CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 6 विज्ञान एवं तकनीकी Chapter 6.3 विकसित भारत का स्वप्न – CGBSE Solutions PDF

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CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 6 विज्ञान एवं तकनीकी Chapter 6.3 विकसित भारत का स्वप्न


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अभ्यास-

पाठ से :-

Q.1. ज्ञानवान समाज से लेखक का आशय क्या है?

उत्तर :- ज्ञानवान समाज से लेखक का आशय ऐसे समाज से है जिनमें मानव मूल्यों को परखने एवं समझने की विवेकशील बुद्धि होती है | ज्ञानवान समाज के लोग त्याग, परोपकार, सहिष्णुता, नियम संयम, अनुशासन के प्रति निष्ठावान व्यक्तियों के प्रति कर्तव्य के प्रति समर्पित तथा धर्मनिष्ठ होते हैं | इनकी संस्कृति सतत गतिशील एवं समन्वय पर परक होती थी | ज्ञानवान समाज ज्ञानर्जनार्थ सुव्यवस्था संपन्न होते थे |

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Q.2. लेखक के अनुसार ज्ञान के कई रूप हैं जिसे शिक्षा, सूचना, बुद्धिमानी तथा अनुभव के जरिए कहां-कहां से प्राप्त किया जा सकता है?

उत्तर :- लेखक के अनुसार ज्ञान के कई रूप जिसे शिक्षा, सूचना, बुद्धिमानी तथा अनुभव के जरिए प्राप्त किया जा सकता है | शैक्षिक संस्थाओं में अध्यापकों के पास, पुस्तकालयों में, शोध पत्रों में, गोष्ठियों तथा विभिन्न संगठनों में और कार्यस्थलों में कर्मियों, प्रबंधकों, ड्राइंग, प्रक्रिया दस्तावेजों और यहाँ तक की दुकानों तक में होता है | 

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Q.3. “भारत में ज्ञान बाँटने की संस्कृति रही है” का निहितार्थ क्या है?

उत्तर :- भारत में ज्ञान बाँटने की संस्कृति रही है, इसके लिए गुरु-शिष्य परंपरा के अलावा पड़ोसी देशों से नालंदा तथा ज्ञान के अन्य केंद्रों की ख्याति से प्रभावित होकर यहाँ आए यात्रियों के जरिए इसके प्रचार-प्रसार की भी परंपरा रही है | 

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Q.4. ज्ञानवान समाज के दो महत्वपूर्ण अवयव कौन-कौन से हैं इस पर अपने विचार रखें।

उत्तर :- ज्ञानवान समाज के दो महत्वपूर्ण अवयव सामाजिक बदलाव तथा धन निर्माण से प्रेरित होते हैं सामाजिक बदलाव दरअसल शिक्षा स्वास्थ्य रक्षा कृषि और शासन के क्षेत्र में आते हैं | ये ही रोजगार सृजन, उच्च उत्पादकता तथा ग्रामीण समृद्धि का मार्ग प्रशस्त्र करेंगे। देश के लिए धन निर्माण के कार्य को राष्ट्रीय क्षमताओं से जोड़कर देखा जाना चाहिए। तभी विकसित भारत के मिशन को सफल बनाया जा सकता है। और इसमें आने वाले चुनौतियों का सामना करने के लिए युवकों के अदम्य साहस, संकल्पशक्ति और सम्मिलित प्रयास की आवश्यकता है।   

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Q.5. विकसित भारत के मिशन में आई चुनौतियों का किस तरह से सामना किया जा सकता है?

