CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 8 रासायनिक आबंधन – CGBSE Solutions PDF in Hindi

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CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 8 रासायनिक आबंधन


Page No. 123

Q.1. पोटैशियम तथा क्लोरीन के परमाणु संख्या क्रमशः 19 तथा 17 है –

 i) इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए |

 उत्तर :- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

         19k=152 , 252, 2P6,352,3P6,451

                           Or

                      2 , 8 , 8 , 1

      17cl=152 , 252, 2P6,352,3P5,451

                           Or

                      2 , 8 , 7

ii) इनके द्वारा अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने की क्या-क्या संभावनाएं हो सकती हैं?

उत्तर :- आप जानते हैं कि पोटैशियम परमाणु के K कक्ष में 2,1 में 8 तथा M में 8 और N में 1 इलेक्ट्रॉन है।

पहली संभावना यह हो सकती है कि पोटैशियम कक्ष के 1 इलेकट्रॉन को त्याग दे जिससे उसके K, 1 तथा M कक्ष में क्रमशः 2,8 तथा 8 इलेक्ट्रॉन रह जाएं। ऐसी स्थिति में वह अक्रिय गैस विन्यास (Ar ,-2,8,8 ) प्राप्त कर लेगा।

दूसरी संभावना यह हो सकती है कि पोटैशियम 17 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करे जिससे उसके कक्ष में 2,8,8 तथा N कक्ष में 18 इलेक्ट्रॉन हो जाएं। ऐसी स्थिति में वह अक्रिय गैस विन्यास ( Krypton “kr” 2,8,8,18) प्राप्त कर लेगा। पर यह संभव नहीं है। Cl17 परमाणु अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए क्लोरीन भी एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण या सात इलेक्ट्रॉन का त्याग कर सकता है।यदि क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है तब उनके कक्ष में 2,1 कक्ष में 8 व 4 कक्ष में 8 इलेक्ट्रॉन हो जाएंगे तथा वह क्लोराइड आयन (Cl-) बनाएगा। यदि वह सात इलेक्ट्रॉनों का त्याग करता है तब उनके k कक्ष में 2,1 कक्ष में 8 इलेक्ट्रॉन हो जाएंगे तथा वह Cl7+ आयन बनाएगा। 

जैसे की पोटैशियम का 17 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना संभव नहीं है वैसे ही क्लोरीन के लिए भी Cl7+ की स्थिति प्राप्त करना कठिन है।

 iii) पोटैशियम क्लोराइड में बनने वाले आयनिक बंध को इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना चित्र बनाकर दर्शाइए |

उत्तर :-

iv) पोटैशियम क्लोराइड में पोटैशियम तथा क्लोराइड आयन पर आवेश क्या होंगे?

उत्तर :- पोटैशियम क्लोराइड में पोटैशियम परमाणु एक इलेक्ट्रॉन त्याग कर K+ आयन तथा क्लोरीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर Cl- आयन बनाता है।

Q.2. लिथियम की परमाणु संख्या 3 तथा फ्लुओरीन की परमाणु संख्या 9 है,इनके बीच बनने वाले बंध को इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना चित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए |

उत्तर :- 

                    लिथियम फ्लुओरीन                              लिथियम फ्लुओराईड

Q.3. ऑक्सीजन एवं पोटैशियम की संयोजकता कितनी है ? समझाइए |

उत्तर :- संयोजकता यह बताती है कि किसी तत्व का परमाणु अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करेगा अथवा त्याग करेगा , वह ग्रहण या त्याग किये गये इलेक्ट्रॉनों की संख्या उस तत्व की संयोजकता कहलाती है। हम जानतें हैं कि ऑक्सीजन के K कक्ष में 2 तथा 1 कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं। ऑक्सीजन को अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है, अर्थात् दो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है और पोटैशियम के K कक्ष में  2 तथा L में 8 और M में 8 तथा बाह्रातम कक्ष में(N) 1 इलेक्ट्रॉन होता है,पोटैशियम की अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 1 इलेक्ट्रॉन का त्याग करना होता है। इससे ये स्पष्ट होता है कि ऑक्सीजन की संयोजकता – 2 और पोटैशियम की संयोजकता – 1 होती है।

