CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 15 मनुज को खोज निकालो – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 15 मनुज को खोज निकालो is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 हिंदी पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 15 मनुज को खोज निकालो

CGBSE समाधान कक्षा 8 हिंदी अध्याय 15 – मनुज को खोज निकालो हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।

CG Board Class 8 Hindi Solutions Chapter 15 हिंदी are given below for Hindi Medium students.


अभ्यास : 

पाठ से :

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 1: मूल व्यक्ति को कवि ने कहाँ से खोज निकालने को कहा है ?

उत्तर :- मूल व्यक्ति को कवि ने विभिन्न वर्गों में बटे हुए मनुष्यों में से कवि सच्चे मनुष्य की खोज करना चाह रहा है। वे मनुष्य ऐसे हो जो धर्म ,जाति ,देश ,भाषा आदि के भेद से ऊपर उठे  हो। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 2: कवि ने मानव समाज में फैली किन-किन विविधताओं का उल्लेख किया है ?

उत्तर :- कवि ने मानव समाज में फैली ,जाति ,वर्ण ,संस्कृति ,समाजगत विविधताओं का उल्लेख किया है। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 3: मूल व्यक्ति से कवि का क्या तात्पर्य है ? 

उत्तर :- मूल व्यक्ति से कवि का तात्पर्य मानवता से है। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 4: आज समाज में व्यक्ति-व्यक्ति के बीच किस प्रकार के भेद उत्पन्न हो गए हैं ?

उत्तर :- आज समाज में व्यक्ति -व्यक्ति के बीच जातिगत ,वर्णगत ,धर्मगत ,धनी -निर्धन ,ऊंच -नीच आदि भेद उत्पन्न हो गए है। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 5:  इस कविता में कवि ने ‘खंड मनुज‘ का प्रयोग किया है। इससे आप क्या समझते है। 

उत्तर :- इस कविता में कवि ने खंड -मनुज  का प्रयोग ऐसे मनुष्यों के लिए किया है ,जो विभिन्न वर्गों में बटा हुआ है ,जो धर्म ,जाति ,देश ,भाषा ,आदि का भेद -भाव अपने अंतःकरण में सदा ही विद्यमान रखता है। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 6: कवि किस अंध यवनिका को उठाने की बात कह रहा है ?

उत्तर :- कवि अंधविश्वास एवं रूढ़िवादी प्रवृत्ति की अंधविश्वास को उठाने की बात कह रहा है, अर्थात समाज में फैली कुरीतियों ,अंधविश्वासों ,रूढ़िवादी रीति -रिवाजो की अज्ञानता का परदा को उठाने की बात कह रहा है। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 7: वर्गों में बँटा हुआ मनुष्य किस प्रकार पूर्ण मनुष्य बन सकता है ?

उत्तर :- कवि कहते है ,कि जातिगत ,धर्मगत एवं वर्णगत भेदभाव की भावना को भूलाकर मनुष्य आपसी सहयोग एवं सदभाव से जीवन बसर करें तो मनुष्य पूर्ण मनुष्य बन सकता है अन्यथा नहीं। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 8: रुढ़ि रीतिगत विश्वासों को मिटा देने की बात कवि ने क्यों की है ?

उत्तर :-रूढ़ि-रीतिगत विश्वासों से समाज में ईर्ष्या -द्वेष तथा झगडे और आपसी मतभेद पैदा होते है। अतः कवि ने सम्पूर्ण समाज से रूढ़ि -रीतिगत विश्वासों को मिटाने की बात कही है। जिससे समस्त राष्ट्र का विकास हो सके। 

पाठ से आगे :

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 1:आप की दृष्टि में एक आम आदमी की क्या विशेषताएँ होनी चाहिए। चर्चा कर लिखिए।

उत्तर :– एक आम आदमी या साधारण मनुष्य के कार्य एवं उसकी सोच धर्म ,जाति भाषा से ऊपर होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का कार्य निष्पक्ष होना चाहिए। समाज का प्रत्येक व्यक्ति यदि सभी धर्म एवं जाति का बराबरी से सम्मान करे तो सम्पूर्ण समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर हो जायेगा तथा हमारे राष्ट्र का नाम इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों से लिखा जायेगा। 

