CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 9 साहस के पैर is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 हिंदी पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 9 साहस के पैर
CGBSE समाधान कक्षा 8 हिंदी अध्याय 9 – साहस के पैर हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 9 हिंदी are given below for Hindi Medium students.
अभ्यास :
Page no : 47 (एक साहस के पैर)
प्रश्न 01 :अंचल कौन था और वह किस प्रकार चुनौती का शिकार हो गया?
उत्तर :- अंचल साहसी विद्यार्थी था ,उसका पैर रेलगाड़ी से कट गया और वह लगड़ा हो गया।
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प्रश्न 02 : अंचल को ऐसा क्यों लगा की किसी ने उसके दिल को मुठ्ठी में दबोचकर मसल दिया हो?
उत्तर :- अंचल को कक्षा के छात्र तैमूर लंग से (अंचल) उसकी तुलना कर हंसी उड़ा रहे थे ,इसलिए अंचल को लगा जैसे किसी ने उसके दिल को मुट्ठी में दबोचकर मसल दिया हो।
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प्रश्न 03 :अंचल को रात में नींद क्यों नहीं आई?
उत्तर :- अंचल को साल भर पहले की घटना याद आ रही थी ,जब उसे अपना पैर गवाना पड़ा था। इसलिए रात में नींद नहीं आयी।
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प्रश्न 04 : अंचल ने कक्षा के साथियों द्वारा उसकी हँसी उड़ाने की प्रवित्ति का विरोध कैसे किया ?
उत्तर :- अंचल ने साहस को संजोया और मुस्कुराने लगा तथा कक्षा के अंदर गया। इसप्रकार हंसी उड़ाने की प्रवृत्ति का विरोध किया।
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प्रश्न 05 : ‘साहस के पैर’ शीर्षक कहानी के माध्यम से हानिकारक पाठकों से क्या कहना चाहता है?
उत्तर :- अंचल छात्रों के चिढ़ाने को नज़र अंदाज कर गर्वीली मुस्कान के साथ महसूस करने लगा कि अब उसके पैर हाड़ -मांस के नहीं ,लकड़ी के नहीं ,साहस के है और साहस जो कभी न थकने वाले पावो के सहारे जीवन की बीहड़ राही पर चलना चाहता है। इस कहानी के माध्यम से लेखक हमारे मन में साहस का संचार करना चाहता है,जिससे हमें विषम परिस्थितियों का सामना भी मुस्कुरा कर सके।
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प्रश्न 06 : कहानी का प्रधान चरित्र ‘अंचल ‘ का व्यक्ति अपने चुनौतियों के साथ हमें बेहद प्रभावित करता है क्यों?
उत्तर :- कहानी का प्रधान चरित्र ‘अंचल’का व्यक्तित्व अपनी चुनौतियों के साथ हमें इसलिए प्रभावित करता है ,कि वह अपने अपाहिज होने के कारण कक्षा के छात्रों द्वारा हंसी का पात्र बनने के बाद की अपनी हिम्मत और साहस से सभी का सामना कर उन्हें जवाब देता है और डटा रहता है हिम्मत नहीं हारता है।
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प्रश्न 07 : किसने किससे कहा ?
क . “ बैठो बेटे | बैठे रहो | यह सब कैसे हो गया? “
उत्तर :- मास्टर जी ने अंचल से कहा।
ख . “ दोस्तों | भूगोल के मास्टर जी आते है तो अपने साथ नक्शा लाते है |”
उत्तर :- मोटे लड़के ने छात्रों से कहा।
ग . “ रहने दो अचल | अगले स्टेशन पर ले लेंगे |”
उत्तर :- पिताजी ने अंचल से कहा।
घ . “बा अदब | बा मुलाहिजा | होशियार | शहंशाह तैमूर लंग तशरीफ ला रहे है |”
उत्तर :- मोटे लड़के ने छावो से कहा।
ड . “ क्यों बे , तुझे तैमूर लंग नाम पसंद आया क्या?”
