CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 12 कार्य और ऊर्जा are given below for hindi medium students.
CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 12 कार्य और ऊर्जा
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अभ्यास-
Q.उचित विकल्प चुनकर लिखिए –
i) वस्तु पर 10 N का बल लगाने पर यदि वस्तु बल की दिशा में 2m तक विस्थापित हो, वस्तु पर बल द्वारा किया गया कार्य होगा-
अ) 15 j ब) 20 j
स) .20 j द) 5 j
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ii) 5 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 2 मीटर/ सेकण्ड के एक समान वेग से गतिशील है। वस्तु की गतिज ऊर्जा कितनी होगी।
अ) 10 जूल ब) 15 जूल
स) 5 जूल द) 20 जूल
iii) 12 kg द्रव्यमान की एक वस्तु धरती से एक निश्चित ऊंचाई पर स्थित है यदि वस्तु की स्थितिज ऊर्जा 480 j हैं तो वस्तु की धरती के सापेक्ष ऊंचाई होगी। (g = 10 m/s2 )
अ) 6 मीटर ब) 9 मीटर स) 5 मीटर द) 4 मीटर |
iv) आप अपने घर में 100 W का एक विद्युत बल्ब प्रतिदिन 5 घण्टे तक जलाते है। बल्ब द्वारा एक दिन में खर्च की गई ऊर्जा की यूनिट कितनी होगी
अ) 0.4 यूनिट ब) 0.5 यूनिट स) 0.05 यूनिट द) 0.01 यूनिट |
उत्तर :- i) ब) 20 j , ii) अ) 10 जूल , iii) द) 4 मीटर , iv) ब) 0.5 यूनिट |
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Q.2. रिक्त स्थान की पूर्ति करें-
i) कार्य का SI मात्रक ………………….. है।
ii) 1 किलोवाट घण्टा…………………. जूल के तुल्य है।
iii) किसी वस्तु की कुल ऊर्जा………………. रहती है।
iv) वस्तु पर लगाए बल एवं उसके विस्थापन की दिशा विपरीत हो तो किया गया कार्य ………………………………होगा।
v) द्रव्यमान की वस्तु पृथ्वी सेh/2 ऊंचाई पर स्थित हो तो वस्तु की स्थितिज ऊर्जा………………… होगी।
उत्तर :- i) जूल, ii) 36105 जूल, iii) नियत, iv) ऋणात्मक , v) 12 mgh |
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Q.3. गतिज ऊर्जा से आप क्या समझते हैं किसी गतिमान वस्तु के लिए गतिज ऊर्जा का सूत्र स्थापित करें।
उत्तर :- प्रत्येक वस्तु में अपनी गति के कारण एक ऊर्जा निहित होती है जिसे गतिज ऊर्जा कहते है। किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा उसकी चाल के साथ बदलती है। समान द्रव्यमान की तेज गति करती हुई वस्तुओं में कम वेग से गति करती हुई वस्तुओं की तुलना में अधिक गतिज ऊर्जा होती है।
सूत्र की व्युत्पत्ति
जब वस्तु में बाह्य बल लगाया जाता है, जब स्थिर वस्तु गतिशील हो जाता है। इसके लिए बल द्वारा वस्तु पर कार्य किया जाता है यहां कार्य उसमें गतिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है।
माना कि m द्रव्यमान की वस्तु क्षैतिज तल पर रखी गई है। वस्तु पर एक समान बल F लगाने पर वह “s” दूरी तक विस्थापित हो जाती है।
तब वस्तु पर किया गया कार्य
= संचित गतिज ऊर्जा
या W=Fs ………..(i)
गति के द्वितीय समी. से
V2- U2=2 as ………….(i)
S= V2- U22a ……………(iii)
गति के द्वितीय समी से हमें ज्ञात है कि
F=ma ……….(iii)
समी. (ii) एवं (iii) से F एवं S का मान समी. (i) में रखने पर
w=mav2-u22a
w=12 m(v2-u2)
यदि वस्तु की गति विरामावस्था से प्रारंभ होती है तो u = 0 तो
w=12 mv2
हम कह सकते है कि V वेग से गतिशील m द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊर्जा का मान
EK=12 mv2
ऊर्जा की SI इकाई जूल है।
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Q.4.किसी घर में एक महीने में विद्युत ऊर्जा का 250 यूनिट व्यय हुआ है यह ऊर्जा जूल में कितनी होगी ? (900106 )
उत्तर :- 1 यूनिट = 1 KWH
इसे वाट से. में बदलने पर
1 यूनिट = 1 kwh
= 1000 वाट 3600 sec.
