CG Board Class 8 Civics Solutions Chapter 5 हमारी न्याय व्यवस्था is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 नागरिकशास्र पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 8 Civics Solutions Chapter 5 हमारी न्याय व्यवस्था
CGBSE समाधान कक्षा 8 नागरिकशास्र अध्याय 5 – हमारी न्याय व्यवस्था हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 8 Civics Solutions Chapter 5 नागरिकशास्र are given below for Hindi Medium students.
Page No.88, Chapter -05
चर्चा कीजिए।
Page No.88, Chapter -05
प्रश्न 1 – दीवानी मुकदमे किसे कहते है ?
उत्तर- दीवानी मुकदमे के मामले में जमीन संबंधी विवाद या पैसे के विवाद जैसे -बैंक या कंपनी या मालिक-मजदूर के इस प्रकृति के वाद को दीवानी मुकदमा कहते है। इन मामलों में सजा व प्रावधान नहीं है इनमें दंड हर्जाना लगाया जाता है तथा मुआवजा दिया जा सकता है।
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प्रश्न 2 – कोर्ट के कचहरी के अलावा गांव में न्याय पाने के और क्या उपाय है ?
उत्तर – गाँव में एक सरपंच या प्रधान होता है तथा पंचायत के सदस्य होते है जो गाँव की जनता द्वारा चुने होते है इनके द्वारा भी दोनों पक्षों को सुनकर न्याय किया जाता है।
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प्रश्न 3 – चैतू ने सरपंच को अपने झगडे की बात क्यों बताई ?
उत्तर- चैतू ने सरपंच को अपनी बात इसलिए बताई की रामसिंह झगड़ा करने पर आमादा था और चैतू झगड़ा नहीं करना चाहता था।
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प्रश्न 4 -चैतू के मामले की सुनवाई किस न्यायालय में शुरू होने वाली थी ?
उत्तर – चैतू के मामले की सुनवाई सर्व प्रथम मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय के यहाँ हुई उसके बाद सत्र न्यायालय में हुई उसके बाद उच्च न्यायालय में हुयी।
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प्रश्न 5 -चैतू ने वकील को पैसे क्यों दिए ?वकील ने जमीन के कागजात क्यों मंगाए ?
उत्तर – वकील ने मुक़दमे में पैरवी के लिए पैसे लिए चूँकि झगड़ा जमीन को लेकर शुरू हुआ था इसलिए वकील ने जमीन के कागज मंगवाए।
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प्रश्न 6 – वकील का क्या काम था ?
उत्तर – किसी मामले को न्यायालय में कानून के अनुरूप समझाने तथा पीड़ित व्यक्ति का पक्ष रखने तथा बचाव पक्ष का पक्ष रखने का काम वकील का है।
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प्रश्न 1 – थाने में चैतू ने क्या रिपोर्ट लिखवाई होगी ?विवरण लिखे।
उत्तर- थाने में चैतू ने रिपोर्ट में कहा होगा कि हम अपने खेत में काम कर रहा थे तथा वहाँ पर रामसिंह आये जिनका खेत हमारे खेत की बगल में है और हमें गाली दिया और मारा पीटा। हम लोगों का एक जमीन का विवाद दीवानी में चल रहा है। श्रीमान से निवेदन है कि उचित कार्यवाही करे ताकि न्याय हो।
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प्रश्न 2 – रिपोर्ट की एक प्रति लेना क्यों आवश्यक है ?
उत्तर – रिपोर्ट की एक प्रति रखने से उसमें कोई हेर-फेर न हो तथा अपने वकील को दिखा सके।
Page No.89, Chapter -05
प्रश्न 3 – अगर कोई थानेदार आपकी एफ.आई.आर न लिखे तो आप क्या कर सकते है ?
उत्तर – थानेदार द्वारा रिपोर्ट दर्ज न किया जाने पर रिपोर्ट सीधे पुलिस अधीक्षक को या रजिस्ट्री डाक द्वारा की जा सकती है।
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प्रश्न 1 – रामसिंह को किस जुर्म के लिए गिरफ्तार किया गया ?
उत्तर – रामसिंह को पुलिस ने चैतू के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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प्रश्न 2 – किसी व्यक्ति को गिरफ्तार क्यों किया जाता है ?
उत्तर – किसी कानून का उल्लघन करने या किसी के साथ मारपीट करने या चोरी डकैती या हत्या करने और वित्तीय गड़बड़ी करने पर व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है।
Page No.90, Chapter -05
प्रश्न 3 – सजा कौन दे सकता है?
