CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 6 जो मैं नहीं बन सका – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 6 जो मैं नहीं बन सका is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 हिंदी पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 6 जो मैं नहीं बन सका

CGBSE समाधान कक्षा 8 हिंदी अध्याय 6 – जो मैं नहीं बन सका हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 6 हिंदी are given below for Hindi Medium students.


अभ्यास : 

पाठ से : 

Page no :  31  (जो मैं नहीं बन सका)

प्रश्न 01 : ‘ जो मैं नहीं बन सका ‘ शीर्षक पाठ में लेखक की इच्छा क्या – क्या बनने की थी? 

उत्तर :- जो मै नहीं बन सका शीर्षक पाठ में लेखक की इच्छा पेंटर ,गेट कीपर ,हेड मास्टर ,चपरासी।,पहलवान ,जादूगर और इसके अलावा बस ड्राइवर ,हलवाई दर्जी ,सड़क साफ करने वाले इंजीनयर  इंचार्ज ,थानेदार ,नौटंकी का डांसर ,सर्कस का जोकर ,आइसक्रीम बेचने वाला आदि  बनने की थी और अंत में लेखक बन गए।   

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प्रश्न 02 : पेंटर को 10 रुपये एडवांस के लिए गिड़गिड़ाते हुए देखकर लेखक के बालमन में क्या भाव उत्पन्न हुआ? 

उत्तर :-पेंटर को 10 रूपये एडवांस के लिए गिड़गिड़ाते हुए देखकर लेखक का पेंटर बनने का भ्रम टूट गया ,उसने तय किया कि वह पेंटर नहीं बनेगा। 

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प्रश्न 03 :  सिनेमाघर का गेटकीपर बनने को लेकर लेखक के मन में किस प्रकार के भाव थे और क्या परिणाम हुआ? 

उत्तर :- सिनेमाघर का गेटकीपर बनने को लेखक ईश्वरीय वरदान की भांति समझता था, क्योंकि तीनो शो मुक्त में रोज देखने को मिलेगी। इसका परिणाम यह हुआ की पढ़ाई तो खराब हो ही रही थी, लेखक को अपने पिता से मार भी पड़ी। 

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प्रश्न 04 : लेखक कक्षा 6 वी की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में फेल हो गया | उसने फेल होने के आप को क्या कारण आपको लगते है?  

उत्तर :-लेखक के कक्षा छठवी की अर्धवार्षिक परीक्षा में फेल होने का कारण था, कि वे बचपन में न जाने क्या -क्या बनना चाहते थे। एक बार वे टॉकीज के गेटकीपर बन गए उन्हें गेटकीपर बनना ईश्वरीय वरदान की भांति लगा। इस चक्कर में उनकी पढ़ाई चौपट हो गयी। फलतः वे छठवी की छमाही परीक्षा में फेल हो गए।   

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प्रश्न 05 : लेखक सबसे पहले किससे प्रभावित हुआ? 

उत्तर :-लेखक सबसे पहले पेंटर से प्रभावित हुए।  

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प्रश्न 06 : पेंटर को देखकर लेखक के मन में किस तरह का भाव उत्पन्न हुआ? 

उत्तर :- पेंटर को देखकर लेखक के मन में यह बात आयी की पेंटर का काम कितना अच्छा है, बोर्ड बनाओ और दिन भर टॉकीज पर रहो।  

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प्रश्न 07 : घंटी बजाने वाले को नौकरी से क्यों निकाल दिया गया? 

उत्तर :- घंटी बजाने वाले की नौकरी बीस वर्ष बाद भी पक्की नहीं थी ,इसलिए उसे निकाल दिया गया।  

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प्रश्न 08 : लेखक के जादूगर बनने का सपना कैसे टूट गया? 

