CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 5 पर्यावरण एवं प्रकृति Chapter 5.2 मेघालय का एक गाँव: मायलिनोंग – CGBSE Solutions PDF

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CG Board Class 9 Hindi Solutions Unit 5 पर्यावरण एवं प्रकृति Chapter 5.2 मेघालय का एक गाँव: मायलिनोंग


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अभ्यास–

पाठ से –

Q.1. मायलिनोंग गाँव में बने घरों व कॉटेज की क्या विशेषताएँ हैं?

उत्तर :- मायलिनोंग भारत के मेघालय राज्य के पूर्व खासी टिल्स जिले में स्थित एक गाँव है| यह एशिया का सबसे स्वच्छ ग्राम होने के लिए जाना जाता है | मेघालय की राजधानी शिलांग से 75 किलोमीटर दूर बांग्लादेश से 3 किलोमीटर पहले प्रकृति की गोद में घने जंगल में बसे हुए ‘एशिया क्लीनस्ट विलेज’ की उपाधि से नवाजा गया भारत का स्वच्छ गाँव जिसका वर्णन लेखिका ने अपनी यात्रा वृत्त में किया है | यहाँ के घर व कॉटेज बेहद खूबसूरत हैं | घर व कॉटेज लकड़ी एवं बाँस के बने हैं | इनमें बाँस की चटाइयों की दीवारें तथा छत, सुपारी व झाडू के पत्तों से बनी हुई थी | बिना पॉलिथिन प्रयोग के ही लगातार वर्षा होने पर वाटरप्रूफ थी | अर्थात पानी की एक बूंद भी नीचे नहीं टपकती थी | हर घर में बाँस के बने कूड़ेदान थे | कहीं भी गंदगी का नामोनिशान नहीं था| हर घर में बड़े से पिजड़े में सूखी लकड़ियाँ रखी होती थी | जिससे बरसात में वह आसानी से उपलब्ध हो जाये |प्राकृतिक छटा का मनमोहक व वातावरण चारों ओर दृष्टिगत है | 

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Q.2. पहाड़ पर चढ़ते हुए दृश्य को लेखिका ने अद्भुत क्यों कहा है?

उत्तर :- पहाड़ों में बना हुआ स्वच्छता का प्रतीक गाँव मायलिनोंग की ओर जाते समय लेखिका कार द्वारा पर्वतीय क्षेत्र से जा रहा था | आसमान में रुई के फाहों जैसे बादल उड़ रहे थे | पहाड़ पर चढ़ते वक्त लेखिका के कार के काँच पर नन्ही-नन्ही बूँदे दिखने लगी | सभी को वर्षा होने का आभास हो रहा था | परंतु गोबिन कार रोककर बोला नहीं मैडम यह बारिश नहीं बादल है | लेखिका ने बाहर निकल कर देखा तो वह हतप्रभ रह गई | लेखिका ने जब बाहर निकल कर देखा तो सचमुच बिल्कुल बारिश नहीं हो रही थी | अद्भुत नजारा था | चारों तरफ सफेद बादलों का समंदर लहरा रहा था | जहाँ लेखिका खड़ी थी वहाँ से 10 मीटर की दूरी पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था | इन अनोखे दृश्यों को देखकर लेखिका के मुंह से सहसा ही निकल पड़ा कि बड़ा ही अद्भुत नजारा है |

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Q.3. गाँव के पुल का नाम ‘‘लाइव रूट ब्रिज’’ ही क्यों रखा गया होगा?

उत्तर :- वह ब्रिज वहाँ थिलांग नदी पर बनाया गया था |पुल रबड़ के पेड़ों की मोटी-मोटी जड़ों को जोड़कर बिना बांधे हुए जड़े स्वाभाविक रूप से जुड़ी हुई थी उसे उसी प्रकार बनाया गया था | चूँकि जीवित वृक्षों की जड़ों से निर्माण किया गया था इसलिए इसका नाम “लाइव रूट ब्रिज” रखा गया |

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Q.4. ‘‘यह कोई एक दिन का काम नहीं होता, न ही एक महीने का।’’ लाइव रूट ब्रिज के बारे में ऐसा क्यों कहा गया?

