CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 6 जीवन की मौलिक इकाई: कोशिका are given below for hindi medium students.
CG Board Class 9 Science Solutions Chapter 6 जीवन की मौलिक इकाई: कोशिका
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अभ्यास-
Q.1. सही विकल्प चुनकर लिखें –
i) सेल शब्द देने वाले वैज्ञानिक का नाम है
अ) रॉबर्ट हुक ब) रॉबर्ट ब्राउन
स) ल्यूवेन हॉक द) फ्लेमिंग
ii) कोशिका सिद्धांत प्रस्तावित किया
अ) श्लीडेन श्वान तथा विरचॉव ब) वाट्सन तथा क्रिक
स) डार्विन तथा वैलेस द) मैंडल तथा मार्गेन
iii) एकल झिल्ली निम्नलिखित में पाई जाती है
अ) माइटोकॉड्रिया ब) क्लोरोप्लास्ट
स) लाइसोसोम द) इनमें से कोई नहीं
iv) निम्नलिखित से किस एक की कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की नहीं बनी होती है –
अ)बैक्टीरिया ब) हाइड्रिला
स)आम का वृक्ष द) केक्टस
v) प्रोकेरियोटिक कोशिका में दिखने वाला एकमात्र कोशिकांग है –
अ)माइटोकॉड्रिया ब)राइबोसोम
स)लवक द)लाइसोसोम
उत्तर :- i) (अ) , ii) (अ) , iii) (द) , iv) (अ) , v) (ब) |
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Q.2.प्रारूपिक पादप कोशिका का चित्र बनाकर निम्नलिखित अंगों को नामांकित करें-
अ) कोशिका भित्ति ब) केंद्रक
स) क्लोरोप्लास्ट द) रिक्तिका
उत्तर:-
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Q.3. कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति में एक अंतर लिखें ?
उत्तर :-
| कोशिका झिल्ली | कोशिका भित्ति |
| कोशिका झिल्ली सभी कोशिकाओं में पाई जाने वाली झिल्ली है जो अर्धपारगम्य झिल्ली से बना होता है | | कोशिका भित्ती केवल पादप कवक व जीवाणु में पाई जाती है जो कि कोशिका झिल्ली को चारों ओर से घेरा रहता है। |
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Q.4. प्रारूपिक जंतु कोशिका का नामांकित चित्र बनाएं ?
उत्तर :-
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Q.5. प्रोकेरियोटिक कोशिकाएं ,यूकेरियोटिक कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती हैं?
उत्तर :-
| प्रोकेरियोटिक कोशिका | यूकेरियोटिक कोशिका |
| 1. यह आकार में (4Mm) छोटा होता है|2.इसमें केन्द्रक झिल्ली अनुपस्थित होता है|3.इनमें राइबोसोम 705 प्रकार के होते है।4.गाल्जी बॉडी, अन्तः प्रदत्यी जालिका, लाइसोसोम, रिक्तिकाएं, अनुपस्थित होते है।5.इसकी कोशिका भित्ती, पेप्टिडोग्लाकेन का बना होता है।उदा. जीवाणु, नील हरित, शैवाल | | 1.आकार बड़ा (5Mm) होता है |2.इसमें केन्द्रक झिल्ली उपस्थित होता है |3.इनमें राइबोसोम 80 प्रकार के होते है।4.इनमें सभी कोशिकांग उपस्थित होते है।5.इसकी कोशिका भित्ति सेलुलोज (पादप)व काइटिन (कवक) की बनी होती है |उदा. पादप, मानव, बिल्ली आदि | |
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Q.6.कोशिका सिद्धांत जीवों की संरचना के बारे में हमारी समझ को स्पष्ट करता है, कैसे समझाएं ?
उत्तर :- कोशिका सिद्धान्त अब सर्वमान्य हो चुका है। कोशिका सिद्धान्त का प्रतिपादन श्लीडेन श्वान और विरचांव ने किया है।इसी सिद्धान्त के द्वारा ही हमें पता चलता है कि सभी कोशिकाएं पहले से मौजूद कोशिकाओं से बनती है यह इंगित करता है कि कोशिकाएं पतली हवा से उत्पन्न नहीं होती है। कोशिका जीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक ईकाई है।
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Q.7. माइट्रोकांड्रिया तथा हरित लवक में दो समानताएं तथा एक समानता लिखें ?
