CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 बल एवं गति के नियम – CGBSE Solutions PDF in Hindi

CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 बल एवं गति के नियम are given below for hindi medium students.

CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 5 बल एवं गति के नियम


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Q.1.क्रिकेट खिलाड़ी तेजी से आती गेंद को कैच करते समय गेंद पकड़ने के साथ अपने हाथ पीछे क्यों ले जाता है ?

उत्तर :- बल का प्रभाव वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर पर निर्भर करती है।

अर्थात् 

                   f∝  संवेग में परिवर्तनसमय(t)

अतः स्पष्ट है कि जब t का मान अधिक होगा तो f का मान कम होगा | अर्थात् गेंद को पकड़कर खीचनें से t का मान बढ़ेगा।

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Q.2.  कुछ ऊंचाई से पक्के फर्श की अपेक्षा कच्चे फर्श पर या भूसे के ढेर पर कूदने पर चोट कम लगती है क्यों ?

उत्तर :- पक्के फर्श पर कूदने से पैर तुरन्त स्थिर हो जाता है, जिससे पैरों को अधिक चोट लगती है। इसके विपरीत कच्चे फर्श में कूदने से पैरों को स्थिर अवस्था में आने के लिए अधिक समय नहीं जाता है, जिसकी वजह से हमारे पैरो पर चोट नहीं आती और बल कम लगता हैं इसलिए पक्के फर्श की अपेक्षा कच्चे फर्श पर या भूसे के ढेर पर कूदने पर कम चोट लगती है।

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Q.3.  यदि नेट असंतुलित बल शून्य हो जाए तो क्या संवेग भी शून्य होगा समझाएं ?

उत्तर :- जब किसी वस्तु पर असंतुलित बल कार्य करता है तो उसके वेग में बदलाव होता है, 

गति के द्वितीय नियम से,

                                     f∝संवेग में परिवर्तनसमय

या 

                          f= mv – mut

   जब  f= 0 हो जाए तो

                                mv – mut= 0

                            mv= mu

                               v=   u

               अतः वस्तु का वेग नियत रहेगा

यदि असंतुलित बल नगण्य या शून्य हो जाए तो निम्न स्थितियां उत्पन्न होंगी

i) बल द्वारा वस्तु के वेग में वृद्धि कर बल शून्य हो जाने पर वेग नियत रहेगा अर्थात् वेग शून्य नहीं होगा।

ii) किसी गतिशील वस्तु के गति के विपरीत दिशा में बल कार्य करें तथा वस्तु के रूकते ही बल हट जाए तो

                           v=u=0

वेग एवं संवेग दोनो शून्य होगा

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Q.4.  यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है तो स्पष्ट करें कि बैल गाड़ी को कैसे खींच पाता है?

उत्तर :- हमें ज्ञात है कि प्रत्येक क्रिया के बराबर एवं विपरीत प्रतिक्रिया दो वस्तुओं के बीच कार्य करती है। दोनो वस्तुएं अपने द्रव्यमान के अनुसार भिन्न-भिन्न त्वरण से विपरीत दिशाओं में विस्थापित होता है। यह विस्थापन क्रिया एवं प्रतिक्रिया बल के परिणामस्वरूप होता है। अतः स्पष्ट है कि बैलगाड़ी खीचनें की प्रक्रिया में बैल द्वारा जमीन पर एक क्रिया बल लगाया जाता है तथा जमीन द्वारा भी एक प्रतिक्रिया बल बैल पर विपरीत दिशा में लगता है। यही कारण है कि बैल आगे बढ़ता है। जमीन पर लगने वाली क्रिया बल बहुत कम या नगण्य होता है क्योंकि जमीन का द्रव्यमान बैल की तुलना में अत्यधिक होता है। तथा घर्षण बल के कारण गाड़ी स्थिर रहता है। जब प्रतिक्रिया बल घर्षण बल से अधिक हो तो गाड़ी त्वरित हो जाती है।

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Q.5. रॉकेट की गति किस सिद्धांत पर आधारित है ?

