CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 3 समसामयिक मुद्दे Chapter 3.1 बच्चे काम पर जा रहे है are given below for Hindi Medium Students.
CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 3 समसामयिक मुद्दे Chapter 3.1 बच्चे काम पर जा रहे है
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अभ्यास-
पाठ से –
Q.1. ‘‘बच्चे काम पर जा रहे हैं।‘‘ इस पंक्ति को हमारे समय की सबसे भयानक पंक्ति क्यों कहा गया है?
उत्तर:- वर्तमान युग का निर्माण हमारी युवा पीढ़ी करती है | यदि उनका बचपन अंधकारमय रहा तो एक प्रगतिशील युग का अंत हो जाएगा | बच्चों को काम पर जाते हुए देख कर हम उनके अंधकारमय जीवन के लिए चिंता करने को मजबूर हो जाएंगे| यदि बच्चों को शिक्षित ना किया गया या बाल श्रम को न रोका गया तो इसका विनाशकारी परिणाम भविष्य में देखने को मिल सकता है | प्रस्तुत पंक्ति के माध्यम से कवि यह कहना चाहता है कि बच्चों को काम पर नहीं जाना चाहिए, उन्हें शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहिए, जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सके | अर्थात बच्चे देश का भविष्य है, अगर वह पढ़ने-लिखने के स्थान पर काम करेंगे तो उनका बचपन ही नहीं नष्ट होगा, अपितु देश का विकास भी बाधित होगा | अतः बच्चों का काम पर जाना एक भयानक प्रश्न है, यह एक हादसे के समान है |
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Q.2. कवि ने ऐसा क्यों कहा है- ‘‘भयानक है इसे विवरण की तरह लिखा जाना, लिखा जाना चाहिए इसे सवाल की तरह।’’
उत्तर:- कवि ने बाल मजदूरों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता जताई है | कवि ने ऐसा इसलिए कहा है कि गरीब परिवार व समाज के उपेक्षित बच्चे जिनके माता-पिता उनकी पढ़ाई-लिखाई को ध्यान में ना रखते हुए उनसे मजदूरी करवाने के लिए उन्हें मजबूर करते हैं, वह सभी समाज के दोषी हैं | कवि का मानना है कि आज बच्चों का काम पर जाना इतनी भयावह समस्या बन गई है कि इसे रोक पाना या इस पर काबू पा लेना अत्यंत कठिन है | इतनी बड़ी समस्या का विवरण रखना भी कठिन हो गया है | यह समस्या वर्तमान समय में विकराल रूप ले चुकी है | जब तक समस्या का निराकरण नहीं होगा बाल अपराध होते रहेंगे | बाल अपराध रोकने के लिए अभियान चलाना अति आवश्यक हो गया है |
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Q.3. कविता में आईं इन चीजों के साथ क्या हो जाने का अंदेशा व्यक्त किया गया है?
| चीजों के नाम | अंदेशा |
| गेंदे | अंतरिक्ष में गिर गई है | |
| किताबें | दीमकों ने खा लिया है | |
| खिलौने | काले पहाड़ के नीचे दब गए हैं | |
| मदरसों की इमारतें | भूकंप में ढह गई है | |
| मैदान | अचानक खत्म हो गए हैं | |
| बगीचे | अचानक खत्म हो गए हैं | |
| घर के आंगन | अचानक खत्म हो गए हैं | |
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पाठ से आगे-
Q.1. बच्चों के काम पर जाने से उनका बचपन किस तरह प्रभावित होता है?
