CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 8 सूक्ष्मजीव- एक अद्भुत संसार is specifically designed for Hindi medium students of Class 8 studying in Chhattisgarh Board of Secondary Education. यह समाधान कक्षा 8 विज्ञान पुस्तक छात्रों को अवश्यक अपने अध्ययन को सुगम बनाने के लिए इस समाधान पुस्तक का उपयोग करना चाहिए।
CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 8 सूक्ष्मजीव- एक अद्भुत संसार
CGBSE समाधान कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 8 – सूक्ष्मजीव- एक अद्भुत संसार हिंदी माध्यम में छात्रों के लिए बनाए गए हैं। यह समाधान छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है और सीजीबीएसई बोर्ड के कक्षा 8 के छात्रों के लिए उपयुक्त है।
CG Board Class 8 Science Solutions Chapter 8 विज्ञान are given below for Hindi Medium students.
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इनके उत्तर दीजिए
1. यदि पानी की टंकी एक महीने से साफ़ नहीं हुई हो ,तो बताइये टंकी के पानी में कौन-कौन से सूक्ष्मजीव हो सकते है ?
उत्तर:यदि पानी की टंकी एक महीने से साफ नही होती है, तो टंकी के पानी के विभिन्न प्रकार के सुक्ष्मजीव हो सकते है, जिनके नाम निम्न हैं- अमीबा,पैरामीशियम, क्लोरेला विभिन्न प्रकार के शैवाल जैसे – क्लेमाइडोमोनास, स्पाइरोगायरा, ट्राइपैनोसोमा।
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2. अमीबा, पैरामीशियम हमें नग्न आँखों से दिखाई क्यों नहीं देते ?
उत्तर: अमीबा, पैरामीशियम अति सूक्ष्म जीव होते है, इन्हे देखने के लिए साधारण सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता होती हैं, इसलिए ये हमें नग्न आँखों से दिखाई नहीं देते हैं।
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3. वर्षा के मौसम में चमड़े के बने जूतों पर फफूंद क्यों लगती है ?
उत्तर:फफूंद के वृद्धि के लिए वर्षा का मौसम अनुकूल होता है, प्राय: फफूंद परजीवी या मृतोपजीवी होते है, इनके बीजाणुओं जो, कि वातावरण में निष्क्रिय अवस्था में फैले होते है। चमड़े के बने जूते पर पर्याप्त नमी व पोषण की अनुकूल परिस्थितियाँ पाकर उनमे उग आते है।
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4. धनिया, जीरा , दालों इत्यादि को लम्बे समय तक ख़राब होने से बचाने के लिए सुखाना क्यों जरूरी है ?
उत्तर:धनिया,जीरा,दालो इत्यादि को लम्बे समय तक खराब होने से बचाने हेतु उन्हें सुखाना बहुत जरूरी है, क्योंकि यदि इनमें नमी होगी तो सुक्ष्मजीव वृद्धि करके इन्हें गला देते है व खराब कर सकते है, जिससे ये उपयोग के लायक नहीं रह जाते अत: सुखाना आवश्यक है |
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5. सामान्यतः: शैवाल परजीवी नहीं होते – कारण स्पष्ट करें |
उत्तर:शैवालों में विशेष प्रकार का वर्णन पाया जाता है ,तथा इन्ही वर्णकों के कारण शैवाल प्रायः हरे लाल या भूरे रंग के होते हैं। हरे शैवालो में जैसे नीले हरे शैवाल में हरे वर्णक क्लोरोफिल की उपस्थित होता है ,जिसकी सहायता से ये अपना भोजन स्वयं बनाते है। अतः स्पष्ट है ,कि सामान्यतः शैवाल परजीवी नहीं होते हैं।
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इनके उत्तर दीजिए
1. शाकाहारी पशु आसानी से घास पचा लेते है, जबकि मनुष्य नहीं , क्यों ? कारण लिखें |
उत्तर: शाकाहारी पशु जैसे (गाय, भेड़, बकरी, हिरण इत्यादि) इनके आहारनाल में विशेष प्रकार के जीवाणु पाए जाते है जो सेल्यूलोज के पाचन में सहायक होते है ,जिससे आसानी से घास पचा लेते है ,जबकि मनुष्य के आहारनली के अंदर ऐसे जीवाणु नहीं पाए जाते अतः मनुष्य घास नहीं पचा पाते है।
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2. फ्रीज में फल, दूध, सब्जियों, अंडे मॉस इत्यादि काफी समय तक ख़राब क्यों नहीं होते ?
