CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 14 जेण्डर समानता और महिला अधिकार are given below for Hindi Medium Students.
CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 14 जेण्डर समानता और महिला अधिकार
Page no .211
प्रश्न 01 : चित्र 1 में दिखाई गई साइकिल का उपयोग कौन करता है?
उत्तर : चित्र न 1 में दिखाई गई साइकिल का प्रयोग महिलाये और लड़कियां करती है।
Page no .211
प्रश्न 02 : चित्र 1 तथा 2 में दिखाई गई सायकल लड़के और लड़कियां के लिए अलग – अगल क्यों बनाई गई होगी?
उत्तर : चूंकि महिलाओं की वस्त्र संरचना ऐसी होती है जिसके कारण उनके लिए ऐसी साइकिल बनाई गई है। जैसे स्कर्ट और साड़ी पहन कर चला सके।
Page no .211
प्रश्न 03 : चित्र 3 व 4 में क्या अंतर है और क्यों?
उत्तर : चित्र न. 3 महिला का हैण्ड बैग है और चित्र न. 4 पुरुष का हैंडबैग है। इनकी बनावट के अंतर को देखकर यहां पता चलता है ।
Page no .211
प्रश्न 04 : चित्र 3 व 4 में दिखाए गए दोनों हैंडबैग का उपयोग कौन – कौन करते है?
उत्तर :चित्र न 3 के हैण्ड बैग का उपयोग महिलायें और चित्र न 4 के हैण्डबैग का उपयोग पुरूष करते हैं।
Page no .211
प्रश्न 05 : चित्र 1 से 8 तक जो वस्तुएँ दिखाई गई है इन्हें लड़के और लड़कियां उपयोग कर सकते है या नहीं?
उत्तर : चित्र संख्या 1,3,5,7 का उपयोग महिलाएं और लड़कियां करती हैं तथा चित्र संख्या 2,4,5,6 का उपयोग पुरुषों द्वारा किया जाता है |
प्रश्न 06 : नीचे लिखे शब्दों का संबंध आमतौर पर किससे जोड़ा जाता है ? तालिका में भरें :-सुंदरता, कोमलता, कठोरता, गुस्सा, सहनशीलता, बहादुरी, बातूनी, भावुक, श्रृंगार, मेहनत, बौद्धिक कार्य, गृह कार्य, बस चलाना, गाड़ी चलाना, कंप्यूटर पर काम करना, तकनीकी कार्य |
उत्तर :
| लड़की | लड़का | दोनों |
| सुन्दरता , कोमलता सहनशीलता , भावुक , श्रृंगार , गृहकार्य | बस चलाना , बहादुरी , गुस्सा , कठोरता तकनीकी काम मेहनत | सहनशीलता बौद्धिक कार्य कंप्यूटर पर कार्य |
Page no .212
प्रश्न 06(a) : हमने जिन शब्दों को लड़कियों से जोड़ा है , उन्हें किन कारणों से लड़कियों के ही साथ जोड़ा है?
उत्तर : कम मेहनत और आसान कार्यों को महिलाओं से जोड़ा गया है। यह सामाजिक रूप से किया गया विभाजन है।
Page no .212
प्रश्न 6(b) : हमने जिन शब्दों को लड़कों के साथ जोड़ा है , इन्हें उनके साथ क्यों जोड़ा है?
उत्तर : हमने ऐसे कार्य जो कि ज्यादा मेहनत और घर से बाहर किये जाते हैं उन्हें पुरूषों के साथ जोड़ा है। यह भी सामाजिक रूप से पूर्व ने ही निर्धारित है।
Page no .212
प्रश्न 6(c) : हमने कुछ शब्दों को लड़के व लड़कियों दोनों के साथ जोड़ा है , क्यों?
उत्तर : कुछ ऐसे कार्य है जो पुरुष और महिलायें दोनों समान रूप से कर सकते हैं। खासकर आधुनिक और बौद्धिक कार्य है।
Page no .212
प्रश्न 07 : जेण्डर शब्द से क्या अभिप्राय है?