उत्तर :- रॉकेट की गति न्यूटन के गति के तृतीय नियम एवं संवेग संरक्षण के नियम पर आधारित है।

i) न्यूटन के गति का तृतीय नियम के आधार पर =

                            fa    = -fb

अर्थात् ईधन के जलने बाद गैस एक छिद्र के द्वारा बहुत तेज त्वरित गति से बाहर निकलती है।

     या               m1 a1 =     m2a2       भी लिख सकते हैं

(जहां

      m1  = निकलने वाली गैस का द्रव्यमान 

     a1    =    …………….त्वरण

    m2    =  रॉकेट का द्रव्यमान

    a1    = ……………………….त्वरण  )

ii) संवेग संरक्षण के नियम के आधार पर :-

                 m1 u1 =     m2u2

या

           प्रारंभिक संवेग =  अंतिम संवेग

इसमें ईधन के जलने पर रॉकेट का द्रव्यमान कम हो जाता है।वेग बढ़ जाता है।

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Q.6. एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से ज्यादा मात्रा में पानी फेंकने वाली रबर की पाइप से तकलीफ क्यों होती है स्पष्ट करें ?

उत्तर :- हमें न्यूटन के गति का तृतीय नियम ज्ञात है, क्रिया बल के विपरीत लगने वाला प्रतिक्रिया बल इसका मुख्य कारण होता है, अर्थात् पाइप से पानी निकालने के लिए लगने वाली क्रिया बल के बराबर एवं विपरीत प्रतिक्रिया बल पाइप पर भी लगता है।

पानी बहुत तेज गति से बाहर निकलती है, जिसके कारण प्रतिक्रिया बल अत्यधिक हो जाता है।इस कारण पाइप पीछे की ओर खिसकता है और उसे संभालने में तकलीफ होती है।

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Q.9. 1 Kg और 2 Kg द्रव्यमान की दो वस्तुएं एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 ms-1 और 1 ms-1 की वेग से गति कर रही है | दोनों वस्तुएं टकराती है | टकराने के बाद प्रथम वस्तु का वेग 1.5 ms-1हो जाता है तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें ?

उत्तर :- दिया है

टकराने से पहले

                   m1= 1kg

                  m2 = 2kg

                 u1 = 2 m/s       प्रारंभिक वेग

                 u2 = 1 m/s         प्रारंभिक वेग

टकराने के बाद

                     m1= 1 kg

                     m2= 2 kg

                    v1 = 1.5 kg

                   v2 = ?

यदि बाह्य अंसतुलित बल न हो तो संवेग संरक्षण के नियम से

               m1 u1+m2u2=m1 v1 +m2 v2 ……………….(i)

                                   या

टकराने के पूर्व कुल संवेग  =  टकराने के बाद कुल संवेग

समी. (i) में मान रखने पर

          =12+21= 11.5+2u2

       4= 1.5+2u2

    2u2= 4-1.5=2.5

   u2 = 2.5/2=1.25 m/s                 उत्तर |

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अभ्यास-

Q.1. सही विकल्प चुनकर लिखें –

 i) किसी वस्तु के जड़त्व का कारण है |

     अ) केवल द्रव्यमान                 ब) केवल वेग 

     स) द्रव्यमान और वेग दोनों       द) कोई भी नहीं

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 ii) एक लड़का एक ट्रेन के डिब्बे में सबसे ऊपर की सीट पर बैठा है | जब ट्रेन एक स्टेशन पर रूकती है, उसी समय लड़का अपने से ठीक नीचे अपने भाई के खुले हाथ पर आम गिराता है | आम गिरेगा –