उत्तर :- गोबिन के पिता दिगम्बार जी ने बताया कि उन्होंने अपने दादाजी से इस पुल के बारे में सुना था | खासी जनजाति के लोगों का मकसद ऐसे पुल का निर्माण करना था जो नोवेत गाँव को रिवाई गाँव से जोड़ें | एक पुल को तैयार होने में लगभग 100 वर्ष लगते हैं | पुल बनाने की इस परंपरा को जनजातियों के लोगों ने पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखा है | सबसे पहले रबड़ के पौधे को नीति के अनुसार लगाए जाते हैं | पौधे बड़े होने पर उनकी हवाई जड़ों को बाँसो द्वारा चोटी की तरह गूँथते हैं, जिससे रस्सी की तरह यह जड़े चिपकती जाती है और बढ़ती जाती हैं | इसलिए यह कहा गया कि यह कोई एक दिन का काम नहीं होता ना ही एक महीने का |

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Q.5. मायलिनोंग में किस प्रकार के पेड़-पौधे पाए जाते हैं? और स्थानीय लोग इनका किस-किस तरह से उपयोग करते हैं?

उत्तर :- मायलिनोंग में खासतौर पर सुपारी, काली मिर्च, तेजपत्ता, बाँस, फूल-झाड़ू, कटहल, लीची, अनन्नास, संतरा, केला आदि के पेड़ मिलते हैं | यहाँ के स्थानीय लोग सुपारी, झाड़ू, कटहल, बाँस आदि का प्रयोग घर बनाने में तथा रबड़ एवं बाँस के पुल बनाने में, काली मिर्च, तेजपत्ता मसालों के रूप में, फल खाने व व्यापार के रूप में प्रयोग करते हैं |

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Q.6. मायलिनोंग को एशिया और भारत का सबसे स्वच्छ गाँव घोषित किया गया। ऐसी कौन-कौन सी विशेष बातें हैं, जिनके कारण इसे यह सम्मान प्राप्त हुआ?

उत्तर :- प्रकृति के पर्वतीय अंचल में बसे हुए गाँव में प्राकृतिक सौन्दर्यता एवं कृत्रिम सुंदरता, स्वच्छ प्रदूषण रहित, प्राकृतिक लाइव रूट ब्रिज जैसे अद्भुत पुल एवं कचरा रखने के लिए जगह-जगह बांस की टोकरीयाँ लगाई गई हैं | कचरे से खाद बनती है| आम लोगों के लिए सड़क के किनारे बने साफ-सुथरे शौचालय आदि बने हुए हैं | इसलिए इसे एशिया और भारत का सबसे स्वच्छ गाँव कहा गया है |

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पाठ से आगे-

Q.1. मायलिनोंग में लोगों के नाम हमारे और आपके नामों से भिन्न रखे जाते हैं, जैसे-

फेस्टिवल, वोडाफोन, एयरटेल, दिसम्बर आदि।

(क) कल्पना करके लिखिए कि मायलिनोंग के लोगों ने और कौन-कौन से नए नाम रखे होंगे?

(ख) सुखिया की काकी का नाम ’बुधवारी बाई’ है क्योंकि वह बुधवार के दिन पैदा हुई थी। इसी प्रकार आपके आसपास भी ऐसे लोग  होंगे जिनके नाम से कोई न कोई रोचक बात जुड़ी होगी । अपने साथियों व बड़ों से बातचीत करके ऐसे नामों व उसके बारे में पता कीजिए और लिखिए।

उत्तर :- (क) जनवरी,फरवरी,मार्च,अप्रैल,मई,जून,जुलाई,अगस्त,सितंबर,अक्टूबर,नवंबर,दिसंबर या फिर दिनों के नाम सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार आदि भी हो सकते हैं |

(ख) मंगला प्रसाद :- मंगलवार को जन्मे थे |

      धनश्री :-  धनतेरस को पैदा होने वाले का नाम |

     सोमारू :-  सोमवार को पैदा होने पर |  

     इतवारू :-  इतवार अर्थात रविवार की पैदाइश पर रवि भी रखा जा सकता है |

     बुधिया :-  बुधवार को पैदा होने वाला का नाम हो सकता है |

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Q.2. मायलिनोंग में कटहल के बड़े तनों पर ही ट्री हाउस बनाए जाते हैं तथा रबर के पेड़ों की जड़ों से ब्रिज तथा बाँस के पेड़ों से घर की नालियाँ, दीवारें आदि बनाई जाती हैं। यदि यही सब कुछ हमारे यहाँ बनाया जाए तो कौन-कौन से पेड़ों का उपयोग किया जाएगा और क्यों।