उत्तर : मनुष्य का जन्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है किन्तु समाज में लड़का और लड़की के शारीरिक बनावट, रहन-सहन कार्यों में अंतर किये गये हैं। समाज द्वारा पुरूष और महिलाओं के लिए निर्धारित इसी दृष्टिकोण को जेंडर या लिंगभेद कहते हैं।
Page no .212
प्रश्न 8 : क्या विनम्रता , कोमलता , सहनशीलता केवल महिलाओं में ही होती है? कारण सहित चर्चा कीजिए |
उत्तर : बच्चे के जन्म के पश्चात् उनके लिंग के आधार पर पालन-पोषण और सामाजिक और सांस्कृतिक प्रक्रिया पृथक होती है। समाज में लिंग के आधार पर इनके दायित्वों का निर्धारण किया जाता है। सामान्य तौर पर विनम्रता, सहनशीलता, के गुण परवरिश संस्कार के आधार पर महिलाओं में ज्यादा पाये जाते है। किन्तु यह कहना सही नहीं होगा कि यह गुण पुरुषों में नहीं पाये जाते हैं। क्योंकि मनुष्य एक संवेदनशील प्राणी है और विनम्रता, कोमलता, सहनशीलता पुरुषों में भी पाई जाती है यदि पुरुषों में इसका अभाव होता तो समाज में डॉक्टर और अन्य लोक कल्याण के कार्य केवल महिलाओं द्वारा ही किये जाते है जबकि ऐसा नहीं। महिला और पुरुष दोनो के अंदर ही ऐसे गुण पाये जाते हैं।
नीचे कुछ कार्यों की सूची दी जा रही है। कृपया बताएँ कि आपके अनुसार कौन से कार्य पुरुषों के लिए, कौन से कार्य महिलाओं के लिए तथा कौन से कार्य दोनों के लिए उपयुक्त हैं?
उत्तर : कार्याें की सूची-
| क्र. | कार्य | पुरुष केवल | केवल महिला | दोनों |
| 1 | कारखानों में काम | कारखानों में कार्य | ||
| 2 | मजदूरी | मजदूरी | ||
| 3 | नर्स | नर्स | ||
| 4 | डॉक्टरी | डॉक्टरी | ||
| 5 | वकालत | वकालत | ||
| 6 | व्यापार | व्यापार | ||
| 7 | ब्यूटी पार्लर | ब्यूटी पार्लर | ||
| 8 | ट्रैक्टर चालक | ट्रैक्टर चालक | ||
| 9 | खेल | खेल | ||
| 10 | शिक्षकीय | शिक्षकीय |
प्रश्न 9. आपने जिन कामों को केवल पुरुषों के लिए उपयुक्त चुना, ऐसा क्यों? आपस में चर्चा कीजिए।
उत्तर : जो कार्य ज्यादा शारीरिक मेहनत और खतरे का है हमने उस कार्य के लिए केवल पुरुषों का चयन किया है | जैसे कि कारखानों में कार्य, व्यापार ,ट्रैक्टर चालक, आदि | इन कार्यों में शारीरिक मेहनत का साथ जोखिम की अधिकता होती है और साथ ही इसमें कार्य समय भी कार्य के अधिकता के समय ज्यादा हो जाता है | जिसमें सामंजस्य बढ़ाने और कार्यों में महिलाओं को कठिनाई होती है इसलिए ऐसे कार्यों को केवल पुरुषों के लिए चुना गया है |
प्रश्न 10. जो काम आपने केवल महिलाओं के लिए चुना है, उन्हें पुरुष क्यों नहीं कर सकते?
उत्तर : ऐसे कार्य जिसमें धैर्य, संवेदनशीलता और नाजुक हैंडलिंग की आवश्यकता होती है, उन कार्यों को महिलाओं के लिए चुना गया है | यह सभी कार्य एक जगह पर संचालित होते हैं | और इसमें जोखिम की संभावना नहीं होती है, और यह कार्य समय अवधि में होते हैं इसलिए उन कार्यों को महिलाओं के लिए चुना गया है |
प्रश्न 11. आपने जो काम महिला और पुरुष दोनों के लिए चुना है, आप क्यों मानते हैं कि वह दोनों के लिए उपयुक्त है?