= 36 105 जूल उत्तर |
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Q.5. (a) ऊर्जा संरक्षण नियम क्या है। समझाएं |
(b) मुक्त रूप से गिरते एक पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है ? कारण के साथ स्पष्ट करें।
उत्तर :- (A)ऊर्जा को नहीं नष्ट किया जा सकता और न ही उत्पन्न किया जा सकता है। इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। अर्थात् ऊर्जा के अनेक रूप है । जैसे विद्युत ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा चुम्बकीय ऊर्जा इत्यादि।
किसी भी पिण्ड या पदार्थ या कण में विद्यमान रहने वाली ऊर्जा का परिमाण नियत रहता है। यही ऊर्जा का योग समान रहता है, अर्थात्
स्थितिज ऊर्जा + गतिज = ऊर्जा नियत
या =mgh+12 mv2 = नियत …..(i)
= कुल यांत्रिक ऊर्जा
यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण नियम से :-
चित्र (1)
चित्र (1) के अनुसार यदि किसी वस्तु जिसका द्रव्यमान m हो उसे h ऊंचाई से गिराया जाए तब
बिन्दू A पर उसका वेग v=0 होगा |
–//– ऊंचाई = h
बिन्दू B पर उसका वेग =v,
–//– ऊंचाई = 0
अब समी.(i) की सहायता से दोनों बिन्दू पर कुल यांत्रिक ऊर्जा की समीक्षा करने पर
(i) बिन्दू A पर , वेग =0, ऊंचाई = h
=mgh+12 mv2
मान रखने पर
=mgh+12 mo2
=mgh …………….(ii)
(ii) बिन्दू B पर, वेग =v, ऊंचाई = 0
=mgh+12 mv2
मान रखने पर
=mg+12 mv2
=12 mv2 …………..(iii)
प्रयोग या गणना करने पर (ii) एवं (iii) का मान बराबर होता है :-
कुल यांत्रिक ऊर्जा = नियत
(B) हमें ज्ञात है कि :-
कुल यांत्रिक ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा + गतिज ऊर्जा
=mgh + 12 mv2
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Q.6. स्थितिज ऊर्जा को समझाते हुए सूत्र की स्थापना करें।
उत्तर :- वस्तु द्वारा उसकी स्थिति अथवा आकृति में परिवर्तन के कारण संचित ऊर्जा को वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कहलाती है।
वस्तु की स्थितिज ऊर्जा भूमि तल या आपके द्वारा चुने गए शून्य तल पर निर्भर करता है। किसी वस्तु के लिए एक तल के सापेक्ष स्थितिज ऊर्जा का मान किसी दूसरे तल के सापेक्ष स्थितिज ऊर्जा के मान से भिन्न होगा।
उदाहरण : स्प्रींग की ऊर्जा, गुलेल. या धनुष की ऊर्जा।
सूत्र की स्थापना :-
यदि m द्रव्यमान की एक वस्तु को ऊपर ऊठाने के लिए बल की आवश्यकता होती है। इसके लिए न्यूनतम बल वस्तु के भार mg के बराबर होता है। ऊठाई गई वस्तु में उस पर किए गए कार्य के बराबर ऊर्जा की वृद्धि होगी। मान लें कि वस्तु को h ऊंचाई तक उठाने के लिए उस पर गुरूत्वीय बल के विरूद्ध किया गया कार्य W है।
तक किया गया कार्य
W=बलविस्थापन
=mgh
क्योंकि वस्तु पर किया गया कार्य mgh है अतः वस्तु को मिली स्थितिज ऊर्जा भी mgh होगी हम इस स्थितिज ऊर्जा को (Ep) कहेंगें।
Ep=mgh
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Q.7. (a)यदि कण के वेग को दुगुना कर दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा क्या होगी ?
(b) कण पर किए गए कार्य का परिमाण शून्य हो तो इसका वेग क्या होगा ?
उत्तर :- (a) सूत्र
EK=12 mv2
जहां वेग से गतिशील m वस्तु की गति को दूगनी करने पर
V= 2v
EK=12 m(2v2)
EK=12 2mv2
अर्थात् किसी कण के वेग को दोगुना करने पर इसकी गतिज ऊर्जा दोगुनी हो जाती है।
(b) हम जानते हैं कि किया गया कार्य
W=Fd ………..(i)
(जहां d = विस्थापन
F = बल से किया गया कार्य )
प्रश्नानुसार एवं समी.(i) को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि
या F=0 या d=0 या तो दोनो शून्य होगा
यदि d = 0 होगा अर्थात् कोई विस्थापन नहीं होगा
यदि F = 0 तो, हम जानते है कि F = ma जहां a त्वरण है अतः a भी शुन्य होगा |
यदि त्वरण 0 होगा तो कण एक समान वेग से गतिशील होगी।
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Q.8. V वेग से गति करती हुई कार में ब्रेक लगाने के पश्चात् वह d दूरी तक जाकर रूकती है। गणना करें, यदि कार का वेग 2 v हो तो ब्रेक लगाने के पश्चात् वह कितनी दूरी तक जाकर रूकेगी ?
उत्तर :- ज्ञात है
गति का समी.