उत्तर: फ्रिज में काफी कम तापमान होने के कारण ठंड की वजह से सूक्ष्मजीवों की वृद्धि धीमी हो जाती है, तथा सूक्ष्म जीव निष्क्रिय हो जाते है। अत: फ्रिज में फल, दूध,सब्जियाँ,अंडे, मांस इत्यादी लम्बे समय तक फ्रेश रहते हैं जल्दी खराब नहीं होते है ।
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3. यदि कच्चे दूध में थोड़ा दही मिलाया जाये तो क्या दही बनेगा ?
उत्तर- दूध में एक जीवाणु (लैक्टोबैसिलस) जीवाणु उपस्थित होता है,जो दूध की शर्करा को अम्लीय पदार्थ में परिवर्तित कर देता है ,जिससे दूध गाढ़ा होकर दही में परिवर्तित हो जाता है। यह जीवाणु लगभग (37 °C ) गर्म दूध में तेजी से बढ़ोतरी व प्रजनन करता है, इसलिए दही जमाने के लिए दूध को हल्का गर्म किया जाता है, अतः यदि कच्चे दूध में थोड़ा दही मिलाया जाए तो वह पूर्णतः दही नहीं बन पायेगा।
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4. हम दूध का उपयोग करने से पहले उसे उबालते क्यों है ?
उत्तर- दूध में उपस्थित सूक्ष्म जीवों को नष्ट करने के लिए हम दूध का उपयोग करने से पहले उसे उबालते हैं।
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5. मलेरिया किस सूक्ष्मजीव के कारण फैलता है ? उसके बारे में लिखे ?
उत्तर- मलेरिया रोग प्रोटोजोआ समूह के सूक्ष्म जीव प्लाज्मोडियम रोगाणु के स्वास्थ्य व्यक्ति (मनुष्य) के शरीर में प्रवेश करने से होता है, जिनके वाहक मादा एनाफिलीज मच्छर है। जब ये मच्छर स्वास्थ्य मनुष्य को काटते हैं तब मलेरिया के रोगाणु (प्लाज्मोडियम) स्वास्थ्य व्यक्ति के रक्त में पहुंचकर मलेरिया रोग उत्पन्न करते हैं।
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6. फलीदार पौधे मिट्टी को उपजाऊ कैसे बनाते है ?
उत्तर:- फलीदार पौधे जैसे- चना, मटर, तथा अन्य दलहनी पौधे की जड़ों में गाठे पाई जाती हैं ,जिनमें एक सहजीवी जीवाणु उपस्थित होता है, जिसका नाम (राइजोबियम) है। यह जीवाणु वातावरण में उपस्थित स्वतंत्र नाइट्रोजन को यौगिकीकरण कर उनके यौगिकों में परिवर्तन कर पौधों को प्रदान करती है। इसी समय ये यौगिक मृदा में मिलकर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हैं।
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इनके उत्तर दीजिए
1. आपके साथी को सर्दी-जुकाम है | साथ-साथ रहने के कारण आपको भी सर्दी जुकाम हो गया , क्यों ? कारण लिखे |
उत्तर: सर्दी जुकाम बहुत तेजी से फैलने वाला विषाणु जनित रोग है ,फैलने के लिए किसी विशेष माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है। ये वातावरण की वायु या व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से या उस रोगी व्यक्ति के द्वारा उपयोग में लायी हुई चीजों रुमाल इत्यादि का उपयोग करने के कारण हमें भी सर्दी जुकाम हो जाता है।
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2. आपको सर्दी जुकाम हो गया है | साथ-साथ रहने के बाद आपके कुछ साथियों को सर्दी-जुकाम होता है और कुछ को नहीं , ऐसा क्यों ?