Q.4. एक तत्व के M कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 7 है तथा उसकी संयोजकता 1 है तो उससे बनने वाले आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या होगा ?आप जानते हैं कि ऐलुमिनियम के बाह्रातम कक्ष में 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं जिन्हें त्याग कर वह A13+ आयन बनाता है | क्या आप ऐसे तत्व का नाम बता सकते हैं जिनके बाह्रातम कक्ष में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं ?

उत्तर :- एक तत्व के कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 7 है तथा उसकी संयोजकता 1 है इससे बनने वाले आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास इस प्रकार है।

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Q.5. एथेन (C2H6) की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बताइए ?

उत्तर :- 

    या      

Q.6. एक ऐसे अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए जिसमें द्विबंध  (=) पाया जाता है?

उत्तर :-

Q.7. क्लोरीन की परमाणु संख्या 17 है

   i)   इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए |

   ii)  इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना द्वारा क्लोरीन अणु का बनना समझाइए |

उत्तर :- i) C17=152 , 252, 2P6,352,3P2

                                 Or

                          2 , 8 , 7

ii) हमें ज्ञात है कि क्लोरीन परमाणु को अष्टक पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। यहां प्रत्येक क्लोरीन परमाणु अपने एक इलेक्ट्रॉन का साझा दूसरे क्लोरीन परमाणु से करता है।

क्लोरीन परमाणु अक्रिय गैस विन्यास (2,8 और 2,8,8) प्राप्त करते हैं। साझे के इलेक्ट्रॉनों पर दोनों परमाणुओं का समान अधिकार होता है अर्थात् साझे के इलेक्ट्रॉनों की गणना दोनों परमाणुओं के अष्टक में की जाती है।

                            2,8,8               2,8,8

                                   cl2

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Q.8. आयनिक यौगिक एवं सहसंयोजक यौगिक में अंतर लिखिए ?

उत्तर :- परमाणुओं द्वारा संयोजी कक्षों से इलेक्ट्रॉन के त्यागे जाने अथवा ग्रहण किए जाने से आयनिक बंध तथा इलेक्ट्रॉनों के साझा करने पर सहसंयोजी बंध बनते हैं। वे यौगिक जिनमे आयनिक बंध पाया जाता है, आयनिक यौगिक या वैद्युत संयोजी यौगिक कहलाते हैं। तथा वे यौगिक जिनमें सहसंयोजक बंध पाया जाता है, सहसंयोजी यौगिक कहलाते हैं।

Q.9. आयनिक यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं क्यों?समझाइए |

उत्तर :- आयनिक यौगिकों के गलनांक वक्वथनांक उच्च होते हैं क्योकि इनमें विपरीत आयन आपस में प्रबल वैद्युत आकर्षण बल द्वारा बंधे होते है। प्रबल आकर्षण बल से बने बंध को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

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अभ्यास-

Q.1. सही विकल्प चुनें –

i) जब सोडियम क्लोरीन से क्रिया करता है तब-

  अ) प्रत्येक सोडियम परमाणु एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है |

  ब) प्रत्येक क्लोरीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है |

  स) प्रत्येक सोडियम परमाणु सात इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं |

  द) प्रत्येक क्लोरीन परमाणु सात इलेक्ट्रॉन त्याग करते हैं |

ii) एक सोडियम परमाणु और सोडियम आयन –

   अ) रासायनिक रूप से समान है |

   ब) प्रोटॉनों की संख्या समान है |

   स) सहसंयोजक बंध का निर्माण होता है |

   द) इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान है |

iii)  एक आयनिक बंध का निर्माण होता है जब –

    अ) संयुक्त होने वाले परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं |

    ब) संयुक्त होने वाले परमाणु इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं |

    स) एक परमाणु इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है दूसरा ग्रहण करता है |

    द) संयुक्त होने वाले परमाणु इलेक्ट्रॉनों का साझा करते हैं |

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iv) कौन सा तत्व आर्गन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने हेतु दो इलेक्ट्रॉन खोता है ?

