CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 1 मानचित्र और मानचित्र का अध्ययन – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 1 मानचित्र और मानचित्र का अध्ययन are given below for Hindi Medium Students.

CG Board Class 9 SST Solutions Chapter 1 मानचित्र और मानचित्र का अध्ययन


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प्रश्न 01 : अलग – अलग दिशाओं को किन – किन नामों से जानते है? 

उत्तर : मुख्य रूप से दिशाएं चार होती हैं

      1.  पूरब  

      2.  पश्चिम 

      3.  उत्तर 

      4.  दक्षिण 

इसी प्रकार चार दिशाएं और हैं जिन्हें हम उत्तर-पूरब, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण पश्चिम, और उत्तर – पश्चिम के नाम से जानते हैं | यह दिशाएं मुख्य दिशाओं के मध्य की दिशा होती है 

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प्रश्न 02 : दिशाओं का उपयोग अपने जीवन में कब – कब करते है? 

उत्तर : दिशाओं के ज्ञान का उपयोग मानव जीवन में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक महत्वपूर्ण रहा है | दिशाओं के ज्ञान से ही हम किसी जगह, स्थान आदि की सटीक जानकारी प्राप्त करते हैं | दिशाओं के ज्ञान से ही आधुनिक युग के पुल, सड़क, भवन,  हवाई जहाज आदि का उपयोग और उपभोग संभव हो सका है | दिशाओं का हमारे धार्मिक जीवन में भी महत्वपूर्ण स्थान है |

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प्रश्न 03 : हिमाचल प्रदेश राजस्थान के किस दिशा में है? 

उत्तर : हिमाचल प्रदेश राजस्थान से उत्तर-पूरब की दिशा में स्थित है |

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प्रश्न 04 :  छत्तीसगढ़ के किस दिशा में गुजरात है?

उत्तर : छत्तीसगढ़ के पश्चिम दिशा में गुजरात है | 

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प्रश्न 05 : छत्तसीगढ़ के किस दिशा में नेपाल है? 

उत्तर : छत्तीसगढ़ के उत्तर दिशा में नेपाल है | 

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प्रश्न 06 : उत्तराखंड के किस दिशा में नेपाल है? 

उत्तर : उत्तराखंड के दक्षिण-पूर्व दिशा में नेपाल है | 

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प्रश्न 07 : नेपाल , अरुणाचल प्रदेश के किस दिशा में है? 

उत्तर : नेपाल ,अरुणाचल प्रदेश से पश्चिम दिशा में है |  

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प्रश्न 08 : पाकिस्तान , गुजरात के किस दिशा में है? 

उत्तर : पाकिस्तान , गुजरात के उत्तर दिशा में स्थित है | 

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प्रश्न 09 : चीन , जम्मू कश्मीर के किस दिशा में है? 

उत्तर : चीन , जम्मू कश्मीर के पूरब दिशा में स्थित है | 

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प्रश्न 10 : श्रीलंका , अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के किस दिशा में है?

उत्तर : श्रीलंका ,अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से पश्चिम दिशा में स्थित है | 

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प्रश्न 11 : कन्याकुमारी से श्रीलंका किस दिशा में है? 

उत्तर : कन्याकुमारी से श्रीलंका दक्षिण दिशा में स्थित है | 

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प्रश्न 12 : बांग्लादेश , मणिपुर के किस दिशा में है? 

उत्तर : बांग्लादेश , मणिपुर के पश्चिम दिशा में स्थित है |  

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प्रश्न 13 : यदि दो स्थानों के बीच की दूरी 50 किमी है तो (1 सेमी -10 किमी ) के अनुसार मानचित्र पर वह दूरी कितनी होगी| दिये गये प्रतिनिधि भिन्न को कथनात्मक पैमाने में बदले-

1 .  1 : 50,000 (1 सेमी प्रतिनिधित्व करता है————–  कि.मी का)

2 .  1 : 1,00,000 (1 सेमी प्रतिनिधित्व करता है————–  कि.मी का)

3 .  1 : 1,34,000 (1 सेमी प्रतिनिधित्व करता है————–  कि.मी  का)

4 . 1 :  15,00,000 (1 सेमी प्रतिनिधित्व करता है————– कि.मी का)

5  . 1 :  5,00,00,000 (1 सेमी प्रतिनिधित्व करता है————–  कि.मी का)

6  . 1 :  2,56,70,000 (1 सेमी प्रतिनिधित्व करता है————– कि.मी का  )

उत्तर : 1 ) 0.5 कि.मी , 2 ) 1 कि.मी , 3 ) 1.34 कि.मी , 4 ) 15 कि.मी , 5 ) 500 कि.मी 6 ) 25.67 कि.मी |