   अ)  ठीक उसके भाई के हाथ में |

    ब) उसके भाई के हाथ से कुछ दूर ट्रेन चलने की विपरीत दिशा में |

    स) उसके भाई के हाथ में कुछ दूर ट्रेन चलने की दिशा में |

    द) इनमें से कोई भी नहीं |

 iii) रॉकेट नोदन का सिद्धांत आधारित है –

     अ) गति के प्रथम नियम                   ब)गति के द्वितीय नियम

     स) द्रव्यमान संरक्षण के नियम पर      द) संवेग संरक्षण के नियम पर

iv) एक गोला 500 N बल लगाने पर 0.06 सेकंड में रुक जाता है | गोले का संवेग होगा –

      अ) 500 N      ब) 500 Kgm/s            स) 30 Kgm/s          द) 30 N

उत्तर :-  i) स) द्रव्यमान और वेग दोनों ,  ii) अ)  ठीक उसके भाई के हाथ में , iii) ब) गति के द्वितीय नियम , iv) स) 30 Kgm/s  |

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Q. 2.रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए करें :-

 i)  संवेग संरक्षण का नियम ……………….. .…की अनुपस्थिति में लागू होता है |

 ii)  एक कमानीदार तुला के दोनों सिरों को 20 – 20 किलोग्राम भार के बल से खींचा जाता है तो तुला का  पाठ्यांक…………………………  होगा |

 iii)  गति का प्रथम नियम…………………. के नियम से जाना जाता है |

 iv) किसी वस्तु के द्रव्यमान को स्थिर रखते हुए त्वरण को दुगना कर दे तो बल…………. हो जाएगा |

 v)  बल…………………… राशि है |

उत्तर :- i) असंतुलित बाह्य बल , ii) शून्य  ,   iii) जड़त्व   , iv) दुगुना,  v) सदिश  |

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चर्चा करके लिखें-

Q.1.  तीन ठोस जो क्रमशः से एलुमिनियम , स्टील तथा लकड़ी के बने हैं एवं इनका आकार तथा आयतन समान है | बताओ इनमें से किस ठोस का जड़त्व ज्यादा होगा और क्यों ?

उत्तर :- जड़त्व वह प्रकृति है जिसके कारण वस्तु लगातार अपनी विराम या गति की अवस्था में बने रहने का प्रयास करती है | किसी भी वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान एवं वेग पर निर्भर करता है, क्योंकि यहां पर वस्तु के वेग की चर्चा नहीं की गई है, इसलिए उसका जड़त्व उसके द्रव्यमान पर निर्भर करेगा | द्रव्यमान वस्तु की अवस्था परिवर्तन में विरोध का मापक है | अर्थात द्रव्यमान वस्तु के जड़त्वीय प्रवृत्ति का माप है | द्रव्यमान जितना अधिक होगा वस्तु का जड़त्व भी उतना ही अधिक होगा | इसलिए स्टील से निर्मित ठोस पदार्थ का जड़त्व अधिक होगा क्योंकि समान आयतन के एल्युमुनियम स्टील तथा लकड़ी के पदार्थों में स्टील से बने पदार्थ का द्रव्यमान अधिक है |

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Q.2.  कांच के बर्तन पक्के फर्श पर गिरने से टूट जाते हैं पर रेत पर गिरने से नहीं | ऐसा क्यों?

उत्तर :- रेत के कण विस्थापित होते हैं इसलिए कांच के बर्तन को रेत में गिराने पर वह अंदर की ओर धंसता रहता है, जबकि पक्के फर्श में ऐसा नहीं होता है | 

      उसे और अधिक समझने के लिए हमें न्यूटन के गति के द्वितीय नियम का प्रयोग करना होगा |

न्यूटन के गति का द्वितीय नियम के अनुसार किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दूर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है | 

अर्थात 

                             f∝  संवेग में परिवर्तनtसमय अंतराल  

अतः  t का मान बढ़ने से f का मान कम होगा तथा f का मान कम होने से t का मान बढ़ेगा | स्पष्ट है कि रेत में गिरने पर t का मान बढ़ेगा तथा बल (f)  का मान कम होगा और बर्तन नहीं टूटेगा |

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Q.3.  गति के द्वितीय नियम का गणितीय सूत्र लिखकर उसमें प्रयुक्त संकेतों का अर्थ लिखिए?