उत्तर :-लेखक ने जब जादूगर को रुपये के लिए रोता देखा तो उसकी दुर्दशा को देखकर लेखक को गहरा धक्का पहुंचा और उसका जादूगर बनने का सपना टूट गया।  

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प्रश्न 09 : प्रस्तुत पाठ में वर्णित जादूगर के दो करतब लिखिए?

उत्तर :- जादूगर ने चुररेट बोल बोलकर कागज से नोट बनाये ,लड़की को हवा में उड़ाया ,खाली हाथ से लड्डू पैदा किया। 

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प्रश्न 10 : निम्नलिखित बाते किस पद के लिए कही गई है-

क ) जो शख्स कागज से रुपये तथा हवा से मिठाई बना लेता हो , उसकी यह दुर्दशा | 

उत्तर :-ये बाते जादूगर के लिए कही गयी है।  

ख ) मैं राणा साँगा की तरह यंहा – वंहा से घायल हो गया? 

उत्तर :-पहलवान के लिए  

ग ) इस धंधे में बीड़ी पीने से कोई नहीं रोकेगा | 

उत्तर :- चपरासी के लिए  

घ ) जिस आदमी का पहला टिकट मुझे फाड़ने का अवसर मिला , वे और कोई नहीं मेरे पूज्य पिताजी थे? 

उत्तर :-गेटकीपर के लिए  

पाठ से आगे :-

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प्रश्न 01 : पाठ में एक स्थान पर लेखक कहते है की मास्टर जी बिना चुररेट बोले हम लोगो को ही मुर्गा बनाया करते थे | आपको भी कभी शरारत करने पर सजा मिली होगी | साथियों से चर्चा कर अपने – अपने अनुभवों को लिखिए | 

उत्तर :- एक बार जब हम  स्कूल में पढ़ते थे उस समय दीपावली करीब थी। स्कूल अभी चल रहे थे उन्ही दिनों में मैंने कक्षा में एक छोटा सा पटाखा जला कर फोड़ दिया जिसके कारण मास्टर जी ने हमें कक्षा के बाहर निकाल कर मुर्गा बना दिया। इसी प्रकार एक घटना और हुयी उस दिन हमारी कक्षा की छठवीं क्लास लगी थी मास्टर जी नहीं आये थे ,तो हम और मेरे साथ चार -पांच बच्चे मिलकर स्कूल में छुट्टी वाली घंटी बजा  दि, जिसके कारण हमारी तबीयत से पिटाई हुई और मुर्गा बनाया गया।  

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प्रश्न 02 : जादू बच्चों को बहुत आकर्षित करता है और आपने कभी देखा भी होगा | जादू और जादूगर के बारे में आप अपनी समझ और अनुभवों और अभिभावकों से बातचीत कर लिखिए | 

उत्तर :- जब मै  कक्षा पांचवी में पढता था तब पहली बार जादू का शो देखने गया। वहां पर जादूगर का करतब देखकर मै बहुत प्रभावित हुआ। वह टोपी में से कबूतर,डंडे का सांप और अनेक प्रकार के ऐसे ही जादू दिखा रहा था। जादूगर के कपड़े भी मुझे बहुत प्रभावित किया।  वह काले रंग की शेरवानी जो की चमकीली थी और उसी कलर की शानदार टोपी पहने हुए थे।  

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प्रश्न 03 : ध्रूमपान स्वास्थ्य के लिए सदैव हानिकारक है कैसे? इसके दुष्प्रभावों के बारे में कक्षा में चर्चा कर एक विस्तृत आलेख तैयार कीजिए 

