CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 2 पदार्थ :  प्रकृति एवं व्यवहार – CGBSE Solutions PDF in Hindi

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CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 2 पदार्थ :  प्रकृति एवं व्यवहार


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Q.1. निम्नलिखित में से पदार्थों को पहचानिए –

    पानी, हवा, कुर्सी, पत्थर ,फूल की सुगंध ,लोहा, विचार

उत्तर :-  पानी , हवा , कुर्सी , पत्थर , लोहा , |

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Q.2.  एक अभिक्रिया में 20 g A तथा 40 g B के संयोग से 25 g C, 15 g D  तथा 20 g E बनता है | इन प्रेक्षणों द्वारा द्रव्यमान संरक्षण नियम को समझाइए ?

उत्तर :- किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान को न तो उत्पन्न किया जा सकता और न ही नष्ट इसे पदार्थ की अविनाशिता का नियम या द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहते हैं। इस नियम को लवाजिए ने प्रतिपादित किया था।

उदाहरण –  

     20gA+ 40gB   25gC+ 15gD+ 20gE

    योग = 60g                योग = 60g

दिये गये अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान बनने वाले उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है। यह अभिक्रिया द्रव्यमान संरक्षण के नियम को व्यक्त करता है।

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Q.3. निम्नलिखित मिश्रण में से विलयन, कोलाइड, तथा निलंबन की पहचान करें

            कीचड़ , दूध , नमक का जल में घोल

उत्तर :- i) कोलाइड  –  दूध

           ii) निलंबन   –  कीचड़

           iii) विलयन   –  नमक का जल में घोल

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Q.4. निम्नलिखित मिश्रण में से कौन टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करेगा

 शक्कर का विलयन , स्याही का जल में विलयन , स्टार्च विलयन , नमक का विलयन

उत्तर :-  निम्नलिखित मिश्रणों में से स्याही का जल और स्टार्च विलयन टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करेगा।

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Q.5. 250 g कपड़े धोने के सोडे को 1 kg  जल में घोलकर विलयन बनाया गया | इस विलयन की सांद्रता प्रतिशत में ज्ञात कीजिए ?

उत्तर :-  विलेय पदार्थ (कपड़े धोने का सोडा ) का द्रव्यमान = 250 g विलायक (जल) का द्रव्यमान = 1 kg (1000 g)

विलयन का द्रव्यमान=  विलेय पदार्थ का द्रव्यमान   +  विलायक का द्रव्यमान 

                                                           250g  +  1000 g

                                                             =   1250 gm

विलयन का द्रव्यमान प्रतिशत =        विलेय का द्रव्यमानविलयन का द्रव्यमान 

                                      =  2501250 100 = 20 % 

इस विलयन की सान्द्रता 20 % है ।

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Q.6. चावल की माँड़ (पसिया)  की  1-2 बूंद का 100 mL जल में घोल कोलाइड है या निलंबन ? कारण सहित समझाइए |

उत्तर :- चावल की माँड़ (पसिया) की 1 – 2 बूंद का 100 mL में कोलाइड घोलकर एक विलयन बनाया गया, जो कि कोलाइड विलयन है, क्योंकि यह विलयन कोलाइड विलयन के सभी गुणों को प्रदर्शित करता है | जैसे :-

 a) इनके कणों का आकार इतना छोटा होता है कि इन्हें आंखों से नहीं देखा जा सकता 

 है |

b) ये तली पर नहीं बैठते और ना ही इन्हें छानकर अलग किया जा सकता |

c) इसके कारण प्रकाश की किरण को आसानी से फैला देते हैं, जिसके कारण प्रकाश का मार्ग दिखाई देता है, यह टिंडल प्रभाव कहलाता है |

 दिए गए सभी  गणों को चावल की माँड़ का विलयन प्रदर्शित करता है, इस कारण यह एक कोलाइड विलयन है |

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Q.7. निम्नलिखित को तत्व तथा यौगिक में वर्गीकृत करें –

     पोटैशियम , चूना , गंधक , कपड़े धोने का सोडा , कार्बन , लेड ,सिरका |

उत्तर :- तत्व :- पोटैशियम , गंधक , कार्बन , लेड , |

        यौगिक :- चूना , कपड़े धोने का सोडा , सिरका |

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Q.8. मैग्नीशियम के तार को हवा में जलाने पर सफेद रंग का ऑक्साइड बनता है | यह तत्व होगा या यौगिक कारण सहित बताइए ?

