CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.1 छत्तीसगढ़ी लोकगीत – CGBSE Solutions PDF

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CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 2 स्थानीय परिवेष, कला और संस्कृति Chapter 2.1 छत्तीसगढ़ी लोकगीत


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अभ्यास-

पाठ से

Q.1. क्षेत्रीय लोकगीतों में पाई जाने वाली समानताएँ क्या-क्या हो सकती हैं?

उत्तर :- क्षेत्रीय लोकगीतों में अनेक समानताएं पाई जाती हैं, जो निम्नलिखित हैं –

  1. इनमें आंचलिकता का पुट समाहित रहता है |

  2. इनमें लयबद्धता एवं संगीतबद्धता होती है |

  3. ये हमारी लोक अभिव्यक्ति की पहचान होते हैं |

  4. इनमें आम-जन की भावनाओं का मनोविश्लेषण होता है |

  5. हमारी परंपरा को मौलिक रूप में उजागर करते हैं |

  6. इनमें क्षेत्रीय बोलियों का पुट दृष्टव्य होता है | 

  7. इन लोकगीतों में लोग का हर्ष-विषाद, दु:ख-सुख, आमोद-प्रमोद समाया होता है |

 8. इन लोकगीतों में माधुर्यता का भाव सत्यही दृष्टव्य होता है |

 9. इनमें लोकमानस की झाँकी दिखाई देती है |

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Q.2. सुआगीत की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर :- सुआ गीत में निम्नलिखित विशेषताएं पाई जाती हैं :- 

   1.सुआ गीत छत्तीसगढ़ में दीपावली के अवसर पर गाया जाता है |

   2.सुआ गीत में दुख सुख दोनों का सामाजिकरण होता है |

   3.सुआ गीत में विशेषता है नारी जाति का माधुर्य वर्णन प्राप्त होता है |

   4.सुआ गीत की भाषा सरल एवं शैली भावात्मक होती है |

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Q.3. राउत नाचा के दोहों में से उदाहरणार्थ कोई दोहा लिखिए जिससे सामंती व्यवस्था की याद आती हो।

उत्तर :-   “पान खाए सुपारी खाए 

               सुपारी के दुई कोरा 

               रंग महल में बइठो मालिक 

               राम-राज लौ मोरा |” 

                  “राउत नाचा” के इस दोहे में दो शब्द “रंगमहल और मालिक” सामंती व्यवस्था की याद दिलाते हैं, जो लोक-मानस में घुल-मिल गए हैं | 

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4Q.. ‘मतराही’ क्या है? 

उत्तर :- “मतराही” यादव जाति के द्वारा भाई दूज के दिन मनाया जाने वाला पर्व है | मतराही जाने से पहले राउत अपने घर का भार अपने गृह देवता पर डालता है | जैसे वे घर के बड़े बुजुर्ग हैं |

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Q.5. छत्तीसगढ़ के भक्ति संबंधी लोकगीत कौन-कौन से हैं?

उत्तर :- छत्तीसगढ़ के भक्ति संबंधी लोक गीत, जवारा गीत, पंडवानी गीत, बांस गीत, मतराही गीत, हरदेही आदि प्रमुख हैं |

बांस गीत :-   

   पहली धरती अउ पिरथी दूसर बंद अहिरान 

   तीसर बंदव गाय  भंइसला काटय चोलाके अपराधा

   चौथे बंदवनोई कसेली राउत के करे प्रतिपाल

    पंचहे बंदव अहिर पिलोना जिनमें हे गोपी गुवाला”

           “माता फूल गजरा गूथव हो मालिन के 

            देहरी हो फूल गजरा |

            काहेन फूल के गजरा, काहेन फूल के हार 

            काहेन फूल के तोर माथ मटुकिया, सोलहों सिंगार

            चंपा फूल के गजरा, चमेली फूल के हार 

            चमेली फूल के माथ मटुकिया, सोलहों सिंगार |

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Q.6. लोकगीत सहज संप्रेष्य क्यों होते हैं?