      अ) मैग्नीशियम                                  ब) सोडियम

      स) कैल्सियम                                    द) सल्फर

v) किस अणु में द्विबंध पाया जाता है :-

     अ) N2                             ब) C2H4

     स) CL2                             द) CCL4

उत्तर :- i) ब) प्रत्येक क्लोरीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है | , ii) ब) प्रोटॉनों की संख्या समान है |,  iii) स) एक परमाणु इलेक्ट्रॉन का त्याग करता है दूसरा ग्रहण करता है |, iv) द) सल्फर ,  v)  ब) C2H4  |

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Q.2. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए –

i) सोडियम परमाणु एक इलेक्ट्रॉन ……………  कर ………….  तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करता है।

ii) नाइट्रोजन के दो परमाणु ………………… जोड़ी इलेक्ट्रॉन के साझे द्वारा नाइटोजन अणु का निर्माण करते हैं।

iii) अक्रिय गैसों के बाहा्तम  कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या ………………… किंतु हीलियम में यह…………………… होती है।

 iv) क्लोरीन अणु में ………………………  बंध होता है जबकि मैग्नीशियम क्लोराइड में ……………………..बंध होता है।

v) आयनिक यौगिक सामान्यतः जल में………………… जबकि सहसंयोजी यौगिक जल में………………………….. होते हैं।

उत्तर :- i) त्याग , अक्रिय तत्व (Ne) , ii) 3 , iii) 8 , 2  ,  iv) सहसंयोजक ,  आयनिक 

v) घुलनशील , अघुलनशील  |

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Q.3. इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण यदि एक परमाणु से दूसरे परमाणु पर हो तो किस प्रकार के बंध का निर्माण होगा ? समझाइए |

उत्तर :- इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण यदि एक परमाणु से दूसरे परमाणु पर हो तो आयनिक बंध का निर्माण होता है ।

आयनिक बंध निर्माण में एक परमाणु इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन तथा दूसरा परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋणायन बनाता है। विपरीत आवेश वाले आयन स्थिर विद्युत आकर्षण में बंधकर आयनिक बंध बनाते हैं।

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Q.4. एक ऐसे अणु  की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए जिसमें  त्रिबंध होता है ?

उत्तर :- 

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Q.5. ऑर्गान परमाणु सहसंयोजक बंध द्वारा ऑर्गन अणु ( Ar2) का निर्माण नहीं करता | क्यों ?

उत्तर :- ऑर्गन परमाणु सहसंयोजक बंध द्वारा आर्गन अणु का निर्माण नहीं करता क्योंकि इसके बाहरी कक्ष या संयोजी कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या पूर्ण है जिसके कारण यह इलेक्ट्रॉन त्यागने या ग्रहण करने में अक्षम होता है, और न ही इलेक्ट्रॉनों की साझे की आवश्यकता होती है इसलिए ऑर्गन परमाणु सहसंयोजक बंध नहीं बनाते।

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Q.6. तत्व X एवं Y का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है –

   X = 2, 8, 8, 2                     Y = 2, 6

 तब X एवं Y के मध्य बनने वाले बंद का प्रकार बताते हुए इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए |

उत्तर :-  तत्व X एवं Y के मध्य आयनिक बंध का निर्माण होगा क्योंकि तत्व X धातु है तथा तत्व Y अधातु है।

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Q.7. संयोजी इलेक्ट्रॉनों का रासायनिक यौगिक बनाने में क्या योगदान होता है समझाइए ।