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प्रश्न 2: भाईचारे की भावना को विकसित करने पर पाठ में बार-बार बल दिया गया है। भाईचारे की भावना के विकास में बाधक तत्व कौन-कौन से हो सकते हैं? मित्रों और शिक्षकों से बातचीत कर लिखिए।

उत्तर :-  भाईचारे की भावना मन को मन से व दिल से दिल को जोड़ती है। परिवार में समरूपता और सभ्य समाज इसी के परिणाम है इसके विकास में वैमनस्य ,विघटन ,अलगाव ,अविश्वास ,अहंकार ,अशिक्षा ,भाषा ,जाति ,संप्रदाय ,धर्म ,अंध -विश्वास वेश -भूषा ,रूढिया ,परम्पराएं आदि बाधक तत्व है। 

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प्रश्न 3: मनुष्य और मनुष्य के बीच जो भी भेद बताए गए हैं वे भाषा, वेशभूषा, उपासना के आधार पर बताए गए हैं जो केवल बाह्य तत्व हैं, जबकि मूल रूप से सभी मनुष्य एक हैं। कैसे ? इस विषय पर अपनी सहमति और असहमति को कारण सहित लिखिए।

उत्तर :- मनुष्य और मनुष्य के बीच जो भी भेद बताए गए है। वे भाषा ,वेशभूषा,उपासना के आधार पर बताये गए है। जो केवल बाह्य तत्व है ,जबकि मूल रूप से सभी मनुष्य एक है। यह कथन सत्य है ,क्योंकि प्रत्येक मनुष्य के सुख -दुःख ,जन्म -मरण आदि का आधार एक जैसा होता है सभी बालक निः स्वार्थ प्रेम करते है। 

सहमति :- कई वर्गों में बटा हुआ मनुष्य भी मानव धर्म को अपनाकर जाति -पाति ,ऊंच -नीच ,श्रेणी तथा वर्ग से ऊपर उठकर पूर्ण मनुष्य बन सकता है।

असहमति :- एक ही समाज में रहने वाले अन्य व्यक्तियों के धर्म को छोटा समझना व अंधविश्वास को मन में दृढ़ता से रखे रहने पर भी समाज पर इसका बुरा असर पड़ता है। मै इस बात से पूर्ण रूप से असहमत हूँ क्योंकि संसार के सभी धर्म मूलरूप ले एक है ,परन्तु मनुष्यों का मूल रूप से एक होना कदापि संभव नहीं है।  

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 4:  हमारे देश में भाषा के दुराग्रह ने एक मनुष्य को दूसरे का दुश्मन बना दिया है। कैसे? शिक्षक तथा साथियों से चर्चा कर लिखिए।

उत्तर :- भाषागत राजनीति के चलते ही देश के प्रत्येक राज्य द्वारा अपनी भाषा को विशेष महत्व दिया जाने लगा है।  जिससे एक दूसरे राज्य के लोगों में आपसी वैमनस्य बढ़ा है। हम भारतीय है और हिंदी हमारी राजभाषा है।ये हम पूर्णतः भूल ही चुके है। अतः हम सबका प्रथम कर्तव्य होना चाहिए कि हम स्वतः ही अपनी राजभाषा का सम्मान कायम रख सकें। यह तभी संभव होगा। जब युवा  पीढ़ी इस क्षेत्र में बढ़ -चढ़ कर हिस्सा ले। 

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प्रश्न 5: हमारे समाज में फैली रुढ़ियों और अंधविश्वासों ने किस प्रकार लोगों में एक-दूसरे के प्रति घृणा के भाव पैदा कर दिए हैं ? स्वयं के अनुभव के आधार पर उदाहरण के माध्यम से अपनी बात को रखिए।

उत्तर :-जाति एवं वर्ण भेद ने समाज के लोगो में ऊंच -नीच ,छोटे -बड़े की भावना को बढ़ावा दिया है। जिन रूढ़ियों को लोग तोड़ नहीं पा रहे है ,वही रूढिया हमारे समाज और सम्पूर्ण राष्ट्र को खोखला करती जा रही है। धार्मिक  अंध विश्वास ,पूजा -पाठ ,धर्म -कर्म के झूठे बंधनो को तोडना हम तोड़ नहीं पा  रहे है। इसलिए घृणा का भाव बढ़ रहा है। 