उत्तर :- लोकगीत सहद संप्रेष्य होते हैं, इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं :-

1. लोकगीत किसी एक व्यक्ति की अभिव्यक्ति नहीं होते हैं, बल्कि वे लोग-जन मन की सामूहिक अभिव्यक्ति होते हैं |

2.लोकगीत में सामूहिक मानसिकता का भाव समाहित होता है |

3.लोकगीत में सरलता एवं मौलिकता होती है |

4.लोकगीत की भाषा मधुर एवं शैली भावात्मक होती है |

5.लोकगीत विचारों के वाहक नहीं मनोरंजन का साधन भी है |

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Q.7. पाठ में दिए गए कौन-कौन से लोकगीत पर्वों से संबंधित हैं?

उत्तर :- 1.मतहारी :-  यादव जाति के द्वारा भाई दूज के दिन मनाया जाने वाला पर्व है |

2.राउतनाचा :-  गम्मत में गाया जाने वाला सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोकगीत है | 

3. बांसगीत :-  गोपालक जातियां अपने लोकपर्वों पर पूरे जोश के साथ गाती हैं |

4. सुआगीत :-  महिलाओं द्वारा दीपावली पर्व पर गाया जाता है |

5. जसगीत :-  नवरात्रि पर्व पर गाया जाता है |

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पाठ से आगे –

Q.1. आपके आसपास ऐसे कौन-कौन से लोकगीत हैं जो-

(क) केवल पुरुषों के द्वारा गाए जाते हैं?

(ख) केवल महिलाओं के द्वारा गाए जाते हैं?

(ग) पुरुषों और महिलाओं के द्वारा सम्मिलित रूप से गाए जाते हैं?

उत्तर :- (क) राउत नाचा और फाग गीत केवल पुरुषों द्वारा गाया जाता है |

(ख) सुआ गीत तथा विवाह गीत केवल महिलाओं द्वारा गाए जाते हैं |

(ग) कर्मा तथा ददरिया गीत पुरुषों एवं महिलाओं द्वारा गाए जाते हैं |

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Q.2. जैसे होली के अवसर पर ’फाग गीत’ गाए जाते हैं, वैसे ही अन्य पर्वों पर कौन-कौन से लोकगीत गाए जाते हैं?

उत्तर:- नवरात्रि, दशहरा पर्व पर जसगीत, दीपावली के शुभ अवसर पर सुआगीत, भाई दूज में राउतनाचा, आदि प्रकार के गीत गाए जाते हैं |

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Q.3. विवाहगीतों में हास्य-व्यंग्य कहाँ देखने को मिलता है? उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर :- विवाह गीतों में अनेक स्थानों पर हास्य-व्यंग का पुट देखने को मिलता है | जैसे द्वार पूजा, भोजन और कलेवा के समय हास्य-व्यंग देखने को मिलता है, बांस गीत के माध्यम से से समझा जा सकता है | जैसे :- 

         “पहली धरती अउ फिरकी, दूसर बंदव अहिरान, 

         तीसर बंदव गाय भॅसव एगा काटय चोला के अपराध”

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Q.4. सुआगीतों का संकलन कर उनके विषय को लिखिए।

उत्तर :- दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ में सुआ गीत गाने की परंपरा है | चूंकि लोकगीतों में सुख और दु:ख दोनों का समाजीकरण होता है| अतः सुआ गीत की नारी पीड़ा समूची नारी जाति की पीड़ा बन जाती है | मध्य युग में नारियों की दशा अच्छी नहीं थी, जिसकी झलक सुआ गीत में देखने को मिलती है | इस प्रकार हम कह सकते हैं कि लोकगीतों में इतिहास की भी झलक देखने को मिलती है |

जैसे :-  1) “चदां सुरूज तोर पैया परत हवै,

              तिरिया जनम झन देवे रे सुआ न |

              पहली गवन करि डेहरी बैठारे न सुआ न,

               घनि छोड़ चले बनिझार “

      2) “ तुलसी के बिरवा जब झुरमुर होइ है,

            रे सुआन न, मोर मयारू गए स जूझ “

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Q.5. सुआ, पंथी, कर्मा और राउत नाचा में गीत के साथ किए जा रहे नृत्य की पोशाक और प्रयुक्त अन्य सामग्रियों की सूची बनाइए।