उत्तर :- संयोजी इलेक्ट्रॉन वह इलेक्ट्रॉन होता है जो किसी परमाणु के बाह्रातम अंतिम कक्ष में उपस्थित होता है और तत्वों की संयोजकता इस बात पर निर्भर करती है कि तत्व अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने में अपने संयोजी कक्ष में कितने इलेक्ट्रॉनों का त्याग करता है या फिर ग्रहण करता है। अथवा तत्व अपने ही परमाणु या अन्य तत्वों के परमाणु से इलेक्ट्रॉनों के साझे द्वारा भी अष्टक पूरा करने का प्रयास करता है। इसी प्रकार परमाणुओं द्वारा संयोजी कक्षों से इलेक्ट्रॉन के त्यागे जाने अथवा ग्रहण किए जाने से आयनिक बंध बनाते हैं और उन्हें आयनिक यौगिक कहते हैं। तथा इलेक्ट्रॉनों के साझा करने पर सहसंयोजी बंध बनाते हैं और उन्हें सहसंयोजी यौगिक कहते हैं।

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Q.8.  i) अमोनिया अणु में सहसंयोजक बंधों की संख्या बताइए।

    ii) सोडियम क्लोराइड एक अणु है- यह कथन गलत क्यों है समझाइए।

उत्तर :- i)  अमोनिया अणु में सहसंयोजक बंधों की संख्या तीन (3) होती है।

ii) सोडियम क्लोराइड एक अणु है यह कथन गलत है, क्योंकि सोडियम क्लोराइड एक वैद्युत संयोेजक यौगिक या आयनिक यौगिक है, यहां बंध एक सोडियम आयन और एक क्लोराइड आयन के मध्य ही नहीं बनता बल्कि एक त्रिविमीय क्रिस्टल का निर्माण होता है जिसमें प्रत्येक धन आवेशित सोडियम आयन ऋण आवेशित क्लोराइड आयन से घिरा होता है, ठीक वैसे ही ऋण आवेशित क्लोराइड आयन धन आवेशित सोडियम आयन से घिरा रहता है। क्रिस्टल में सोडियम आयन की संख्या क्लोराइड आयन की संख्या के बराबर होती है। इस कारण सोडियम क्लोराइड अणु के रूप में नहीं पाया जाता बल्कि यह विपरीत आवेशित आयनों का समुच्चय होता है।

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Q.9. निम्नलिखित यौगिकों की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाकर बंध के प्रकार लिखिए-

     i) जल                               ii) नाइट्रोजन

    iii) मैग्नीशियम ऑक्साइड       iv) कैल्सियम क्लोराइड

उत्तर :-  i) जल –   हाइड्रोजन बंध  ( सहसंयोजी बंध ) 

 ii) नाइट्रोजन  –  सहसंयोजी बंध

iii) मैग्नीशियम ऑक्साइड –  आयनिक बंध

 iv) कैल्सियम क्लोराइड  –   आयनिकी बंध 

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Q.10. आयनिक एवं सहसंयोजी यौगिकों के गुण लिखिए।

उत्तर :- आयनिक यौगिकों के गुण :-

1. सामान्यतः आयनिक यौगिक जल में घुलनशील होतें है।

2. आयनिक यौगिकों के गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं क्योंकि इनके विपरीत आयन आपस में प्रबल वैद्युत आकर्षण बल द्वारा बंधे होते हैं। प्रबल आकर्षण बल से बने बंध को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

3. आयनिक यौगिक जल में घुलने पर अथवा पिघली हुई अवस्था में आयनित हो जाते हैं।अतः ये वैद्युत के सुचालक होते हैं।

सहसंयोजी यौगिकों के गुण :-

1. सामान्यतः सहसंयोजी यौगिक जल में अघुलनशील होते हैं।

2.इनके गलनांक एवं क्वथनांक आयनिक यौगिकों की तुलना में प्रायः कम होते हैं।

3. सहसंयोजी यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं। क्योंकि इनमें आयनीकरण नहीं होता है।