मैंने अपने पास में ही रहने वाले एक पडोसी को अपने नवजात शिशु को मुझसे जब बचाते हुए देखा तो मुझे उनकी शिक्षा पर विश्वास नहीं हुआ कि शायद मै संतान हीन हूँ इसलिए वो मेरी नजर से अपने बच्चे को बचाना चाहते है। ये कृत मुझे अंदर तक झकझोर गया। मै बहुत ही अचंभित थी कि आज के इस युग में भी ऐसे लोग है जो इसका एक सामाजिक दोष और अपशकुन समझते है। 

Page no : 86 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 6: इस कविता में एक सच्चे मनुष्य को खोज निकालने की बात कही गई है। एक सच्चे मनुष्य को लेकर आपके मन में क्या कल्पना है? दस वाक्यों में लिखिए।

उत्तर :- (1)जिस मनुष्य में मनुष्यता आज भी विद्यमान हो वही सच्चा मनुष्य हो सकता है अन्यथा नहीं। यहि सच्चे मनुष्य की पहचान है। 

(2)सच्चा मनुष्य वह भी है जो समाज को वर्गों में विभाजित नहीं करता अपितु सभी को एक समान समझता है। 

(3)जो मनुष्य सभी जीवों तथा जंतुओं के साथ भी मनुष्यो जैसा व्यवहार करें वह भी सच्चा मनुष्य ही कहलाता है। 

(4)सच्चा मनुष्य बाह्य आडम्बरो को एक सिरे से नकार देता है। 

(5)सच्चा मनुष्य यर्थाथता में जीवन व्यतीय करता है ना की कल्पना की दुनियां में। 

(6)सच्चा मनुष्य सभी धर्मों को एक समान सम्मान देता है, न कि किसी धर्म -विशेष को। 

(7)सच्चा मनुष्य मृदुभाषी होता है परन्तु सत्य कड़वा होने के कारण लोग उसे कटु -भाषी समझने लगते  है। 

(8)सच्चा व्यक्ति समाज को बुलंदियों पर ले  जाता है न  की व्यक्ति विशेष को। 

(9)सच्चा मनुष्य जाति ,धर्म ,रंगभेद आदि बुराइयो से परे होता है। 

(10) सच्चा व्यक्ति किसी विशेष समाज के बारे में ही नहीं सोचता अपितु वह राष्ट्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में कार्यरत रहता है। 

अतः एक सच्चे व्यक्ति को शब्दों के दायरे में नहीं बांधा जा सकता। वह तो सम्पूर्ण दिशाओ में दृष्टिगोचर होता है।  

भाषा से :

Page no : 87 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 1:  पाठ में प्रयुक्त इन शब्दों के विलोम अर्थ को प्रगट करने वाले शब्दों को ढूँढ़िए मनुज, विविध, रीति, अवनि, सभ्य, रिक्त, अपनाना, खंड, असंस्कृत, जाति, वर्ण, विश्वास, भीतर, ऊपर, राजा, धनी।

उत्तर :- 

शब्द विलोम शब्द 
मनुज दनुज 
विविध एक 
रीति कुरीति 
अवनि अम्बर 
सभ्य असभ्य 
रिक्त भरा 
अपनाना छोड़ना 
खण्ड जोड़ 
असंस्कृत संस्कृत 
जाति कुजाति 
वर्ण कुवर्ण 
विश्वास अविश्वास 
भीतर बाहर 
ऊपर नीचे 
राजा रंक 
धनी निर्धन 

Page no : 87 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 2: कविता में बहुत से समान रूप से उच्चारित शब्दों का प्रयोग हुआ है वाक्य प्रयोग द्वारा आप इनके अर्थ को स्पष्ट कीजिए –

उत्तर :- (1)भाषा -भूषा 

वाक्य प्रयोग :- भाषा -हमारी राज भाषा हिंदी है। 

भूषा -तुम पहले अपनी वेश -भूषा सुधारो 

(2) श्रेणी -वर्ग 

वाक्य प्रयोग :-(1) राम प्रथम श्रेणी में पास हो गया। 

(2) तुम्हारी कक्षा का वर्ग क्या है ?