उत्तर :- सुआ नेत्र की पोशाक:-  औरतें अधिकतर हरे रंग की साड़ियां पहनती है | कमर में करधन, सिर में कांटा, पैर में पायल और गले में सिक्कों की माला होती है |

 सुआ नेत्र की सामग्री :-  टोकनी (बांस की बनी हुई), मिट्टी के बने हुए दो तोते, लाल कपड़ा, धान आदि |

पंथी नृत्य की पोशाक :-  धोती एम बनियान या कुर्ता, कमर में फेटा, चंदन (सफेद), कंठी बॉह में फूल की माला, मयूरपंख आदि |

पंथी नृत्य की सामग्री :- जैत धाम |

करमा नृत्य की पोशाक व सामग्री :– सिर पर कलंगी, छोपा पट्टी कौड़ी का, मयूरपंख फीटा, औरतें साड़ी, पुरुष छोटा बंगाली कुर्ता, साज-सज्जा के समान | 

राउत नाचा की पोशाक व सामग्री :-  यह राउत समुदाय का नृत्य है | गोवर्धन पूजा के दिन यह नृत्य किया जाता है | इसमें  टिमगी, ढोलक, सिंग बाजा के प्रमुख वाद्य यंत्र, धोती कुर्ता, सिर में खुमरी, लकड़ी सजी हुई फुरदा से पैरों में पैजनिया ,कमर व गले में फेंटा |

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Q.6. लोककथाओं के आधार पर रचे गए लोकगीतों के नाम लिखिए।

उत्तर :- 1.पण्डवानी :- महाभारत की कथाओं पर आधारित |

2. बांस गीत     :-   एक गाथा गायन है | जिसके गायक रागी और वादक होते हैं |

3. घोटुक पाटा  :-   छत्तीसगढ़ के अनेक आदिवासी क्षेत्रों में मृत्यु गीत परंपरा |

4. बिरहा          :-   बुंदेलखंड का गायन |

5. पंथी गीत       :-  छत्तीसगढ़ सतनामी समाज का गीत |

6. करमा गीत    :-  छत्तीसगढ़ आदिवासियों का प्रमुख गीत |

7. सुआ गीत      :-  स्त्रियों के सुख दु:ख को व्यक्त करने वाला गीत |

8. राउत गीत     :-  राउत जाति का गीत |

9. बैगा गीत       :-  तंत्र मंत्र से संबंधित देवताओं की स्तुति |

10.लेंजा गीत     :-  बस्तर आदिवासी बहुल क्षेत्र प्रमुख गीत |

11. विलमाागीत  :- यह बैगा जनजाति का गीत है |

12.धनकुलगीत   :- यह बस्तर क्षेत्र का प्रमुख लोकगीत है |

13.जॅवारा गीत    :- नवरात्रि के समय देवी माता का गीत |

14.रेला गीत       :-  मुरिया जाति के आदिवासियों का प्रमुख गीत |

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Q.7. पंडवानी में गाई गई कथा के किसी एक प्रसंग को अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर :- “रानी के नेवता कीचक पावे जी

             साजे सिंगार राजा चलत होवे न

             माथे म मुकुट राजा बॉधत हावै जी

             काने म कुंडल राज पहिरत हावै जी 

             गले म गज मुक्ता के हार सोहै जी “

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भाषा के बारे में-

Q.1. सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, वास्तविक आदि शब्द पाठ में आए हैं। इनमें मूल शब्दों में ’इक’ प्रत्यय लगा है। इनके मूल शब्दों को पहचानकर लिखिए तथा ऐसे ही तीन उदाहरण और लिखिए।