उत्तर: प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता अलग-अलग होती है । किसी व्यक्ति में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक तो किसी में कम होती है। यही कारण है, कि यदि किसी व्यक्ति को सर्दी जुकाम हो तथा साथ-साथ रहने के बाद कुछ साथी सर्दी जुकाम से ग्रसित हो जाते हैं ,जब अधिक रोग प्रतिरोधकता वाले साथियों को सर्दी जुकाम नहीं होता है।
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3. एक ऐसे रोग का नाम बताएं जिसका इलाज नहीं है, किन्तु इससे बचाव के उपाय हो सकते है |
उत्तर:- एड्स मनुष्य में पाए जाने वाले एक भयानक और जानलेवा रोग है, जिसका कोई इलाज नहीं है ,किंतु बचाव के उपायों से इससे बचा जा सकता है।
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4. विषाणु अन्य जीवों की तुलना में विचित्र जीव क्यों कहलाते है |
उत्तर: विषाणुओ को सजीव एवं निर्जीव के बीच की कड़ी कहते हैं। अतः इन्हें ना ही सजीव कहते हैं ना ही निर्जीव विषाणुओ में जीवित और निर्जीव जीव दोनों के किरदार उपस्थित होते हैं। अतः हम कह सकते हैं ,विषाणु अन्य जीवों की तुलना में विचित्र जीव है।
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अभ्यास के प्रश्न
1. सही उत्तर का चयन करें
1. वस्तुएं जो हमें दिखाई नहीं देती , वे आकार में होती है |
(क) 1 माइक्रोन से छोटी
(ख) 10 माइक्रोन से छोटी
(ग) 100 माइक्रोन से छोटी
(घ) 1000 माइक्रोन से छोटी
उत्तर: (घ) 1000 माइक्रोन से छोटी
2. जीवाणुओं को अपने बनाये सूक्ष्मदर्शी की सहायता से सबसे पहले वैज्ञानिक थे |
(क) रॉबर्ट हुक
(ख) ऐडोटोनिवान ल्यूवेन्हॉक
(ग) एडवर्ड जेनर
(घ) लुई पास्चर
उत्तर: (ख) ऐडोटोनिवान ल्यूवेन्हॉक
3. मलेरिया रोग उतपन्न करने वाला रोगाणु है
(क) जीवाणु
(ख) विषाणु
(ग) प्रोटोजोआ
(घ) कवक
उत्तर: (ग) प्रोटोजोआ
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4. चने के पौधों की जड़ों में रहता है
(क) जीवाणु
(ख) विषाणु
(ग) प्रोटोजोआ
(घ) कवक
उत्तर:(क) जीवाणु
5. कुकुरमुत्ता है
(क) प्रोटोजोआ
(ख) शैवाल
(ग) पुष्प
(घ) कवक
उत्तर:(घ) कवक
6. एच. आई. वी / एड्स का संक्रमण होता है
(क) जीवाणु द्वारा
(ख) विषाणु द्वारा
(ग) प्रोटोजोआ द्वारा
(घ) कवक द्वारा
उत्तर:(ख) विषाणु द्वारा
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2. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिये
1. बूट पालिश से चमड़े के जूतों की सुरक्षा कैसे होती है |
उत्तर: बूट पॉलिश से चमड़े के जूतों में वैक्स (मोम) की एक पर्त(लेयर) चढ़ जाती है ,जिससे (मोइश्चर) नमी जूतों में प्रवेश नहीं कर पाती। जिसके कारण सूक्ष्म जीव जैसे (कवक) को अनुकुल परिस्थिति नहीं मिल पाती तथा कवको की वृद्धि धीमी पड़ जाती है। और उनके कवक जाल का विस्तार रुक जाता है ,जिससे जूतों की सुरक्षा हो जाती है।
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2. कभी-कभी दही स्वाद में कड़वा क्यों हो जाता है |