उत्तर:- बच्चों को जिस उम्र में खेल कूद कर अपने बचपन को जीने का आनंद लेना चाहिए, और स्वयं को स्वस्थ्य और सफल बनाना चाहिए, उस उम्र में वे काम करके अपना भविष्य अंधकारमय बना रहे हैं | उन्हें पढ़ लिख कर योग्य नागरिक बनना चाहिए न कि काम करना चाहिए | बच्चों के काम पर जाने से उनका बचपन खत्म होता जा रहा है | उनके बालपन का संपूर्ण आनंद एक गहरे अंधकार में डूबता जा रहा है | शिक्षा ग्रहण न करना, इच्छाओं का दमन होने लगता है | आर्थिक विषमताओं के कारण उत्तरदायित्व का अनचाहा बोझ ढोते-ढोते उनका बचपन कहीं दम ना तोड़ दे बस यही डर मन में समाप्ति होता जा रहा है | बच्चों के प्रति समाज का उपेक्षित व्यवहार कभी विनाशकारी न हो जाए | अपने उत्तरदायित्व को समझ कर हमें बाल श्रम जैसी समस्या का निराकरण करना होगा |
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Q.2. बच्चों को काम पर जाना पड़ता है। आपकी समझ से इसके क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर:- बाल श्रम की स्थिति के जिम्मेदार केवल समाज लोग ही नहीं अपितु पारिवारिक परिवेश भी होता है | इस समस्या का सबसे बड़ा कारण परिवार का अशिक्षित होना तथा आर्थिक रूप से कमजोर होना है | क्योंकि इन दोनों ही कारणों से माता-पिता अपने बच्चों की उचित देखभाल तथा परवरिश नहीं कर पाते हैं जिसके कारण बच्चे स्वास्थ्य व शिक्षा आदि जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाते हैं | अतः माता-पिता की अकर्मण्यता, परिवार का संस्कार विहीन होना, जागरूकता का अभाव, गरीबी की समस्या, साधनों एवं सुविधाओं का अभाव और भूखमरी की भी समस्या, इस समस्या का मूल कारण है।
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Q.3. यदि सारे मैदान, बगीचे और घरों के आँगन सचमुच खत्म हो जाएँ तो इससे हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:- बाग, बगीचे, मैदान और घर का आंगन हमारे स्वतंत्र जीवन का अभिन्न अंग है | इसमें बच्चों को खेलने का स्थान, परिवार को आंगन में एक साथ बैठकर मौज-मस्ती उड़ाने का शुभ अवसर प्राप्त होता है | इनके नष्ट होने से हमारा जीवन अरुचिकर हो जाएगा | कांति विहीन और नीरस जीवन हमसे जीने की कला को छीन लेगी | यह हमारे जीवन की शोभा और भंगिमा को एक साथ बढ़ाकर उसे अभिमंडित करते हैं | अतः हम कह सकते हैं कि यदि खुली वायु और धूप हमारे जीवन में ना हो तो हम अनेक शारीरिक व मानसिक समस्याओं से गिर जाएंगे |
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Q.4. (क) सुबह-सुबह उठकर आप क्या-क्या करते हैं?
(ख) जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, वे क्या-क्या करते होंगे?
उत्तर:- (क) सामान्य घरों के बच्चे जैसे हम सब सुबह उठकर दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर नाश्ता करते हैं | इसके उपरांत विद्यालय जाने की तैयारी करते हैं तत्पश्चात विद्यालय पहुंचकर अपने शिक्षकों से शिक्षा ग्रहण करते हैं |
(ख) जो बच्चे विद्यालय नहीं जाते वे प्रायः अपनी प्रातः काल की क्रियाओं से निवृत्त होकर अपने काम पर चले जाते हैं और मध्य अवकाश के समय अपना भोजन ग्रहण करते हैं तत्पश्चात फिर अपने काम में ताल्लिन हो जाते हैं | यही उनकी दैनिक दिनचर्या होती होगी |
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भाषा के बारे में –
Q.1. (क) ‘पेड़ काटे जा रहे हैं।‘ यह विवरण की तरह लिखा गया है। इसी बात को सवाल की तरह हम लिख सकते हैं-किन्ही पाँच पंक्तियों को विवरण की तरह लिखिए और उन्हें सवाल के रूप में बदलिए।
(ख) सवाल और विवरण में क्या अंतर है?
उत्तर:- 1. बच्चे काम पर जा रहे हैं |
(क) बच्चे काम पर क्यों जा रहे हैं ?