उत्तर : कुछ ऐसे कार्य भी है जो महिला और पुरुष समान दक्षता के साथ कर सकते हैं | जैसे शिक्षण, डॉक्टरी, वकालत आदि | यह सभी बौद्धिक दक्षता के कार्य है, जिसे महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए चुना गया है | कार्यों की बौद्धिक स्तर पर दोनों की समान रूप से सफल माने जाते हैं, इस कारण इन कार्यों को दोनों के लिए ही चुना गया है |
Page no .214
प्रश्न 12 : श्यामलाल अपनी पत्नी रामबती को बाहर काम करने के लिए जाने से किन कारणों से रोकते है? क्या यह कारण न्याय की दृष्टि से उचित है?
उत्तर : श्यामलाल संकुचित विचार का व्यक्ति था | वह अपनी पत्नी को काम पर जाने से रोकता था और कहता था कि तू गैर मर्दों के साथ काम करेगी और घर के बाहर कार्य करेगी समाज में उसकी फजीहत कराएगी | लोग उसका मजाक उड़ाएंगे, और हसेंगे इसी कारण से उसकी पत्नी को काम पर जाने से रोकता था | श्यामलाल का अपनी पत्नी का कार्य करने से रोकना न्याय संगत नहीं था | संविधान में सभी व्यक्ति चाहे वह पुरुष हो या महिला समान अवसर और रोजगार प्राप्त करने का अधिकार है | श्यामलाल अपने ही पत्नी के अधिकारों का हनन कर रहा था जो कि आय के विरुद्ध था।
Page no .214
प्रश्न 13 : यदि श्यामलाल की पत्नी रामबती कारखाने या किसी और स्थान पर जाकर काम करती तो उसके परिवार की किन – किन स्थितियों में सुधार होता?
उत्तर : यदि श्याम लाल की पत्नी रामबती घर से बाहर निकल कर किसी कारखाने में काम करती तो घर की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बच्चों की परवरिश, शिक्षा, दीक्षा अच्छी तरह से होगी और बेटी की शादी के लिए पैसा जुटाने में मदद मिलेगी और रामवती अपनी शिक्षा और हुनर का भी उपयोग कर सकती है, और इससे वह अपने घर के आय में सहयोग कर सकती है | कार्य से होने वाली इनकम से वह अपना तथा अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकती है।
Page no .215
प्रश्न 14 : सावित्रीबाई फुले के समय कमजोर वर्ग के लोगों को किन – किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और क्यों?
उत्तर : सावित्रीबाई फुले के समय भारतीय समाज में निम्न वर्ग के लोगों की दशा बहुत ही दयनीय थी | जाति के आधार पर उनके साथ भेदभाव, हिंसा और अत्याचार किया जाता था, समाज में ऊंची जाति के लोग निम्न वर्ग के लिए तरह-तरह की नियम, पाबंदियां लगाते और धर्म का भय दिखाकर इन पर अत्याचार करते थे | इनका मूल कारण समाज में सदियों से चली आ रही वर्ण जाति और धार्मिक प्रयास से थे | जिन का सहारा लेकर निम्न और कमजोर वर्ग को हर तरह से प्रताड़ित किया जाता था।
Page no .215
प्रश्न 15 : सावित्रीबाई फुले स्त्रियों तथा कमजोर वर्ग की मुक्ति के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन क्यों मानती थी?
उत्तर : सावित्रीबाई फुले का मानना था कि सही शिक्षा से ही स्त्रियों और समाज का कल्याण संभव हो सकता है | शिक्षा के कारण स्त्रियों और निम्न वर्ग में जागरूकता का संचार हो सकता है, और उन्हें सही और गलत की पहचान हो सकती है | जिसके आधार पर समाज में व्याप्त कुरीतियों का विरोध कर सकते हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे इसमें सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को अपना अस्त्र बनाया और जनकल्याण की लड़ाई लड़ी।
Page no .216
प्रश्न 16 : सावित्रीबाई फुले ने स्त्रियों की शिक्षा के लिए क्या प्रयास किये?
