CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 11 हमारा छत्तीसगढ़ – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 11 हमारा छत्तीसगढ़ is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 हिंदी पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 11 हमारा छत्तीसगढ़

CGBSE समाधान कक्षा 8 हिंदी अध्याय 11 – हमारा छत्तीसगढ़ हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 11 हिंदी are given below for Hindi Medium students.


अभ्यास : 

पाठ से :

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 1:किन-किन नदियों के कलकल नाद से छत्तीसगढ़ अभिराम बनता है ?

उत्तर :- नर्मदा ,महानदी ,शिवनाथ आदि नदियाँ छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवाहित होती है। 

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प्रश्न 2:कविता के सन्दर्भ में यह राज्य किस प्रकार उन्नति की ओर अग्रसर है ?

उत्तर :- आज भारत देश की प्रगति  छत्तीसगढ़ राज्य का अहम् योगदान है। स्वयं छत्तीसगढ़ अपने अकुल और विपुल खनिज भंडार जिसमें लोहा और कोयला प्रमुख है, इसके खनन और उत्पादन से स्वयं तथा देश की प्रगति में एक नया आयाम स्थापित कर रहा है। यहां की कृषि आज सभी तरह की पैदावार करने में सक्षम है। और खास कर धान की पैदावार में छत्तीसगढ़ राज्य देश का अग्रणी राज्य है। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य ,धार्मिक स्थल और सामान्य जीवन लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है। 

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प्रश्न 3:कवि का ईश्वर से करबद्ध विनय क्या और क्यों है ?

उत्तर :- कवि ने ईश्वर से करबद्ध यही प्रार्थना किया कि छत्तीसगढ़ का चहुमुँखी  विकास  प्रकार से सतत भविष्य में भी होता रहे जिससे यह राज्य अपने नागरिको ,जल ,जंगल और  जमीन की रक्षा कर सके और स्वयं तथा देश की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सके। 

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प्रश्न 4:हमारा छत्तीसगढ़ किन-किन संपदाओं से परिपूर्ण है ?

उत्तर :- हमारा छत्तीसगढ़ जंगल ,वन्य जीवो और प्राकृतिक सौंदर्य की सम्पदा से परिपूर्ण है। खनिज के क्षेत्र में यहाँ पर कोयला ,लोहा और बॉक्साइट ,अयस्क भारी मात्रा में पाए जाते है। 

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प्रश्न 5:कविता की पंक्ति ‘कृपादृग कोर’ के द्वारा कवि किन भावों को व्यक्त करना चाहता है ?

उत्तर :- कृपादृग कविता की पंक्ति “कृपादृग कोर” के द्वारा कवि के भाव है ,कि सभी देश यहाँ से अन्न प्राप्ति के लिए इसकी कृपा का रास्ता देखते है ताकि सबको अन्न मिल जाये। 

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प्रश्न 6:भव्य भारत का अनुपम अंश कवि ने किसे और क्यों कहा है ?

उत्तर :- ऊंचे पहाड़ और जंगलो से युक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश को कवि ने भव्य भारत  अनुपम अंश कहा है। 

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 7:छत्तीसगढ़ की यह भूमि, हम पर किस प्रकार उपकार करती है?

उत्तर :- छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है यहाँ भूमि में धान के अलावा अलहन ,तिलहन भी होती है जो पुरे देश को अन्न प्रदान करती है यही उपकार सर्वोपरि है। 

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 8:महानदी का तट क्यों प्रसिद्ध है?

उत्तर :- महानदी का तट भगवान राजीव लोचन एवं माता शबरी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। 

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 9:कवि ने ईश्वर से क्या प्रार्थना की है?

उत्तर :- कवि ने ईश्वर से प्रार्थना की है ,कि हमारा छत्तीसगढ़ सदैव प्रगति पथ पर अग्रसर रहे और लोगो के लिए सुख का धाम बना रहे। 

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 10:कवि ने छत्तीसगढ़ को प्रकृति का कमनीय क्रीड़ा स्थल क्यों कहा है?

उत्तर :- छत्तीसगढ़ में अनेक ऐसे प्राकृतिक सौंदर्य विद्यमान है जिन्हे देखकर मानव मन में व्याप्त काम भावनाये जाग्रत हो जाती है, इसलिए कवि ने इसे कमनीय क्रीड़ा स्थल कहा है। 

पाठ से आगे :

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 1:आप छत्तीसगढ़ के जिस भू-भाग में निवास करते हैं उसके प्राकृतिक सौन्दर्य को गद्य या पद्य में लिखिए।

उत्तर :- ये रायपुर है जनाब ,

यहां की हवाएं हमे सुलाती और जगाती है। 

चिड़िया की चहचहाहट हमें मधुर गीत सुनाती है। 

ये महादेव घाट की लहरे कुछ कानो में चुपके से बोल जाती है। 

जीवन की हर बेला में बहते ही रहना यही तो वो हमें सिखाती है। 

जीवन की मधुर तान ,राम मंदिर में बजते घंटे और शंख दान ,मस्जिद की अजान गुरुओं की गुरुवाणी और गिरजाघर के घंटे हमसे क्या कहना चाहते है ?