Q.11. एक परमाणु की संयोजकता उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से किस प्रकार संबंधित है ? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- अक्रिय गैस विन्यास प्राप्ति हेतु बाहा्तम कक्ष या संयोजी कक्ष से जितने इलेक्ट्रॉन त्यागे या ग्रहण किए जाते हैं या साझा किए जाते हैं वह उस तत्व की संयोजकता कहलाती है और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किसी तत्व के परमाणु के विभिन्न गोले में इलेक्ट्रॉनकी व्यवस्था का तरीका इससे यह पता चलता है कि किसी भी तत्व की संयोजकता हमें उस तत्व की इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के माध्यम से ही पता चल पाता है कि वह अष्टक (अक्रिय गैस विन्यास) पूरा करने के लिए कितने इलेक्ट्रॉनों का त्याग करेगा या ग्रहण या फिर सांझा करेगा।

उदाहरण :- ऑक्सीजन  (0)

                परमाणु क्रमांक:- 8

               इलेक्ट्रॉनिक विन्यास :- 2 , 2, 4

             संयोजकता  : 2 क्योंकि 

ऑक्सीजन को अपने नजदीकी अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना होगा और इसका ज्ञान हमें इसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिख कर ही पता चलता है की इसके बाह्तम कक्ष में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित है।

Q.12. तीन तत्वों के परमाणु क्रमांक 6 , 7 , 8 हैं।

i) तीनों तत्वों की संयोजकता एवं इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

ii) तीनों तत्व किस प्रकार के यौगिकों का निर्माण करेंगे समझाइए।

उत्तर :- i) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास      संयोजकता

6 –          2 , 2 , 2                           4

7 –         2 , 2 , 2                            3

8 –         2 , 3 , 4                            2

ii) ये परमाणु क्रमांक 6,7 और 8 क्रमशः कार्बन नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणु क्रमांक है।

कार्बन (6) सहसंयोजी बांध का निर्माण करता है क्योंकि कार्बन की संयोजकता 4 होती है यह अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉनों का त्याग कर आयन बना सकता है या फिर 4 इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण कर आयन बना सकता है उपर्युक्त दोनों की स्थिति ये अस्थाई आयन की प्राप्ति होती है अतः दोनों की स्थितियां संभव नहीं है।

नाइट्रोजन (7)  यह सहसंयोजी बंध का निर्माण करता है इसका इलेक्ट्रॉनिक 2,5 है नाइट्रोजन को अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 3 इलेक्ट्रांनों की आवश्यकता होती है, यह 3 इलेक्ट्रॉनों दूसरे तत्व के तीन इलेक्ट्रॉनों के साथ साझा करता है और अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त कर लेता है।

ऑक्सीजन (8)  हम जानते है कि संयोजकता 2 होती है तथा इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 26 है अतः अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए ऑक्सीजन के परमाणु आपस में दो-दो इलेक्ट्रॉनों का साझा करते हैं और इनके मध्य द्धिबंध बनता है।

अतः परमाणु क्रमांक 6,7 और 8 ये तीनों ही सहसंयोजी बंध का निर्माण करते हैं।

Q.13. निम्नलिखित में से सहसंयोजक एवं आयनिक यौगिकों को पृथक कीजिए तथा उसका कारण भी समझाइए।

कैल्सियम ऑक्साइड, ग्लूकोज,  सोडियम सल्फाइड, कार्बन टेट्राक्लोराइड, पोटैशियम क्लोराइड 

उत्तर :- आयनिक यौगिक               सहसंयोजक यौगिक

          i) कैल्सियम ऑक्साइड           i) गलूकोज

         ii)  सोडियम सल्फाइड            ii)  कार्बन टेट्रॉक्लोराइड 

         iii) पोटैशियम क्लोराइड

i) कैल्सियम ऑक्साइड (CaO) :- यह एक आयनिक यौगिक है क्योंकि कैल्सियम के बाहा्तम कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन है जबकि ऑक्सीजन के बाहा्तम कक्ष में 6 इलेेक्ट्रॉन है। अतः कैल्सियम के लिए दो इलेक्ट्रॉन त्यागना और ऑक्सीजन के लिए दो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना आसान है । इस प्रकार ऑक्सीजन, कैल्सियम द्वारा त्यागें गए इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण कर आयनिक बंध बनाता है