उत्तर :- धूम्रपान सदैव ही हानिकारक होता है यह किसी भी अवस्था के व्यक्ति के लिए ठीक नहीं होता है। धूम्रपान से हमारी शारीरिक हानिया तो होती है इसके साथ -साथ सामाजिक आर्थिक और पारिवारिक,हानिया भी होती है,जो व्यक्ति धूम्रपान की आदत से ग्रसित रहता है वह कभी भी स्वस्थय और सफल जीवन नहीं जी पाता है। उस व्यक्ति का परिवार उसके इस आदत से परेशान होता है और घर के बच्चों पर इसका विपरीत असर देखने को मिलता है। उसकी समाज में विश्वसनीयता समाप्त हो जाती है। इसका सबसे बड़ा नुकसान उस व्यक्ति को होता है जो धूम्रपान का सेवन करता है इससे कैंसर जैसे बीमारियों से ग्रसित हो जाता है जो कि एक असाध्य रोग है। और यदि धूम्रपान से समय रहते मुक्ति नहीं पाई गई तो यह व्यक्ति को विनाश की गर्त में ढकेल देती है।  

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प्रश्न 04 : छमाही परीक्षा में लेखक फेल होता है और आगे चलकर डॉक्टर बनता है | आप फेल होने को कैसे समझते है? क्या आपको लगता है की किसी कक्षा में फेल हुए विद्यार्थी अपने जीवन में सफल नहीं हो सकते? इस विषय पर कक्षा में वाद – विवाद प्रतियोगिता आयोजित कर इस विषय के पक्ष और प्रतिपक्ष के विचारों को लिखकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए? 

उत्तर :-सफलता और असफलता जीवन के प्रमुख अंग है।  क्योकि ,हर सफल व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी असफल जरुर हुआ होता है और वह इसी असफलता से सबक लेकर सफलता के मार्ग की ओर प्रशस्त होता है। इसी कारण यदि हम या कोई व्यक्ति असफल होता है , तो उसे उस असफलता से घबराना या डरना नहीं चाहिए उस व्यक्ति को पुनः प्रयास करके सफलता को प्राप्त करना चाहिए। क्योंकि यह जीवन चक्र है व्यक्ति को अपने अनुभवों और असफलता से सबक सीख कर आगे बढ़ना चाहिए और लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए।   

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प्रश्न 05 :  आप बस ड्राइवर, हलवाई, दर्जी , थानेदार, सर्कस का जोकर , आइसक्रीम बेचने वाला और शिक्षक में से क्या बनना चाहोगे ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए ? 

उत्तर :- सभी के साथ इस प्रकार की घटनाएं हुई  है ,जब वह बाल्यावस्था में पुलिस को देखकर ,पुलिस मास्टर को देखकर मास्टर या अन्य इसी प्रकार की कल्पनाये कर भविष्य में किसी प्रकार का व्यक्ति बनने की इच्छा रखता था। किन्तु हमें अपने लक्ष्य का निर्धारण करते हुए अपनी रुचियां अपने प्रिय विषय,अपने उस क्षेत्र में ज्ञान आदि के आधार पर ही अपने भविष्य का निर्णय करना चाहिए। हमें शिक्षक बनना बहुत अच्छा लगता है। इसी कारण मै शिक्षक बनूँगा क्योंकि शिक्षक अपने विद्यार्थियों को सही मार्ग प्रशस्त कर सकता है। एक शिक्षक ही भविष्य के राष्ट्र का निर्माता होता है। शिक्षक ही वकील ,डॉक्टर ,वैज्ञानिक ,इंजीनियर ,व्यवसायी सभी को निर्माण  करता है। शिक्षा के बिना व्यक्ति ,समाज और राष्ट्र का उत्थान संभव नहीं है। अतः तो एक शिक्षक पर एक परिवार से लेकर राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसलिए मेरा लक्ष्य एक अच्छा शिक्षक बनना है जिसके द्वारा मै अपने कर्तव्य का ठीक प्रकार से निर्वाह कर सकता हूँ। 

भाषा से :- 

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प्रश्न 01 : पाठ में विभक्ति युक्त शब्द व्यवस्थित रूप में लिखे गए हैं, जैसे – राम ने ,श्याम को, किताबों में, उसने, मुझमें, हममें से, उसके द्वारा आदि ।

