CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 7 बहुकोशिकीय संरचना : ऊतक are given below for hindi medium students.
CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 7 बहुकोशिकीय संरचना : ऊतक
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अभ्यास-
Q.1. सही विकल्प चुनें –
i) पादप ऊतकों का संवहन के आधार पर किया गया समूहीकरण है –
अ) जाइलम एवं पैरेन्काइमा ब) जाइलम एवं फ्लोएम
स) फ्लोएम एवं त्वचीय उतक द) पैरेन्काइमा एवं एरेन्काइमा
ii) ऊतक है –
अ) कोशिकाओं का समूह ब) कोशिकाएं एवं कोशिका द्रव्य
स) कोशिकाएं एवं उसके आसपास का द्रव द)इनमें से कोई नहीं
iii) लिग्निन का जमाव किन ऊतकों में होता है –
अ) पैरेन्काइमा ब) कॉलेन्काइमा
स) क्लोरेन्काइमा द) स्क्लेरेन्काइमा
उत्तर :- i) (ब) , ii) (अ) , iii) (द) |
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Q.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें :-
i) ………………… ऊतक पौधों में पानी और खनिज लवणों का संवहन करता है |
ii) ……………………………. ऊतक मुंह की भीतरी सतह में पाया जाता है |
iii) शरीर के विभिन्न अंगों को गति व सहारा देने का कार्य …… व ….. ऊतक करते हैं |
उत्तर :- i) जाइलम , ii) उपकला उत्तक , iii) पेशीय व संयोजी उत्तक |
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Q.3. ऊतक से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :- किसी जीव के शरीर में कोशिकाओं के समूह को ऊत्तक कहते हैं जिनकी उत्पत्ति एक समान हो तथा वे एक विशेष कार्य करती हो।
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Q.4. किन्ही तीन ऊतकों के कार्यों को अपने शब्दों में लिखें ?
उत्तर :- जाइलम उत्तक :- यह उत्तक पौधों में पानी व खनिज लवणों का संवहन करती है।
फ्लोाएम उत्तक :- यह उत्तक पौधों की पत्तियों में बने भोज्य पदार्थ को पौधे के सभी भागों में पहुंचाया जाता है।
3) संयोजी उत्तक :- यह उत्तक शरीर का निर्माण कर विभिन्न अंगों को व्यवस्थित करने जोड़ने व सहारा देने का कार्य करती है।
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Q.5. बहुकोशिकीय जीवो के ऊतकों में श्रम विभाजन का महत्व बताएं ?
उत्तर :- ऐसे जीव जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बनता है उन्हें बहुकोशिकीय जीवों में अलग-अलग कार्यों को करने के लिये विशेष कोशिकाएं पायी जाती है, जिनमें विभिन्न कार्यों को करने के लिये विभिन्न उत्तकों का कार्यों के अनुसार विभाजन होता है, जिसे श्रम विभाजन कहा जाता है।
– श्रम विभाजन के द्वारा ही विभिन्न उत्तक तंत्र विभिन्न कार्यों को करने के लिये विशिष्ट होती है। जिससे शरीर सुचारू रूप से चलती है।
उदाहरण :- i) लाल रक्त कोशिकाएं ऑक्सीजन को विभिन्न अंगों तक ले जाती है।
ii) जाइलम उत्तक पानी व खनिज पदार्थो का आवागमन करता है।
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Q.6.ऊतकों के कुछ ऐसे उदाहरण लिखें जिन्हें आप आसानी से अपने आसपास देख सकते हैं?
उत्तर :- स्क्लेरेन्काइमा उत्तक के उदाहरण –
i) अखरोट का बाहरी आवरण |
ii) करेले के बीज का बाहरी आवरण |
iii) सूखी तोरई के रेशे |
iv) नारियल के रेशे
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Q.7. रक्त को संयोजी उत्तक क्यों कहा जाता है ?
