CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 7 विविध Chapter 7.4 अपने हिस्से में लोग आकाश देखते हैं are given below for Hindi Medium Students.
CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 7 विविध Chapter 7.4 अपने हिस्से में लोग आकाश देखते हैं
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अभ्यास-
पाठ से :-
Q.1. ‘‘सबके हिस्से का आकाश व पूरा चंद्रमा’’ देख लेने से कवि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति के माध्यम से कवि का तात्पर्य है कि समाज में ऊँच-नीच, अमीरी गरीबी के कारण जिसको जितना मिल जाए उसी में उसे संतुष्ट रहना चाहिए ,अत्यधिक की इच्छा नहीं करनी चाहिए |
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Q.2. घर के बगीचे में अखबार पढ़ रहे व्यक्ति और बदबू के घेरे में जिंदा व्यक्ति की हवा में क्या अंतर है और क्यों?
उत्तर :- घर के बगीचे में अखबार पढ़ रहे व्यक्ति तो शुद्ध हवा में साँस लेते हैं, किंतु गंदी बस्ती में रहने वाला गरीब व्यक्ति प्रदूषित हवा में साँस लेकर जिंदा रहता है |
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Q.3. कौन लोग अपने हिस्से की भूख के साथ अपना भात नहीं पा रहे हैं?
उत्तर :- पूँजीपति दबंग व्यक्तियों के द्वारा गरीबों के हिस्से का भात अर्थात भोजन जीविकोपार्जन का सहारा छीन लिया जाता है | उन्हें विकसित एवं सुखी नहीं देखना चाहते हैं, इसलिए उनके साथ अन्याय करते हैं | इसके फलस्वरूप गरीब लोग अपने हिस्से की भूख के साथ अपना भात नहीं पा रहे हैं | अर्थात गरीब लोग अपनी गरीबी के कारण अपना भूखा पेट भर नहीं पाते हैं |
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Q.4. बाजार में दिखती तंदूर में बनी हुई रोटी सबके हिस्से की रोटी क्यों नहीं है?
उत्तर :- बाजार में दिखती तंदूर में बनी हुई रोटी सबके हिस्से की रोटी इसलिए नहीं है, क्योंकि जो अमीर व्यक्ति है वह उसे खरीद कर खा सकता है, किंतु गरीब व्यक्ति के पास उसे खाने की हैसियत नहीं होती, इसलिए वे उनके हिस्से की नहीं है |
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Q.5. सबकी घड़ी में बज रहा है, वह समय सबके लिए समान नहीं है। इसका क्या अभिप्राय है?
उत्तर :- आज समाज में व्याप्त विसंगतियों के कारण सब का समय एक समान नहीं होता| कोई गरीब है तो कोई अमीर | आज जो अमीर है वह और भी अमीर होता जा रहा है, और जो गरीब है वह और भी गरीब होता जा रहा है | किंतु कभी ऐसा समय अवश्य ही आता है जब कोई गरीब एक अमीर के समकक्ष अपने आपको बना लेता है | यह सब समय का खेल है | इसलिए समय सबके लिए समान नहीं होता |
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पाठ से आगे :-
Q.1. क्या अपने हिस्से की चीजें पाकर हमें संतुष्ट हो जाना चाहिए? कारण सहित अपने विचार दीजिए।
उत्तर :- आज के समय में कोई व्यक्ति संतुष्ट नहीं है | जो व्यक्ति के पास नहीं है, उसे पा लेने पर दूसरी वस्तु को पाने की इच्छा रखते हैं | इसलिए व्यक्ति अपने हिस्से की चीजें पाकर भी संतुष्ट नहीं रहता है |
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Q.2. हमारे समाज में लोगों की आवश्यकताओं के संदर्भ में कहाँ-कहाँ विसंगतियाँ दिखाई देती हैं, उन्हें चिह्नित कीजिए और एक सूची बनाइए।
उत्तर :- हमारे समाज में लोगों की आवश्यकताओं के संदर्भ में विसंगतियाँ :-
1) घर के बगीचे में बैठकर सांस लेना व गंदी बस्ती में रहकर सांस लेना |
2) बाजार में तंदूरी रोटी बनते देखना |
3) सबके हिस्से का समय नहीं है |
4) सब का समय एक समान नहीं होता |
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Q.3. सबको बराबरी के अवसर मिलें, इसके लिए हमारे संविधान में क्या-क्या प्रावधान हैं?
उत्तर :- सबको बराबरी के अवसर मिलें इसके लिए संविधान के प्रावधान :-
- समानता का अधिकार |
- शिक्षा का अधिकार |
- शोषण के विरुद्ध अधिकार |
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार |
- स्वतंत्रता का अधिकार |
- संवैधानिक उपचारो का अधिकार |
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भाषा के बारे में :-
Q.1. इन शब्दों को हम और किन-किन नाम से जानते हैं- आकाश, चंद्रमा, बगीचा, घर, हवा।
उत्तर :- चंद्रमा = शशि , चाँद , मयंक , राकेश |
बगीचा = उद्यान , वाटिका , फुलवारी , बाग |
घर = भवन , सदन , गृह , निकेतन |
हवा = वायु , अनिल , समीर |
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Q.2. ‘चंद्रमा’ और ‘आकाश’ पर दो-दो मुहावरे लिखिए।
उत्तर :- 1) चाँद का टुकड़ा
2) ईद का चाँद होना
3) आसमान टूटना
4) आकाश सिर पर उठाना |
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Q.3. ‘बदबू’ शब्द में ‘बद’ एक उपसर्ग है। सामान्यतः उर्दू शब्दों में यह लगता है। आप ऐसे पाँच शब्द लिखिए जिसमें ‘बद’ उपसर्ग लगा हो।
उत्तर :- बदनुमा , बद् मिजाज , बद्दुमा , बद नसीब |
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Q.4. ‘गंदगी’ शब्द में ‘गी’ प्रत्यय लगा है। उर्दू शब्दों में यह लगता है। ’गी’ प्रत्यय लगाकर आप कोई पाँच शब्द बनाइए।
उत्तर :- जिन्दगी , बन्दगी , बासिन्दगी , ख्वाहिशमन्दगी , शर्मिन्दगी |
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योग्यता विस्तार :-
Q.1. सूर, कबीर, तुलसी के ’पद’ और विनोद कुमार शुक्ल की कविता की भाषा में क्या अंतर है? लिखिए।
उत्तर :- सूर, तुलसी के पदों में भाषा का लालित्य, ब्रज, अवधी भाषा का प्रभाव व माधुर्य देखने को मिलता है | वहीं कबीर की भाषा में ब्रज, अवधि खड़ी बोली इत्यादि भाषाओं का सम्मिलित सार समावेषित है | शुक्ल जी की कविता की भाषा नई कविता का प्रतिनिधित्व करती दिखाई देती है | साधारण बोलचाल की भाषा को उन्होंने अपनी कविता का माध्यम बनाया किंतु भावनाओं की संप्रेषित करने की उनकी अपनी अनूठी शैली में उन्हें एक विशिष्ट पहचान दी है | व्यंग को मुखरित करते स्पष्ट रूप से अपनी बात कह देने में समर्थ हैं|
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Q.2. नई कविता के बारे में अपने शिक्षक से चर्चा कीजिए या पुस्तकालय की पुस्तकों का अध्ययन कर जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर :- विद्यार्थी गण स्वयं करें।
Q.3. अपने आस-पास के लोगों के जीवन की असमानता को देखिए और उस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर :- विद्यार्थी गण स्वयं करें।