उत्तर :- मोटे लड़के ने अंचल को कहा।
पाठ से आगे :
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प्रश्न 01 : प्रायः देखा जाता है कि अक्सर समाज में लोग एक दूसरे की कद-काठी, रूप-रंग, चाल-ढाल आदि पर व्यंग्य अथवा उपहास करते हैं। क्या आपको इस तरह का व्यवहार उचित लगता है? समूह में चर्चा कर इसका उत्तर लिखिए।
उत्तर :- हम इस तरह के व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते है । जो लोग किसी के रंग रूप ,कद -काठी ,चाल-ढाल को देखकर व्यंग करते है वो लोग वास्तव में मानसिक बीमारी से ग्रसित है । मै स्वतः उनके मनः स्थिति की विवेचना तो नहीं कर सकती परन्तु यह हमारे समाज की बड़ी अजब विडंबका है की हम ना जाने क्या ऐसे मनोविकार से ग्रसित है। हमें ऐसे लोगों का व्यंग्य अथवा उपहास व्यंग्य करने से मनुष्य अपनी तुच्छ बुद्धि का परिचय देता है क्योंकि मनुष्य तो प्रकृति का बनाया खिलौना है।
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प्रश्न 02 : समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विद्यालय में दिव्यांग बच्चे भी सामान्य बच्चों के साथ अध्ययन करते हैं उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आप विद्यालय में किस प्रकार के भौतिक बदलाव और संसाधन की व्यवस्था करना चाहेंगे? कक्षा में साथियों और शिक्षक से चर्चा कर एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर :– समावेशी कक्षा में दिव्यांग छात्रों की समस्याओं का ध्यान में रखते हुए हम अनेक प्रकार के भौतिक बदलाव और संसाधन की व्यवस्था करना चाहेंगे जैसे सांकेतिक भाषा का प्रयोग श्रवण बंधित छात्रों के संप्रेषण के लिए किया जाना चाहिए। बोली के अभाव में श्रवण बंधित छात्र सांकेतिक भाषा द्वारा समझ सके। दृष्टि हीन छात्रों के लिए ब्रेल विधि का प्रयोग पढ़ने व लिखने में किया जाना चाहिए। इस प्रकार के अन्य संसाधनों का प्रयोग व व्यवस्था विद्यालय में करना चाहेंगे ।
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प्रश्न 03 :“चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना दुर्घटना को आमंत्रण देना है।” इस कथन पर समूह में चर्चा कीजिए एवं इससे बचने के लिए क्या-क्या सावधानियाँ अपेक्षित हैं ? लिखिए।
उत्तर :- चढ़ती ट्रेन में चढ़ना उतरना दुर्घटना को आमंत्रण देना है। क्योंकि यदि अंचल चलती ट्रेन में नहीं चढ़ता तो उसे एक दिव्यांग का जीवन नहीं जीना पड़ता। हम हमेशा अपने अध्यापको और बड़ो से सुनते आए है कि”दुर्घटना से देर भली “जब हम कही जा रहे होते है, तो परिवार वाले कहते है ,बेटा आराम से जाना लेकिन हम जल्दी पहुंचने के लालच में कई बार अपने संग तो कई बार अपना जीवन गवा बैठते है। इससे निपटने के लिए अनेक सावधानिया बरतनी चाहिए जैसे ट्रेन का टिकट पहले ही व अन्य जरुरी चीजे अपने पास रखे ताकि ट्रेन में ठगी का शिकार न हो और अपने गंतन्य स्टेशन से पहले नीचे नहीं उतरना पड़े।
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प्रश्न 04 : प्रायः रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर चेतावनी वाले स्लोगन ‘दुर्घटना से देर भली’ ‘सावधानी हटी दुर्घटना घटी’, ‘सतर्क चलें सुरक्षित चलें’ लिखा रहता है इन पर समूह में चर्चा कीजिए और ऐसे ही स्लोगन बनाने का प्रयास कीजिए जो लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं।
उत्तर :-1. दुर्घटना से रखनी दूरी है ,तो हेलमेट सबसे जरूरी है।
2. जानता है देश का हर बच्चा ,सबसे जरुरी सड़क सुरक्षा।
3. वाहन नियंत्रित होकर चलाएं,एक जिम्मेदार नागरिक का कार्य निभाए।
4. आपका भविष्य आपके हाथ ,हेलमेट सदा रखे साथ।
5. सड़क सुरक्षो को अपनाए ,जीवन को खुशहाल बनाए।
6. करे सुरक्षा का इंतजाम वरना समझो काम तमाम।
भाषा से :
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प्रश्न 01 : पाठ में तीखापन एवं घबराहट शब्द आया है जो कि भाववाचक संज्ञा है। यह शब्द तीखा विशेषण में ‘पन’ प्रत्यय लगाने से बना है अर्थात तीखा होने का भाव। उसी तरह से घबराना क्रिया में ‘आहट’ प्रत्यय के योग से बना है घबराहट अर्थात घबराने का भाव इसी प्रकार इन दोनो प्रत्यय का प्रयोग करते हुए दस-दस नए शब्द बनाइए।
उत्तर :- पन प्रत्यय लगाकर दस नए शब्द :-
| बहरे | पन | बहरे पन |