उत्तर: दही बनाने में सहायक लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया अनुकूल परिस्थितियां तथा एक पर्याप्त उचित तापमान नहीं मिल पाने के कारण उनमें विकास एवं प्रजनन की क्रिया धीमी हो जाती है , तथा उसमें अन्य सूक्ष्मजीव सक्रिय हो जाते हैं, तथा यह दही रखे हुए पात्र से क्रिया करते हैं ,जिसमें विषैले पदार्थ बनने लग जाते हैं। इसलिए दही कभी-कभी स्वाद में कड़वा हो जाता है।
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3. दही जमाने के लिए दूध को हल्का गर्म क्यों करना चाहिए |
उत्तर: दूध से दही बनने में लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया उत्तरदायी होते हैं, तथा इनमें वृद्धि एवं जनन हल्के गर्म दूध लगभग 37 ० C ताप पर होता है, इसलिए दही जमाने के लिए दूध को हल्का गर्म कर लेना चाहिए।
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4. दलहन फसलें मिट्टी का उपजाऊपन कैसे बढाती है |
उत्तर: दलहनी फसलें जैसी- चना, मटर, मेंथी के पौधे के जड़ो में ग्रंथिकाएँ पाये जाते हैं, जिसमें राइजोबियम नामक जीवाणु उपस्थित होता हैं, जो वायुमंडल में उपस्थित स्वतंत्र नाइट्रोजन को उनके यौगिकों में परिवर्तित कर उन्हें मिट्टी में पहुंचा देते हैं ,जिससे मिट्टी की उपज बढ़ती जाती है।
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5. हम पदार्थों को सूक्ष्म जीवों से बचाकर क्यों रखना चाहते है |
उत्तर: सूक्ष्मजीव पदार्थ खाने -पीने की चीजों तथा अन्य पदार्थों को सड़ा गला देते हैं यह प्रक्रिया विघटन कहलाती है,तथा जल के संपर्क में आने पर उन्हें दूषित कर देते हैं ,जिनका सेवन करने से अनेक प्रकार की बीमारियां होती हैं। इन हानियों से बचने हेतु पदार्थ को सूक्ष्म जीवों से बचाकर रखते है।
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6. वे कौन से माध्यम है जिनसे सूक्ष्मजीव हमारे शरीर में प्रवेश करते है |
उत्तर: हमारे आस-पास के वातावरण, वायु, जल, मिट्टी तथा अन्य खाद्य पदार्थों में रोग उत्पन्न करने वाले अनेक सूक्ष्मजीव उपस्थित होते हैं, जो (प्रदूषित भोज्य पदार्थ)-
1) भोजन, पानी के सेवन से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
2) दूषित वायु-शवसन के समय प्रदूषित वायु के माध्यम से।
3) दूषित रक्त से।
4) वाहक कीटों के माध्यम से मच्छर, मक्खी इत्यादि के माध्यम से हमारे शरीर में सूक्ष्मजीव प्रवेश करते हैं।
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7. किसी स्वस्थ व्यक्ति को सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति का रुमाल उपयोग में लाना चाहिए अथवा नहीं ? कारण सहित लिखिए |
उत्तर: किसी व्यक्ति को सर्दी जुकाम से पीड़ित व्यक्ति का रुमाल उपयोग में नहीं लाना चाहिए।,क्योंकि जब सर्दी- जुकाम से ग्रस्त व्यक्ति इसे (रुमाल) इस्तेमाल करते हैं, उस समय सर्दी के विषाणु रूमाल में आ जाता है तथा इस रूमाल का प्रयोग जब स्वच्छ व्यक्ति करता है , तो यह विषाणु उसके शरीर में प्रवेश कर उसे भी संक्रमित कर देता है।
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8. यदि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाये तो क्या होगा ?