2V= U2+2 as……………(i)
प्रश्नानुसार
u= अ
v= 0
S=क
का मान समी. (i) में रखने पर
o2- अ2=2 aक
अ2=2 aक
a (त्वरण) = अ22 क ………..(ii)
पुनः प्रश्नानुसार
यदि u= 2v
अंतिम वेग =0
तब समी. (i) से
o2-(2v)2=2 as
a का मान रखने पर
(2v)2= 2अ22क5
(2v)2= अ2क5
अतः S=4v2कअ2 उत्तर |
जहां S= चली गई दूरी या विस्थापन है।
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Q.9. कोई मनुष्य चावल के एक गठ्ठर को अपने सिर पर 30 मिनट तक रखता है और थक जाता है। क्या उसने कुछ कार्य किया है। अपने उत्तर को तर्क देकर समझाएं।
उत्तर :- जैसा की ज्ञात है
W=(F)बल(d)विस्थापन ………………(i)
( जहां W= कार्य है एवं विस्थापन हमेंशा बल की दिशा में )
अर्थात् किसी बल द्वारा कार्य तभी संभव है, जब F बल लगाने पर किसी दूरी तक d विस्थापन हो,वह भी आरोपित की दिशा में
माना वह व्यक्ति m द्रव्यमान का चावल का गठ्ठर अपने सिर पर रखा है, साथ ही साथ गुरूत्वीय त्वरण के कारण यह भार mg हो जाता है।
परन्तु प्रश्नानुसार यहां d = 0 या कोई भी विस्थापन नहीं होता है। चूंकि विस्थापन नहीं होता इसलिए कार्य भी नहीं होता है।
इसे समी. (i) से समझ सकते हैं
W=Fd
यदि d=0
तो W=0
परन्तु जब व्यक्ति चावल की गठ्ठे को सिर में रखता है तब वह जो कि ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करता है इसके ठीक विपरीत उपर की भी एक बल लगाता है जिससे वस्तु गिरे नहीं जिसके कारण उसके शरीर में निहित ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण होता है। और वह थका हुआ महसूस करता है।
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Q.10. किसी पिण्ड पर 8 न्यूटन का बल आरोपित करने पर वह बल की दिशा में 4 मीटर विस्थापित हो जााता है। इस क्रिया में किए गए कार्य की गणना करें।
उत्तर :- दिया है
F=8 न्यूटन
d=4 मीटर
तो W= ?
W=Fd
W=84
W=32 जूल उत्तर |
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Q.11. 10 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु को पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल के विरूद्ध 10 मीटर ऊपर उठाने में कितना कार्य करना पड़ेगा।
उत्तर :- दिया है
वस्तु का द्रव्यमान m=10kg
विस्थापन S=10मीटर
ज्ञात है कि F=mg
तो F (बल) =109.8
=98 N
अब
किया गया कार्य W=FS
=9810
=980 J उत्तर |
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Q.12. दो पिण्ड जिनका द्रव्यमान क्रमशः 10 kg तथा 15kg है। इन्हें पृथ्वी से क्रमशः 5m तथा 2m की ऊंचाई तक उठाया जाता है। दोनों पिण्डों की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन की गणना करें।
उत्तर :- ज्ञात है :-
स्थितिज ऊर्जा (Ep)=mgh
दिया है, प्रश्नानुसार
(i) यदि m=10, h= 5, तब
तो Ep=109.85
=490 j
(ii) यदि m=15, h= 2,
तो Ep=159.82
=294 j
परिवर्तन :- 490 -294 = 196
= 196 जूल उत्तर |
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Q.13) एक व्यक्ति यदि 6 सेकण्ड में 15 N का बल लगाकर बॉक्स को 8 मी दूर तक विस्थापित करता है तो उसकी शक्ति की गणना करें।
उत्तर :- शक्ति कार्य करने की दर या कार्य समय …………..(i)
ज्ञात है कि
कार्य (w) = F (बल) S (विस्थापन)
समी.(i) में w का मान रखने पर
शक्ति =बलविस्थापन समय …………(ii)
दिया है F=15N S=8m ,समय=6sec.
समी.(i) से
शक्ति =158 6 = 120 6 =20 W
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Q.14) 0.5 किलोग्राम की किसी वस्तु की ऊर्जा में 1 जूल का परिवर्तन करने के लिए उसे कितनी ऊंचाई तक उठाना होगा ?
उत्तर :- कुल यांत्रिक ऊर्जा = =mgh+15 mv2 …………..(i)
माना पृथ्वी सतह से वस्तु को h मी. ऊपर उठाया जाता है
B
h
A
अब पृथ्वी की सतह पर A पर
वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा
समी. (i)
=mgh+15 mv2
=mg0+12 m02
= 0 ………..(ii)
अब स्थिति B पर वस्तु की कुल
ऊर्जा =mgh+15 mv2
m=0.5, g= 10, ऊंचाई=h, v= 0 रखने पर
=0.510h+o………….(iii)
=5h
अब समी.(ii) व (iii) से
अर्थात एक स्थिति से दूसरी स्थिति तक जाने में ऊर्जा में परिवर्तन
W=समी.(iii) – समी.(ii)
W =5h-o
W =5h
अब प्रश्नानुसार 5h=1
तो h=15 या 0.2 मी. उत्तर