ii) सोडियम सल्फाइड Na2S :-   यह एक आयनिक यौगिक है क्योंकि यह पर सल्फर को दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है, और सोडियम अपना 1 इलेक्ट्रॉन त्याग कर अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त कर लेता है और Na+ आयन का निर्माण करता एैसे ही त्यागे गये दो सोडियम परमाणु को सल्फर ग्रहण कर आयनिक बंध का निर्माण करता है।

iii) पोटैशियम क्लोराइड KCl :-   यह एक आयनिक यौगिक क्योंकि क्लोरीन के बाहा्तम कक्ष में सात इलेक्ट्रॉन उपस्थित होता है, इन्हें और अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्कयता होती वही पोटैशियम का परमाणु क्रमांक 19 होता है और अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए पोटैशियम को एक इलेक्ट्रॉन को त्याग करने की आवश्यकता होती है और K+ आयन का निर्माण करता है जो कि एक स्थाई आयन है त्यागे गये पोटैशियम के इलेक्ट्रॉनों की क्लोराइड ग्रहण कर आयनिक बंध का निर्माण करता है।

iv) ग्लूकोज C6H12O6 :- ग्लूकोज एक सहसंयोजी यौगिक है, इस यौगिक में मुख्य तत्व कार्बन है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2 ,4 है, इसे अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉनों का त्याग या 4 इलेक्ट्रॉनों का ग्रहण करना होता है | जिसमें क्रमशः ये C+4 और C-4  आयन का निर्माण करता जो कि अस्थाई इसलिए कार्बन इलेक्ट्रॉनों का त्याग और ग्रहण करने के स्थान पर 4 इलेक्ट्रॉनों का साझा करता है। कार्बन का 4 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है | जो हाइड्रोजन के एक इलेक्ट्रॉन तथा दूसरे कार्बन के एक इलेक्ट्रॉन के साथ साझा कर के अपने 4 संयोजकता को संयोजी बंध द्वारा ग्लूकोज पर अणु का निर्माण करते है।

v) कार्बन टेट्रॉक्लोराइड :-  कार्बन टेट्राक्लोराइड एक सहसंयोजी यौगिक है, कार्बन परमाणु के लिए इलेक्ट्रॉनों का त्याग करने या ग्रहण करने की अपेक्षा इलेक्ट्रॉनों का साझा करना सरल होता है, इस कारण कार्बन अपने चारों इलेक्ट्रॉनों का साझा क्लोरीन के चार परमाणु के एक – एक इलेक्ट्रानों से साझा कर कार्बन और क्लोरीन के बीच सहसंयोजी बंध का निर्माण करता ।

Q.14. निम्नलिखित में से किसका निर्माण होगा ? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

   i) Mg2               ii) MgCl2         iii) Cl2

उत्तर :- i) Mg2  :- इस यौगिक का निर्माण संभव नहीं और प्राकृति में इसका कोई भी उपलब्धता नहीं है क्योंकि Mg के संयोजी कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होता है और Mg को अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों का त्याग करना होता है, पर यह Mg का एक परमाणु Mg के दूसरे परमाणु के साथ सहसंयोजी बंध बना रहा है और इस बंध से Mg का अष्टक पूर्ण नहीं है, इस कारण इस यौगिक का निर्माण संभव नहीं है।

ii) MgCl2 :- ये यौगिक का निर्माण संभव है और प्राकृति में इसका उपलब्धता भी है,MgClयह एक आयनिक यौगिक है, जिसमें Mg अपने दो इलेक्ट्रॉनों का त्याग कर Mg2+ का निर्माण करता है और अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त कर लेता है, और त्यागे गये Mg के दो इलेक्ट्रॉनों को क्लोरीन के दो परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर Cl- आयन का निर्माण करता है और Mg2+ और Cl-  के दो आयनों के मध्य आयनिक बंध का निर्माण करता है।

iii) Cl2 :- इस यौगिक का निर्माण संभव है, क्लोरीन को अक्रिय गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है, इस कारण क्लोरीन के दो परमाणु आपश में अपने एक-एक इलेक्ट्रॉनों को साझा कर के संयोजी बंध का निर्माण करते हैं।

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