उत्तर :-

पेड़क्यों
ट्री हाउस
घर की दीवारें
घरों की छतें 
यदि ब्रिज बनाना हो तो
कटहल बरगद साल
बाँस की चटाइयों से
बाँस एवं पलास के पत्तों की सहायता सेबरगद के पेड़
ये सभी पेड़ विशाल और मजबूत होतें है |मजबूत होेने को कारण |
इसके पत्तों का आकार काफी बड़ा होने के कारण |इसकी चोटियों अर्थात् ऊपरी जड़ो से |

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Q.3. आपने किसी ऐसे प्राकृतिक स्थान का भ्रमण अपने परिवार या स्कूल के विद्यार्थियों के साथ किया होगा उसका वर्णन इस प्रकार कीजिए कि पढ़ने वाले उसे पढ़कर उस स्थान के बारे में अच्छे से समझ पाएँ।

उत्तर :- तीरथगढ़ जलप्रपात छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में कांकेर घाटी पर मुनगाबहार नदी में स्थित है | जगदलपुर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में 35 किलोमीटर की दूरी पर है | भारत के सबसे ऊँचे झरनों में से एक है | यह छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा जलप्रपात है | इसकी ऊँचाई लगभग 300 फीट है | इसकी सहायक नदियाँ मनुगा और बहार मिलकर इस सुंदर जलप्रपात का निर्माण करती है | यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान भी है | जिसमें शिव पार्वती को समर्पित एक मंदिर भी है | प्रतिदिन हजारों पर्यटक और भक्त यहाँ अनेक राज्यों तथा लगभग पूरे भारत से तीरथगढ़ फॉल्स के शानदार दृश्य का आनंद लेने के साथ-साथ  मंदिर में प्रार्थना करने के लिए यहाँ आते हैं | इस स्थान पर जाने के लिए सबसे अच्छा मौसम फरवरी से अक्टूबर माह के मध्य का होता है | यह एक पर्वतीय स्थल है जो कि पर्यटन तथा धार्मिक दृष्टिकोण से दर्शनीय है |

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Q.4. लेखिका ने हेनरी के लिए एक शब्द का प्रयोग किया है ‘दुभाषिया’ अर्थात दो भाषा-भाषी लोगों के बीच संवाद स्थापित करनेवाला।

(क) आपके आस-पास लोग कौन-कौनसी भाषाएँ/बोलियाँ बोलते हैं? लिखिए।

(ख) यदि आपको कोई अन्य भाषा-भाषी व्यक्ति से बात करना हो और आप एक-दूसरे की भाषा नहीं जानते हों तब आप एक दूसरे से कैसे बात करेंगे?

उत्तर :- (क) हमारे आसपास के लोग हिंदी भाषी होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी, सिंधी तथा पंजाबी भी बोलते हैं |

(ख) हमें यदि अन्य भाषा-भाषी व्यक्ति से बात करना होगा जो हमारी भाषा नहीं जानता होगा तो उसे गूंगे लोगों की तरह सांकेतिक भाषा, इशारा या अन्य किसी व्यक्ति के सहारे जो उसकी भाषा से परिचित हो बात कर सकते हैं | या तो अब मोबाइल जोन का भी चलन बढ़ गया है | लगभग सभी व्यक्ति के पास यह डिवाइस होता ही है | तो हम उसकी मदद से बात करने वाले व्यक्ति की भाषा को मोबाइल में बुलवाकर उसे अपनी भाषा में अनुवाद देख कर बात कर सकते हैं |

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भाषा के बारे में –

Q.1. ’जड़’ के लिए पाठ में कई विशेषण शब्दों का प्रयोग किया गया है जैसे- मजबूत, मोटी-मोटी, हवाई आदि।

इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों के लिए कौन-कौनसे विशेषण शब्द प्रयुक्त किए जा सकते हैं? सोचकर लिखिए।

उत्तर :-

शब्दविशेषण
बादल रास्ता बारिश पुल साड़ी 
पेड़ नदी
रूई के फाहेधुंधलानन्ही नन्ही जल की बूँदेब्रिज 
सुखाना
मोटी मोटी जड़ेतेज बहाव