उत्तर :- पाठ में आए विभक्ति युक्त पद -बचपन में ,बचपन की ,गांव की ,पांच का ,गेटकीपर के ,दिन में ,पेंटर को ,दिन से ,विषय में ,वरदान की ,जीवन में ,आदमी का ,पिताओ के आदि विभक्ति युक्त पद है। 

Page no :  33  (जो मैं नहीं बन सका)

प्रश्न 02 : यदि विभक्ति चिह्न संज्ञा शब्द के साथ आते हैं तो उन्हें संज्ञा शब्द से अलग लिखते हैं, जैसे – लेखक ने, व्यक्ति से, मैनेजर से, गेटकीपर का।

1.  संज्ञा शब्दों के साथ विभक्ति चिह्न को मिलाकर लिखा जाता है, जैसे – उसने, मुझमें, मैंने, आपने।

2. यदि सर्वनाम शब्दों के बाद दो विभक्ति चिह्न आते हैं तो पहला मिलाकर और दूसरा अलग कर प्रयुक्त होता है जैसे मेरे द्वारा, हममें से, आप में से, उसके लिए आदि। पाठ में आए उपर्युक्त विभक्ति चिह्नों के आधार पर तीनों प्रकार के वाक्य प्रयोग को छाँटकर लिखिए।

उत्तर :-(1) संज्ञा शब्दों में साथ वाक्य –

सबसे पहले में जिस व्यक्ति से प्रभावित हुआ था। 

(2) सर्वनाम शब्दों के साथ वाक्य –

मैंने तय किया की मै लेखक बनूँगा। 

(3) सर्वनाम शब्दों के साथ दो विभक्ति चिन्ह –

तो उन्होंने पकड़ लिया था और मारपीट पर उतर आये थे। 

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प्रश्न 03 : निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िए –

(अ) जिन्दगी बस उस पेंटर की है।

(ब) जिन्दगी तो बस गेटकीपर की ही है।

(स) मेरा यह भी सपना टूट गया।

उपर्युक्त उदाहरण के रेखांकित शब्द अव्यय कहे जाते हैं। ये शब्द अपनी बात पर जोर देने के लिए किए जाते हैं। ऐसे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अव्यय या अविकारी शब्द कहा जाता है। ये शब्द सदैव अपरिवर्तित रहते हैं। पाठ में प्रयुक्त ऐसे अव्यय युक्त वाक्यों को पहचान कर लिखिए।

उत्तर :- (क) धीरे -धीरे मुझे लगने लगा कि मुझे हेड मास्टर बनना चाहिए । 

(ख) बाकी  टाइम बैठकर बीड़ी या सिगरेट पीते रहे। 

(ग) हमारे गांव की एकमात्र टॉकीज नई -नई खुली थी लम्बी -लम्बी जुल्फों  वाले गांव के नौजवान गेटकीपर बन गए थे। 

(घ) तब मै गेटकीपर के अलावा जिस हस्ती पर कुर्बान था वह फिल्म का बोर्ड  बनाने वाला पेंटर था। 

(ड) मुझे लगता है कि जिंदगी तो बस गेटकीपर की है। 

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प्रश्न 04 :डाक्टरों, पहलवानों, बच्चे, घंटे, बेटे, लड़कों, लड़कियाँ, जातियाँ, रास्तों आदि बहुवचन

शब्द हैं। अर्थात शब्द के जिस रूप से एक से अधिक पदार्थों या व्यक्तियों  का बोध होता है वहाँ बहुवचन हाेता है। प्रस्तुत पाठ में से ऐसे शब्दों को चुनकर लिखिए जिनका प्रयोग बहुवचन में हुआ है और इसके नियम पर शिक्षक से बात कीजिए तथा निम्नलिखित शब्दों को बहुवचन में बदलिए – व्यक्ति, मैं , गांव , नाैजवान, मेरा, धंधा।