उत्तर : सावित्रीबाई फुले ने स्त्रियों की शिक्षा के लिए सन 1948 में महिलाओं और लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला | इसके बाद वह सतत प्रयास करते हुए सन् 1997 तक लड़कियों और महिलाओं के लिए 17 विद्यालयों की स्थापना की।
Page no .216
प्रश्न 17 : सावित्रीबाई फुले के स्त्री शिक्षा तथा समाज सुधार के प्रयासों का दूरगामी क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर : सावित्रीबाई फुले की स्त्री शिक्षा और समाज सुधारक का बहुत ही सकारात्मक दूरगामी परिणाम हुआ, महिलाएं तथा निम्न वर्ग शिक्षा के सहारे लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति जागरूक किया और उन पर होने वाले अत्याचार और शोषण के प्रति समाज को सजग किया, जिससे भविष्य में ऐसी अलोकप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।
Page no .216
प्रश्न 18 : आपके विचार से ज्योतिबा ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई को पढने में सहयोग और प्रोत्साहन क्यों दिया होगा?
उत्तर : ज्योतिबा फुले स्वयं एक बहुत बड़े समाज सुधारक थे | उनकी पत्नी ने उन्हीं का अनुसरण कर महिलाओं और निम्न वर्ग के सुधार के लिए कार्य प्रारंभ किया | ज्योतिबा फुले अनपढ़ थी, किंतु उनके पति ने उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि उनका अशिक्षित होना उनके समाज कल्याण के कार्य में बाधक बन रहा था, सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा ग्रहण किया और अपने स्कूल की प्रथम शिक्षिका बनी।
Page no .218
प्रश्न 19 : लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी कैसे सुनिश्चित हो सकती है ?
उत्तर : महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें राजनैतिक ,सामाजिक क्षेत्र में बराबरी का अवसर उपलब्ध कराना होगा | क्योंकि आज भी भारतीय समाज में महिलाओं के लिए कई प्रकार के प्रतिबंध है, इसी कारण महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें राजनीतिक, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में आरक्षण उपलब्ध कराकर उनकी सहभागिता कुछ हद तक सुनिश्चित किया जा सकता है।
Page no .218
प्रश्न 20 : भारत में स्वतंत्रता से पूर्व महिलाएँ कौन – कौन से अधिकारों की मांग कर रही थी?
उत्तर : भारत में स्वतंत्रता के बाद महिलाओं ने अपने लिए प्रमुख रूप से मताधिकार स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाओं की मांग किया था।|
प्रश्न 21. छत्तीसगढ़ और हरियाणा की तुलना करते हुए बताएँ कि दोनों के लिंगानुपात में कितना अन्तर है व क्यों है?
उत्तर : छत्तीसगढ़ की तुलना में हरियाणा में लिंग अनुपात में महिलाओं की संख्या कम होने का प्रमुख कारण यह है कि आज भी हरियाणा में लड़कों को विशेष महत्व दिया जाता है और लड़कियों का हीन भावना से देखा जाता है | इसी कारण यह अंतर छत्तीसगढ़ की तुलना में हरियाणा में अधिक है।
Page no .220
प्रश्न 22 : स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं में प्रतिनिधि चुने जाने के बाद महिलाओं को किस – किस तरह के अनुभव हुए?
उत्तर : स्थानीय स्वशासन की समस्याओं में प्रतिनिधि चुने जाने के बाद महिलाओं ने यह अनुभव किया कि समाज का पुरुष समुदाय इसे सहज स्वीकार करने में असमर्थ था और पुरुषों द्वारा पुरुषों को महिलाओं द्वारा लिए गए निर्णयों और कार्यों को पुरुष प्रधान मानसिकता के कारण मानने में कठिनाई हो रही थी।
Page no .220
प्रश्न 23 : महिलाओं ने राज्य की विधान सभाओं एवं संसद में आरक्षण की मांग क्यों की?