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प्रश्न 14 : मानचित्र जब मानचित्र की छपाई नहीं होती थी तो उस समय के मानचित्र कैसे बनाते होंगे   

उत्तर : प्राचीनतम समय के मानचित्र आज के मानचित्रों की भांति नहीं थे | उसमें भूभाग का वर्णन तो चित्रों द्वारा किया जाता था, लेकिन उसमें पैमाना नहीं होता था |

यह निश्चित है कि इतिहास में मनुष्य अपने ज्ञान का संवर्धन पृथ्वी के धरातल का भ्रमण करते हुए अवलोकन के आधार पर करता गया और साथ-साथ मानचित्रों का विकास होता गया | इसी प्रकार मानचित्र कला का विकास हुआ |

600 ई.पू. बेबीलोन (ईरान) में मिट्टी की टिक्की पर बहुत स्पष्ट बना हुआ एक मानचित्र है, जिसमें बेबीलोन के साथ टिगरिस -यूफ्रेटस नदी, पहाड़, द्वीप और चारों ओर समुद्र दर्शाया गया है | इसके बाद 11वीं शताब्दी में अल इदरिसी एक प्रसिद्ध अरब नक्शा नवीस (नक्शा बनाने वाला) था, जो अपने राजा के लिए नक्शे का निर्माण करता था | मानचित्र कला का विकास पुनः 13 वीं शताब्दी के बाद हुआ, जब यूरोप में समुद्री यात्राओं के लिए दिशाओं की सही जानकारी की आवश्यकता महसूस की जाने लगी | इस समय ग्लोब का निर्माण किया गया | इसके बाद ही लगभग 16वीं शताब्दी में छापने के मशीनों का आविष्कार हुआ, जिससे मानचित्रों के निर्माण आसान और सुलभ हो गया |

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प्रश्न 16 : आपको कक्षा 9 में प्रयोगशाला के लिए अपने स्कुल की चारदीवारी के अंदर एक कमरा बनाना है | इसके लिए पहले नजरी नक्षा बनाए तथा उसके आधार पर वास्तविकता नक्शा  बनाए | 

उत्तर : विद्यार्थी गण शिक्षक की सहायता से स्वयं मानचित्र निर्माण करें।

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प्रश्न 17 : भारत के राजनीतिक तथा प्राकृतिक संदर्भ मानचित्र का निम्नांकित बिन्दुओं के आधार पर अवलोकन करते हुए तालिका में सही का निशान लगाएं | 

उत्तर : 

क्र     विवरण राजनीतिक मानचित्र प्राकृतिक मानचित्र 
सागर व महासागर सही 
राज्यों के रंग सही 
राज्य की सीमा सही 
देश की सीमा सही 
संकेत सूची सही सही 
पैमाना सही सही 
नदियों की जानकारी सही 
पहाड़ , पठार व मैदान सही 

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प्रश्न 18 : संदर्भ मानचित्र 12 में दिए गए छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक मानचित्र का अध्ययन और निन्लिखित स्थानों की ऊचाई (लगभग) ज्ञात कीजिए |

1 . जशपुर 

2 . रायपुर 

3 . आपके जिले का मुख्यालय 

4 . महानदी का उद्गम 

उत्तर : i) जशपुर की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 753 मीटर है।

 ii) दंतेवाड़ा की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 351 मीटर है।

 iii) रायपुर की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 298 मीटर है।

iv) मेरा जिला मुख्यालय रायपुर शहर है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 298 मीटर है।

v) महानदी का उद्गम स्थान धमतरी के सिहावा में स्थित है जिसका समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 305 मीटर है।

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प्रश्न 19 : नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर संदर्भ मानचित्र 11 , 14 , 15 एवं 16 (छत्तीसगढ़) को देखकर बताए की किस मानचित्र के अनुसार उत्तर दिया है _-

प्रश्न 01 : रायपुर से नारायणपुर किस दिशा में है?

उत्तर : रायपुर से नारायणपुर दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है | 

प्रश्न 02 : कोरबा से कांकेर की दूरी कितनी है? 

उत्तर : कोरबा से कांकेर की दूरी लगभग 400  कि.मी  है | 

प्रश्न 03 : कबीरधाम से गरियाबंद किस दिशा में है? 

उत्तर : कबीरधाम से गरियाबंद दक्षिण – पूर्व दिशा में स्थित है | 

प्रश्न 04 : दुर्ग से रायगढ़ की वास्तविकता दूरी कितनी है? 