उत्तर :- मैग्नीशियम के तार को हवा में जलाने पर सफेद रंग का ऑक्साइड बनता है, यह एक यौगिक होगा क्योंकि मैग्नीशियम ऑक्साइड में एक से अधिक तत्व है मैग्नीशियम और ऑक्सीजन एक निश्चित अनुपात ये इस कारण यह एक यौगिक होगा।

          2Mg + O2 2 MgO

                                  magnesium oxide 

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Q.9.  नमक क्या है –  तत्व , यौगिक या मिश्रण ?  समझाइए |

 उत्तर :- नमक एक यौगिक क्योंकि यह दो तत्वों के निश्चित अनुपात के संयोजन से बनता है। रासायनिक अभिक्रिया के पश्चात् बने यौगिक के गुण अवयवी तत्वों से भिन्न होते हैं।

जैसे :- 

   2Na   + Cl2  2NaCl

                             नमक (यौगिक)

नमक (NaCl) का रासायनिक गुण है वो सोडियम और ‘Cl’ के गुण से पूरी तरह भिन्न है।

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अभ्यास-

Q.1. सही विकल्प चुनिए –

    i) समांगी मिश्रण है –

       अ) लोहा                         ब) काँसा

       स) 24 कैरेट सोना            द) ऑक्सीजन

   ii) विषमांगी मिश्रण है –

     अ)शुद्ध जल                            ब)कांक्रीट

     स)नमक का जल में विलयन       द)चूना

     iii) ऑक्सीजन है –

        अ)तत्व                         ब) यौगिक 

        स)समांगी मिश्रण            द) विषमांगी मिश्रण 

    iv) शक्कर है –

       अ)तत्व                         ब)यौगिक 

       स)समांगी मिश्रण            द)विषमांगी मिश्रण

     v) टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करता है –

        अ)नमक का पानी में विलयन        ब)स्टॉर्च विलयन 

        स)खाने के सोडे का विलयन         द) सिरका

     vi) शुद्ध पदार्थ नहीं है –

         अ) बर्फ           ब)लोहा

         स)  पारा          द)दूध 

उत्तर :- i) ब) काँसा , ii) ब) कांक्रीट , iii) अ) तत्व , iv) ब) यौगिक , v) ब)स्टॉर्च विलयन,  vi) द) दूध |

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Q.2. निम्नलिखित मिश्रणों में से विलयन की पहचान कीजिए – 

मिट्टी, समुद्री जल, वायु, सोडा वाटर, गोंद का जल में घोल, दूध का जल में घोल |

उत्तर :- विलयन :- समुद्री जल , वायु , सोडा वाटर , वायु , |

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Q.3. निम्नलिखित को तत्व, यौगिक एवं मिश्रण में पृथक कीजिए –

   नींबू का शरबत, चट्टान, ताँबा, हीरा, नमक, निऑन गैस, सलाद, शुद्ध पानी, ऐलुमिनियम, चाँदी, साबुन, रक्त, कार्बन डाईऑक्साइड, सोडियम |

उत्तर :- (A) तत्व :- ताँबा, निऑन गैस, ऐलुमिनियम, चाँदी, सोडियम | 

(B) यौगिक :-   हीरा, नमक, शुद्ध पानी,  साबुन, |

(C) मिश्रण :- नींबू का शरबत , चट्टान, सलाद, साबुन, रक्त, |

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Q.4. सही उत्तर चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए

  i)  किसी तत्व में……….. के कण होते हैं | ( एक प्रकार के/ अलग-अलग प्रकार के)

  ii)  कोलाइडल कणों द्वारा प्रकाश का फैलाना……………….. कहलाता है |

      ( टिंडल प्रभाव / ब्राउनी गति)

  iii)  टिंचर आयोडीन विलयन में आयोडीन……………….. है |  ( विलेय / विलायक)

  iv)  ………………..के कणों को छन्ना पत्र द्वारा छानकर पृथक किया जा सकता है | 

     (निलंबन / कोलाइड)

  v) …………………. के कण आंखों से नहीं देखे जा सकते हैं | ( विलयन  /  निलंबन )

