच्चों की स्वास्थ्य शिक्षा पर विशेष बल देना होगा. लोकतांत्रिक संस्थाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष आचरण करने हेतु प्रेरित करना होगा | जैसे लोगों की लोकतंत्र में आस्था और बढ़े तथा उसकी जड़ें और मजबूत हो सके |
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प्रश्न 24 : यदि आपको सरपंच या महापौर बना दिया जाए तो लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ऐसे कुछ कार्यों की सूची बनाइए जो आप करना चाहेंगे |
उत्तर : सरपंच या महापौर बनने पर हमारी कार्यसूची में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर रहेगा:-
1. अपने क्षेत्र में साफ-सफाई पर विशेष अभियान चलाएंगे |
2. महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंधन |
3. गरीब और बेसहारा बच्चों के रहने और शिक्षा का प्रबंधन |
4.अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की सुविधा और शिकायत के लिए अलग से प्रबंधन.
5. समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए हर जगह पर विशेष प्रबंध किए जाएंगे |
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प्रश्न 25 : लोकतंत्र के और कौन – कौन से गुण एवं दोष है? एस सूची में जोड़ने हेतु चर्चा करें |
उत्तर :
| लोकतंत्र के पक्ष में तर्क | लोकतंत्र के विपक्ष में तर्क |
| 1) लोकतंत्र में जनता का शासन होता है, चुनी हुई सरकार को संविधान के अनुरूप एक निश्चित अवधि तक सरकार चला सकती है|2) लोगों की भागीदारी अधिक होने के कारण पारदर्शिता आती है और विचारों की अधिकता होती है |3) जनभागीदारी होने से निर्णय विलंब से किंतु उनके गुण-दोष के आधार पर उनमें सुधार की संभावना रहती है |4) चुनाव से सुधार की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसके निरंतर विकास से लोगों के हितों की रक्षा होती है | 1) बार-बार चुनाव से प्रतिनिधि बदलते रहते हैं जिस कारण विश्वसनीयता का अभाव देखने को मिलता है | 2) लोकतंत्र में बार-बार चुनाव का मतलब लड़ाई और सत्ता संघर्ष, जिसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है |3) बहुत ज्यादा लोगों के कारण महत्वपूर्ण निर्णय लेने में विलंब होता है |4) चुनाव में केवल सत्ता की लड़ाई और खर्चीली होती है, इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है | |
अभ्यास :
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प्रश्न 01 : निम्नलिखित शब्दों को चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
—————— शासन पद्धति दूसरों से बेहतर है , क्योंकि यह शासन का अधिक ———- वाला स्वरूप है | लोकतंत्र नागरिकों का ———— बढ़ता है | इसमें ——— सुधारनें की संभावना रहती है | इसी वजह से लोकतंत्र को सबसे अच्छी ———– माना जाता है |
उत्तर :- i) लोकतांत्रिक , ii) जवाबदेही , iii) सम्मान , iv) गलती , v) शासन व्यवस्था|
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प्रश्न 02 दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए
अ ) लोकतंत्र किसका शासन है –
क ) राजा का
ख ) जनता का
ग ) सैनिक का
घ ) सामंत का
ब ) लीबिया में निर्णय लेने की अंतिम शक्ति किसके पास थी –
क ) जनता के पास
ख ) जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के पास
ग ) सैनिक संगठन के पास
घ ) विधायकों के पास
स ) भारत में किन – किन शासन प्रणाली है –
क ) अधिनायक तंत्र
ख ) राजतंत्र
ग ) सैन्य तंत्र
घ ) लोकतंत्र
उत्तर : अ ) ख ) जनता का, ब ) ग ) सैनिक संगठन के पास , स ) घ ) लोकतंत्र |
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प्रश्न 03 : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –
प्रश्न 01 : अधिनायक तंत्र किसे कहते है?
उत्तर : अधिनायक तंत्र में शासन की सारी शक्तियां एक ही आदमी के हाथों में केंद्रित रहती हैं| अधिनायक तंत्र में कानून का आधार शासक की इच्छा होती है | वह अपनी इच्छा के अनुसार कोई भी कानून बना सकता है, और उस आधार पर दिया गया निर्णय ही वहां का न्याय होता है |
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प्रश्न 02 : लीबिया और म्यांमार में सैनिक संगठन किसके प्रति उत्तरदायी था?
उत्तर : लीबिया में कर्नल गद्दाफी और म्यांमार में जनरल नेबिन के प्रति सैनिक संगठन उत्तरदायी था जों कि अधिनायक तंत्र का सूचक है।
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प्रश्न 03 : लोकतंत्र का प्रमुख शत्रु कौन है ?