उत्तर : दुर्ग से रायगढ़ की दूरी लगभग 300 कि.मी. है | 

प्रश्न 05 : सघन वन किन – किन जिलों में है?
उत्तर : छत्तीसगढ़ में सघन वन क्षेत्र सुकमा, गरियाबन्द, कोण्डागाँव, नारायणपुर, बिलासपुर, कोरबा, कोरिया, बीजापुर, दन्तेवाड़ा, और बलरामपुर जिले में है।

प्रश्न 06 : ग्रीष्म ऋतु में औसत तापमान किन – किन जिलों में अधिक होता है तथा उनका वार्षिक औसत तापमान कितना है | 

उत्तर : ग्रीष्म ऋतु में औसत तापमान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जॉजगींर-चांपा, का अधिक होता है | यहां का औसत तापमान ग्रीष्म ऋतु में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक होता है।

प्रश्न 07 : मानचित्र को देखकर बताए की दुर्ग जिले की तुलना में बीजापुर सर्वाधिक वन होने के क्या कारण होंगे ?

उत्तर : दुर्ग समतल क्षेत्र में स्थित है | यहां जनसंख्या, कल कारखाने आदि अधिक है और कृषि योग्य जमीन ज्यादा है , जिस पर कृषि कार्य किया जाता है | जिसके कारण यहां वन क्षेत्र कम है | वहीं बीजापुर पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण तथा पठार होने से समतल भूमि कम है, जिसके कारण वहां वन क्षेत्र अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है |

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प्रश्न 20 : जरा सोचो की पुराने समय में लोगों को मानचित्र की क्या जरूरत रही होगी? पुराने समय के मानचित्र कैसे रहे होंगे? 

उत्तर :- प्राचीन समय में नक्शे का उपयोग उस समय की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया था | सर्वप्रथम मिश्र वासियों ने जो नक्शा बनाया, उसमें कृषि ,भूमि, जल स्रोत या समुद्र का रेखाचित्र बना था | किंतु बाद में जैसे-जैसे आवश्यकताओं और भू –  भाग की अधिक जानकारी प्राप्त हुई मान चित्रों का स्वरूप भी बदलता गया |

पुराने समय में यूरोप के लोगों ने जब समुद्र की यात्राओं का आरंभ किया उसी समय समस्त भूभाग के मानचित्र की आवश्यकता हुई होगी | जिसका उन्होंने विकास किया और ग्लोब का भी आविष्कार किया था | पुराने जमाने के नक्शे स्थानीय जरूरतों और यात्राओं को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे | इन मानचित्रों में कोई पैमाना नहीं होता था, केवल दिशाओं के आधार पर ही मानचित्रों का निर्माण किया जाता था | मानचित्रों का उपयोग भू स्वामित्व को दर्शाने के लिए भी किया जाता था |

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प्रश्न 21  : नक्शा निर्माताओं नक़्शे के बीच में अपने ही देश रखे है एसा क्यों?

उत्तर :- इसका मूल कारण विस्तृत जानकारी का अभाव था | क्योंकि पुराने मानचित्र निर्माताओं को केवल अपने राज्य और आस – पास की संक्षिप्त जानकारी थी, जिसके कारण पुराने मानचित्रों का निर्माण वे अपने राज्य को ही केंद्र मानकर करते थे |

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प्रश्न 22 : अल इदरीसी के नक़्शे में ऊपर की ओर दक्षिण दिखाया है जबकि गीर्क द्वारा तैयार किये गए नक़्शे के उत्तर को दर्शाया गया है क्यों? 

उत्तर :- पुराने मानचित्र निर्माताओं को जैसे कि अरब देश के नक्शानवीस इदरिसी थे | उन्हें पूरे भूभाग की जानकारी नहीं थी | वह केवल अपने राज्य और उसके आसपास के राज्यों के आधार पर नक्शे का निर्माण करते थे |  और उस समय की आवश्यकताओं के आधार पर नक्शे का निर्माण किया गया है | यही कारण है कि इदरिसी ने अपने नक्शे में दक्षिण दिशा ऊपर की ओर दर्शाया गया है | कालांतर में मानचित्र निर्माण के क्षेत्र में जो विकास हुआ और पृथ्वी के ज्यादातर भूभाग की जानकारी मानचित्र निर्माताओं को प्राप्त हुई तो ऊपरी और उत्तर दिशा को दर्शाया गया है |

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प्रश्न 23 : भारत का नक्शा ब्रिटिश काल के समय बनाया गया है | इसकी तुलना वर्तमान नक़्शे से करे | 

उत्तर :-  जब ब्रिटिश, भारत में अपनी शक्ति स्थापित करने लगे और उन्हें भारत के भूभागों की जानकारी की आवश्यकता हुई तो उन्होंने सन् 1802 में विलियम लैंबटन के नेतृत्व में व्यापक सर्वेक्षण कार्य किया और नक्शे का निर्माण किया | यह नक्शा अंग्रेजों ने अपने आवश्यकताओं के आधार पर तैयार किया था | जिससे वह भारत की भू संपदा आदि का सुगमता के साथ दोहन कर सकें | ब्रिटिश काल में बने नक्शे में पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, श्रीलंका आदि पड़ोसी देशों को भारत का ही अंग दर्शाया गया है |