| गंजे | पन | गंजेपन |
| अंधे | पन | अंधेपन |
| लूले | पन | लूलेपन |
| गूंगे | पन | गूंगेपन |
| बड़प | पन | बड़प्पन |
| गमक | पन | गमकपन |
| झिझक | पन | झिझकपन |
| अपना | पन | अपनापन |
| लड़क | पन | लड़कपन |
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प्रश्न 02 : जहरीले ठहाके एवं गर्वीली मुस्कान जैसे शब्द पाठ में आए हैं, इन शब्दों में ‘जहरीले’ और ‘गर्वीली’ शब्द अपने बाद आनेवाले (ठहाके, मुस्कान) शब्द की विशेषता बता रहे हैं। अतः ये पद विशेषण हुए और जिनकी विशेषता बताई जा रही है वे विशेष्य कहे जाते हैं। आप भी विशेषण और विशेष्य के पाँच उदाहरण ढूँढ़ कर लिखिए।
उत्तर :-
| विशेषण | विशेष्य |
| सुन्दर | लड़की |
| मोटा | आदमी |
| लम्बी | औरत |
| गोरी | महिला |
| अच्छा | लड़का |
Page no : 48 (एक साहस के पैर)
प्रश्न 03 : प्रस्तुत पाठ में ‘चल’ धातु में ‘अ’ उपसर्ग लगाकर ‘अचल’ शब्द का प्रयोग हुआ है। जिसमें ‘अ’ का अर्थ नहीं या मनाही के भाव है जैसे अचल का अर्थ जो चल नहीं सकता, स्थिर, ठहरा हुआ। ‘अ’ उपसर्ग युक्त शब्दों जैसे ( अप्रिय, अप्राप्य, अहित, अघोष, अनाथ, रुचि, अलभ्य, असह्य) आदि के विलोम शब्द लिखिए।
उत्तर :–
| शब्द | विलोम |
| अप्रिय | प्रिय |
| अहित | हित |
| अप्राप्य | प्राप्य |
| अघोष | सघोष |
| अनाथ | सनाथ |
| अरुचि | रूचि |
| अलभ्य | सुलभ्य |
| असह्य | सह्य |
Page no : 48 (एक साहस के पैर)
प्रश्न 04 : प्रस्तुत पाठ में ‘घंटाघर’ शब्द का प्रयोग हुआ है। यह शब्द ‘घंटा’ और ‘घर’ दो शब्दों के मिलने से बना है। इसका अर्थ है ‘घंटा का घर’। ‘का’ विभक्ति हटाकर यह शब्द बना है। विभक्ति चिह्न हटाकर जो सामासिक शब्द बनाए जाते हैं, वे तत्पुरुष समास कहलाते हैं। अब आप निम्नलिखित सामासिक शब्दों का विग्रह कर समास का नाम लिखिए- रसोईघर, राजपुत्र, राजभवन, देशसेवा, राजदरबार, विद्यासागर।
उत्तर :-
| रसोई घर -रसोई के लिए घर | (तत्पुरुष समास) |
| राजपुत्र -राजा का पुत्र | (तत्पुरुष समास) |
| राज भवन – राजा का भवन | (तत्पुरुष समास) |
| देश सेवा -देश की सेवा | (तत्पुरुष समास) |
| राजदरबार – राजा का दरबार | (तत्पुरुष समास) |
| विद्यासागर – विद्या -सागर | (तत्पुरुष समास) |
Page no : 48 (एक साहस के पैर)
प्रश्न 05 : नीचे कुछ शब्द और उनके पर्यायवाची शब्द दिए गए हैं। इनकी सही जोड़ियाँ मिलाकर लिखिए। मोटा, नाटा, गरीब, बादशाह, ठिगना, स्थूल, नक्शा, पग, शहंशाह, फिक्र, मानचित्र, पैर, अचल, साहस, अडिग, हिम्मत, चिंता, निर्धन।
उत्तर :-
| शब्द | पर्यायवाची |
| मोटा | स्थूल |
| गरीब | निर्धन |
| बादशाह | शहंशाह |
| ठिगना | नाटा |
| अचल | अडिग |
| नक्शा | मानचित्र |
| पग | पैर |
| फ़िक्र | चिंता |
| साहस | हिम्मत |
Page no : 48 (एक साहस के पैर)
प्रश्न 06 : इस कहानी को संक्षेप में अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :- घंटी बजी नहीं थी कक्षा में चिल्लन्यो मची थी। तभी अंचल का प्रवेश हुआ। उसे देखकर एक मोटा लड़का उठा और ब्लैक बोर्ड के सामने खड़ा होकर दोस्तों को संबोधिक कर कहने लगा -भूगोल के मास्टर जी आते है ,तो अपने साथ नक्शा लाते है ,जिससे हम भारत एवं दुनिया को जानते है। मगर इतिहास के मास्टर जी क्या करें। तैमूर लंग वाला अध्यापक कैसे पढ़ाये। लेकिन भगवान की दया से बोलकर चुप हो गया। अंचल मन को मारकर रह गया क्योंकि वह बैसाखियों के सहारे चलता था।
मास्टर जी ने हाजरी ली तब अंचल बैसाखियो के सहारे खड़ा हुआ ,मास्टर जी बोले -बैठो बेटा ,बैठे रहो,पास आकर हाल पूछा। मास्टर जी ने सभी बच्चों को उससे सहानुभूति रखने को कहा। उसने हादसे का जिक्र करते हुए मास्टर जी को घटना की जानकारी दी लड़के उसका मजाक उड़ाते उस पर हसते किन्तु वह मन में निराश को हार नहीं करने दिया और लड़को के साथ मिलकर अपना उत्साह दुगुना किया। उन्होंने लड़का से कहा ,तैमूरलंग कहो या अंचल ,नाम से क्या होता है देखो न मेरा नाम है ,अंचल किन्तु मै बिना बैसाखियो के खड़ा नहीं हो सकता हूँ। दोस्त मै गुजरती ट्रेन का दुःख सहा तो आपके हल्के -फुल्के मजाक से क्या बिगड़ना है। इस प्रकार सभी लड़के सन्न रह गए।
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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.