2. बच्चे विद्यालय जा रहे हैं
(ख) बच्चे विद्यालय क्यों जा रहे हैं
3. राम पड़ रहा है
(ग) राम क्यों पड़ रहा है
4. बच्चे अपना कार्य नहीं कर रहे हैं
(घ) बच्चे अपना कार्य क्यों नहीं कर रहे हैं
5. राधा सुबह-सुबह व्यायाम करती है
(ड़) राधा सुबह-सुबह व्यायाम क्यों करती है
(ख) सवाल :- किसी सूचना या जानकारी की प्राप्ति के लिए या किसी शंका के समाधान के लिए प्रयुक्त भाषा की अभिव्यक्ति को सवाल कहते हैं | सवाल पूछने के लिए प्रत्येक भाषा में एक अलग प्रकार के वाक्य प्रयुक्त होते हैं जिन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं | अर्थात किसी भी जानकारी को प्राप्त करने की इच्छा से प्रयुक्त वाक्य सवाल कहलाता है | अतः सवाल एक प्रश्नवाचक वाक्य होता है |
विवरण :- सामान्य जानकारी तथा विचारों की अभिव्यक्ति करना विवरण कहलाता है | अतः विवरण हमेशा साधारण वाक्य के रूप में ही होता है |
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Q.2. ‘चाहिए‘ के बारे में-
(क) मुझे केला चाहिए।
(ख) तुम्हें स्कूल जाना चाहिए।
उपर्युक्त दोनों वाक्यों में ‘चाहिए‘ के अर्थ में क्या अंतर है? बताइए और ऐसे ही दो और वाक्य लिखिए।
उत्तर:- (क) उपर्युक्त पंक्ति के माध्यम से केले की आवश्यकता को दर्शाया गया है | अतः चाहिए का अर्थ आवश्यकता या जरूरत होगा |
(ख) उपर्युक्त पंक्ति सुझाव या कर्तव्य परायणता को दर्शाता है | अतः यहां चाहिए का अर्थ कर्तव्य सुझाव होगा |
3. प्रायः क्या, कब, कहाँ, कैसे और कौन आदि प्रश्नसूचक शब्दों की मदद से प्रश्नों का निर्माण किया जाता है। निम्नांकित वाक्य में उत्तर सूचक शब्द के स्थान पर उपर्युक्त प्रश्नसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए प्रश्नों का निर्माण कीजिए।
‘‘सुबह-सुबह कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे पैदल काम पर जा रहे हैं‘‘
जैसे- प्रश्न: सुबह-सुबह कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे पैदल कहाँ जा रहे हैं?
उत्तर: सुबह-सुबह कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे पैदल काम पर जा रहे हैं।
उत्तर:- 1. राम रायपुर में क्या करता है ?
उत्तर: राम रायपुर में शिक्षण का कार्य करता है |
2. श्याम कहां पड़ता है ?
उत्तर: श्याम डीपीएस रायपुर में पड़ता है |
3. राधा बिलासपुर कब जाएगी ?
उत्तर: राधा बिलासपुर कल जाएगी |
4. तुम विद्यालय कैसे जाते हो ?
उत्तर: मैं विद्यालय बस से जाता हूं |
5. यह गाना कौन गाएगा ?
उत्तर: यह गाना राधा गाएगी |
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योग्यता विस्तार-
Q.1. समूह कार्य –
(क) पता करें कि आपके गाँव/मोहल्ले में आपके हम उम्र कितने बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं?
(ख) वे जब स्कूल नहीं जाते, तब क्या-क्या करते हैं? उनमें लड़कियों और लड़कों
की संख्या कितनी है? उनका शैक्षिक स्तर क्या है?
(ग) पता लगाने की कोशिश कीजिए कि बच्चों के स्कूल ना जाने या छोड़ने के क्या
कारण हो सकते हैं?
उत्तर:- योग्यता विस्तार का कार्य विद्यार्थी गण स्वयं करें |