उत्तर : संविधान के 73 वें व 74वें संविधान संशोधन में महिलाओं को स्थानीय प्रशासन में सभ्यता के लिए 33% आरक्षण तो मिल गया, किंतु पुरुष प्रधान समाज और मानसिकता होने के कारण और स्थानीय प्रशासन के शक्तिहीन होने से पुरुष समाज द्वारा इसे मानने में कठिनाई हो रही थी | इसी कारण महिलाओं के विधानसभा और संसद में अपने लिए 33% आरक्षण की मांग रखी थी।
Page no .221
प्रश्न 24 : उपरोक्त तालिका में आप देख सकते हैं कि लोकसभा में महिलाओं की संख्या बहुत कम है | इसके क्या कारण हो सकते हैं ?
मत राजमोहिनी ने सन् ______में ________ सत्याग्रह शुरू किया |
उत्तर : 28 मार्च, सन् 1953 में, भट्टी तोड़ सत्याग्रह |
Page no .221
प्रश्न 25 : माता राजमोहिनी देवी के जीवन काल में छत्तीसगढ़ के गांवों में कौन – कौन सी समस्याएं थी?
उत्तर : उस समय छत्तीसगढ़ में जागरूकता और निरक्षरता के कारण समाज में अंधविश्वास, रूढ़िवादिता, मध्य पान जैसी समस्याएं विकराल रूप से व्याप्त हैं।
Page no .221
प्रश्न 26 : क्या वर्तमान में ये समस्यांए विद्यमान है? यदि हाँ तो इन्हें दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्या भूमिका ही सकती थी ?
उत्तर : वर्तमान में भी मद्यपान अंधविश्वास और रूढ़िवादिता जैसी समस्याएं विद्यमान है, इनसे छुटकारा पाने के लिए छत्तीसगढ़ के युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है | इन सभी समस्याओं का हल शिक्षा और जागरूकता से हो सकता है | क्योंकि शिक्षा ही एक ऐसी विद्या है, जिससे मानव के रहन-सहन,आर्थिक स्थिति और मानसिक सोच में सकारात्मक परिवर्तन संभव हो सकता है | शिक्षा से लोगों में जागरूकता आएगी और वे इन सभी बुराइयों से होने वाली हानि का सही मूल्यांकन कर सकेंगे | अर्थात हमें समाज को शिक्षित और जागरूक करने की आवश्यकता है, जिससे हम इन बुराइयों को जड़ से समाप्त कर सकें।
प्रश्न 27 : आपके आसपास महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा कीजिए | शराब से मनुष्य को होने वाले नुकसान पर चर्चा कीजिए ?
उत्तर : पहले की अपेक्षा आज महिलाओं की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है, आज की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग और जागरूक है | महिला सशक्तिकरण में आज हर क्षेत्र में महिलाओं को कार्य करने का अधिकार है और वह इस नए दायित्व का सफलता पूर्वक निर्वहन भी कर रही हैं | आज महिलाओं के लिए अलग से महिला पुलिस थाना, न्यायालय, अस्पताल, बस, स्कूल, आदि की सुविधाएं प्राप्त हैं | जिनसे उन्हें सुविधा होती है | महिलाओं को संपत्ति में आज बराबर का अधिकार प्राप्त है | जिससे वह सम्मानजनक जीवन निर्वहन कर रही है | केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं को रोजी रोजगार के लिए पैसों से आसान ब्याज पर ऋण की व्यवस्था है | जिससे महिलाएं अपने रूचि और योग्यता के आधार पर व्यापार कर सकती हैं | शराब से तन -मन -धन तीनों का ही नुकसान होता है | यह किसी प्रकार से व्यक्ति के लिए सही नहीं है | आज भारत में शराब से होने वाली दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं | शराब पीने वाले व्यक्ति का लीवर, गुर्दा आज जल्दी खराब हो जाता है | शराब से व्यक्ति के परिवार में सदैव कलह की स्थिति पैदा होती रहती है और बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है, और उनकी शिक्षा अधिकारियों में व्यवधान उत्पन्न होता है | एक तरह से हम कह सकते हैं कि शराब समाज का कैंसर है जो कि व्यक्ति परिवार और समाज को खोखला कर देता है।
प्रश्न 28 : महिला आयोग की आवश्यकता क्यों महसूस की गई ?