उत्तर :- विकसित भारत के मिशन में वर्तमान शिक्षा प्रणाली छात्रों पर काम का बोझ बढ़ रही है। किन्तु यह उन्हें ज्ञान प्राप्त करने के लिए बाधक न बने। कठिन परिश्रम तथा लगन जीवन में खूबसूरत पैगाम लाते हैं। अदम्य साहस संकल्पशक्ति से चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

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Q.6. आशय स्पष्ट कीजिए- “विकसित भारत महज एक सपना नहीं है।”

उत्तर :- विकसित भारत महज एक सपना नहीं है।सपने को साकार करने में शुरू से ही युवा पीढ़ी को सहयोग करना चाहिए, उसे अपनी शैक्षिक और पारिवारिक सीमाओं में रहते हुए अपनी शोधयात्रा के अनुरूप बहुत ही अनोखे अन्दाज से निभा सकते हैं, छोटी-मोटी बाधाओं से घबराएं बिना जिस विषय का अध्ययन करते हैं यदि उस विषय पर आपका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहता है तो आपकी संभावना और भविष्य जगमगाते रहेंगें।

रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं किन्तु जब कोई व्यक्ति जिस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कदम आगे बढ़ाया है उसे उसी के रास्ते आगे बढ़ाना चाहिए।

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Q.7. “सफलता और धन अपना मार्ग ढूँढ़ लेते हैं” संत तिरुवल्लुवर के इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर :- “सफलता और धन अपना मार्ग ढूँढ़ लेते हैं” और उस व्यक्ति तक पहुंच जाते हैं, जिसमें वह दृढ़ इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध लगन होती है | नसीब उस इंसान तक खुद चल कर आ जाता है, जिसमें अदम्य उत्साह और कभी न पस्त होने वाली हिम्मत होती है | 

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पाठ से आगे :-

Q.1. लेखक ने हमारे गाँवों में कई तरह के ज्ञान के भण्डारों की चर्चा की है? आपको अपने गाँव के लोगों में ऐसे किस तरह के ज्ञान की जानकारी मिलती है?

उत्तर :- हमारे गाँव में ज्ञान के भंडार के रूप में जैव संरक्षण, पशु जीवन, पुस्तकालयों की जानकारी मिलती है |

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Q.2. प्राचीन भारतीय समाज में किस प्रकार के ज्ञान और कौशल उपलब्ध थे उनकी सूची बनाइए एवं उस पर अपने साथियों से चर्चा कीजिए।

उत्तर :- प्राचीन भारतीय समाज में निम्नलिखित प्रकार के ज्ञान और कौशल उपलब्ध थे :-

          1) शिक्षण संस्थानों से अर्जित ज्ञान |

          2) गुरुकुल अथवा गुरु-शिष्य परंपरा से अर्जित ज्ञान |

          3) पुस्तकालयों, ग्रन्थालयों में शोध पत्रों में से अर्जित ज्ञान |

          4) विभिन्न गोठियाँ, संगठनों या कार्यस्थलों में कर्मियों प्रबंधकों से अर्जित ज्ञान |

          5) कलाकारों, दस्तकारों, हकीमों, वैद्यों, दार्शनिकों संतो से अर्जित ज्ञान |

          6) गृहणियों के गृह-प्रबन्ध कौशल से अर्जित ज्ञान |

          7) अपनी विरासत और इतिहास, कर्मकांड एवं परंपराओं से अर्जित ज्ञान |

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Q.3. अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर एक आलेख तैयार कीजिए।

उत्तर :- अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की अनेक उपलब्धियां रही है | चंद्रयान से यह मिशन शुरू हुआ तथा मंगल आर्विटर मिशन 5 नवंबर 2013 को शुरू किया गया | मिशन एस्ट्रोसैट भारतीय खगोल उपग्रह मिशन 28 सितंबर 2015 को इसरो द्वारा शुरू किया गया| अन्य प्रोजेक्ट के साथ आदित्य अंतरिक्ष यान, अवतार सार्क उपग्रह जिसकी घोषणा 2014 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई। जी सैट 6/ इनफैट 4E, जी सैट-7, इन सैट 4F, जी सैट-9, जी सैट-11, जी सैट-1ए, निसार के अलावा चन्द्रयान-2 इत्यादि कार्यक्रम शामिल है | आज हमारे देश में दूसरों द्वारा अनेक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक नया आयाम दिया जा रहा है | 

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Q.4. विकसित भारत के सम्बंध में डॉ. कलाम के विचारों को अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर :- डॉ. कलाम के अनुसार विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है और इसके लिए उन्होंने पाँच क्षेत्रों पर अत्यधिक बल दिया यह पाँच क्षेत्र निम्नानुसार है :-