उत्तर :- i) एक प्रकार के , ii)  टिंडल प्रभाव ,  iii)विलेय , iv) निलंबन , v)विलयन |

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Q.5. निम्नलिखित की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए –

   शुद्ध पदार्थ,  संतृप्त विलयन, कोलाइड,  निलंबन

उत्तर :- i) शुद्ध पदार्थ – शुद्ध पदार्थ तत्व या यौगिक होते है। तत्व को रासायनिक विधियों द्वारा सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है। यौगिक वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बनता है।  यौगिक के गुण उसमें उपस्थित तत्वों के निश्चित गुणों से भिन्न होते है। 

जैसे – Na , Ca, NaCl, CO2 |

ii) संतृप्त विलयन – किसी निश्चित ताप पर विलायक के निश्चित आयतन में और अधिक विलेय घोलना संभव नहीं हो तो, वह विलयन संतृप्त विलयन कहलाता है।

iii) कोलाइड – कोलाइड में कणों का आकार इतना होता है कि उन्हें देखा नहीं जा सकता ये कण प्रकाश के मार्ग को फैला देते हैं, अतः उसका मार्ग दिखाई देता है। 

जैसे – Starch Solution |

iv) निलंबन – वह मिश्रण जिसमें कणों का आकार इतना बड़ा होता है कि उसे आंखों से देखा जा सके, निलम्बन कहलाता है।

जैसे :-  Chalk Solution |

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Q.6. किसी एक क्रियाकलाप के द्वारा सिद्ध कीजिए कि शक्कर में पानी का घोल, विलियन है?

उत्तर :- विलयन के अवयवों को विलेय (शक्कर) और विलायक (पानी) कहते हैं | 

क्रियाकलाप :-  जब हम 1 चम्मच शक्कर को पानी से भरे गीजाला में डाला जाता है उसके कुछ देर पश्चात् वह घुल जाता है और हमें शक्कर के कण दिखाई नहीं देते। यह इसलिए क्योंकि विलयन में उसके अवयव परमाणु या अणु के स्तर तक एक समान रूप से मिश्रित होते है, अर्थात् इनके कण अत्यंत छोटे होते हैं। अत्यंत छोटे होने के कारण इन कणों को न तो छाना जा सकता है न हीं ये कण इतने भारी होते हैं कि नीचे तली पर बैठ सके।

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Q.7.किसी ठोस की द्रव में विलेयता पर तापमान का क्या प्रभाव पड़ता है ? क्रियाकलाप द्वारा समझाइए |

उत्तर :- विलेयता पर तापमान को उत्तक्रमणीय प्रभाव पड़ता है, अर्थात् जैसे – जैसे तापमान बढ़ता है विलेयता भी बढ़ती है।

क्रियाकलाप –  i) एक बीकर में 100 ml जल लें।

ii) एक बीकर में एक चम्मच शक्कर डालें तथा विलयन को कांच की छड़ से हिलाएं।

iii) अब बीकर में शक्कर तब तक डालें जब तक उनका घुलना बंद न हो जाए, विलयन की इस अवस्था को संतृप्त विलयन कहते हैं।

iv) अब बीकर को स्प्रिट लैप की सहायता से गर्म करें। गर्म करने पर हम देखते है कि जल में उपस्थित शक्कर घुल जाता है, और विलयन के इस अवस्था को असंतृप्त विलयन कहते हैं।

v) अब इस गर्म विलयन असंतृप्त विलयन में और शक्कर डाला जा सकता है तो इस क्रिया कलाप में यह पता चलता है कि ताप, विलयत को मध्य उत्तक्रमणीय प्रभाव है।

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Q.8. विलयन , कोलाइड तथा निलंबन में अंतर लिखिए ?