उत्तर : विशेष तौर पर महिलाओं की समस्याओं से निपटने के लिए महिला आयोग का गठन राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर किया जाता है, जिसमें महिलाएं बिना भय और संकोच के अपनी शिकायते दर्ज करा सके और उसका निवारण किया जा सके।
Page no .223
प्रश्न 29 : महिला आयोग पीड़ित महिलाओं को कैसे सहायता करता है?
उत्तर : महिला आयोग महिलाओं की आर्थिक,सामाजिक स्थिति सुधारने में सहायता करता है, साथ ही साथ यदि किसी महिला के साथ अन्याय या कोई अपराध होता है तो उसे संवैधानिक तथा कानूनी संरक्षण और सहायता भी देता है। महिला आयोग, बाल विवाह, तलाकशुदा,विधवा महिला, अनाथ महिलायें, तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसे मामलों में महिलाओं को जागरूक करना है और समय-समय पर प्रचार-प्रसार और अन्य साधनों से महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्य के प्रति जागरूक भी करना रहता है। जिससे महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अन्याय और शोषण को कम किया जा सके।
अभ्यास :
Page no .223
प्रश्न 01 : सही विकल्प चुनिए –
अ ) जेण्डर क्या है?
क ) शारीरिक भेद
ख ) आर्थिक भेद
ग ) सामाजिक भेद
घ ) राजनीतिक भेद
ब ) महिलाओं के घरेलू श्रम को समझा जाता है –
क ) बहुत अधिक आय वाला कार्य
ख ) बिना किसी मजदूरी वाला कार्य
ग ) बिना किसी उपयोग का कार्य
घ ) महिलाओं का स्वाभाविक कार्य
स ) साफ – सफाई , खाना बनाना , कपड़े धोना आदि काम पुरुष घर में करना पसंद नहीं करते लेकिन बाहर ऐसे काम करते हुए दिखाते है, ऐसा क्यों है?
क ) क्योंकि उससे आय होती है
ख ) कार्य को सम्मानजनक नहीं माना जाता
ग ) ऐसे कार्यों के लिए पैसे नहीं मिलते
घ ) ऐसे कार्यों के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है
द ) बहुत से लोग जेण्डर आधारित भूमिकाओं का पालन करते है क्योंकि –
क ) वे पुराने रीति – रिवाजों को मानते है तथा उसमें बाहर नहीं निकल पाते है |
ख ) वे ऐसी भूमिकाओं में बदलाव को कानून के खिलाफ समझते है |
ग ) वे सोचते है कि भूमिकाएँ बदलने से महिलाओं के साथ अन्याय होगा |
घ ) उन्हें भूमिकाओं को बदलना कठिन लगता है |
उत्तर : i) क ) शारीरिक भेद, ii) ख ) बिना किसी मजदूरी वाला कार्य , iii) क ) क्योंकि उससे आय होती है, iv) क ) वे पुराने रीति – रिवाजों को मानते है तथा उसमें बाहर नहीं निकल पाते है |
Page no .224
प्रश्न 02 रिक्त स्थान की पूर्ति करें –
क) प्रारंभ में महिलाओं ने अपने जीवन से जुड़ें —————- अधिकारों की मांग की |
ख ) स्थानीय स्वशासन के निकायों में महिलाओं को ———- 33 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है |
ग ) महिलाएँ आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए ———– बना रही है |
घ) महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए………………. बना रही है।
उत्तर : क ) राजनैतिक, ख) 33 प्रतिशत और कहीं कहीं 50 प्रतिशत, ग ) संसद और विधानसभाओं में (घ) संगठन |
Page no .224
प्रश्न 03 नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर दें –
प्रश्न 01 : महिलाओं के विषय में कौन – कौन से पूर्वाग्रह होते है?