उत्तर – सजा देने का अधिकार सिर्फ न्यायालय को है।
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प्रश्न 4- गिरफ्तारी और सजा में क्या अंतर है ?
उत्तर – गिरफ्तारी पुलिस द्वारा की जाती है व सजा न्यायालय द्वारा दी जाती है।
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प्रश्न 5 – गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को वकील से सहायता लेने की अनुमति क्यों दी जाती है ?
उत्तर- गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को वकील की सहायता की अनुमति इसलिए दिया जाता है की कही निर्दोष व्यक्ति को इन झूठी रिपोर्ट के आधार पर सजा न हो जाये।
Page No.90, Chapter -05
प्रश्न 6 – फौजदारी और दीवानी मामले को उदाहरण सहित समझाइये।
उत्तर- जैसे चैतू राम सिंह का जमीन विवाद था, कि रामसिंह ने चैतू की जमींन हड़प ली थी, उसके लिए उसने दीवानी का केस किया था, परन्तु रामसिंह ने जब चैतू के साथ मार-पिट कर दी तब वह मामला फौजदारी का हो गया।
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प्रश्न 1 गवाह पेश करना क्यों जरूरी है ?
उत्तर- गवाह पेश करने से हमें अपने पक्ष को और मजबूत आधार मिलता है कि हमने जो शिकायत की है वह सत्य है या जो हम पर आरोप है वह असत्य है।
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प्रश्न 2 गवाहों से पूछताछ करना क्यों जरूरी है ?
उत्तर- गवाहों से पूछताछ करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि गवाह झूठ तो नहीं बोल रहा है या किसी लालच या दबाव में आकर झूठी गवाही करने तो नहीं आया है।
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प्रश्न 3 पुलिस के काम व मजिस्ट्रेट के काम में क्या अंतर है ?
उत्तर- पुलिस का काम किसी भी अपराध की सूचना मिलने पर वहां जाकर शांति स्थापित करना तथा अपराधी को पकड़कर न्यायालय के सामने पेश करना होता है। तथा न्यायालय का काम किसी विवाद की सुनवाई करना तथा उसका फैसला करना और पुलिस द्वारा पकड़े गए अपराधी को दण्ड देना है।
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प्रश्न 4 मजिस्ट्रेट अपना फैसला किन बातों को ध्यान में रखकर करता है? शिक्षक से चर्चा करें।
उत्तर- मजिस्ट्रेट अपना फैसला दोनों पक्षों को सुनने गवाहों के बयानों को जानने के बाद कानून के आधार पर देता है। किसी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो तथा किसी निर्दोष को सजा ना हो।
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प्रश्न 1 जूडिशल मजिस्ट्रेट का फैसला जिला जज बदल सकता है।
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प्रश्न 2 उच्च न्यायालय में अपराधी को बार बार जाने की जरूरत नहीं होती है।
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प्रश्न 3 राम सिंह का वकील गलत तरीके अपनाने की कोशिश कर रहा था ?
उत्तर- हाँ राम सिंह का वकील मंगल को झूठी गवाही की लिए कह रहा था।
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प्रश्न 1. रामसिंह का मामला किन-किन अदालतो में चला ? कर्म से लिखिए।
उत्तर- 1. न्यायिक दण्डाधिकारी (द्वितीय)
2. सत्र न्यायालय
3. उच्च न्यायालय
Page No.93, Chapter -05
प्रश्न 2. किसी मामले में फैसले के खिलाफ अपील करने की सुविधा क्यों दी जाती है शिक्षक की मदद से चर्चा करें ?