उत्तर :- माइट्रोकांड्रिया तथा हरित लवक में समानता :-
i) दोनों में ही स्वयं का जेनेटिक मटेरियल पाया जाता है
ii) दोनों में 705 का राइबोसोम पाया जाता है।
iii) दोनों ही कोशिकाद्रव्य में पाये जाते है।
माइट्रोकांड्रिया तथा हरित लवक में असमानता :-
| माइट्रोकांड्रिया | हरित लवक |
| 1.यह पादप एवं जन्तु दोनों कोशिका में पाया जाता है।2.माइट्रोकांड्रिया में उर्जा संचित रहता है | 1.यह सिर्फ पादप कोशिका में पाया जाता है2.हरित लवक में प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोज्य पदार्थ कानिर्माण होता है |
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Q.8.पौधे के उन भागों के नाम लिखें जिनमें रंगीन लवक, हरित लवक एवं रंगहीन लवक पाए जाते हैं ?
उत्तर :- रंगीन लवक हरित लवक रंगहीन लवक
फूल, बीज हरे पेड़ पौधे, हरी मिर्च आलू मूली
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Q.9. अंतः झिल्ली तंत्र की क्रिया विधि को समझाएं ?
उत्तर :- कोशिका में संपन्न होने वाले एक कार्य के लिए विभिन्न कोशिकागों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है |
उदाहरण :- प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया के समय राइबोसोम अंतः प्रदव्यी जालिका से जुड़ जाते हैं तथा इनमें बनने वाले प्रोटीन अंतः प्रदव्यी जालिका की गुहा में प्रवेश कर जाते हैं |
फिर यहां से छोटी-छोटी थैलियों में प्रोटीन गॉल्जी काय तक पहुंचता है |
गॉल्जी काय इनकी पैकेजिंग का काम करता है अर्थात ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन को थैलियों में भरा जाता है |
यहां से प्रोटीन कोशिका झिल्ली, केंद्रक झिल्ली आदि में भेज दिया जाता है |
यह प्रोटीन कोशिका के विभिन्न कार्य करते हैं |
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Q.10.कोशिकाएं प्रायः छोटी होती है, क्यों ?
उत्तर :- कोशिकाएं अक्सर छोटी होती हैं ,क्योंकि कोशिकाओं में विभिन्न पदार्थों जैसे पोषक पदार्थ, उत्सर्जित पदार्थों का आवागमन कम दूरी, कम समय में होता है तो ऊर्जा भी कम खर्च होती है | यह तभी संभव है जब कोशिका का आकार छोटा हो |
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Q.11.भोजन पकाने की प्रक्रिया के दौरान हम प्रायः सब्जियों में नमक डालते हैं | नमक डालने के बाद सब्जियों से पानी बाहर निकलता है,ऐसा क्यों होता है, समझाएं|
उत्तर :- भोजन पकाने की प्रक्रिया में सब्जियों में नमक डालने से सब्जियों से पानी बाहर निकलता है क्योंकि यहां परासरण की प्रक्रिया होती है | अर्थात सब्जियों के कोशिका झिल्ली से पानी ज्यादा सांद्रता की ओर गति करता है क्योंकि ज्यादा सांद्रता नमक का होता है | इसलिए सब्जियों से पानी बाहर निकल जाता है | अर्थात सब्जी जल्दी बन जाती है |
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Q.12. क्या होगा जब ?
i) कोशिका में केंद्रक ना हो तो |
ii) कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली फट जाए |
iii) रियो की पत्ती को पानी में उबालकर शक्कर के विलयन में डाला जाए |
iv) कोशिका से गॉल्जी काय को निकाल दिया जाए |
उत्तर :- i) अगर कोशिका में केंद्रक नहीं होगा तो कोशिका का अस्तित्व ही नहीं रहेगा क्योंकि केंद्रक ही पूरी जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करता है |
ii) अगर कोशिका की प्लाज्मा झिल्ली कट जाएगी तो विभिन्न पदार्थों का आवागमन नहीं हो पाएगा जिससे कोशिका का कार्य बाधित हो जाएगा
iii) रियो की पत्ती को उबालकर शक्कर के विलयन में डाला जाए तो कोशिका द्रव्यकुंचन (परासरण) होगा जिससे कोशिका का पानी निकल जाएगा और कोशिका सिकुड़ जाएगा |
iv) अगर कोशिका से गॉल्जी काय निकल जाए तो प्रोटीन की पैकेजिंग नहीं होगी जिससे कोशिका का पूरा कार्य बाधित होगा |