उत्तर : महिलाओं के बारे में यह पूर्वाग्रह देखा गया कि यदि कोई महिला है तो यह घर के कार्य में दक्ष होगी। शासनिक तथा प्रशासनिक कार्य इसके क्षमता से बाहर के कार्य होंगे। महिलाएं केवल घर बाल बच्चों के कार्य ही दक्षता से कर सकती है।
Page no .224
प्रश्न 02 : महिलाओं के घर या बाहर किए जाने वाले कार्यों में मुख्य रूप से क्या अंतर है ?
उत्तर : आज के आधुनिक युग में महिलाओं ने अपने आप को कार्य के हर क्षेत्र में अपनी योग्यता से प्रभावित किया है। महिलाएं घर में गृह कार्य जैसे भोजन बनाना, बच्चों की परवरिश करना और अन्य गृह करती है परन्तु व्यावसायिक रूप से इसका कोई मूल्य नहीं रहता है। परन्तु यदि महिलाएं बाहरी कार्य जैसे – नर्स , शिक्षण, डॉक्टरी या अन्य कोई कार्य करती हैं तो धन अर्जन कर के अपने तथा परिवार के लिए आर्थिक तौर पर योगदान करती है।
Page no .224
प्रश्न 03 : सावित्रीबाई फुले द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में क्या पढाया जाता था?
उत्तर : सावित्री बाई फुले द्वारा चलाये जा रहे स्कूलों में महिलाओं के लिए नीति बोध कथा, बाल-बोध व्याकरण, गणित, भूगोल, मराठों का इतिहास, एशिया का भूगोल, यूरोप तथा भारत के मानचित्रों की शिक्षा प्रदान किया जाता था।
Page no .224
प्रश्न 04 : महिलाओं ने अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए क्या प्रयास किया?
उत्तर : सर्वप्रथम आजादी के पूर्व प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा 1917 में हो रही थी तब महिलाओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं की मांग किया। सन् 1921 में पहली बार मद्रास विधान सभा में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। सन् 1935 में महिलाओं को विधान परिषद में आरक्षण का प्रावधान प्राप्त हुआ। आजादी के बाद महिलाएं अपने अधिकारों के लिए और सजग और जागरूक हो गई। वे कई संगठन बना कर अपने अधिकारों जैसे – शिक्षा, नौकरी, व्यक्तिगत सुरक्षा, दहेज मुक्ति संपत्ति में भागीदारी जैसे अधिकारों की मांग करने लगी। सम्पत्ति का अधिकार 1956 में बन गया। किन्तु इसमें बहुत कमियां थी। किन्तु इनके सतत संघर्ष और आंदोलन से सन् 2005 में इसमें सुधार कर कमियों को दूर किया गया है। किन्तु आज भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का मामला अटका हुआ है। आज भी महिलाएं सतत अपने अधिकारों के लिए सर्घबरत है।
Page no .224
प्रश्न 05 : समाज में जेंडर भेद किन – किन कारणों से उत्पन्न होता है?
उत्तर : समाज में जेंडर भेद का एक प्रमुख कारण हमारी परम्परागत सोच और रूढ़िया है जिसमें यह निर्धारित किया गया है की घर के अंदर के कार्य और सहज कार्य महिलायें ही कर सकती हैं। जिससे वह सुरक्षित रहें। केवल पुरूष ही घर के बाहर के कार्य और कठिन कार्य कर सकते हैं। लड़कियों को ज्यादातर शिक्षा, नर्स , डॉक्टरी आदि क्षेत्रों की शिक्षा और कार्य के लायक समझा जाता है जबकि लड़कों को आधुनिक और हर क्षेत्र के योग्य समझा जाता है।
महिलाओं को पुरुषों की तुलना में मजदूरी क्षेत्र में कम मेहनताना दिया जाता है। सामाजिक और धार्मिक कार्यों में महिलाओं को पुरुषों से कम महत्व दिया जाता है।
Page no .224
प्रश्न 06 : अगर महिलाओं को निर्णय लेने वाली संस्थाओं में सामान भागीदारी मिले तो इसका महिलाओं की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
उत्तर : यदि महिलाओं को निर्णय लेने वाली संस्था में समाज भागीदारी मिले तो निम्नलिखित सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं।
1. देश में जो भी विकास की योजनायें बनेंगी वह महिलाओं और लड़कियों की हितों को भी दृष्टि में रखकर बनेगी जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
2. संसद या विधान सभाओं में महिलाओं की भागीदारी से समाज में हो रहे इनके प्रति अपराध और भेदभाव पूर्ण व्यवहार के विरोध में कानून बनेगे और इन्हें समाज में भयमुक्त वातावरण मिलेगा।
3. महिलाओं की भागीदारी ऐसी संस्थाओं मे बढ़ेगी तो इनका पारिवारिक जीवन भी बेहतर होगा और यह अपने परिवार की प्रगति में पुरूषों के समान बराबरी का योगदान कर सकेंगी।
Page no .224
प्रश्न 07 : महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए किस – किस तरह के प्रयास किए जा रहे है?