1) कृषि और खाद्य के उत्पादन को दोगुना करना उद्देश्य है

2) विद्युत शक्ति का संचार ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सौर ऊर्जा पर बल

3) शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष बल

4) परमाणु अंतरिक्ष और रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास पर बल

5) गरीबी निरक्षरता की दर में कमी, मुद्रा वृद्धि पर बल, मीडिया समुदाय द्वारा सम्मिलित हुए समाज के विकास पर बल | डॉ कलाम का विश्वास था कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निष्ठा व उत्साह इस स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे |

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भाषा के बारे में :-

Q.1. वर्तनी शुद्ध कर लिखिए –

(1) विकसीत, (2) मुलतः, (3) बुद्धी, (4) दूकान, (5) प्राक्रतिक,

(6) औद्योगिक, (7) परयाप्त, (8) स्तेमाल, (9) प्रतिर्स्पधात्मक, (10) ऊत्पादन।

उत्तर :- विकसीत     =   विकसित

           मुलतः         =    मूलतः 

           बुद्धी           =    बुद्धि

          दूकान          =   दुकान

          प्राकृतिक      =   प्राकृतिक

         ओद्योगिक      =    औद्योगिक

         परयाप्त         =    पर्याप्त

         स्तेमाल          =    इस्तेमाल

         प्रतिर्स्पधात्मक =  प्रतिस्पर्धात्मक

        ऊत्पादन         =  उत्पादन

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Q.2. संधि विच्छेद कर संधि का नाम लिखिए-

    पुस्तकालय – पुस्तक + आलय – दीर्घ स्वर संधि

    विद्यालय, महर्षि, यद्यपि, अन्वय, रामायण, महेन्द्र, तथैव, परमेश्वर, पावन, पवन

उत्तर :- विद्यालय =  विद्या + आलय   =  दीर्घ स्वर संधि

           महर्षि     =  महा  + ऋषि      =  गुण स्वर संधि

          यद्यपि      =  यदि + अपि        =  यण् स्वर संधि

          रामायण   =  राम + अयन       =  व्यंजन संधि

         महेन्द्र       =  महा + इन्द्र          =   गुण स्वर संधि

        तथैव        =  तथा + इव            =  वृद्धि स्वर संधि

       परमेश्वर     =  परम + ईश्वर         =  गुण स्वर संधि

       पावन        =  पौ + अन              =  अयादि स्वर संधि

        पवन        =  पो + अन              = अयादि स्वर संधि 

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Q.3. निम्नांकित शब्दों का समास विग्रह कर समास का नाम लिखिए-

(1) योजनाबद्ध, (2) उमड़ती-घुमड़ती, (3) माता-पिता

(4) श्रम-आधारित, (5) आपदा-प्रबंधन

उत्तर :- योजना बद्ध        =   योजना से बद्ध            =  करण तत्पुरूष

           उमड़ती-घुमड़ती =  उमड़ती और घुमड़ती    =  द्वन्द समास

           माता-पिता         =    माता और पिता           =  द्वन्द्व समास

          श्रम आधारित      =    श्रम पर आधारित         =  अधिकरण तत्पुरूष 

         आपदा प्रबंधन      = आपदा के लिए प्रबंधन     =  संप्रदान तत्पुरूष

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Q.4. जब दो अलग-अलग वाक्य को जोड़कर एक संयुक्त वाक्य बनाना हो तो हम क्योंकि, चूँकि, इसलिए, बल्कि इत्यादि शब्दों का प्रयोग करते हैं।

जैसे- (क) उसका गृह-कार्य अधूरा था।

(ख) उसे शिक्षक की डाँट खानी पड़ी।

संयुक्त वाक्य – उसका गृह-कार्य अधूरा था इसलिए उसे शिक्षक की डाँट खानी पड़ी।

इस तरह के योजक शब्दों की सहायता से निम्नांकित दो वाक्य के समूह को क्रम की उचित अदला-बदली के साथ संयुक्त वाक्य में बदलिए-