आधुनिक युग के भारत के नक्शे बहुत ही सटीक और सही है, और ये अलग-अलग है, जैसे राजनीतिक मानचित्र, भौगोलिक मानचित्र आदि | क्योंकि आज नक्शों के निर्माण में उपग्रहों की मदद ली जाती है | इसलिए आधुनिक युग के नक्शे लगभग शत-प्रतिशत सटीक और सही होते हैं | आधुनिक मानचित्रों में पैमाना का उपयोग किया गया है, जिससे नक्शे की सटीकता और अधिक बढ़ गई है |

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प्रश्न 24 : क्या नक्शों का इस तरह सार्वजनिक उपयोग करना एक अच्छी बात है? 

उत्तर :- आज के आधुनिक और (ग्लोबल जेसन ) वैश्वीकरण के दौर में मानचित्र और नक्शे की भूमिका कदम कदम पर जरूरी है | क्योंकि आज समस्त विश्व आधुनिक तकनीकों के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ा हुआ है, और जो हमारे बीच की भौतिक दूरियां है | उसे मानचित्रों के माध्यम से ही कम कर सकते हैं | मानचित्रों के माध्यम से भू – खनिज, जल, जंगल, समुद्र की सही जानकारी प्राप्त करते हैं | आज मानचित्रों के प्रयोग से हम शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में भी हैं | मानचित्रों का सही और सटीक उपयोग सदैव ही मानव जीवन के लिए कल्याणकारी होता है | अतः हम कह सकते हैं कि मानचित्रों का सार्वजनिक उपयोग यदि मानव के हित में किया जाता है तो यह सभी मानव जाति के लिए अच्छी बात होगी।

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प्रश्न 25 : ब्रिटेन जैसे उपनिवेशिक शक्तियों ने विस्तृत नक़्शे तैयार करने पर इतना जोर क्यों दिया होगा? 

उत्तर :-  ब्रिटेन के उपनिवेशिक शक्तियां नक्शे की आवश्यकता का कारण उनका विश्व के दूर देशों उपनिवेशिक विस्तार था, और इसी कारण उन्हें उन देशों में जाने के लिए समुद्र मार्ग का उपयोग करना पड़ता था, क्योंकि समुद्र में मार्ग भटकने की संभावना ज्यादा होती है, इसी कारण मानचित्रों का प्रयोग अनिवार्य था | दूसरा कारण यह भी था कि जिन देशों में उपनिवेश था, वहां की भौगोलिक स्थितियों की जानकारी प्राप्त कर सके, जिससे वहां की खनिज संपदा का ज्यादा से ज्यादा दोहन कर सके और उपनिवेशिक शक्तियों को अपनी सुरक्षा और सेना की दृष्टिकोण से भी मानचित्रों की अत्यधिक आवश्यकता पड़ती थी, इसी कारण से विश्व की जितनी भी उपनिवेशिक शक्तियां थी, वह सटीक और सही मानचित्रों के निर्माण में सतत खोज और आविष्कार की ओर अग्रसर थी |

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प्रश्न 26 : आप सुझाव दें की नए स्कुल , कोलेज और अस्पताल की स्थापना की योजना के विकास में नक़्शे का इस्तेमाल कैसे कर सकते है? 

उत्तर :- किसी भी भवन या संस्था के निर्माण के लिए मानचित्रों की बहुत ही अहम भूमिका होती है| क्योंकि उपलब्ध भूमि का सही उपयोग किस प्रकार से किया जाए इसकी रूपरेखा मानचित्र के माध्यम से तैयार की जाती है | जिससे कि निर्माण के समय हमें एक निर्देशिका उपलब्ध रहे, जिसका अनुसरण कर के हम सही तरीके से भवन का निर्माण कर सकें |

स्कूल, कॉलेज और अस्पताल यह एक प्रकार के सार्वजनिक भवन होते हैं | क्योंकि इन भवनों में कार्यालय, कक्षा भवन, बैठक रूम और तरह-तरह के प्रयोजन में प्रयोग होने वाले स्थान विशेष की आवश्यकता होती है, जिसका निर्माण यदि हर क्रमबद्ध तरीके से करने की आवश्यकता होती है, जिसके निर्माण के लिए हमें मानचित्रों की आवश्यकता पड़ती है, और मानचित्रों के माध्यम से ही हमें यह ज्ञात होता है कि भवन के किस हिस्से का निर्माण किस तरह से हो और इसके मापदंड क्या होना चाहिए |

 अतः हम कह सकते हैं कि भवन, स्कूल, अस्पताल, कॉलेज आदि के निर्माण में नक्शे की अहम भूमिका होती है |

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