उत्तर : आज के युग में महिलाओं को आर्थिक सामाजिक राजनीतिक औद्योगिक शिक्षा आदि सभी क्षेत्रों में प्रोत्साहन के लिए केवल सरकार और सरकारी संस्था ही नहीं अपितु अनेक सामाजिक संगठन पूरे मनोयोग से प्रयासरत हैं कुछ दशकों में इनकी स्थिति सुधारने के लिए बहुत से प्रयास किए गए हैं जिसमें प्रमुख निम्नलिखित हैं
1.महिलाओं को संपत्ति में बराबर की भागीदारी
2. सभी चुनावों में महिलाओं के लिए सीटों या चुनाव क्षेत्रों का आरक्षण प्राप्त होना किसी राज्य में यह 33% है तो किसी राज्य में यह 50% तक है |
3. महिलाओं और लड़कियों के लिए ग्राम स्तर पर महिला स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर अलग से शिक्षा की व्यवस्था |
4. महिलाओं को स्वयं का उद्योग और रोजगार करने के लिए बैंक द्वारा आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा सरकार द्वारा महिला उद्यमियों को सब्सिडी का प्रावधान है. 5. केंद्र तथा राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए आंगनबाड़ी, शिक्षा मित्र, मितानिन जैसी योजनाएं बनाकर निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा दवाइयां आदि उपलब्ध करवाना |
6. महिलाओं के जमीन खरीद पर कर में विशेष छूट का प्रावधान है जिससे महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सफल हो रही हैं |
7. महिलाओं को सभी सरकारी नौकरी आरक्षण प्राप्त और आज देश के सभी भागों में पुरुषों की तरह महिलाएं भी कार्यरत हैं | जिससे उनके आत्मविश्वास बहुत ही दृढ़ हुआ है।
Page no .224
प्रश्न 08 : समाज में मौजूद जेंडर भेद को समाप्त करने के लिए क्या – क्या किया जाना चाहिए?
उत्तर : समाज में मौजूद जेंडर भेद को समाप्त करने के लिए निम्नलिखित आय किये जा सकते हैं।
1. हमें अपनी रूढ़ीवादी विचारधारा को त्यागना चाहिए। लड़की और लड़के में भेदभाव नहीं करना चाहिए।
2. महिलाओं को आगे बढ़ने तथा संबल बनाने में सबको योगदान करना चाहिए क्योंकि जिस प्रकार एक पुरूष परिवार तथा समाज के लिए आवश्यक है उसी प्रकार महिलायें भी आवश्यक है।
3. लड़कियों को सदैव शिक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए उन्हे उनकी इच्छा के अनुसार प्रगति के लिए संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए और हर सम्भव सहायता कर के उनका उचित मार्गदर्शन करना चाहिए।
4. राजनैतिक तथा प्रशानिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा करने की कोशिश होनी चाहिए और इनके निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि ऐसा देखा गया है कि महिलाएं पुरूषों की अपेक्षा ज्यादा संवेदनशील होती है इसलिए भविष्य में समाज के लिए इनके निर्णय ज्यादा कारगर हो सकते हैं।