उत्तर :- लोकतंत्र के सबसे बड़े शत्रु के रूप में निम्न लिखित कारणों को चिन्हित किया जा सकता है –
i) जनता के मत और अधिकारियों की अनदेखी ।
ii) शासन की शक्तियों का केन्द्रीकरण ।
iii) स्वतंत्र-निष्पक्ष न्यायपालिका जनसंचार व चुनाव आयोग का न होना।
iv) धर्म-जाति, क्षेत्रवाद के आधार पर विभाजन आदि ।
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प्रश्न 04 : लोकतंत्र में जनभागीदारी को समझाइए |
उत्तर : लोकतंत्र में शासन के संचालन में जनता की प्रमुख रूप से भागीदारी होती है | किसी भी सरकार को चुनने से लेकर उसके द्वारा बनाए जाने वाले कानून योजनाओं में जनता का बहुत बड़ा योगदान होता है। क्योंकि किसी भी विषय पर व्यापक चर्चा, विचार विमर्श, वाद-विवाद के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाता है कि यह कार्य जनता के हितों के अनुकूल है या नहीं। और यह प्रक्रिया जनता द्वारा ही विभिन्न स्तरों पर की जाती है।
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प्रश्न 05 : लोकतंत्र के माध्यम से चुनी हुई सरकार मनमानी क्यों नहीं कर सकती?
उत्तर : किसी भी लोकतांत्रिक देश में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों और प्रतिनिधि सभा द्वारा ही शासन का संचालन होता है, क्योंकि लोकतांत्रिक देशों में एक निश्चित समय अवधि पर सरकार को चुनने के लिए चुनाव कराए जाते हैं, और कोई भी पुनः चुनकर तभी आ सकता है, जब जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा हो | और निश्चित अवधि के बाद चुनाव के कारण जनता का सरकार पर नियंत्रण बना रहता है, इसलिए सरकार मनमानी नहीं कर सकती है |
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प्रश्न 06 : लोकतंत्र की कौन – कौन सी विशेषताएँ है?
उत्तर : लोकतंत्र की विशेषताएं निम्नलिखित है –
1) लोकतंत्र में सरकार या शासन प्रणाली जनता के प्रति जवाबदेह होती है |
2) निश्चित अवधि में चुनाव होने से जनता का नियंत्रण सरकार पर बना रहता है |
3) लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिकों को समान अवसर और विकास का मार्ग खुला रहता है |
4) अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान होते हैं |
5) सरकार शासन व्यवस्था और कानून संविधान के दायरे में काम करते हैं |
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प्रश्न 07 : लोकतंत्र में दोष अधिक है या गुण | चर्चा कर सूचीबद्ध कीजिए |
उत्तर :
| लोकतंत्र के पक्ष में तर्क | लोकतंत्र के विपक्ष में तर्क |
| 1) लोकतंत्र में जनता का शासन होता है, चुनी हुई सरकार को संविधान के अनुरूप एक निश्चित अवधि तक सरकार चला सकती है|2) लोगों की भागीदारी अधिक होने के कारण पारदर्शिता आती है और विचारों की अधिकता होती है |3) जनभागीदारी होने से निर्णय विलंब से किंतु उनके गुण-दोष के आधार पर उनमें सुधार की संभावना रहती है |4) चुनाव से सुधार की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसके निरंतर विकास से लोगों के हितों की रक्षा होती है | 1) बार-बार चुनाव से प्रतिनिधि बदलते रहते हैं जिस कारण विश्वसनीयता का अभाव देखने को मिलता है | 2) लोकतंत्र में बार-बार चुनाव का मतलब लड़ाई और सत्ता संघर्ष, जिसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है |3) बहुत ज्यादा लोगों के कारण महत्वपूर्ण निर्णय लेने में विलंब होता है |4) चुनाव में केवल सत्ता की लड़ाई और खर्चीली होती है, इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है | |
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प्रश्न 08 : स्वतंत्र – निष्पक्ष चुनाव के लिए कौन – कौन सी व्यवस्था होनी चाहिए? सुझावों की सूची बनाइए |
उत्तर : किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव एक ऐसी प्रक्रिया है जो कि उस देश का आधार स्तंभ है | इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए :-
1) चुनाव स्वतंत्र संस्था द्वारा कराए जाने चाहिए |
2) चुनाव तय समयाअवधि पर कराए जाएं |
3) चुनाव में प्रत्येक नागरिकों को वोट देने तथा चुनाव करने का अधिकार होना चाहिए |
4) महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय को प्रेरित करने के लिए चुनाव में विशेष प्रावधान होने चाहिए |