(क)  बारिश हो रही थी।

  वे नहीं आ सके।

(ख)  वस्तुएँ महँगी थीं।

  वे नहीं खरीद सके।

(ग)  भोजन हमेशा संतुलित मात्रा में करना लाभदायक होता है।

 ज्यादा मात्रा में भोजन करना रोगों को दावत देना है।

(घ)  वह डर गया था।

  वह बोल नहीं पा रहा था।

(ङ)  सामान बहुत वजनी था।

  वह उठा नहीं पा रहा था।

उत्तर :-  1) बारिश हो रही थी इसलिए वे नहीं आ सके।

2) वस्तुएँ महँगी थी अतः वे नहीं खरीद सके।

3) भोजन हमेशा संतुलित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि ज्यादा मात्रा में भोजन करना रोगों को दावत देना है।

4) वह डर गया था इसलिए बोल नहीं पा रहा था।

5) सामान बहुत वजनी था इसलिए वह उठा नहीं पा रहा था।

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Q.5. पाठ में से सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य व मिश्र वाक्यों के तीन-तीन उदाहरण छाँटकर लिखिए।

उत्तर :- सरल वाक्य :-

1) प्राचीन भारत में एक ज्ञानवान समाज था

2) भारत की जनता का आस्तित्व निचलें स्तरों तक सिमटकर रह गया।

3) हालाँकि ज्ञान का शिक्षा से करीबी नाता है।

संयुक्त वाक्य :-

1) ज्ञान के कई रूप होते हैं और यह कई स्थानों पर उपलब्ध होता है।

2) वर्तमान शिक्षा प्रणाली छात्रों पर काम का बोझ बढ़ा रही है किंतु यह उन्हें सपनें देखने से वंचित न करें।

3) ज्ञानवान समाज के दो महत्वपूर्ण अवयव सामाजिक बदलाव तथा धन निर्माण से प्रेरित होते हैं।

मिश्रित वाक्य :-

1) कालांतर में हमलों और औपनिवेशिक शासन ने इसकी संस्थाओं को नष्ट कर दिया तथा इसकी योग्यता को चौपट कर डाला।

2) एक बार यह खोज कर ली गई तो जीवन की गुणवत्ता तथा विकसित राष्ट्र की ताकत और संप्रभुता को प्राप्त करने के लिए ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।

3) हमारे वातावरण में महासागरों में जैव-संरक्षण और रेगिस्तानों में तथा पेड़-पौधों और पशु-जीवन तक में ज्ञान भंडार दिये हैं।

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योग्यता विस्तार –

Q.1. डॉ. कलाम के विद्यार्थी जीवन के बारे में पता कर एक लेख तैयार कीजिए।

उत्तर :- डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का विद्यार्थी जीवन :-

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की शिक्षा रामेश्वरम में पंचायत प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई थीI उन्होंने अपने जीवन की आरंभिक शिक्षा को जारी रखने के लिए अखबार भी बांटने का कार्य किया था I वे बड़े ही अनुशासित रहना पसंद करते थेI  मुस्लिम होने के बाद भी उन्हें सिर्फ शाकाहारी भोजन ही पसंद था I उनका संपूर्ण विद्यार्थी जीवन संघर्ष व कठिनाइयों से भरा हुआ थाI

 डॉ कलाम में 1958 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी I विद्यार्थी जीवन से ही ब्रह्मचर्य का पालन करते थे I  कुरान और भगवत गीता दोनों का अध्ययन करते थे और उनकी बातों पर अमल करते थेI घर के सबसे छोटे बालक होने के कारण माता पिता का भरपूर स्नेह मिला परंतु उन्हें जीवन भर एक अफ़सोस  था  कि वे अपने माता-पिता को जीवन भर 24 घंटे की बिजली भी उपलब्ध नहीं करा सके I परंतु उनके माता-पिता को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा था I एक आज्ञाकारी पुत्र आदर्श विद्यार्थी के रूप में हमारे मनः  पटल पर आज भी इंगित है 

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Q.2. छत्तीसगढ़ में डॉ. कलाम का आगमन हुआ था। उस समय उनके द्वारा छत्तीसगढ़ पर एक कविता लिखी गई थी, इसे खोजकर लिखिए।

उत्तर :- विद्यार्थी गण स्वयं करें|

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