उत्तर- किसी मामले में यदि कोई भी एक पक्ष फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो उसे अपील करने की सुविधा है, हो सकता है कि हमें यह हमारे मामले को निचली अदालत ने ना समझा हो या वकील द्वारा सही बात न्यायालय को न बता पाई गई हो।
Page No.94 , Chapter -05
अभ्यास के प्रश्न –
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प्रश्न 1 – रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये –
अ गिरफ्तारी कोई अपराध नहीं है।
ब पुलिस नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर 100 है।
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प्रश्न 2 – नीचे दिए गए विवरण को पढ़कर खाली स्थान भरें –
1. तहसीलदार ने मामले की सुनवाई के लिए _______ की तारीख दी। पहली ____ में चैतू से जमीन के विवाद के बारे में विस्तार से जानकारी ली गयी। दूसरी पेशी के लिए उसे तीन माह बाद तारीख दी गयी। तहसीलदार ने दूसरी बार जमीन के कब्जे के बारे में पूछा तो पटवारी ने कहा की वर्तमान में चैतू की जमीन के कुछ हिस्से पर रामसिंह ने कब्जा किया हुआ है।
2 तीसरी पेशी में रामसिंह को नोटिस की गयी कि वह अपनी तरफ से जमीन के कागजात व ____ पेश करें। चौथी पेशी में दोनों पक्षों के _______ने गवाही दी। दोनों वकीलों ने तहसीलदार के सवालों के जवाब दिए
3. तहसीलदार ने दोनों पक्षों के बयान तथा वकीलों की बहस को सुना तथा प्रस्तुत कागजातों की जांच की ,जांच में विवादित भूमि चैतू का होना तय पाया। अतः उसने अपने फैसले में लिखा कि
रामसिंह चैतू की जमीन के ______ को छोड़ दे तथा मुआवजे के रूप में चौतू को 5000 रु. तथा न्यायालय खर्च के रूप में 500 रु. दे।
उत्तर – 2. तारीख 3. गवाह 4. गवाहों 5. हिस्से
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प्रश्न 3 – नीचे लिखे कथन सत्य है या असत्य लिखिए –
अ) किसी बात की शिकायत पुलिस थाने में करने के लिए एफआईआर दर्ज करवाई जाती है।
उत्तर – सत्य
ब)वकील का काम अपराधी को फैसला सुनाना है।
उत्तर – असत्य
स)उच्च न्यायालय में छोटी कचहरी और सेशंस कोर्ट के फैसले बदले जा सकते है ?
उत्तर – सत्य
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प्रश्न 4- अंतर बताएँ –
अ. वकील और जज
| वकील | जज |
| वकील अपने मुवक्किल से पैसे लेकर उसका पक्ष न्यायालय में रखता है। वकील अच्छी तरह से अपने मुवक्किल का पक्ष रखकर जरूरी कागज व गवाह पेश कर अपने पास पक्ष में फैसला कराना चाहता है | जज को सरकार वेतन देती है। तथा वह दोनों वकीलों की बहस सुनता है। जज सभी कागज व गवाहों को सुनने के बाद संविधान के आधार पर फैसला सुनाता है। |
ब. मुजरिम और कैदी
| मुजरिम | कैदी |
| मुजरिम वह है जिसे सजा नहीं हो वह मामले में सुनवाई हो। मुकदमा अदालत में विचाराधीन हो। | जिस व्यक्ति को सजा हो गई हो जिसका अपराध सिद्ध हो चुका है। |
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प्रश्न 5- निम्नलिखित के कार्य बताएँ:-
1. वकील – वकील के कार्य किसी एक पक्ष का न्यायालय में समर्थन करना तथा उसके लिए बहस करना वह गवाह प्रस्तुत करना तथा कानूनी सहायता करना है।
2. मजिस्ट्रेट – मजिस्ट्रेट सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी है जो संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारो व कानून को समझकर उसके अनुसार दोनों पक्षों को सुनकर कोई फैसला सुनाता है।
3. पुलिस – पुलिस सरकार द्वारा बनाया गया एक सशस्त्र बल है जिसके द्वारा राज्य में शांति की स्थापना व अपराध को नियंत्रण किया जाता है तथा अपराधी को पकड़ कर न्यायालय में पेश किया जाता है।
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प्रश्न 6- निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर:-
Page No.95, Chapter -05
अ. हमें न्यायालयो की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर- न्यायालय द्वारा किए जाने वाले फ़ैसला सभी को मान्य होता है, क्योंकि उनका फैसला किसी भी दबाव या लालच में नहीं किया गया होता है। न्यायालय के फैसले संविधान के अनुसार उसके प्रकाश में किए जाते है। तथा उस फैसले में अपील के द्वारा सुधार की गुंजाइश होती है।
Page No.95, Chapter -05
ब. दीवानी मामलों और फौजदारी मामलों में क्या अंतर है?
उत्तर-
1. दीवानी न्यायालय में जमीन व वित्त संबंधी मामले देखे जाते है। जिस में मुआवजा व प्रावधान है।
2. फौजदारी मामलों में आपराधिक मामले देखे जाते है। जिस में शारीरिक आर्थिक दोनों दंड का प्रावधान है।
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स. न्यायालय में बार-बार पेशी क्यों होती है?उत्तर- किसी भी मामले की सत्यता एक दो बार की पेशी में नहीं जा सकती है, किसी मामले के बहुत से पहलू होते हैं जिसको पूरी तरह से समझने के लिए न्यायालय में बार-बार पेशी लगानी पड़ती है।
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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.