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Q.2. पाठ में एक शब्द प्रयुक्त हुआ है- ’अद्भुत नज़ारा’, इसमें से अद्भुत शब्द हिंदी का है और नज़ारा उर्दू का।हम बोल-चाल में इस तरह से भाषाओं का मिला-जुला प्रयोग करते हैं। आप इसी तरह के कुछ अन्य शब्द खोजकर लिखिए।

उत्तर :- 1.  बेहद खूबसूरत

            2.  छालें इस्तेमाल

            3.  एक समन्दर

            4.  पुल का मुआयना

            5.  लोगों का मकसद

            6.  उसने इशारे

            7.  मुस्कुरा उठे

            8.  कमी का एहसास

            9.  माचिस बगैरह

           10. फौरन मान

           11. ज्यादा सुन्दर

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Q.3. ’बाँस’, व ’सड़क’ दोनों संज्ञाएँ व्यंजनांत हैं। लेकिन ’बाँस’ का बहुवचन ’बाँस’ ही रहता है पर ’सड़क’ का ’सड़कें’ हो जाता है।

जैसे- दस सड़कें, कई सड़कें

        दस बाँस, कई बाँस

पाठ में अन्य संज्ञाएँ ढूँढ़िये और बहुवचन बनाने के नियमों पर चर्चा कीजिए।

उत्तर :-    दस  –   दसों

              गाड़ी –   गाड़ियों 

              हजार –  हजारों

             चट्टान  –  चट्टानों 

             सीढ़ी   –  सीढ़ियों

             पीढ़ी   –   पीढ़ियों

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योग्यता विस्तार-

गतिविधि –

Q.1. इस यात्रा वृत्तांत की लेखिका को एक पत्र लिखिए, जिसमें आप निम्नांकित बिन्दुओं की मदद ले सकते हैं-

1. आपको उनका लेख कैसा लगा?

2.  इस गाँव के बारे में आप और क्या-क्या जानना चाहते हैं?

3 . अपनी किसी यात्रा से जुड़े अनुभव या घटना को भी साझा कर सकते हैं।

उत्तर :- 

श्रीमती अनीता सक्सेना जी

लेखिका मेघालय का एक गाँव

यायलिनोंग

सादर नमस्ते |

आदरणीय अनीता जी,

                          मैं यहाँ कुशलतापूर्वक रहते हुए आपकी सकुशलता की ईश्वर से कामना करता हूँ |आपका लेख पढ़ा, पढ़कर मन उत्साह और संवेदनाओं से भर उठा | आपके यात्रा वृतांत मेघालय का एक गाँव मायलिनोंग जिन्हें ‘मैगजीन डिस्क पर इंडिया द्वारा 2003 में एशियाज क्लीनेस्ट विलेज की उपाधि प्रदान किया गया है | तथा सन् 2005 में भारत का सबसे स्वच्छ गाँव घोषित किया गया है |आप के माध्यम से लिपिबद्ध वृतांत में “लाइव रूट ब्रिज एवं हाउस ट्री” दोनों ही लेख मन मोह लेते हैं | जंगल की स्वच्छ हवा व शीतल छाया निश्चित रूप से आपके अंतर्मन को अंदर तक महसूस हुई होगी |

             आपके लेख ने हमें तथा समस्त गाँव वासियों को बड़े ही मनमोहक लगे | आप बार-बार और भी ऐसे ही सुंदर यात्रा वृतांत लिखती रहें, ताकि उसे पढ़कर हम लोग ऐसे स्थानों की जानकारी प्राप्त करते रहें |

                                                                         आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

                                                                           आपकी शुभेच्छा 

                                                                            कु.सपना यति व धीरज यति

                                                                             शंकर नगर

                                                                             अशोका रतन

                                                                               रायपुर

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Q.2. चेरापूँजी के डबल-डेकर रूट ब्रिज की कल्पना करके चित्र बनाइए।

Q.3. यदि आप अपने गाँव/शहर को सबसे स्वच्छ/सुन्दर बनाना चाहते हैं तो निम्नांकित स्तरों पर क्या-क्या कार्य करने की आवश्यकता है-

स्वयं के स्तर पर

प्रशासनिक स्तर पर

पंचायत स्तर पर।

Q.4. एक समाचार पत्र में प्रकाशित इस खबर को ध्यानपूर्वक पढ़िए।

इसी तरह आदर्श ग्रामपंचायत अथवा स्वच्छ ग्राम से संबंधित समाचारों को एकत्र करें?

उत्तर :- विद्यार्थी गण स्वयं करे।

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