CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 4 छत्तीसगढ़ी भाषा व साहित्य Chapter 4.3 नँदिया-नरवा मा तँउरत हे – CGBSE Solutions PDF

CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 4 छत्तीसगढ़ी भाषा व साहित्य Chapter 4.3 नँदिया-नरवा मा तँउरत हे are given below for Hindi Medium Students.

CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 4 छत्तीसगढ़ी भाषा व साहित्य Chapter 4.3 नँदिया-नरवा मा तँउरत हे


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अभ्यास-

पाठ से –

निर्देश:  हिंदी में दिए गए प्रश्नों के उत्तर हिंदी में तथा छत्तीसगढ़ी में दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी मातृभाषा में लिखिए।

Q.1. ’’नँदिया-नरवा मा तँउरत हे, मनखे के बिसवास इहाँ’’ इस पंक्ति के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- इस पंक्ति के आशय में कवि कहना चाहता है कि इस छत्तीसगढ़ की धरती में अनेक महापुरुषों ने जन्म लिया है और उन्होंने अच्छे कार्य किए जिससे छत्तीसगढ़ की धरती पावन हो गई| अर्थात नदियों एवं नालों के माध्यम से कवि ने समरसता का वर्णन किया है |

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Q.2. ’’तीपत भोंभरा बरसत पानी के हम्मन टकराहा हन’’ में छत्तीसगढ़ के लोगों की कौन-सी विशेषता को दर्शाया गया है?

उत्तर :- छत्तीसगढ़ के लोग तपती धूप, वर्षा एवं सभी ऋतुओं में काम करने के लिए पूर्ण रूप से अभ्यस्त हैं |  इन ऋतुओं  के अनुरूप उन्होंने अपने आप को ढाल लिया है, इसलिए उन्हें मौसम प्रभावित नहीं कर पाता है |

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Q.3. ’’लइका मन अगास ला बोहे रहिथे’’ के का मतलब हे?

उत्तर :-  लड़का मन अगास ला बोहे रहिथे के मतलब हे के ये माटी के परताप से ओ मन ह जुझत रहिथे संताप ला सहथ रहिथे अऊ परेमला बाँटत रहिथे। अर्थात् छत्तीसगढ़ के बच्चे लड़के आसमान का उठां ये रखने का माद्या रखते है। जिसका शाब्दिक अर्थ है कि बच्चे अपनी जीवटता से हर प्रकार की स्थिति से समायोजन बनाने में सक्षम है।

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Q.4. कवि हर छत्तीसगढ़ ल राम-लखन के ममियारो कोन अधार म केहे हे?

उत्तर :- छत्तीसगढ़ के पूर्व नाम कौसल प्रान्त रहिस | कौसल नरेश के नोनी कौशल्या संग अयोध्या के राजा दशरथ का वियाह भै रहिस | राम अउ लाखन ल दशरथ के टुरा रहिस तेखर बर कौसल प्रान्त छत्तीसगढ़ राम लखन के ममियारों होइस।

अर्थात् छत्तीसगढ़ के कौशल प्रान्त में अयोध्या के राजा राम एवं लक्ष्मण जी का ननिहाल है। सहस्त्र बाहु वाणासुर का राज्य भी यही है। वनवास के समय राम लक्ष्मण एवं सीता मेहमान बनकर यहाँ आये थे। अतः यह इनके मामा का घर है।

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पाठ से आगे –

Q.1. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर :- छत्तीसगढ़ की सभ्यता और संस्कृति अपने आप में ही अद्धितीय है | यहाँ के लोग सादा और सरल जीवन जीना ही पसंद करते हैं | यहाँ के लोग सभी तीज त्यौहार अपनी नीतिगत परंपरा के अनुरूप ही मनाते हैं | यहाँ भारतीय संस्कृति की अनुपम कला कृत्रिया देखने को मिलती है | इन लोगों के जीवन में प्रकृति का विशेष स्थान है | यहाँ के लोगों के अंदर अपनत्व का भाव है | यहाँ की सांस्कृतिक विरासत का पालक यहाँ पर बसे आदिवासी हैं | यहाँ पर्यटन की असीम विरासत है | छत्तीसगढ़िया लोगों का जीवन संतोष रूपी धन से भरा हुआ है | यहाँ के निवासी पूरे वर्ष भर त्योहारों के उमंग में डूबे रहते हैं | यह प्रदेश भारत में सबसे तेज विकास करने वाला प्रदेश भी है | महानदी, शिवनाथ नदी आदि कई ऐसे झरने और जल स्रोत हैं जो इस प्रदेश की जीवन वाहिनी कही जाती है और इसका शुद्ध और शीतल जल इस धरती को और भी समृद्धि प्रदान करता है |