उत्तर :- 

मूल शब्दप्रत्ययशब्द
समाजइकसामाजिक 
  संस्कृतिइकसांस्कृतिक
अर्थइकआर्थिक
वास्तवइकवास्तविक
पुराणइकपौराणिक 
विज्ञानइकवैज्ञानिक
शब्दइकशाब्दिक

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Q.2. ’अर्थ’ तथा ’रस’ ऐसे शब्द हैं जिनके एक से अधिक अर्थ हैं। आप ऐसे ही और पाँच शब्द खोजकर लिखिए।

उत्तर :- i) अर्थ  –     धन ,  मतलब

          ii) रस    –    आनंद , सार

          iii) काल –     समय , मृत्यु

          iv) कल  –     बीता हुआ या आने वाला कल , चैन

          v) भूत    –     प्राणी या जीव, पिशाच, बीता हुआ समय

          vi) क्षीर   –    दूध , जल

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Q.3. पाठ से निम्नांकित शब्द लिए गए हैं। इन्हें स्त्रीलिंग और पुल्लिंग शब्दों के रूप में पहचानकर अलग कीजिए।

प्रकाशन, व्यवस्था, माध्यम, परंपरा, नवीनता, संगीत, रस, लोकगीत, स्मृतियाँ, प्रतिक्रियाएँ।

स्त्रीलिंग शब्दपुल्लिंग शब्द 
उदाहरण- परंपराव्यवस्था नवीनता स्मृतियां प्रतिक्रिया   प्रकाशन   माध्यम संगीत रस लोकगीत 

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Q.4. निम्नांकित शब्दों का उपयोग करते हुए एक कहानी लिखिए-

शिकारी, किसान, चरवाहा, जंगल, बाँसुरी, संगीत, वन्य-पशु, चिड़िया, शेर, चरवाहा, राजा, भय, पुरस्कार,प्रसन्नता, दरबार।

उत्तर :- एक चरवाहा जंगल में बाँसुरी बजाते हुए पशुओं को चराने गया | उस जंगल में अनेक वन्य पशु, चिड़िया, शेर, शिकारी, और किसान मिले | रास्ते में शेर मिला, जो जंगल का राजा था | शेर का भय उसे खाए जा रहा था | शेर उसे अपने दरबार में ले गया, वहां उसे संगीत सुनाने को कहा, शेर उसकी बांसुरी की धुन सुनकर प्रसन्न हो गया, उसे पुरस्कार प्रदान किया |  

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Q.5. ’लोक’ शब्द में गीत जोड़कर बना लोकगीत। आप ’लोक’ शब्द के साथ अन्य शब्द जोड़कर कितने शब्द बना सकते हैं? लिखिए।

उत्तर :- लोकगीत, लोकसभा, लोकपरम्परा, लोकजीवन, लोकव्यापी, लोक हड़ताल, लोक संस्कृति, लोकवृत्ति, आदि |

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Q.6. निम्नांकित शब्द एक थीम की तरह दिए गए हैं। आपको इस थीम से संबंधित और शब्द लिखने हैं। यह खेल नीचे दिए गए उदाहरण की तरह होगा, याद रहे आपके शब्द उस ’थीम’ के अंतर्गत ही होने चाहिए।

उदाहरण- 

(क) वर्षा                       (ख) विद्यालय

उत्तर :- (क) वर्षा :-

                                  बादल फटना

                                                          हरियाली

    बाढ़                           वर्षा                          बादल 

         मनोरम                            

                                                      बारिस

(ख) विद्यालय :-

                                      परीक्षा               

                      कक्षा                          शिक्षा

    पुस्तकालय                विद्यालय                 विद्यार्थी

             सहपाठी                               शिक्षक

                                     अनुशासन 

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योग्यता विस्तार –

Q.1. छत्तीसगढ़ी विवाह गीतों का संकलन कर एक फाइल बनाइए।

उत्तर :- विद्यार्थीगण शिक्षा की सहायता से स्वयं करें |

Q.2. लोकगीतों के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले नृत्यों के चित्र संकलित कर उनकी फाइल बनाइए।

उत्तर :- 

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