उत्तर: यादी हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाए तो रोगाणुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लग जाएगी। तथा उनके रोगों का संक्रमण हो जाएगा ,जिससे शरीर अत्यंत दुर्बल हो जाएगा तथा शरीर हमेशा रोग ग्रस्त रहने लग जाएगा अत्यंत: मृत्यु भी हो सकती है।
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9. स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता क्यों जरूरी है ?
उत्तर:- सूक्ष्मजीवो से होने वाले संक्रमण तथा विभिन्न प्रकार के भयानक बीमारियों से बचने हेतु स्वच्छता रोगों से बचने का एक सरलतम उपाय है। अतः स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है।
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10. यदि दही ज़माने के लिए दूध में थोड़ी मात्रा में दही मिलाया जाये और उसके बाद इसे उबाला जाये तो क्या होगा ?
उत्तर: यदि दही जमाने के लिए दूध में थोड़ी मात्रा में दही मिलाया जाए और उसके बाद उसे उबाल जाए तो उसमें उपस्थित लैक्टोबेसिलस जीवाणु नष्ट हो जाएंगे तथा दही नहीं जमा पाएगी ।
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11. कुछ रोगों से बचने केलिए डाक्टर हमे उबला हुआ पानी पीने को कहते है इससे क्या फर्क पड़ता होगा लिखे |
उत्तर: कुछ रोगों से बचने के लिए डॉक्टर हमें उबला हुआ पानी पीने को इसी तरह कहते हैं, क्योंकि बिना उबले पानी में विभिन्न प्रकार की सूक्ष्मजीव होते हैं, जिसे पीने से वे हमारे शरीर में प्रवेश कर गंभीर संक्रमण उत्पन्न करते हैं। उबले पानी को ग्रहण करने से सूक्ष्म जीव शरीर में प्रवेश नहीं कर पाते तथा हमारा शरीर रोग ग्रस्त होने से बच जाता है, क्योंकि जब हम पानी को उबाल लेते हैं तो, उसमें उपस्थित सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।
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3. अंतर स्पष्ट करें
(क) जीवाणु तथा विषाणु
| जीवाणु | विषाणु |
| जीवाणु सूक्ष्मजीव है ,जिसे देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता पड़ती है। इनके फैलने का माध्यम प्रायः: जल होता है। यह हमारे लिए लाभदायक तथा हानिकारक दोनों हो सकते है। प्रायः यह सजीव होते हैं । | जबकि विषाणु अति सूक्ष्म- जीव है ,जिसे देखने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की आवश्यकता होती है। विषाणु प्रायः: जल/वायु के द्वारा फैलते है। यह हमारे लिए हानिकारक होते है। इन्हें सजीव एवं निर्जीव के बीच की कड़ी मानते है। |
(ख) शैवाल तथा कवक
| शैवाल | कवक |
| विषमपोषी जीव है। इनकी कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है। ये अपने भोज्य पदार्थों का संचय ग्लाइकोजन के रूप में करते है। | ये स्वपोषी होते हैं। इसकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी होती है। ये भोज्य पदार्थों का संचय स्टॉर्च के रूप में करते है। |
(ग) माइक्रो ऑर्गेनाइज्म तथा मैक्रो ऑर्गेनिज्म
| माइक्रो ऑर्गेनाइज्म | मैक्रो ऑर्गनिज़म |
| वे जीव जिन्हें नग्न आँखों से नही देखा जा सकता। इन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता होती है। उदाहरण – जीवाणु, विषाणु। | वे जीव जिन्हें सामान्य आँखों से आसानी से देखा जा सकता है। इन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता नहीं होती है। पक्षी ,मछली ,पेड़-पौधे, मनुष्य। |
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This CG Board Solutions for Class 8th textbook provides accurate answers to all the questions in each exercise and is presented in the Hindi language to cater to the convenience of the students.