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Q.2. छत्तीसगढ़ में कुछ ऐसे स्थल हैं, जो देवस्थलों के रूप में जाने जाते हैं। अपने गाँव के किसी एक देवस्थल के संबंध में अपनी धारणाएँ लिखिए।

उत्तर :- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में स्थित है “माँ बमलेश्वरी” देवी मंदिर इसे ‘कामाख्या नगरी’ भी कहा जाता है | छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ के इतिहास में कामकेदता और माधवानल की प्रेम कहानी बेहद लोकप्रिय है | 

लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व कामाख्या नगरी में राजा वीरसेन का शासन था | वह नि:संतान थे | संतान की कामना के लिए उन्होंने भगवती दुर्गा और शिवजी की उपासना की इसके फलस्वरूप उन्हें 1 साल के अंदर पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई | वीरसेन ने पुत्र का नाम मदन सेन रखा | माँ भगवती और भगवान शिव के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए राजा ने माँ बमलेश्वरी का मंदिर बनवाया |

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Q.3. विपरीत परिस्थितियों में भी यहाँ के निवासियों का हृदय किन मानवीय गुणों से परिपूर्ण रहता है?

उत्तर :- विपरीत परिस्थितियों में भी यहाँ के निवासियों के हृदय में सरलता और समरसता  समाहित रहती है | अर्थात वे विषम परिस्थितियों में भी अपने धैर्य को नहीं खोते हैं | उनमें दया और सब के प्रति सम्मान की भावना सदैव ही देखने को मिलती है | सभी परिस्थितियों को आत्मासात करने की प्रवृत्ति यहाँ के लोगों की मुख्य विशेषता है |

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Q.4. अपने क्षेत्र में खेले जाने वाले कुछ पारंपरिक खेलों के संबंध में आपको जानकारी होगी। उन खेलों के संबंध में निम्नानुसार जानकारी दीजिए-

उत्तर :- 

क्रमांकखेल का नामखिलाड़ियों की संख्याखेलने के तरीकेप्रमुख विशेषताएं
1कबड्डी7दो टीमें बनाकर नियमानुसारबरसात के बाद ही लगभग शुरुआत |
2खो खो9 या 11दो टीमें बनाकर खेला जाता हैलड़कियों में यह खेल काफी प्रचलित है मनोरंजन व सामूहिकता की भावना जागृत होती है |
3गेड़ी दौड़अनिश्चितबांस की बनी गेड़ीआत्म आनंद की प्राप्ति होती है, प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है |
4गुल्ली डंडाअनिश्चितदो टीम बनाकर खुले मैदान में खेला जाता हैलक्ष्य भेदने  की अपार क्षमता का विकास होता है 
5लगड़ीअनिश्चितयह छू छूओबल की भांति खेला जाता है |यह बुद्धि, चातुर्थ और चालाकी का खेल है
6बित्ता कूददो-दो की जोड़ी बनाकर खेला जाता है |यह ऊंची कूद का ही रूप है यह खेल दो-दो की जोड़ियों में ही खेला जाता हैशारीरिक और मानसिक संतुलन को बनाए रखने में मददगार होता है 

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भाषा के बारे में –

Q.1. छत्तीसगढ़ी के निम्नलिखित क्रियापदों को हिंदी में लिखिए-

जैसे ’’बोहे रहिथे’’ अर्थात्-धारण किया रहता है।

(क) माढ़े हे         –  ढका हुआ है |

(ख) खेलत रहिथे  –  खेलता रहता है |

(ग) धमसा कूदै    –  जोर से कूदना |

(घ) लिक्खे हे       –  लिखा है |

(ङ) तउँरत हे      –  तैरता है |

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योग्यता विस्तार :-

Q.1. छत्तीसगढ़ी और हिंदी में लिखी गई कुछ अन्य ग़ज़लों का संग्रह कीजिए और अपनी कक्षा  में  सुनाइए।

उत्तर :- विद्यार्थी गण शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

Q.2. आपके गाँव  में  विराजित लोक देवी-देवताओं के नाम लिखिए।

उत्तर :- विद्यार्थी गण शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

Q.3. अपने आस-पास के ऐतिहासिक स्थलों के बारे में अपने बड़े-बुजुर्गों से जानकारी प्राप्त कीजिए।

उत्तर :- विद्यार्थी गण शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

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