उत्तर :-

एकवचन  बहुवचन 
व्यक्ति व्यक्तियों 
मै हम 
    गांव गावो 
नौजवान नौजवानो 
मेरा    हमारा 
धंधाधंधो 

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प्रश्न 05 : निम्नलिखित मुहावरों का पाठ में प्रयोग हुआ है- चौपट होना, चटनी बनाना, सींकिया काठी, घावों पर मलहम लेप करना, पैसा फेंकना, झापड़ रसीद करना, सपना टूटना (मुहावरे भाषा को सुदृढ़, गतिशील और रुचिकर बनाते हैं। मोटे तौर पर हम कह सकते हैं कि जिस सुगठित शब्द-समूह से लक्षणाजन्य और कभी-कभी व्यंजनाजन्य कुछ विशिष्ट अर्थ निकलते हैं, उसे मुहावरा कहते हैं। कई बार यह व्यंग्यात्मक भी होते हैं।) पाठ में प्रयुक्त अन्य मुहावरो को ढूँढ़कर लिखिए और स्वयं से नए वाक्य निर्माण कर उनका प्रयोग कीजिए।

उत्तर :- (1)मेरी पढ़ाई चौपट  हो रही थी। 

(2मै जादूगर को रुपये के लिए रोते देखकर दंग रह गया। 

(3)गेटकीपर बनने के लिए मै दीवाना हो गया। 

(4)जादूगर अपने बच्चे को डॉट रहा था। 

(5)यदि मै पहलका होता तो अन्याय करने वालों की चटनी बना देता। 

मुहावरों का अर्थ सहित वाक्य प्रयोग :-

(1)  झापड़ रसीद करना (थप्पड़ मारना)

वाक्य प्रयोग :- मुख्य अध्यापक महोदय ने शरारती होने के झापड़ रसीद कर दिया। 

(2) खून  उतर आना (क्रोध)

वाक्य प्रयोग :- गाँधी जी ने जब अन्याय देखा तो उनकी आँखों में खून उतर आया। 

(3)  सींकिया काठी (कमजोर शरीर )

वाक्य प्रयोग :- रमेश शारीरिक दृष्टि से सींकिया काठी जैसा है। 

(4) सपना टूटना (भंग होना )

वाक्य प्रयोग :- रमेश कठिन मेहनत के बाद भी परीक्षा फल में फेल हो गया ,जिसके कारण उसका आगे बढ़ने का सपना टूट गया। 

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प्रश्न 06 : निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कोष्ठक में दिए गए शब्दों से उचित शब्द छाँटकर कीजिए – 

क . मेरे गाँव में ———- लगा है |    ( मेला , मैला )

उत्तर :- मेला। 

ख . जादूगर स्वभाव का ———– व्यक्ति था | ( शांति , शांत )

उत्तर :- शांत। 

ग . मोहन का अपने पड़ोसी के साथ —— था |  (बेर , बैर ) 

उत्तर :- बैर। 

घ . हर व्यक्ति —— में जी रहा है | ( चिता , चिंता ) 

उत्तर :- चिंता 

ड . आशा के ——– आ गए है | ( पिता जी , माता जी ) 

उत्तर :- पिताजी 

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प्रश्न 07 : नीचे दिए गए संज्ञा शब्दों में से जातिवाचक और भाववाचक संज्ञाएँ छाँटकर अलग – अलग लिखिए |

पहलवान – पहलवानी , जासूस – जासूसी , नौकर – नौकरी , जादूगर – जादूगरी ,  पढ़ना – पढ़ाई , उत्साह – उत्साही , व्यक्ति – व्यक्तित्व | 

उत्तर :- 

जातिवाचक      भाववाचक 
पहलवानपहलवानी 
  जासूस जासूसी 
  नौकर  नौकरी 
  जादूगर  जादूगरी 
    पढ़ना पढ़ाई 
उत्साह उत्साही 
  व्यक्ति    व्यक्तित्व 

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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.

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