बस यही ना की हम इंसानियत को ना छोड़े ,तोड़े हर वो दिवार जो हमें बहाती है। 

हम सब प्यार से रहने वाले से रायपुर की हवा हमारे कानों में हौले से क्या बोल जाती है ?

ये हवाएं शायद कुछ कहना चाहती है। 

उठो जवानो ,लहरा दो तिरंगा और जीवन कर दो हर कण। 

ये रायपुर की धरती तो है हमारी पहचान। 

ना धूमिल करना इसकी शान ,

यही तो बसती है हम सब की जान। 

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प्रश्न 2 :राज्य के सभी पंथों के प्रमुख तीर्थ स्थल कौन-कौन से हैं? उनमें से आप ने और आपके साथियों ने कुछ को देखा भी होगा, उन पर अपने साथियों के साथ चर्चा कर उस स्थल की विशेषताओं को लिखिए।

उत्तर :- छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल है जो विभिन्न कारणों से पर्यटन हेतु महत्वपूर्ण है। कुछ पुरातात्विक कारणों से महत्वपूर्ण है ,जो  कुछ प्राकृतिक दृश्यों और वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध है।  इन पर्यटन स्थलों की सूची इस प्रकार है कांकेर ,दुर्ग ,बिलासपुर ,सरगुजा ,जशपुर जिला से गंगा श्रीराम जानकी मंदिर मड़वा महल आदि तीर्थस्थल है राजनांदगांव जिले में स्थित खैरागढ़ एशिया का एकमात्र कला व संगीत विश्व विद्यालय है। जहां संगीत व कला की शिक्षा दी जाती है। 

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प्रश्न 3 :आपके निवास क्षेत्र के प्रसिद्ध साहित्यकारों और उनकी रचनाओं पर शिक्षक और साथियों से चर्चा कर उनकी प्रसिद्ध रचनाओं पर अपनी समझ से 10 पंक्ति का आलेख तैयार कीजिए।

उत्तर :- गोपाल मिश्र जी:- हमारे क्षेत्र रतनपुर के गोपाल मिश्र जी हिंदी काव्य परम्परा  दृष्टि कोण से छत्तीसगढ़ के वाल्मिकी कहे जाते है। इन्होने सर्वप्रथम वर्ष 1885 में प्रथम छत्तीसगढ़ व्याकरण की रचना हीरालाल काव्योपाध्याय द्वारा की थी।  

पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी :- इनका जन्म खैरागढ़ में 27 मई 1894 को हुआ था। पढ़ाई के दौरान ही जबलपुर की हितकारिणी में उनकी कहानी “तारिणी” छपी थी। इनकी प्रमुख रचनाएँ है -बिखरे पन्ने तुम्हारे लिए मेरा देश ,समस्या और समाधान आदि। 

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प्रश्न 4 :‘‘धान का कटोरा’ के रूप में कवि छत्तीसगढ़ की महिमा का वर्णन करते हैं। राज्य की इस प्रसिद्धि को लेकर हमारी स्थानीय भाषा में बहुत सारी कविताएँ गीत आदि हैं उन्हें ढूँढ़ कर लिखिए कक्षा-कक्ष में सुनाइए।

उत्तर :- सरग  ले बड़ सुन्दर भुइया ,मोर छत्तीगढ़ के कोरा।

दुनिया भर एला कहिथे ,भैइया धान के कटोरा।।

मै कहिथव ये मोर महतारी ऐ 

बड़ मयारू बड़ दुलौरिन 

मोर बिपत के संगवारी ऐ 

संदूहे दाई कस पालय पोसय 

जेखर मै तो सरवन कस छोरा 

संझा बिहिनिया माथा नवांव ऐही देवी देवता मोरे 

दानी हे बार दानी हे ,दाई के अचरा के छोरे।।

मोर छत्तीसगढ़ भाखा बोली 

मन के बोली हिरदय के भाखा 

हर बात म हसी ठिठोली 

बड़ गुरतुर बड़ मिठास 

घूरे जइसे सक्कर के बोरा 

कोयला अउ हीरा ला ,दाई ढ़ाके हे अपन अचरा 

बनकठठी दवई अड़बड़ ,ऐखर गोदी कांदी कचरा 

अन्नपूर्ण के मूरत ये हा 

धन धान्य बरसावय 

श्रमवीर के माता जे हा 

लइकामन ल सिरजावय 

फिरे वो तो कछोरा 

सरग ले बड़ सुन्दर भुईया ,मोर छत्तीसगढ़ के कोरा 

दुनिया भर ऐला कहिथे ,भईया धान के कटोरा।। 

भाषा  से :