(3)राजा -प्रजा :- 

वाक्य प्रयोग :- (1)रामचंद्र जी अयोध्या के राजा बने। 

(2)राम -राज में प्रजा अति प्रसन्न थी। 

(4)धनी -निर्धन 

वाक्य प्रयोग :- (1)राघव एक घनी लड़का है। 

(2)निर्धन का जीवन कष्टकारक होता है 

(5)सज्जन -दुर्जन 

वाक्य प्रयोग :- (1)मोहित सज्जनो की श्रेणी में है। 

(2)दुर्जन -असभ्य समाज दुर्जनता का प्रतीक है। 

Page no : 87 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 3: निम्नलिखित के दो-दो समानार्थी शब्द लिखिए- भव, राजा, धनी, निर्धन, मानव, अवनि, खोजना, निर्धन,अखिल।

उत्तर :- समानार्थी शब्द 

शब्द  समानार्थी शब्द (पर्यायवाची शब्द)

शब्द समानार्थी शब्द 
(1)भव  संसार ,जगत 
(2)धनी धनवान ,पूंजी पति 
(3) मानव मनुष्य, मनु
(4)खोजनाढूँढना ,तलाशना 
(5)राजानरेश ,नृप 
(6)निर्धनगरीब ,धनहीन
(7)अवनि धरती ,जमीन 
(8)अखिलसभी ,सम्पूर्ण

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प्रश्न 4:  भाषा-भूषा एक सामासिक शब्द है, जिसके दोनों शब्द संज्ञा हैं। बीच में ‘और’ का लोप है। इसी प्रकार के और चार शब्द कविता में से छाँटिए।

उत्तर :-

देश -राष्ट्रदेश और राष्ट्र 
रूढ़ि -रीतिगतरूढ़ि और रीतिगत
अंध -यवनिका अंध और यवनिका
भाषा -भूषा भाषा और भूषा
राजा -प्रजा राजा और प्रजा 
धनी -निर्धनधनी और निर्धन
सज्जन -दुर्जनसज्जन और  दुर्जन
खंड -मनुष्यखंड और मनुष्य 
सभ्य -संस्कृतसभ्य और संस्कृत

Page no : 87 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 5: इन शब्दों को शब्दकोश में दिए गए क्रम के अनुसार लिखिए। समत्व, भूषा, भव, असंस्कृत, विविध, विश्वास, अंध, वर्ण, अवनि, अखिल।

उत्तर :- अखिल ,अंध ,अवनि ,असंस्कृत ,भव ,भूषा ,वर्ण ,विविध ,विश्वास ,समत्व 

Page no : 87 (मनुज को खोज निकालो) 

प्रश्न 6: निम्नलिखित समानोच्चारित शब्दों का प्रयोग अपने वाक्यों में इस प्रकार कीजिए कि उनका अर्थ स्पष्ट हो जाए- चिता/चीता, राज/राजा, अंध/अंधा, भव/भाव, जन/जान। 

  • ‘मनु’ शब्द में ‘ज’ प्रत्यय जोड़कर ‘मनुज’ शब्द बना है, जिसका अर्थ है ‘मनु से जन्मा।

उत्तर :- चिता :- मृत्यु शैय्या 

चीता :- जानवर 

वाक्य प्रयोग :- श्मशान में एक चिता जल रही है। 

चीता एक जंगली पशु है। 

(2)राजा -गुप्त बात :- कुछ बातें जीवन में राज ही रह जाती है। 

राजा -प्रशासक :- यमलोक के राजा यमराज ही है। 

(3)अंध -मनमानी करना :- समाज में बहुत से अंध विश्वासों ने जड़ता जमा रखा है। 

अँधा – जिसे दिखाई न दे :- सुरेश एक अंधा व्यक्ति है। 

(4)भव -संसार :- संसार में विभिन्न प्रकार से लोग विद्यमान है। 

भाव -कीमत :- सोने का भाव तो चढ़ता ही जा रहा है। 

(5)जन -लोग :- जन -धन के नुकसान की भरपाई सम्भव नहीं। 

जान -प्राण :- सभी जीवो को अपनी जान प्यारी है।


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