उत्तर :- 

विलयन कोलाइड निलंबन 
1. विलियन एक समांगी मिश्रण है।2. विलयन में विलेय कणों का आकार अत्यंत सूक्ष्म होता है। यह व्यास में 1nm से कम होता है। विलयन के कणों को सूक्ष्मदर्शी से भी नहीं देखा जा सकता है।3. विलयन के कण फिल्टर पेपर से निकल जाते हैं। इसलिए विलयन को फिल्टर द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता।4. विलयन प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं करते हैं क्योंकि इसके कण बहुत अधिक छोटे होते हैं।उदाहरण – समुद्री जल, पानी में चीनी, नमक तथा सिरके का विलयन आदि।1. कोलाइड समांगी दिखता है परंतु वास्तव में वह विषमांगी होता है।2. कोलाइड में कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा परंतु निलंबन से छोटा होता है। वह व्यास में 1nm और 100nm के बीच होता है।3. कोलाइड के कण फिल्टर पेपर से निकल सकते हैं। इसलिए फिल्टरन के द्वारा क्लोराइड को पृथक नहीं किया जा सकता ।4.कोलाइड उसमें से गुजर रही प्रकाश की किरण पुंज का प्रकीर्णन करता है क्योंकि उसके कण पूरी तौर से बड़े होते हैं।उदाहरण – दूध , रक्त, स्याही, स्टार्च ।1.निलंबन एक विषमांगी मिश्रण होता है।2. निलंबन में विलेय कणों का आकार बड़ा होता है। यह व्यास में 100nm से कम होता है। 3. निलंबन के कण फिल्टर पेपर से नहीं निकल पाते हैं। निलंबन अस्थायी होते है। 4. निलंबन उसमें से गुजरते हुए प्रकाश की किरण पुंज का प्रकीर्णन कर देता है क्योंकि इसके कण पर्याप्त बड़े होते हैं।उदाहरण – मटमैला जल, जल में आटा , चॉक जल मिश्रण आदि।

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Q.9.  समांगी तथा विषमांगी मिश्रण में आप कैसे अंतर करेंगे ?

उत्तर :- समांगी मिश्रण – समांगी का शाब्दिक अर्थ सम-अंगी अर्थात् इसके घटक समान रूप से वितरित होते हैं। मिश्रण के प्रत्येक भाग या स्थान पर घटक या अवयव की मात्रा समान होती है। 

उदाहरण – कोई भी विलयन में विलेय की मात्रा विलायक के समान रूप से वितरित रहता है। शक्कर को पानी में घोलने पर प्राप्त विलयन समांगी मिश्रण होता है।

विषमांगी मिश्रण – यह मिश्रण जिसमें घटक पदार्थ मिश्रण में एक समान रूप से वितरित न होकर इसका घनत्व भिन्न-भिन्न बिन्दुओं पर भिन्न-भिन्न होता है।

उदाहरण – गंदा पानी चाक, पॉवडर, युक्त पानी।

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Q.10.सीमा ने तीनठोस पदार्थ अ,ब एवं स लिए | विभिन्न तापक्रमों पर 100 g जल में इनके संतृप्त विलयन बनाने के लिए आवश्यक पदार्थों की सारणी निम्नानुसार तैयार की :-


विलेय पदार्थ
तापमान K में
293 K313 K333K353 K
35 g36 g37 g38 g
32 g62 g106 g167 g
34 g40 g46 g54 g

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क)  293 K पर तीनों पदार्थों के संतृप्त विलयन बनाने के लिए आवश्यक पदार्थों की मात्राएं कितनी – कितनी हैं ? इसके आधार पर आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं ?

ख) 500 g जल में 313 K तापमान पर विलेय पदार्थों के संतृप्त विलयन बनाने के लिए आवश्यक विलय पदार्थों की मात्रा की गणना कीजिए ?

ग) 353 K पर ‘अ’ तथा ‘स’  विलयन की सांद्रता प्रतिशत में ज्ञात कीजिए ?

उत्तर :- क)  293K पर पदार्थ अ के 35g को 100g जल में मिलाने पर संतृप्त विलयन बनता है। जबकि ब का 32g व स का 34g मिलाने पर संतृप्त विलयन बनता है। चार्ट के अनुसार पदार्थ ‘अ’ की विलेयता सर्वाधिक है।

ख) 

पदार्थतापमान 100g जल में विलेय पदार्थ (संतृप्त विलयन)500g जल में विलेय पदार्थ
313 K36 g36100500=180 g
313 K62 g62100500=310 g
313 K40 g40100500=200 g

ग) चूँकि सांद्रता (%में) विलेयकी मात्राविलायक की मात्रा100

i) 353 k  पर ‘अ’ की मात्रा 38 g एवं विलायक की मात्रा = 100 g

अतः ‘अ’  की सांद्रता 38100100= 38%

ii) इसी प्रकार ‘ब’ की सांद्रता 54100100= 54%

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