Page no : 57 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 1:पावन भूमि, भव्य भारत, सुंदर साहित्य, जैसे पदों का प्रयोग कविता में हुआ है। यहाँ भूमि, भारत, साहित्य, विशेष्य है और पावन, भव्य, सुंदर, आदि शब्द विशेषण हैं। अर्थात वाक्य में जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताएं उसे विशेषण और जिसकी विशेषता बताई जाए उसे विशेष्य कहते है। पाठ से विशेषण और विशेष्य का चुनाव कर अर्थ सहित लिखिए।

उत्तर :- 

विशेषण  विशेष्य
उच्च    गिरी 
  वीर    गर्वित 
  कृपा दृगकोर
परम्    पुनीत 
अनुपम   अंश 
वीर गर्वित
प्रगति पथ 
सुख धाम 

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प्रश्न 2 : भोले-भाले, ओर-छोर, काम-धाम, अनाप-शनाप जैसे शब्दों के प्रयोग शब्द सहचर

कहलाते हैं। इस पाठ से एवं अपने परिवेश में प्रयुक्त होने वाले शब्द सहचरों को चुन कर वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर :- 

(क)शान -बान  = हम अपने देश की शान -बान से कोई समझौता नहीं करते। 

(ख) धूम -धाम = वाक्य प्रयोग – हम सब अपना राष्ट्रीय पर्व बड़ी ही धूम धाम से मनाते है। 

(ग) दीन -हीन  = वाक्य प्रयोग -सुदामा की स्थिति बड़ी ही दीन -हीन प्रतीत हो रही थी। 

(घ)ओर -छोर   =  समुद्र का कोई ओर छोर नहीं दिखता है। 

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प्रश्न 3 : कविता में ‘कमनीय’ शब्द का प्रयोग हुआ है। जो ‘कामिनी’ शब्द में ‘ईय’ प्रत्यय के योग से बना है। वे शब्दांश जो शब्द के अन्त मे जुड़कर शब्द के अर्थ में परिवर्तन अथवा विशेषता उत्पन्न करे, प्रत्यय कहलाते हैं। आप दिए गए शब्दों में ‘ईय’ प्रत्यय का प्रयोग कर लिखिए – पठन, दर्शन, भारत, गमन, श्रवण, वर्णन।

उत्तर :- शब्द +प्रत्यय = प्रत्यय युक्त शब्द 

  1. पठन +ईय =पठनीय 

वाक्य प्रयोग – महाभारत पठनीय काव्य है। 

  1. दर्शन +ईय =दर्शनीय 

वाक्य प्रयोग – राजिम दर्शनीय स्थल है। 

  1. भारत +ईय = भारतीय 

वाक्य प्रयोग -हम सब भारतीय है। 

  1. श्रवण +ईय =श्रवणीय 

वाक्य प्रयोग – यह कथन श्रवणीय है। 

  1. गमन +इय  = गमनीय 

वाक्य प्रयोग – यह स्थल गमनीय है। 

  1. वर्णन +ईय  =वर्णनीय 

वाक्य प्रयोग – प्रस्तुत संस्मरण वर्णनीय है। 

Page no : 58 (हमारा छत्तीसगढ़) 

प्रश्न 4 : इस कविता में से अनुप्रास अलंकार के दो उदाहरण लिखिए ।

उत्तर :- अनुप्रास अलंकार के उदाहरण –

1. नृत्य उन्नति -अवनति का दृश्य देखता दहला खड़ा उदार। 

2. कटोरा यही धान का कलित ,चाहते सभी कृपा दृग कोर। 

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प्रश्न 5 :प्यारा, न्यारा, दुलारा, इन शब्दों की सहायता से चार पंक्तियों की कविता की रचना कीजिए। कविता की पहली पंक्ति इस प्रकार भी हो सकती है-हम छत्तीसगढ़ के, छत्तीसगढ़ हमारा है,

उत्तर :- हम छत्तीसगढ़ के ,छत्तीसगढ़ हमारा है। 

हम पंक्षी उन्मुक्त गंगन के ,यहां का कण -कण हमारा है। 

छत्तीसगढ़ हम सब का दुलारा है। 

भारत देश यहां पर हमे तो अपना छत्तीसगढ़ प्यारा है।  


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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.

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