उत्तर :- गति के द्वितीय नियम का गणितीय सूत्र :- 

          बल f = pt

                      जहाँ p= mv-mu

                                       संवेग में परिवर्तन

                          तथा t  =  समय अंतराल

                                    = t2–t0 =  t

    एवं f=ma= द्रव्यमान त्वरण

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Q.4. बंदूक चलाने पर व्यक्ति को पीछे की ओर धक्का क्यों लगता है ?

उत्तर :- गति के तृतीय नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया की सदैव बराबर एवं विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है | अतः बंदूक द्वारा गोली पर बल लगाने पर गोली द्वारा बंदूक पर प्रतिक्रिया बल विपरीत दिशा में लगता है, जिसके कारण बंदूक चलाने वालों को पीछे की ओर धक्का लगता है |

यदि a वस्तु b वस्तु पर f1 बल लगाए और b वस्तु a वस्तु पर f2 बल लगाए तो गति के तृतीय नियम के अनुसार 

                                        f1 = – f2 

यहां ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि बल  f2 की दिशा  f1 के विपरीत है |

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Q.5. बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बांधा जाता है ?

उत्तर :- प्रत्येक वस्तु अपनी अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है चाहे वह विरामावस्था  में हो या गतिशील | वह इस स्थिति को नहीं बदलना चाहती और अपनी मूल अवस्था बनाए रखना चाहती है | वस्तुओं की यह प्रकृति जड़त्व कहलाती है | इसलिए बस के अचानक चलने या ब्रेक लगने से वस्तु को गिरने से बचाने के लिए उसे रस्सी से बांधा जाता है |

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Q.6. सिद्ध करें यदि दो वस्तुओं के संवेग एक समान है तो हल्की वस्तु का वेग भारी वस्तु के वेग से अधिक होगा ?

उत्तर :-  माना दो वस्तुओं का द्रव्यमान क्रमशः m1 एवं m2 है |

             तथा वेग v1  एवं v2 है |

प्रश्नानुसार,  m1 m2

तथा  m1v1 = m2v2

अतः  m1m2 =  v2v1        (i)

हमें ज्ञात है कि m1 m2 इसलिए समी.(i) से स्पष्ट है कि v2 v1

अर्थात हल्की वस्तु का वेग अधिक होगा |

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Q.7.  गति के तीसरे नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु पर बल लगाते हैं तो वस्तु उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है | यदि वह वस्तु एक कार हो जो एक सड़क के किनारे खड़ी है, संभवतः हमारे द्वारा बल लगाने पर भी कार गतिशील नहीं हो पाएगी | एक विद्यार्थी इसे सही साबित करने के लिए कहता है कि दोनों बल विपरीत व बराबर हैं| जो एक दूसरे को निरस्त कर देते हैं | इस तर्क पर विचार दें और बताएं कि कार विपरीत दिशा में गतिशील क्यों नहीं हो पाती ?

उत्तर :- गति के तीसरे नियम से ज्ञात है कि 

                     fa = fb

          तथा    f = ma

                  m1a1 = m2a2

                इससे हम समझ सकते हैं कि त्वरण का मान वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है| हल्की वस्तु का त्वरण भारी वस्तु की तुलना में अधिक होता है|

            गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया के बराबर एवं विपरीत प्रक्रिया बल लगाती है,यह परंतु आवश्यक नहीं है कि बल लगने से वस्तु गति करें चूँकि कार का भार अधिक होता है और उतना बल आरोपित नहीं हो पाता, इसलिए कार को  ढ़केलने पर वह गतिशील नहीं हो पाता |

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Q.8.  50 किग्रा द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 सेकंड में 4 मीटर/ सेकंड से 7 मीटर/ सेकंड हो जाता है| वस्तु के पहले और बाद में संवेगों व उस पर आरोपित बल की गणना करें |

उत्तर :- माना 50 kg की वस्तु पर बल लगाने पर 6 से. में 4 m/s से 7 m/s हो जाता है.