उत्तर :- रक्त को संयोजी उत्तक इसलिये कहा जाता है, क्योंकि रक्त पूरे शरीर में भ्रमण करता है अर्थात् रक्त ऑक्सीजन( Oxygen) पोषण व विभिन्न खनिज पदार्थों को एक अंग से दूसरे अंग तक ले के जाता है।
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Q.8. ऊतकों के अध्ययन के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर एक टिप्पणी लिखें ?
उत्तर :- ऊत्तक शब्द tissu से निकला है। जिसका अर्थ होता है संरचना या बनावट। इस शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग बिशेट ने किया था। इन्होंने उत्तक को फाइब्रस, सिरस, म्यूकस में 3 भागों में बाँटा :-
i) ग्रीव ने पौधे के 2 जैविक भाग के बारें में बतायें |
ii) नगेली वैज्ञानिक ने ऐसे उत्तक जो तेजी से वृद्धि करने वाले थे उसे मेरीस्टेमेटिक तथा जो पानी लवण का संवहन करता है ऐसे ऊतक को जाइलम और जो भोजन का संवहन करता है। उसे फलोएम नाम दिया।
iii) ऐसे ही जन्तु उत्तक के बारे में बताया गया कि जन्तु उत्तक समान्यतः जीवित होती है। सभी पादप और जन्तु उत्तक का कार्य अलग अलग होता है। तथा संरचना भी अलग अलग होती है।
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Q.9. पादप ऊतकों के समूहीकरण को ध्यान में रखते हुए नीचे बने फ्लोचार्ट को पूरा करें-
उत्तर :- स्थायी ऊत्तक
(इनकी कोशिकाओं में विभाजन की
क्षमता नहीं या बहुत कम होती है।)
संगठन के आधार पर विभाजन
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Q.10. ऊतकों की संरचना व कार्य का आपस में घनिष्ठ संबंध होता है इस कथन को समझाएं?
उत्तर :- उत्तक का निर्माण कोशिका से होता है। ऊत्तक के संरचना के आधार पर ही उसका कार्य निर्भर होता है।
उदा जब पौधे जलीय वातावरण को त्यागकर स्थलीय जीवन में आये तो उन्हें प्रकाश संश्लेषण के लिये पर्याप्त सूर्य का प्रकाश और Co2 व श्वसन के लिये पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध थी।
यदि हम जलीय व स्थलीय पौधों की जड़ तना व पत्ति की आन्तरिक संरचना का चित्र भी देंखें तो हम अंदाजा लगा सकते हैं कि स्थलीय वातावरण में आने पर मिट्टी में स्थित जड़ों से लेकर पत्तियों तक पानी का संवहन कैस हुआ होगा।
जड़े शखित हुई जिससे वे अधिक से अधिक पानी का अवशोषण कर पाई। साथ ही नलिकारूपी संरचनाएं भी विकसित हुई जिस कारण अवशोषित पानी व खनिज लवण पौधों में अन्य भागों तक पहुंच पाया।
इस प्रकार हम यह कह सकते है कि उत्तकों की संरचना और कार्य का आपस में घनिष्ठ संबंध होता है।
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Q.11. पादप ऊतकों के समूहीकरण को इनके कार्यों व विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए बताएं |
उत्तर :- पादप ऊतकों का समूहीकरण :-
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Q.12. जंतु ऊतकों को कितने समूहों में बांटा गया है ? इनको बांटने के आधार भी बताएं |
उत्तर :-
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जरा सोचिए-
Q.आजकल नवजात शिशु की गर्भनाल/ आंवल को प्रयोगशाला में क्यों सुरक्षित रखा जा रहा है ?
उत्तर :- नवजात शिशु की गर्भनाल को प्रयोगशाला में सुरक्षित रखा जाता है, क्योंकि गर्भनाल द्वारा बच्चे की अनुवांशिक बीमारियों या किसी भी मेडिकल केस इतिहास को समझने में मद्द मिलती है, और बेहतर तरीके से इलाज भी हो सकता है।