           हम जानते हैं कि 

           संवेग   =   द्रव्यमान वेग

 अतः 

       प्रारंभिक संवेग  = m 4

                            = 50 4

                            = 200 kg. m/s

     अंतिम वेग  = mv  = 50 7

                               = 350 kg. m/s

    लगने वाला बल     =     संवेग में परिवर्तनसमय   

                             =    350-2006

                             =     1506 

                             =   25

    F  =  25 न्यूटन

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Q.9.एक फुटबॉल और टेनिस बॉल समान वेग से गतिशील है | दोनों एक दूसरे से आमने-सामने टकराते हैं तथा कुछ समय बाद दोनों रुक जाते हैं | अगर टकराने का समय अंतराल 1 सेकंड है तो –

   i) कौन से बॉल पर बल का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा |

  ii) किस बॉल के संवेग में सबसे अधिक परिवर्तन होगा |

 iii) किस बॉल का संवरण त्वरण सबसे अधिक होगा |

उत्तर :-                            

               A    B                   A   B

          टक्कर के पूर्व               टक्कर के बाद

        माना  फुटबाल का द्रव्यमान  m1 व टेनिस बॉल  का द्रव्यमान  m2 है |

       तथा दोनों के पूर्व का वेग  u है 

       टक्कर के पश्चात फुटबॉल का वेग  v1 हो जाता है

       तथा टेनिस बॉल  का  v2 है |

प्रश्नानुसार,    फुटबॉल का द्रव्यमान m1 टेनिस के द्रव्यमान m2 से अधिक है |

अर्थात      m1 m2

हम जानतें हैं 

         संवेग   =  द्रव्यमान वेग

           p      =  m v

    i) टक्कर के पूर्व फुटबॉल का 

       संवेग  p1  = m1u

       टक्कर के पूर्व टेनिस का  

      संवेग p2  =   m2u

हमें ज्ञात है कि   m1 m2

                      p1 p2

      हम जानते हैं कि जड़त्व का मान वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है या जिस वस्तु का द्रव्यमान अधिक होता है उसका जड़त्व भी अधिक होता है |क्योंकि फुटबॉल का द्रव्यमान अधिक है इसलिए फुटबॉल का जड़त्व अधिक होगा | अतः टक्कर के पश्चात कम जड़त्व वाले वस्तु टेनिस पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा | टक्कर के बाद टेनिस बॉल के वेग एवं संवेग में अधिक परिवर्तन होगा |

ii)  टेनिस बॉल के संवेग में अधिक परिवर्तन होगा |

iii)  टेनिस बॉल का त्वरण सर्वाधिक होगा |

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Q.10.  सिद्ध कीजिए कि 2 वस्तुओं का कुल संवेग उनके परस्पर टकराने से पूर्व एवं टकराने के पश्चात समान रहता है |

उत्तर :- माना कि दो गेंदें A और B है | जिनका द्रव्यमान क्रमशः m1 और m2 है | यह एक ही सरल रेखा में क्रमशः ua और ub वेग से गति कर रही है तथा उन पर कोई असंतुलित बल नहीं लग रहा है। t समय पश्चात् दोनों गेंद आपस में टकराती हैं जहां A,B गेंद पर fAB बल तथा B,A गेंद पर fBA बल लगाती है इससे A और B के वेग क्रमशः vA और vB हो जाता है ।

गेंदो द्वारा परस्पर लगाया गया बल गति के तृतीय नियम के अनुसार सामान्य एवं विपरीत दिशा में है अतः 

                 fab = -fba

  इन बलों के कारण गेंद के वेग में परिवर्तन होता है जिसमें गेंद का संवेग परिवर्तित हो जाता है |

अतः गति के द्वितीय नियम के अनुसार :- 

        बल    =   संवेग में परिवर्तन की दर 

             fab   =   mb(vb-ub)t

            fba    =  ma(va-ua)t

गति के तृतीय नियम से :- 

          fab  =  – fba

        mb(vb-ub)t     =   -ma(va-ua)t

      mb(vb-ub)     =  -ma(va-ua) 

     mbvb-mbub     =  -mava+maua

    mava  + mbvb      =  mava  + mbvb

अतः टकराने के बाद संवेग  =  टकराने के पहले संवेग  |

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